ईपीएफ के फायदे एवं नुकसान । Benefits and disadvantages of EPF in Hindi.

ईपीएफ के फायदे एवं नुकसान नामक विषय पर वार्तालाप करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि  जैसा की हम सबको विदित है की ऐसे नौकरीपेशा लोग जो किसी ऐसी कंपनी में काम करते हैं जहाँ 20 से अधिक लोग कार्यरत हैं की कमाई में से हर महीने एक छोटा सा हिस्सा ईपीएफ के रूप में कट जाता है । ऐसे में लोगों को पीएफ कटने के फायदे एवं नुकसान के बारे में जानने की उत्सुकता रहती है यद्यपि यह सत्य है की किसी भी कर्मचारी को पीएफ कटने के फायदे ही होते हैं इसलिए इस प्रकार का यह फण्ड सरकार द्वारा प्रबंधित होता है । और सरकारी एजेंसी कर्मचारी भविष्य निधि संगठन द्वारा  सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत ऐसी योजनाओं को क्रियान्वित करके संगठित क्षेत्रों की कंपनियों को पीएफ काटने के लिए नियमों के अधीन बाध्य किया जाता है । इसलिए ऐसी कंपनियां, संस्थान, फर्म जिनमें वर्ष भर में 20 से अधिक कर्मचारी कार्यरत होते हैं उन्हें ईपीएफ ईएसआई रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है । इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से ईपीएफ के फायदे एवं नुकसान की बात करेंगे । पीएफ का पैसा मनुष्य के आपातकाल में काम आ सकता है या विभिन्न परिस्थितियों में जब खाताधारक को पैसों की आवश्यकता होती है तब काम आ सकता है । ईपीएफ के फायदे में कुछ मुख्य फायदे निम्नलिखित हैं ।

ईपीएफ के फायदे नुकसान

ईपीएफ के फायदे (Benefits of Provident Fund in Hindi):

किसी ईपीएफ खाताधारक को होने वाले मुख्य ईपीएफ के फायदे निम्न हैं ।

टैक्स का फायदा  :

ईपीएफ अमाउंट पर अर्जित ब्याज पूरी तरह टैक्स फ्री होता है । इसके अलावा परिपक्वता पर निकासी किया गया पीएफ अमाउंट भी टैक्स फ्री होता है लेकिन यदि ईपीएफ पांच साल से पहले निकाला जाता है तो उस पर टैक्स लगता है । पीएफ में नियोक्ता द्वारा किया गया योगदान भी कर में छूट के योग्य होता है इसमें खाताधारक धारा 80 C के तहत कर कटौती का लाभ उठा सकते हैं ।

पीएफ निकासी पर टैक्स नियमों की जानकारी.

आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है  

ईपीएफ के फायदे में दूसरा फायदा यह है की यह पीएफ सदस्यों को अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है । क्योंकि इस प्रकार की यह योजना अपने खाताधारकों को लम्बी आवधि के लिए पैसे जमा रहने के लिए प्रोत्साहित करती है । इसलिए एक लम्बी अवधि में खाताधारक के पास एक अच्छी खासी रकम जमा हो जाती है ।

पेंशन का फायदा:

नियोक्ता के योगदान से 8.33% Employee Pension Scheme में चला जाता है इसलिए ऐसे खाताधारक जो लगातार दस वर्षों तक पीएफ में योगदान देते हैं वे अपनी वृधावस्था में पेंशन पाने के अधिकारी होते हैं । हालांकि वे लोग जिन्होंने दस वर्षों से कम काम किया हो वे ईपीफ निकासी के दौरान ईपीएस की निकासी भी कर सकते हैं ।

कर्मचारी पेंशन योजना के बारे में और अधिक जानें ।

निकासी और ट्रान्सफर करना है आसान:

जैसा की हम सबको विदित है की प्रत्येक पीएफ खाताधारक के लिए एक UAN जनरेट किया जाता है आम तौर पर इसे कर्मचारी के पहले नियोक्ता द्वारा जनरेट किया जाता है । लेकिन व्यक्ति चाहे तो खुद का UAN स्वयं भी जनरेट कर सकता है । UAN के साथ आधार, बैंक डिटेल्स, पैन कार्ड इत्यादि केवाईसी लिंक होने के बाद कोई भी खाताधारक ट्रान्सफर एवं पीएफ निकासी ऑनलाइन ही आसानी से कर सकता है ।

पीएफ खाताधारकों को मिलता है 2.5 से 6 लाख तक का जीवन बीमा:

शायद बेहद कम लोगों को पता होगा की ईपीएफ के फायदे में अगला फायदा यह है की इसमें खाताधारकों को जीवन बीमा भी मिलता है । नियोक्ता के योगदान से 0.5% अमाउंट EDLI Scheme के अंतर्गत जमा हो जाता है । जिस कंपनी में कोई समूह बीमा कर्मचारियों के लिए नहीं होता है उसे EDLI Scheme के तहत योगदान देना जरुरी होता है ।

