गौतम अडानी भारत के एक अरबपति और उद्योगपति हैं। अक्सर देखा गया है की भारत के लोगों में देश के सबसे अमीर आदमी के बारे में जानने की उत्सुकता रहती है। हालांकि भारत के अमीर आदमी के तमगे में हर साल नया नाम जुड़ता है, काफी सालों से यह तमगा रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अम्बानी के पास था। लेकिन आज जब हम यह लेख लिख रहे हैं भारत के ही नहीं एशिया के सबसे अमीर आदमी गौतम अडानी बन चुके हैं।

सपने तो हर व्यक्ति देखता है, लेकिन सपने सबके पूरे कहाँ होते हैं। सपने सिर्फ उसी के साकार होते है, जिसने सही समय में सही निर्णय लेकर सही कार्य शुरू किया हो। जिन सफल लोगों के बारे में आज हम जानते हैं, हमें लगता है की हो सकता है की उनकी किस्मत ने उनका साथ दिया हो। इसलिए उन्हें सफल होने के लिए ज्यादा चुनौतियों या परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ा।

जबकि यह सत्य नहीं है आप किसी भी सफल व्यक्ति की कहानी पढ़ लीजिये उसके जिन्दगी में संघर्ष और चुनौतियाँ काफी रही होंगी। लेकिन उस सफल व्यक्ति ने उन चुनौतियों और परेशानियों के आगे घुटने टेकने के बजाय उनका डटकर सामना किया होगा, तभी वह उन चुनौतियों को प्रबंधित और दूर कर पाने में सफल रहा। गौतम अडानी की सफलता की कहानी भी आपको यही प्रेरणा देगी की यदि ठान लिया जाय, तो भले ही कितनी परेशानियाँ चुनौतियाँ राह में हों, उन्हें दूर किया जा सकता है।

कहने का आशय यह है की किसी भी व्यक्ति की सफलता की कहानी हमें यही सीख देती है की जीवन में आई परेशानियों और चुनौतियों का कैसे सामना करना है। यही सीख हमें अपने जीवन में प्रगति करने और अपने प्रियजनों को एक बेहतर भविष्य देने के लिए प्रेरित करती है। आज जिस सफल सख्स की कहानी हम यहाँ पर लेकर आए हैं वह वर्तमान में भारतीय अर्थव्यवस्था के आसमान में चमकता हुआ एक सितारा है जिसका नाम गौतम अडानी है।

गौतम अडानी की कहानी

इस सख्स की कहानी अन्य उद्यमियों की तुलना में इसलिए भी अधिक प्रेरणादाई हो सकती है, क्योंकि इसने जो भी कमाया अपने दम पर कमाया है। कहने का आशय यह है की इनके पिता इनके लिए कोई बिजनेस साम्राज्य स्थापित करके नहीं गए थे। बल्कि गौतम अडानी की दृढ निश्चय, मजबूत इच्छाशक्ति, व्यवसायिक कौशल और कड़ी मेहनत ने उन्हें एशिया के सबसे अमीर आदमी की लिस्ट में शामिल किया है।

गौतम अडानी का प्रारम्भिक जीवन

गुजरात की राजधानी अहमदाबाद के एक बनिया परिवार में शांतिलाल और शांता अडानी के घर 24 जून 1962 को एक बच्चे ने जन्म लिया। जिसका नाम गौतम अडानी रखा गया। बनिया परिवार में जन्म होने के कारण व्यवसाय इनके रोम रोम में भरा हुआ था। क्योंकि इनके माता पिता कपड़े का व्यवसाय करते थे। इनका एक बड़ा परिवार था जिसमें इनको मिलाकर 7 भाई बहन भी शामिल थे।

कहा यह जाता है की गौतम अडानी बचपन से ही दृढ निश्चयी और महत्वकांक्षी थे, लेकिन उन्हें पढाई करने में ज्यादा रूचि नहीं थी, यही कारण है की किशोरावस्था में ही उन्होंने स्कूल छोड़ दिया था। लेकिन बाद में लोगों के समझाने पर उन्होंने गुजरात विश्वविद्यालय में एडमिशन तो लिया लेकिन डिग्री पूरी होने से पहले कॉलेज भी छोड़ दिया।

लेकिन बिजनेस में उनकी रूचि बचपन से ही थी इसके बावजूद वे अपने पिता के कपड़े के व्यवसाय में शामिल नहीं होना चाहते थे। उनकी अकेले कुछ करने की सोच और उद्यमशीलता ने उन्हें मात्र 18 साल की उम्र में अहमदाबाद छोड़ने पर मजबूर कर दिया, और वे मुंबई चले आए।

मुंबई में गौतम अडानी ने मात्र कुछ सौ रुपयों में महिंद्रा ब्रदर्स के साथ डायमंड सॉर्टर के रूप में कार्य किया, और इस कार्य को करने के कुछ सालों बाद ही खुद की डायमंड ब्रोकरेज कंपनी स्थापित कर दी । 18 साल में अपना गृह क्षेत्र अहमदाबाद छोड़ चुका सख्स मात्र दो साल में यानिकी जब गौतम अडानी की उम्र 20 वर्ष थी, तब तक वे करोड़पति बन चुके थे ।

