फेरीवाला बिजनेस शुरू करके भी हो सकती है, शानदार कमाई।

यद्यपि Feri Wala Business बेहद परम्परागत एवं प्राचीन बिजनेस है। लेकिन अच्छी बात यह है की आज भी यह उतना ही व्यवहारिक है जितना पहले था। आज भी आप अपनी गली मोहल्ले से विभिन्न वस्तुओं को बेचने के लिए जोर जोर से आवाज लगाते कई व्यक्तियों को देखते होंगे।

जी हाँ यही वे व्यक्ति होते हैं जिन्हें फेरीवाला कहते हैं। प्राचीनकाल में जब स्थापित बाज़ार बहुत दूर दूर हुआ करते थे, और लोगों के पास आवागमन के लिए यातायात सुविधाओं की कमी थी। तो उस समय अधिकतर विक्रेता अपनी वस्तुओं एवं माल को गाँव गाँव जाकर ही बेचा करते थे।

आज जिस माहौल या वातावरण में हम पहुँच चुके हैं, यहाँ पर खरीदने के लिए बाज़ारों की कोई कमी नहीं है। आपको आपकी हर जरुरत का सामान आपकी गली मोहल्ले में ही मिल जाएगा। हाँ कुछ समान ऐसा अवश्य होगा जिसे खरीदने के लिए आपको स्थानीय बाज़ार में जाने की आवश्यकता हो सकती है। ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते प्रचलन के कारण आज हम अपनी जरुरत का हर सामान अपने घर बैठे मँगा सकते हैं ।

लेकिन क्या इन सब परिवर्तनों के कारण Feri Wala Business लुप्त हो चुका है? नहीं आज भी यह प्रभावी और व्यवहारिक बना हुआ है, और छोटे छोटे विक्रेता आज भी अपने माल या सामान को गली मोहल्लों में घूम – घूमकर बेचना पसंद करते हैं। और लोगों को भी जब अच्छा सामान कम पैसों में उनके घर के मुख्य द्वार पर मिल रहा होता है तो वे भी उसे खरीदने में कोताही नहीं बरतते।

यही कारण है की आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इस परम्परागत और प्राचीन व्यापार फेरीवाला बिजनेस पर विस्तृत जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं। लेकिन उससे पहले एक बार अच्छी तरह से समझ लेते हैं की इस तरह का यह व्यापार होता क्या है?

Feri Wala Business Man
फेरीवाला सामान बेचते हुए

फेरीवाला बिजनेस क्या होता है?

जब एक विक्रेता अपने माल या सामान को गली मोहल्लों या गाँव में घूम- घूमकर बेचता है, तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह व्यापार ही फेरीवाला बिजनेस कहलाता है। इसमें यह निश्चित नहीं है की विक्रेता कौन सा सामान या उत्पाद बेचेगा। वह कुछ भी सामान जैसे कपड़े, बर्तन, चादरें, चटाई, कुर्सियाँ इत्यादि घूम घूमकर बेच सकता है।

कहने का आशय यह है की फेरीवाला बिजनेस के तहत उत्पाद या सामान की कोई श्रेणी सुनिश्चित नहीं है। इसलिए कह सकते हैं की जो भी सामान या उत्पाद विक्रेताओं द्वारा गली मोहल्लों और गांवों में घूम- घूमकर बेचा जाता है वही फेरीवाला व्यापार के तहत आ जाता है । आम तौर पर इस पद्यति में विक्रेताओं द्वारा अपने उत्पादों या सामान को बेचने के लिए कस्टमाइज मोटरसाइकिल, रेहड़ी, साइकिल, गाड़ी या फिर पैदल पथ का भी इस्तेमाल किया जाता है।

फेरीवाला बिजनेस की चलने की संभावना  

भले ही यह बात सच न हो, लेकिन फेरीवाला बिजनेस से जुड़ी एक बात जो लोगों के बीच सबसे ज्यादा प्रचलित एवं लोकप्रिय है वह यह है की फेरीवाले कम दामों में सामान बेचते हैं। और लोगों की इस बिजनेस के बारे में यह धारणा इसे प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा ग्रामीण इलाके जिनकी पहुँच अभी भी स्थापित बाज़ारों से बहुत दूर है, फेरीवालों से सामान लेना उनकी मजबूरी हो जाती है।

लोगों की इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए कई विक्रेता ऐसे भी हैं जिनकी शहर में दुकान होते हुए भी वे नियमित रूप से गली, मोहल्लों और गाँवों में घूम घूमकर फेरीवाला बनकर सामान बेचते हैं। वह इसलिए क्योंकि उन्हें इस बिजनेस की ताकत का एहसास हो गया है।

यद्यपि लोगों की फेरीवाला द्वारा प्रदान किये जाने वाले सामान की गुणवत्ता के बारे में अच्छी राय नहीं है । लेकिन कई बार उन्होंने इस बात को स्वयं भी महसूस किया है की उन्हें अच्छी गुणवत्ता वाला सामान बेहद कम मूल्य पर मिल गया था। बस लोगों की यही मान्यताएं आज तक फेरीवाला बिजनेस को व्यवहारिक और कमाई का एक स्रोत बनाए रखी हुई हैं।