ईडीएलआई स्कीम की जानकारी के लिए पढ़ें ।

पीएफ एडवांस के के रूप में लिया जा सकता है

विभिन्न परिस्थतियों में पीएफ एडवांस के रूप में भी निकाला जा सकता है इसलिए यह भी ईपीएफ के फायदे में सम्मिलित है । पीएफ किन किन परिस्थितियों में एडवांस के रूप में निकाला जा सकता है और कितना निकाला जा सकता है इसके लिए हमने एक अलग से लेख लिखा हुआ है । इसलिए इस विषय पर और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिया गया लेख अवश्य पढ़ें ।

एडवांस पीएफ के नियम एवं निकालने की प्रक्रिया.

दुगुनी धनराशि का फायदा:

ईपीएफ के फायदे में एक फायदा यह भी सम्मिलित है की पीएफ के तौर पर कर्मचारी के खाते से उसकी बेसिक सैलरी का 12% कटता है और इतना ही पैसा अर्थात 12% नियोक्ता को अपनी तरफ से जमा करना होता है । यही कारण है की इस स्थिति में कर्मचारी को दुगुनी धनराशि का फायदा हो जाता है ।

खाताधारक की मृत्यु होने पर फायदे:

किसी ईपीएफ खाताधारक की मृत्यु होने पर उसके द्वारा नामांकित व्यक्ति या उसका परिवार निम्न लाभों की प्राप्ति कर सकता है ।

  • मृतक पीएफ खाताधारक के खाते में उपलब्ध पैसे उसके द्वारा नामांकित किये गए व्यक्ति या उसके परिवार वालों को दिए जाने का प्रावधान है ।
  • नामांकित व्यक्ति या परिवार वाले पेंशन पाने या पेंशन अकाउंट में जमा राशि की निकासी के लिए पात्र माने जायेंगे ।
  • ईडीएलआई स्कीम के तहत नामांकित व्यक्ति या परिवार वाले बीमा का पैसा पाने के उत्तराधिकारी होंगे ।
  • नामांकित व्यक्ति का निर्धारण फॉर्म सबमिट करते वक्त दिए गए विवरण के आधार पर किया जाता है ।

उपर्युक्त सबके अलावा ईपीएफ के फायदे में सुरक्षित रिटर्न, प्रोविडेंट फण्ड पर ऋण सुविधा  इत्यादि भी सम्मिलित हैं ।

ईपीएफ के नुकसान (Disadvantages’ of provident fund in hindi):

  • पीएफ में यदि लम्बे समय तक पैसा जमा होता रहे तो ही यह जीवन में आने वाले जोखिमों से उबरने में सहायक होता है जबकि कामकाजी जीवन के शुरूआती दौर में आने वाले जोखिमों से उबरने के लिए यह पैसा अपर्याप्त होता है ।
  • महंगाई बचत के वास्तविक मूल्य को बेहद कम कर देती है या कभी कभी बिलकुल मिटा भी देती है ।
  • हालांकि कैरियर के शुरूआती दौर में एक निश्चित सीमा तक वेतन पाने वाले लोग इस योजना के तहत स्वेच्छा से योगदान नहीं भी कर सकते हैं । लेकिन फिर भी अधिकतर लोगों को लगता है की इस योजना के तहत बचत करना उनकी मज़बूरी है अन्यथा वे इस पैसे को कहीं और भी उपयोग में ला सकते थे ।
  • यदि व्यक्ति पांच साल पूरा करने से पहले पीएफ निकासी करता है तो निकाले जाने वाली राशि पर टैक्स देना होता है ।

हालांकि ईपीएफ के फायदे के अलावा यहाँ पर हमने कुछ नुकसान का भी जिक्र किया है लेकिन सच्चाई यह है की पीएफ के फायदों के आगे इसके नुकसान नगण्य के बराबर हैं । इसलिए लगभग हर पात्र इकाई में कार्यरत हर कर्मचारी द्वारा पीएफ में योगदान खुशी खुशी दिया जाता है ।

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

2 thoughts on “ईपीएफ के फायदे एवं नुकसान । Benefits and disadvantages of EPF in Hindi.

  1. EPF में ऐसा भी कोई रूल है जिसके तहत कर्मचारी के ही वेतन से दोनों शेयर काटे जा सकते हैं।एम्प्लॉयर को कुछ भी न देना पड़े। दोनों शेयर कर्मचारी को ही देने पड़े।
    ऐसा कोई कानून है या नही।
    ऐसी कोई गाइडलाइन है या नही
    प्लीज अवगत करवाये।

    1. नहीं, शायद ऐसा कोई नियम नहीं है, क्योंकि पीएफ कटने का कर्मचारियों को होने वाला सबसे बड़ा फायदा ही यही है । फिर भी आप सम्बंधित कार्यालय से इस बारे में जानकारी ले सकते हैं ।

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