अब शुरू हुआ गौतम अडानी की सफलता का सफ़र

मात्र 20 साल की उम्र में स्वयं के बलबूते करोड़पति बनने का सौभाग्य इस दुनिया में बेहद कम लोगों को मिलता है। उन दिनों इनका बिजनेस बहुत अच्छा चल रहा था, तो इसी बीच इनके भाई ने अहमदाबाद में एक प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्री खरीद ली थी। और भाई ने इनसे गुजारिश की की वे अपने गृह क्षेत्र अहमदाबाद लौट आएँ और उनके बिजनेस में उनकी मदद करें। उन्होंने अपने भाई की बात मानी और अहमदाबाद वापस लौटकर भाई के साथ मिलकर काम करने लगे।

इस प्रकार से जब उन्हें प्लास्टिक की फैक्ट्री चलाकर कुछ अनुभव प्राप्त हुआ, तो उन्होंने इसी क्षेत्र में एक अवसर अपने लिए और ढूंढ लिया। प्लास्टिक बनाने वाली फैक्ट्री में प्लास्टिक बनाने के लिए जो प्रमुख कच्चा माल पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) होता है। इन्होने उसका आयात करके उसकी कमोडिटी ट्रेडिंग शुरू कर ली। इन्होने पहला बड़ा सौदा दक्षिण अफ्रीका का दौरा करके किया, ये दक्षिण अफ्रीका से पॉलीविनाइल क्लोराइड (पीवीसी) को आयात करके भारत में बेचना चाहते थे।

अब जब उन्हें अंतराष्ट्रीय व्यापार कर भी थोड़ा अनुभव हो गया तो सन 1988 में इन्होने अडानी एक्सपोर्ट्स लिमिटेड कंपनी की स्थापना की। वर्तमान में इस कंपनी को अडानी इंटरप्राइजेज लिमिटेड के नाम से जाना जाता है। इस कंपनी ने अपने प्रारम्भिक वर्षों में कृषि से उत्पादित वस्तुओं और बिजली उपकरणों का व्यापार शुरू किया और बाद में धीरे धीरे इसे कई उत्पादों की तरफ विस्तृत किया गया ।

इसके बाद कहा यह जाता है की भारत में 90 के दशक में देश में व्यवसायिक माहौल बनाने के लिए कई आर्थिक सुधार हुए। 1991 के उदारीकरण और आर्थिक सुधारों ने गौतम अडानी को उनके व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया, और उनके व्यवसाय और मुनाफे में वृद्धि की। बिजनेस के अनुकूल माहौल मिलने के बाद गौतम अडानी ने अपनी कंपनियों को विस्तृत करना शुरू कर दिया।

सन 1993 में गुजरात सरकार ने पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत मुंद्रा पोर्ट के संचालन के लिए प्राइवेट कंपनियों के लिए टेंडर निकाले। और सन 1995 में मुंद्रा पोर्ट का संचालन का काम गौतम अडानी की कंपनी को मिल गया। इस पोर्ट को पहले मुंद्रा पोर्ट एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था, लेकिन अनुबंध जीतने के बाद इसे अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड में विस्तारित कर दिया गया । और वर्तमान में अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड भारत का सबसे बड़ा मल्टी पोर्ट ऑपरेटर है ।

इसके अलावा गौतम अडानी 1996 में शुरू की गई अडानी ग्रुप की सहायक कंपनी अडानी पॉवर लिमिटेड के संस्थापक भी हैं। यह भी भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट बिजली उत्पादक और सौर उर्जा उत्पादक कंपनी है। वर्तमान में अडानी ग्रुप का बिजनेस सिर्फ भारत में नहीं अपितु दुनिया के कई देशों में फैला हुआ है और इसका मुख्यालय गुजरात के अहमदाबाद में है।

एक नजर गौतम अडानी के व्यक्तिगत जीवन पर    

2022 में जारी हुई दुनिया के अमीरों की लिस्ट में गौतम अडानी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अम्बानी को पछाड़कर न सिर्फ भारत का बल्कि पूरे एशिया का सबसे अमीर आदमी का तमगा पहन लिया है। और वर्तमान में भारत में अडानी परिवार सबसे अमीर परिवारों में से एक है। जहाँ तक इनके व्यक्तिगत जीवन का सवाल है, इनकी पत्नी का नाम प्रीति अडानी है जो पेशे से एक डेंटिस्ट हैं । लेकिन अडानी फाउंडेशन के ट्रस्टी के रूप में वे सक्रीय भूमिका में देखी जा सकती हैं।

