ग्राफ़िक डिज़ाइनर कैसे बनें?How to become Graphic Designer in India in Hindi.

Graphic Designer वर्तमान में नौकरी करके या फिर अपना बिज़नेस करके अच्छी खासी कमाई कर रहे हैं | वर्तमान युग कंप्यूटर एवं इन्टरनेट का युग है इस युग में अपनी बात रखने का या कहने का सबसे प्रभावी तरीका ग्राफिक के माध्यम से संचार का तरीका है | कहने का अभिप्राय यह है की वर्तमान में हर तरह की मार्केटिंग चाहे वह ऑनलाइन मार्केटिंग हो या ऑफलाइन सभी में ग्राफिक का इस्तेमाल किया जाता है इसके अलावा मौखिक संवाद को छोड़कर हर प्रकार के संचार में ग्राफ़िक का बहुतायत तौर पर उपयोग किया जाता है | इसलिए वर्तमान में लगभग हर कंपनी को Graphic Designer की आवश्यकता होती है | यदि क्रिएटिविटी आपको अच्छी लगती है और आप क्रिएटिव हैं अर्थात यदि आप लोगों को समझाने के नए नए तरीके खोजने में सक्षम हैं, तो Graphic Designer नामक यह काम क्रिएटिविटी से ही जुड़ा हुआ है | लेकिन इस पेशे में जाने के इच्छुक लोगों को कंप्यूटर में कार्य करने में आनंद आना बेहद जरुरी है, क्योंकि यह काम कंप्यूटर के माध्यम से ही पूर्ण किया जाता है | हालांकि किसी कंपनी में नौकरी के लिए अप्लाई करते समय किसी Graphic Designing Certificate की मांग की जा सकती है लेकिन कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जो अनुभव के आधार पर भी Graphic Designer नियुक्त करती हैं | इसलिए यदि किसी प्रतिष्ठित कंपनी में नौकरी के लिए ग्राफ़िक डिज़ाइनर बनना है तो किसी प्रतिष्ठित एवं मान्यता प्राप्त संस्थान से इस प्रकार का कोर्स करने की आवश्यकता हो सकती है | लेकिन यदि फ्रीलांसर के तौर पर कार्य करके या अपना खुद का बिज़नेस स्थापित करके कमाई करने के लिए ग्राफिक डिज़ाइनर बनना है तो इसके लिए आपको किसी प्रकार के सर्टिफिकेट की नहीं बल्कि ज्ञान/जानकारी की आवश्यकता होती है | और यकीन मानिए यदि आपमें लगन एवं निष्ठा विद्यमान है और आपके पास कंप्यूटर एवं इन्टरनेट की सुविधा है तो यह ज्ञान/जानकारी आप बिना कोर्स किये भी प्राप्त कर सकते हैं | इसके बारे में हम आगे विस्तृत तौर पर बताएगें की कैसे? लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की ग्राफिक डिजाइनिंग होती क्या है?

Graphic Designer kaise bane

ग्राफिक डिजाइनिंग क्या है (What is Graphic Designing in Hindi):

ग्राफिक डिजाईन को कम्युनिकेशन डिजाईन या संचार डिजाईन के रूप में भी जाना जा सकता है क्योंकि इसको उपयोग में लाने का उद्देश्य लोगों तक अपनी बात या मेसेज को प्रभावी एवं सहज ढंग से प्रस्तुत करने का होता है | एक Graphic Designer द्वारा ग्राफिक डिजाईन करते समय विभिन्न पाठ्य सामग्री, दृश्य, विचार एवं कला की सहायता ली जाती है | ग्राफिक डिजाईन भौतिक रूप से एवं वर्चुअल तौर पर हो सकते हैं | कहने का अभिप्राय यह है की कुछ ग्राफिक डिजाईन ऐसे होते हैं जिन्हें छुआ नहीं जा सकता है इन्हें वर्चुअल ग्राफिक डिजाईन कहते हैं तो कुछ ऐसे होते हैं जिन्हें छुआ जा सकता है जैसे बैनर, पम्पलेट, फ्लेक्स इत्यादि | किसी ग्राफिक डिजाईन में शब्द, दृश्य एवं अन्य ग्राफिक्स शामिल रहते हैं | Graphic Designing किसी भी उद्देश्य के लिए जैसे वाणिज्यिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक एवं राजनैतिक इत्यादि के लिए की जा सकती है | आम तौर पर ग्राफिक डिजाईन अपनी बात को लोगों के समक्ष रखने का एक आकर्षक एवं प्रभावी तरीका है जो वर्तमान में इन्टरनेट एवं कंप्यूटर की दुनिया में बेहद प्रचलित है |

ग्राफिक डिज़ाइनर बनने की प्रक्रिया (How to Become Graphic Designer in Hindi):

