Fruit juice production business India में एक Profitable business साबित हो सकता है, उद्यमी चाहे तो किसी खास Fruit Juice को अपने बिज़नेस का हिस्सा बना सकता है और चाहे तो कोई ऐसा Juice processing plant लगा सकता है जिसमे वह भिन्न भिन्न प्रकार के फलों से भिन्न भिन्न प्रकार का Fruit Juice उत्पादन करने में सक्षम हो सके |

यह तय है की यदि उद्यमी किसी फल विशेष से केवल एक प्रकार के जूस का उत्पदान करता है तो निवेश थोडा कम और यदि भिन्न भिन्न फलों से भिन्न भिन्न प्रकार का जूस उत्पदान करने की सोच रहा हो तो निवेश थोडा अधिक होगा |

और किसी एक प्रकार के जूस का उत्पादन करने के मुकाबले भिन्न भिन्न प्रकार के फलों का जूस  उत्पादन करने में Profit के आसार भी अधिक होंगे | यदि व्यक्ति Small scale के रूप में Fruit Juice production business करने की सोच रहा हो तो कम निवेश से भी इसकी शुरुआत हो सकती है, क्योंकि सामन्यतया Juice Manufacturing process बेहद उलझा हुआ प्रोसेस बिलकुल नहीं हैं |

Fruit juice production-testing-lab
जूस का निरीक्षण करते हुए

Fruit Juice Production क्या है :

हर रोज यानिकी अपने नित्य प्रतिदिन के खान पान में मनुष्य द्वारा अनेक प्रकार के फलों को उपयोग में लाया जाता है जैसे सेब, केला, संतरा, अन्नानास, अंगूर, अमरुद , आम , लीची , जामुन, खजूर, चेरी, करोंदा इत्यादि  | इन्ही फलों का जूस निकालकर उसे Market में बेचकर अपनी Kamai करना ही Fruit Juice production business कहलाता है | इस प्रकार का व्यवसाय दो प्रकार से संभव है, एक तो यह की किसी व्यस्त बाज़ार में अपनी दुकान खोलकर Fresh Juice बेचना दूसरा जूस को Processed एवं पैकेजिंग करके Market में बेचना | जहाँ पहला तरीका उद्यमी के व्यवपार के लिए सीमा निर्धारित कर देता है, वही दूसरे तरीके को अपनाकर उद्यमी अपने जूस को सम्पूर्ण India में कहीं भी बेच सकता है |

फलों के जूस की बिक्री संभावना :

India में Fruit Juice production business तीव्र गति से उभरता हुआ बिज़नेस है, क्योकि Packaged juice में आसानी से हर जगह उपलब्ध, और उपयोग में लाया जाने वाला गुण समाहित होता है | एक आंकड़े के मुताबिक 2018 तक India की Juice Industry 21 अरब 14 करोड़ अमेरिकी डॉलर की हो सकती है | वर्तमान में India में Juice की Per Capita Consumption अन्य देशों के मुकाबले बहुत कम है | 

जर्मनी में जहाँ यह आंकड़ा 45 लीटर प्रति व्यक्ति है तो वही, स्विट्ज़रलैंड में 22.5, अमेरिका में 39 लीटर जबकि भारत में यह आंकड़ा केवल 20 मिलीलीटर प्रति व्यक्ति है | यदि हम भारत में प्रति व्यक्ति जूस के उपयोग के आंकड़े को अन्य देशो से तुलना करें तो हम पाएंगे की यह आंकड़ा बहुत ही कम है, जिसका अर्थ है की नगरीकरण के साथ साथ यह आंकड़ा भी बढ़ता जायेगा |

इसके अलावा यह भी पूरी तरह सत्य नहीं है की भारत में Juice production की कमी है क्योकि भारतवर्ष पूरे विश्व में जूस उत्पादन में दुसरे स्थान पर है लेकिन Cold Storage का पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध न होना और Refrigerated vehicles की कमी के कारण बहुत बड़ी मात्रा में जूस फेंकना पड़ता है | हाँ यदि उद्यमी किसी स्थानीय क्षेत्र से इस Business को शुरू कर धीरे धीरे आगे की तरफ रुख करता है तो यह बिज़नेस Profitable हो सकता है |

जूस बनाने का व्यापार कैसे शुरू करें (How to Start Fruit Juice Production Business).