फेरीवाला बिजनेस कैसे शुरू करें (Steps to Start Feri Wala Business)

भारत में छोटे बिजनेस की लिस्ट में सबसे प्रचलित बिजनेस फेरीवाला बिजनेस ही है। यह परम्परागत और प्राचीन बिजनेस है इसलिए इसे शुरू करना बेहद आसान भी है। वैसे देखा जाय तो इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए उद्यमी को जिसे फेरीवाला कहा जाता है को किसी तरह का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है।

लेकिन बीते कुछ सालों में ग्रामीण इलाकों एवं अन्य इलाकों में बढ़ते अपराध को देखते हुए ग्राम पंचायत और अन्य प्राधिकरण जिस एरिया में आप अपना उत्पाद बेचने की कोशिश कर रहे हों, आपसे आपकी पहचान पत्र, पुलिस वेरिफिकेशन के दस्तावेज इत्यादि की माँग कर सकते हैं। इसलिए एक फेरीवाले को अपने निजी पहचान से जुड़े दस्तावेजों को हमेशा अपने पास रखने की आवश्यकता हो सकती है। इसके अलावा और भी कई कदम हैं जी फेरीवाला बिजनेस शुरू करने के लिए उठाने पड़ सकते हैं।

उत्पाद या सामान का चयन करें

हम पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं की फेरीवाला बिजनेस के लिए कोई भी उत्पाद या सामान की श्रेणी सुनिश्चित नहीं है। बल्कि आप अपनी सुविधा, अनुभव और उस विशेष एरिया में लोगों की माँग के अनुसार किसी भी वस्तु का फेरीवाला बिजनेस शुरू कर सकते हैं। कहने का आशय यह है की उत्पाद और सामान का चयन करने से पहले आपको यह जानने की आवश्यकता होती है की उस विशेष एरिया में लोगों की अधिकतर माँग क्या है?

या फिर आप कुछ ऐसे वस्तुओं जैसे कपड़े, बर्तन, चादरें, जूते चप्पल, प्लास्टिक का सामान इत्यादि में से भी किसी भी उत्पाद को अपने बिजनेस के लिए चुन सकते हैं। क्योंकि यह ऐसा सामान है जिसकी आवश्यकता लगभग हर घर में होती है। इसके अलावा आप कई अन्य तरह के उत्पादों का भी फेरीवाला बिजनेस कर सकते हैं, जिनमें से कुछ की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • बेड शीट और तकिये बेचने का फेरीवाला बिजनेस।
  • दरी और कालीन बेचना।
  • चूड़ियाँ और कॉस्मेटिक सामान बेचना।
  • फल सब्जी बेचने का बिजनेस।
  • मसाले बेचने का बिजनेस।
  • प्लास्टिक की कुर्सियाँ बेचने का बिजनेस।       

थोक विक्रेता का चयन करें

आपने जिस भी उत्पाद या सामान का चयन अपने फेरीवाला बिजनेस शुरू करने के लिए किया हो, अब अगला कदम उस एरिया में उस सामान का थोक विक्रेता के चयन का होना चाहिए। किसी रिटेल स्टोर से सामान लेने की गलती न करें क्योंकि लोग आपसे कम कीमत की अपेक्षा रखते हैं, इसलिए उनकी अपेक्षाओं पर आप तभी खरा उतर पाएंगे जब आप माल को कम कीमत पर सोर्स करेंगे।

आम तौर पर रिटेल स्टोर की तुलना में थोक कीमतें हमेशा ही कम होती हैं, इसलिए एक ऐसे थोक विक्रेता का चयन करें जो उत्पाद की गुणवत्ता के साथ कम कीमत में भी सामान उपलब्ध कराने में सक्षम हो। फेरीवाला बिजनेस की सफलता तभी संभव है जब आप उचित दामों पर माल सोर्स कर पाने में सफल होंगे, अन्यथा आप अपने ग्राहकों की अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतर पाएंगे और नतीजतन आपको नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।     

एरिया का चयन करें

जिस एरिया में आप अपना फेरीवाला बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, उस एरिया में कुछ दिन घूमें और पता करने की कोशिश करें की ऐसा कौन सा सामान या उत्पाद हो सकता है, जिसे वहाँ के लोग आसानी से खरीद लें।और यह पता लगाने की कोशिश भी करें की फेरीवालों के बारे में और उनके द्वारा बेचे जाने वाले सामान के बारे में उनकी क्या राय है।

हमें पता है की आप इस तरह के बिजनेस के लिए किसी ग्रामीण इलाके का ही चयन करेंगे लेकिन उसके साथ ही यह भी देख लें की उस एरिया में सड़कों की कनेक्टिविटी है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं की आपको पैदल पैदल चलकर ही अपने सामान को बेचना पड़े। इससे अच्छा है की आप किसी ऐसे एरिया का चयन करें जहाँ रोड की अच्छी कनेक्टिविटी हो। ताकि आप साइकिल या मोटरसाइकिल के माध्यम से आसानी से सामान बेच सकें।      