Graphic Designer बनने से पहले विद्यार्थी या व्यक्ति को इस बात का निर्णय लेना होगा की वह आखिर ग्राफिक डिज़ाइनर बनना क्यों चाहता है? क्योंकि यदि वह किसी प्रतिष्ठित कंपनी या संस्थान में नौकरी के उद्देश्य से ग्राफिक डिज़ाइनर बनना चाहता हो तो उसे किसी प्रतिष्टित इंस्टिट्यूट से कोर्स करके प्रमाण पत्र हासिल करने की आवश्यकता हो सकती है | लेकिन यदि उद्यमी चाहता है की वह Graphic Designer का काम सीख के फ्रीलांसर के तौर पर काम करके अपनी कमाई करे तो फिर उसे प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं होगी | तो आइये जानते हैं ग्राफिक डिज़ाइनर बनने की प्रक्रिया के बारे में |

ग्राफिक डिज़ाइनर का कोर्स करें (Courses to become Graphic Designer):

अपने देश भारतवर्ष में भी Graphic Designer बनने के इच्छुक लोगों को व्यवसायिक शैक्षणिक संस्थानों द्वारा अनेकों तरह के कोर्स ऑफर किये जाते हैं | कहने का अभिप्राय यह है की Graphic Designing के क्षेत्र में तरह तरह के कोर्स उपलब्ध हैं इनमें कुछ बेहद कम आवधिक, कुछ माध्यम आवधिक तो कुछ लम्बी अवधि के कोर्स भी उपलब्ध हैं | फाउंडेशन स्तर, डिप्लोमा स्तर एवं डिग्री स्तर के कोर्स इस क्षेत्र में उपलब्ध हैं | अधिकतर संस्थान योग्यता के तौर पर बारहवीं पास उम्मीदवार की मांग करते हैं लेकिन स्नातक, स्नातकोत्तर के बाद भी अनेकों डिप्लोमा कोर्स किये जा सकते हैं | आम तौर पर देखा जाय तो Graphic Designing Course के माध्यम से इच्छुक लोग कुछ सॉफ्टवेर जैसे फोटोशॉप, Illustrator, Corel draw इत्यादि चलाना सीखते हैं | जिनकी मदद से ही वे अपनी किसी क्रिएटिविटी को मूर्त रूप दे पाने में सक्षम होते हैं | आम तौर पर Graphic Designer बनने के लिए सर्टिफिकेट कोर्स, डिप्लोमा कोर्स एवं डिग्री कोर्स उपलब्ध हैं | इसलिए ग्राफिक डिज़ाइनर बनने का इच्छुक विद्यार्थी किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से यह कोर्स कर सकते हैं |

बिना कोर्स किये Graphic Designer कैसे बनें?

यदि व्यक्ति या विद्यार्थी फ्रीलांसर इत्यादि के माध्यम से कमाई करने के वशीभूत होकर या फिर अपनी जिज्ञासावश Graphic Designing का काम सीखना चाहता है तो यह बिलकुल जरुरी नहीं है की वह किसी नामी संस्थान में प्रवेश करके ही यह काम सीख सकता है | बल्कि यदि व्यक्ति या विद्यार्थी में Graphic Designer बनने की प्रबल इच्छा एवं निष्ठा हो और उसके पास कंप्यूटर एवं इन्टरनेट की सुविधा हो तो वह यह काम ऑनलाइन विडियो देखकर भी सीख सकता है | वर्तमान में अच्छे अच्छे एवं अनुभवी Graphic Designer ने youtube इत्यादि विडियो शेयरिंग साईट में अपने चैनल बनाये हुए हैं | जिसके माध्यम से वे अपने ज्ञान एवं अनुभव को लोगों तक पहुंचाते हैं | इसलिए व्यक्ति जैसे ही इन विडियो शेयरिंग साईट में Photoshop Tutorial, Corel Draw Tutorial, Illustrator tutorial सर्च करेगा तो बहुत सारी विडियो उसके कंप्यूटर के स्क्रीन पर होंगी | व्यक्ति या विद्यार्थी किसी अच्छे चैनल जिसकी बातें एवं काम उसके समझ में आ रही हों को सब्सक्राइब कर सकता है और सिलसिलेवार तरीके से उसकी अपलोड की गई विडियो देखकर सीख सकता है | इस तरह से कंप्यूटर एवं इन्टरनेट की सुविधा होने पर व्यक्ति या विद्यार्थी बिना कोर्स किये भी Graphic Designer बन सकता है |

ग्राफिक डिज़ाइनर बनने के बाद कमाई कैसे होगी? (How to earn Money after become Graphic Designer):

यद्यपि Graphic Designer बनने के बाद व्यक्ति के लिए अपनी कमाई करने के द्वार खुल जाते हैं | लेकिन यहाँ पर हम तीन मुख्य तरीकों का वर्णन कर रहे हैं जिनके माध्यम से व्यक्ति ग्राफिक डिज़ाइनर बनकर अपनी कमाई कर सकता है |