बड़े बेटे का नाम करण अडानी जिन्होंने Purdue University, USA से अर्थशाश्त्र में स्नातक की पढाई पूरी की है, और पढाई के बाद इन्होने अपने पिता का व्यवसाय ज्वाइन किया हुआ है। 1 जनवरी 2016 से गौतम अडानी के बड़े बेटे करण अडानी अडानी पोर्ट्स और सेज में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के पद पर कार्यरत हैं। हालांकि बिना किसी पद के वे सन 2009 से ही अपने पिता के बिजनेस अडानी पोर्ट्स के विकास और क्रियाकलापों की देख रेख कर रहे हैं। करण अडानी की शादी सन 2013 में कॉर्पोरेट लॉयर सिरिल श्रोफ की बेटी परिधि श्रॉफ से हुई है। गौतम अडानी के छोटे बेटे का नाम जीत अडानी है। लेकिन वर्तमान में अडानी ग्रुप की सभी जिम्मेदारियाँ उनके बड़े बेटे करण अडानी ही संभाल रहे हैं।

गौतम अडानी की नेट वर्थ

फोर्ब्स हर साल जो अरबपतियों की लिस्ट जारी करता है उसमें भारत के उद्योगपति गौतम अडानी की कुल सम्पति 100 बिलियन डॉलर आंकी गई है। और इसके साथ ही वे भारत के ही नहीं अपितु एशिया के सबसे अमीर आदमी बन गए हैं। उन्होंने भारत के सुप्रसिद्ध व्यवसायी मुकेश अम्बानी को पीछे छोड़ दिया है अरबपतियों की इस दौड़ में गौतम अडानी 8 वें नंबर पर तो मुकेश अम्बानी 11 वें नंबर पर पहुँच चुके हैं।    

अडानी ग्रुप भारत का ऐसा तीसरा समूह बन गया है जिसका मार्किट कैपटलाईजेशन 200 अरब डॉलर के पार पहुँच गया हो। इस समूह ने कई व्यवसायों जैसे अक्षय ऊर्जा, ट्रांसमिशन और सिटी गैस वितरण इत्यादि को इनक्यूबेट किया है। अडानी ग्रुप का प्रमुख फोकस सोलर मैन्युफैक्चरिंग, डिफेंस, एयरपोर्ट्स, रोड्स और ग्रीन बिजनेस जैसे कई सेक्टर पर है।

गौतम अडानी के बारे में कुछ रोचक बातें   

एशिया के सबसे अमीर आदमी गौतम अडानी से जुड़ी कुछ आश्चर्यजनक बातें आपको भी हैरान कर सकती हैं।

  • 26/11 का आतंकवादी हमला तो हर देशवासी को अच्छी तरह याद होगा। उस समय ताज होटल में बंधक बनाये गए बंधकों में से गौतम अडानी भी एक थे। अन्य बंधकों के साथ ये भी होटल के बेसमेंट में छिप गए थे। और सुबह अन्य बंधकों के साथ एनएसजी कमांडों ने इन्हें भी बचाया था।
  • गौतम अडानी ने अपनी बी. कॉम की पढाई बीच में ही छोड़ दी थी, और वे 18 साल की उम्र में मुंबई गए। जहाँ उन्होंने जवेरी बाज़ार में डायमंड सॉर्टर के रूप में काम किया ।
  • एक बार बचपन में अडानी अपने स्कूल के दौरे पर कांडला पोर्ट गए थे । विशाल बंदरगाह देखकर वे आश्चर्यचकित थे और उन्होंने अपने मन ही मन खुद से उसी प्रकार विशाल बंदरगाह बनाने का वादा कर दिया था। और उन्होंने अपना यह वादा तब पूरा किया जब उन्हें मुंद्रा पोर्ट के संचालन का ठेका मिला।
  • गौतम अडानी द्वारा संस्थापित अडानी पॉवर लिमिटेड भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट बिजली उत्पादन कंपनी है तो वहीँ अडानी पोर्ट और सेज भारत की सबसे बड़ी पोर्ट ऑपरेटर है ।

साधारण से परिवार में जन्मे गौतम अडानी की सफलता की कहानी वास्तव में असाधारण है। कई लोगों को लगता है की सफलता सिर्फ किस्मत वालों को मिलती है, लेकिन सच्चाई यह है की दृढ संकल्प, कड़ी मेहनत और अनेकों संघर्ष करने के बाद कुछ लोग अपनी किस्मत बनाते हैं। न की वे किस्मत के भरोसे बैठकर कर्महीन हो जाते हैं।   

प्रश्न – गौतम अडानी की नेट वर्थ क्या है?

उत्तर – यह हर साल बदलती रहती है लेकिन 2022 में जारी रिपोर्ट के मुताबिक इनकी नेट वर्थ $107 बिलियन है।

प्रश्न – गौतम अडानी के कितने बच्चे हैं?

उत्तर – इनके दो पुत्र जिनका नाम करण अडानी और जीत अडानी है।

प्रश्न – क्या इनके परिवार का पहले से कोई बिजनेस था?

उत्तर – जी हाँ, इनका जन्म गुजराती बनिया परिवार में हुआ है और इनके पिता शांतिलाल अडानी टेक्सटाइल बिजनेस में थे।

प्रश्न – क्या गौतम अडानी ने अपने जीवन में नौकरी भी की?

उत्तर – कहा यह जाता है की ये अपनी बी कॉम की पढाई को अधूरी छोड़कर मुंबई चले गए। और वहाँ इन्होने महिंद्रा ब्रोदर्स के साथ डायमंड सॉर्टर के तौर पर काम किया।

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