चूँकि Fruit Juice एक निश्चित समयावधि तक ही Packaged करके रखा जा सकता है | इसलिए उद्यमी को सर्वप्रथम तीन चार ऐसे बाजारों का विश्लेषण करना चाहिए जो उसके द्वारा Start की जाने वाली Factory के नजदीक हों, ताकि वह समय समय पर कितना जूस बिक गया इत्यादि पर नज़र बना सके, वरना होता क्या है की जब कभी उद्यमी किसी Retailers या Wholesalers के पास पैसे लेने जायेगा वे तभी बताएँगे की भैया किस बात के पैसे आपका माल तो सारा यही पड़ा हुआ है |

हालांकि यह स्थिति शुरू शुरू में होती है और जब उद्यमी का Product एक Brand बन जाता है, तब wholesalers या Retailers Prepayment करने को भी तैयार रहते हैं | इसलिए सर्वप्रथम उद्यमी को चाहिए की वह अपने आस पास जहाँ वह आसानी से अपने उत्पाद को Supply कर सके लगभग तीन चार बाजारों का विश्लेषण करे की उन बाजारों में जूस की कितनी खपत है, और कौन से ब्रांड का जूस अधिक बिकता है ताकि उद्यमी अपने जूस का Flavor भी उसी हिसाब से तय कर पाने में कामयाब हो पाए |

1. रिसर्च और फीडबैक के आधार पर फ्लेवर निर्धारित करें

यद्यपि Fruit Juice production business में जूस का प्रोडक्शन FSSAI की Guidelines के मुताबिक ही होना चाहिए | और स्वभाविक रूप से किसी भी Fruit Juice में फल से निचोड़े हुए जूस की मात्रा अधिक होनी चाहिए लेकिन इस जूस को Flavored करने के लिए अनेक खाद्य रंगों, चीनी, preservative का इस्तेमाल किया जा सकता है |

इसलिए उद्यमी को चाहिए की प्रयोग के तौर पर वह कुछ फलों का जूस तैयार करके अपने जानने वाले लोगों से उसके बारे में फीडबैक ले और उनके Feedback एवं अपनी Research के मुताबिक अपना कोई Juice flavor तैयार करके रख ले, उद्यमी चाहे तो इस Recipe को प्राइवेट तौर पर लिख कर रख सकता है ताकि जब वह व्यवसायिक रूप से जूस का प्रोडक्शन करे तो जूस वैसा ही बने जैसा लोगों ने Feedback दिया था |

2. Fruit Juice Production हेतु लोकेशन चयन करें

Location का चुनाव करते वक्त उद्यमी को विभिन्न बातों का ध्यान रखना पड़ता है यहाँ तक की उस आस पास की लोकेशन में जूस का प्रतिदिन कितना उपयोग होता है और कितना प्रतिशत जूस उद्यमी उस Target Market में बेच पायेगा का भी विश्लेषण करना पड़ता है | शुरू में उद्यमी को कम Plant Capacity से Start करना चाहिए ताकि Sale के साथ साथ उद्यमी अपने Plant capacity को भी बढ़ा सके |

मुख्य रूप से लोकेशन चयन करते वक्त यह ध्यान रखना बेहद जरुरी है की क्या उस लोकेशन पर आधारभूत सुविधाएँ जैसे बिजली, पानी, रोड, Manpowers विद्यमान हैं | इसके अलावा सरकार की तरफ से दी जाने वाली सहायता एवं Support को भी Consider किया जाना आवश्यक है |

3. बिजनेस प्लान तैयार करें

Business Plan अपने भविष्य के लक्ष्यों को खर्चों एवं कमाई को ध्यान में रखकर बनाना चाहिए |  बिज़नेस प्लान होने से उद्यमी अपने आप को अँधेरे में रहने से बचाएगा या फिर बिज़नेस में आने वाली चुनौतियों कठिनाइयों से लड़ने का पहले ही कोई हल निकाल लेगा क्योकि बिज़नेस प्लान उद्यमी को उसके बिज़नेस में होने वाले उतार चढ़ावों की जानकारी देने में मदद करेगा | एक अच्छा बिज़नेस प्लान जहाँ उद्यमी को उसके वित्तीय लक्ष्यों के बारे में अवगत कराएगा वही उसके बिज़नेस के आकार इत्यादि की भी जानकारी मुहैया कराएगा |

4. fruit juice production के लिए लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