  1. नौकरी करके कमाई (Earning through Job):

जैसा की हम उपर्युक्त वार्तालाप में बता चुके हैं आज का युग कंप्यूटर एवं इन्टरनेट का युग है इसलिए अपनी ऑनलाइन उपलब्धता बनाने के लिए हर कंपनी प्रयासरत रहती है | और यही कारण है की कंपनी किसी भी क्षेत्र से ताल्लुक रखती हो लेकिन उसकी खुद की वेबसाइट एवं सोशल मीडिया पेजेज इत्यादि होते ही होते हैं | ऐसे में कुछ कंपनियां ऐसी होती हैं जो अपने ग्राफिक डिजाइनिंग का काम किसी फ्रीलांसर या मार्केटिंग कंपनी से करवाती हैं तो कुछ कंपनिया अपनी कंपनी में Graphic Designer को नियुक्त करती हैं | लेकिन कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनको प्रमुख रूप से ग्राफिक डिज़ाइनर की आवश्यकता होती है इनमें विज्ञापन क्षेत्र, मुद्रण यानिकी प्रिंट क्षेत्र एवं वेब डिजाइनिंग सेक्टर शामिल हैं | इसलिए सफलतापूर्वक ग्राफिक डिज़ाइनर बनने के बाद व्यक्ति उपर्युक्त क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में नौकरी के लिए आवेदन कर सकता है | एक आंकड़े के मुताबिक भारतवर्ष में Graphic Designer को 2.5 लाख से 7 लाख की वार्षिक सैलरी दी जा रही है | किस डिज़ाइनर का वेतन कितना होगा यह सब कंपनी को उसकी आवश्यकता, डिज़ाइनर का अनुभव, ज्ञान इत्यादि पर निर्भर करता है |

  1. फ्रीलांसिंग करके (Freelancing):

वर्तमान में चूँकि Logo बनाने का काम, वेबसाइट के लिए रचनात्मक दृश्य बनाने का काम, पोस्टर बनाने के लिए डिजाइनिंग का काम इत्यादि लगभग सभी व्यवसायिक लोगों द्वारा कराया जाता है | कहने का अभिप्राय यह है की चाहे वेबसाइट हो, कोई एप्प हो, कोई विज्ञापन सामग्री हो या फिर कोई पोस्टर हो इनकी अच्छी ग्राफिक डिजाइनिंग हर किसी का ध्यान आकर्षित करती है | इसलिए ऐसे लोग जो Graphic Designer को नियुक्त नहीं कर सकते या जिनके पास नियमित तौर पर ग्राफिक डिजाईन का काम न होकर कभी कभी ऐसा काम रहता है | वे फ्रीलांसिंग वेबसाइट जैसे Freelancer.com, Elance.com, upwork.com इत्यादि के माध्यम से अपने प्रोजेक्ट प्रकशित करते हैं | ये काम छोटे जरुर होते हैं लेकिन इनको करने के लिए ठीक ठाक पैसे मिलते हैं | इसलिए Graphic Designer बनने के बाद व्यक्ति चाहे तो खुद को उपर्युक्त दी गई वेबसाइट में मुफ्त में रजिस्टर कर सकता है | और Logo Designing से लेकर अन्य छोटे बड़े काम करके अपनी कमाई कर सकता है | हालांकि शुरूआती दौर में इन वेबसाइट के माध्यम से काम मिलने में बड़ी कठिनाई आती है लेकिन एक बार जब काम मिल जाता है तो ग्राहकों के रिव्यु इत्यादि के कारण Graphic designer को काम मिलना शुरू हो जाता है |

  1. खुद का बिज़नेस स्थापित करके (Establish Your Own Business):

यदि उद्यमी किसी ऐसे शहर में या एरिया में रहता है जहाँ बहुत सारे छोटे छोटे व्यापारी अपना व्यापार कर रहे हैं तो उस एरिया में Graphic Designer अपना बिज़नेस शुरू कर सकता है | हमें इस सत्य से मुहं नहीं मोड़ना चाहिए की चाहे बिज़नेस का स्वरूप कितना भी छोटा क्यों न हो, लेकिन मार्केटिंग की आवश्यकता हर एक बिज़नेस को होती है | और वर्तमान में मार्केटिंग बिना ग्राफिक डिजाइनिंग  के संभव नहीं है अर्थात मार्केटिंग सामग्री तैयार करने के लिए Graphic Designer की नितांत आवश्यकता होती है | इन्ही बातों को ध्यान में रखकर ग्राफिक डिज़ाइनर अपना बिज़नेस स्थापित कर सकता है | इसके अलावा व्यक्ति स्वयं का प्रिंटिंग बिज़नेस शुरू करके भी अपनी कमाई कर सकता है |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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