वाहन को कस्टमाइज करें

एरिया का चयन कर लेने के बाद आपको उस वाहन को कस्टमाइज करने की आवश्यकता होती है जिसके माध्यम से आप अपना सामान बेचना चाह रहे हैं। यदि आपके पास पहले से कोई मोटरसाइकिल है तो आप उसी को उत्पाद के आधार पर कस्टमाइज करा सकते हैं, लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो आप पुरानी सेकंड हैण्ड मोटरसाइकिल खरीदकर उसे कस्टमाइज कर सकते हैं ।

वाहन को कस्टमाइज करने के लिए आप वेल्डिंग एवं फेब्रिकेशन का काम करने वाली दुकानों में जा सकते हैं। ध्यान रहे यह कस्टमाइजेशन उत्पाद के आधार पर होती है। कपड़े बेचने के लिए अलग तो कुर्सियाँ बेचने के लिए अलग कस्टमाइजेशन की जरुरत पड़ती है।    

बेचें और कमाएँ   

अब जब आपने फेरीवाला बिजनेस शुरू करने के लिए सभी प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली हों तो अब अपने कस्टमाइज वाहन में माल लादकर उसे गली गली बेचने में जुट जाएँ। गली में बार बार ऊँची ऊँची आवाज में चिल्लाने से आपकी आवाज बैठ सकती है तो ऐसे में आप चाहें तो ऑडियो रिकॉर्ड करके उसे अपनी प्रचार गाड़ी में लाउडस्पीकर के साथ लिंक कर सकते हैं।  

अधिकतर फेरीवाले एक बड़े एरिया म घूमकर अपना सामान बेचने की कोशिश करते हैं, लेकिन आपको चाहिए की आप एरिया भले ही कम लें, लेकिन उस एरिया में एक प्रोडक्ट विशेष में अपनी साख बनाने की कोशिश करें। हालांकि यह थोड़ा मुश्किल काम अवश्य है, लेकिन एक बार जब आप किसी प्रोडक्ट विशेष में अपनी साख बना लेते हैं तो आपके ग्राहक भी स्वत: ही बढ़ने लगते हैं।

फेरीवाला बिजनेस शुरू करने में कितना खर्चा आएगा  

यह बेहद छोटे और सबसे कम निवेश में शुरू किये जाने वाले बिजनेस में शामिल है, हालांकि निवेश इस बात पर निर्भर करेगा की आप कौन सा सामान लोगों को बेचना चाहते हैं। लेकिन आम तौर पर इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए 7000-15000 रूपये काफी रहते हैं, जिसमें वाहन और उसे कस्टमाइज करने की लागत शामिल नहीं है।

आप एक बार में उतना ही सामान खरीद सकते हैं जितना आपको लगता है की आप दो तीन दिन में बेच पाएंगे। लेकिन यदि कभी वह माल एक दिन में भी बिक गया तो अगले दिन थोक विक्रेता के पास जाकर आप फिर से माल खरीद सकते हैं।

कितनी कमाई होगी

कमाई आपके द्वारा बेचे गए उत्पादों की मात्रा और आपके द्वारा निर्धारित किये गए मार्जिन पर निर्भर करती है। इसमें कोई दो राय नहीं की फेरीवाला बिजनेस अन्य व्यवसायों की तुलना में बहुत अधिक मेहनत वाला काम है। लेकिन यदि आपने लम्बे टारगेट रखकर इस व्यवसाय को शुरू किया और लोगों का विश्वास हासिल किया, तो आपकी यह मेहनत रंग अवश्य लाएगी।  

वर्तमान में Feri Wala Business करने वाले कुछ फेरीवाले 500-700 तो कुछ 800-1200 प्रतिदिन औसतन कमा लेते हैं। लेकिन कुछ ऐसे भी अवश्य होंगे जो पूरी दिन मेहनत करके 100 रूपये कमाने में भी विफल होते होंगे। इसलिए इस बिजनेस से कितनी कमाई होगी वह अलग अलग उत्पाद एवं अलग अलग विक्रेता के आधार पर अलग अलग हो सकती है।

फेरीवाला बिजनेस में रिस्क कितना है?

चूँकि यह बिजनेस कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है इसलिए आर्थिक जोखिम तो इसमें ज्यादा नहीं है। लेकिन जब आप पूरा दिन घूमकर भी पैसे कमाने में असफल होते हैं तो नकारात्मकता आपको अपना शिकार बना सकती है।

क्या इस बिजनेस की मार्केटिंग भी करनी पड़ेगी?

Feri Wala Business परम्परागत एवं प्राचीन बिजनेस है इसलिए लोग इससे अच्छी तरह से अवगत हैं। जिसका मतलब यह है की इसे मार्केटिंग की आवश्यकता नहीं है। लेकिन जब आप गली में सामान बेचने निकल रहे हैं तो लोगों को इस बारे में सूचित करना आवश्यक है।

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