Fruit Juice production business start करने के लिए उद्यमी को विभिन्न प्रकार के Registration कराने की आवश्यकता होती है जिसमे FSSAI License एवं Tax registration अनिवार्य होता है | उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिज़नेस को Registrar of companies में विभिन्न business entities में से किसी एक का चयन करवाए | उसके बाद लोकल अथॉरिटी जैसे नगर पालिका, महानगपलिका परिषद् इत्यादि से व्यवपार करने का लाइसेंस प्राप्त करे | 

यदि उद्यमी चाहता है की लघु उद्योगों के लिए भारत सरकार द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनानों का लाभ उसको मिले तो वह अपने बिज़नेस को उद्योग आधार में भी पंजीकृत करवा सकता है | इस बिज़नेस को करने के लिए Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) license एवं Tax registration अनिवार्य है | इसके अलावा यदि उद्यमी चाहता है की उसके बिज़नेस लोगो एवं ब्रांड का उपयोग किसी अन्य कंपनी या व्यक्ति द्वारा व्यवसायिक तौर पर न किया जाय तो उद्यमी को अपना Trademark भी रजिस्टर करा लेना चाहिए |

5. कच्चा माल और मशीनरी खरीदें

यद्यपि उद्यमी को अपने Fruit juice production business के लिए Machinery एवं Raw materials Purchase करने से पहले विभिन्न विक्रेताओं से कोटेशन मंगवा लेनी चाहिए और उसके बाद उनका तुलनात्मक विश्लेषण करके अपने लिए विक्रेता का चयन करना चाहिए | लेकिन कोटेशन मंगवाने का काम License और Registration में लगने वाले समय के दौरान ही कर लेना चाहिए | Fruit juice production business के लिए उद्यमी को जिस जिस Machinery की आवश्यकता हो सकती है उसकी संभावित लिस्ट निम्नवत है |

  • जूस निकालने वाली मशीन (Juice extractor)
  • पेस्चयूराइजर (Pasteurizer)
  • जूस भरने वाली और ढक्कन बंद करने वाली मशीन (Filling and sealing machine)
  • जूस ठंडा करने वाली मशीन (Cooling machine)
  • Automatic बोतल इधर से उधर भेजने वाली इकाई (Conveying unit)
  • लैब में काम आने वाले उपकरण (Laboratory Equipment)
  • Washing, Inspection और साइज़ मापने के उपकरण|
  • खाली बोतल, पैकेट्स, लेबल एवं ढक्कन |
  • जूस बायलर |
  • Finisher |
  • preservative,चीनी एवं खाद्य रंग |
  • विभिन्न प्रकार के फल |

Raw materials की लिस्ट में मुख्य रूप से फल, preservative,चीनी, खाद्य रंग हैं, इसके अलावा खाली बोतल एवं लेबल किसी विक्रेता से समय समय पर आवश्यकतानुसार ख़रीदे जा सकते हैं |

6. कर्मचारियों की नियुक्ति करें

अब अगला कदम उद्यमी का Fruit juice production businessके लिए Manpower hiring का होना चाहिए, उद्यमी को एक Plant Manager, 1 Technical Manager, 2 Supervisor, 1 electrician, 1 peon, 1 driver इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है | या उद्यमी चाहे तो अपने बजट के अनुसार Manpower hiring कर सकता है और जैसे जैसे बिज़नेस बढ़ने लग जाय वैसे वैसे Manpower hiring कर सकता है |

7. प्रोडक्शन शुरू करें और जूस को बाजार में बेचें

Fruit juice production business करने वाले उद्यमी को यह बात समझ लेनी चाहिए की यह जरुरी नहीं है की हर प्रकार के फल से जूस उत्पादन की एक ही प्रक्रिया हो विभिन्न फलों की भिन्न भिन्न Production process हो सकते हैं | वैसे आम तौर पर पहले जिस फल का जूस बनाना हो उसकी जितनी भी मात्रा उपलब्ध हो उसे एकत्रित किया जाता है और उसमे अच्छे फलों की छटनी की जाती है |

और उसके बाद उन फलों को रोटरी ब्रश की मदद से धोया जाता है ताकि फलों पर चिपकी धुल मिटटी साफ़ हो जाय | यदि किसी फल पर तना, पत्ते इत्यादि रह गए हों तो उन्हें निकाल लेना चाहिए | उसके बाद इन फलों को Juice extractor machine में डाल दिया जाता है, और जूस को छान लिया जाता है, उसके बाद जूस को Cooling Machine में ठंडा करने हेतु डाला जाता है, और ठंडा होने के बाद पैकेजिंग की जाती है |

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