Payment Gateway कैसे काम करता है? और जानकारी को कैसे सुरक्षित रखता है.

इन्टरनेट के बढ़ते चलन के कारण एक शब्द Payment Gateway काफी चर्चा में रहा है। वैसे देखा जाय तो आज चीजों को पाने के लिए या कार्यों को निपटाने के लिए ईधर उधर भागदौड़ करने की आवश्यकता नहीं होती है इसके बावजूद भी आज दुनिया में किसी के पास फुर्सत के दो पल निकालना भी मुश्किल है । कहने का आशय यह है की मनुष्य जीवन में विलासिता की आवश्यकता लोगों को इतनी महत्वपूर्ण लगती है की वे इस दौड़ में खुद को मशीन समझने लगते हैं। आज जब मनुष्य बहुत सारे काम जैसे बिजली, पानी, इंश्योरेंस इत्यादि सभी प्रकार के बिल का भुगतान ऑनलाइन कर सकता है। और सभी प्रकार की चीजें मनुष्य ऑनलाइन खरीद भी सकता है। यहाँ तक की वर्तमान में दुनिया के लाखों लोग ऑनलाइन कारोबार करके घर बैठे कमाई भी कर रहे हैं। इस ऑनलाइन खरीदारी की प्रक्रिया में लोगों को जो एक शब्द बार बार सुनाई देता है उसका नाम Payment Gateway है। यद्यपि जो उद्यमी कुछ भी सामान अपने वेबसाइट या पोर्टल के माध्यम से बेच रहे होते हैं वे अच्छी तरह जानते हैं की पेमेंट गेटवे क्या होता है और यह कैसे काम करता है। लेकिन ऑनलाइन खरीदारी करने वाले ग्राहक एवं अन्य लोग इसके बारे में पूर्ण रूप से अनभिज्ञ होते हैं। इसके अलावा ऐसे लोग जो खुद का किसी प्रकार का कोई ऑनलाइन स्टोर, ड्रापशिपिंग व्यापार, ई कॉमर्स बिजनेस इत्यादि शुरू करना चाहते हैं वे भी पेमेंट गेटवे के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इसके बारे में विस्तृत तौर पर जानने का प्रयत्न करेंगे।

पेमेंट गेटवे क्या है (What is Payment Gateway):

एक Payment Gateway को आप एक ऐसा रास्ता या सुरंग कह सकते हैं जो व्यापारी के बैंक खाते को एक ऐसे प्लेटफोर्म से जोड़ती है। जहाँ व्यापारी अपना धन हस्तांतरित करना चाहता है। पेमेंट गेटवे एक सॉफ्टवेर होता है जो व्यापारी को नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई या वर्तमान में चल रहे कई अधिकृत ऑनलाइन वॉलेट इत्यादि विभिन्न पेमेंट मोड के माध्यम से ऑनलाइन लेनदेन के लिए अधिकृत करता है। अर्थात बिना किसी पेमेंट गेटवे के उद्यमी के ग्राहक उद्यमी की वेबसाइट से नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड इत्यादि मध्यम से पेमेंट नहीं कर सकता है। कहने का आशय यह है की एक पेमेंट गेटवे ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में तीसरे पक्ष की भूमिका निभाता है। जो ग्राहकों के द्वारा भुगतान किये गए पैसे को ग्राहकों के बैंक खाते से व्यापारी के पेमेंट पोर्टल में सुरक्षित रूप से हस्तांतरित करता है। साधारण शब्दों में यदि हम इसे समझने की कोशिश करें तो जब भी कोई व्यक्ति ऑनलाइन खरीदारी करके ऑनलाइन पेमेंट करता है तो उसे पेमेंट करने के अनेकों विकल्प जैसे नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड, यूपीआई इत्यादि दिखाई देते हैं । ग्राहक किसी भी विकल्प का चुनाव करके पेमेंट कर देता है और पैसा व्यापारी के पास चला भी जाता है। यह सब Payment Gateway के माध्यम से संभव हो पाता है। इसलिए कहा जा सकता है की इसका काम न सिर्फ ऑनलाइन लेन देन संभव करने का होता है बल्कि ग्राहकों की बहुत ही प्राइवेट इनफार्मेशन जैसे बैंकिंग डिटेल्स, क्रेडिट, डेबिट कार्ड डिटेल्स इत्यादि को सुरक्षित करने का भी होता है। ताकि कोई भी इस डिटेल्स का गलत फायदा न उठा सके।

पेमेंट गेटवे की भूमिका एवं आवश्यकता

Payment Gateway की भूमिका की बात करें तो सभी प्रकार के ऑनलाइन भुगतान करने के लिए यह जरुरी होता है इसके अलावा पॉइंट ऑफ़ सेल्लिंग मशीन में कार्ड स्वैप के माध्यम से जो भुगतान किया जाता है वह भी पेमेंट गेटवे के माध्यम से ही व्यापारी तक पहुँचता है। कहने का आशय यह है की इसकी ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से लेकर दुकानों, होटलों, सुपर मार्किट में स्वैप किये जाने वाले कार्डों के द्वारा सुरक्षित भुगतान कराने में अहम् भूमिका होती है। जब ग्राहक किसी रिटेलर स्टोर से कार्ड स्वैप करके सामान खरीदता है तो इसी प्रक्रिया के अंतर्गत करता है इसलिए पेमेंट गेटवे की मुख्य भूमिका व्यापारी एवं व्यापारी के ग्राहकों के बीच होने वाली लेनदेन की प्रक्रिया को अधिकृत करना है। ध्यान रहे जब तक की पेमेंट गेटवे किसी भी लेनदेन को अप्रूव नहीं करता है तब तक व्यापारी को पैसे रिसीव नहीं होंगे। Payment Gateway की भूमिका को देखते हुए बहुत सारे उद्यमियों के मन में प्रश्न कौंधता है की क्या उन्हें भी पेमेंट गेटवे की आवश्यकता है? तो यहाँ पर हम ऐसे उद्यमियों को कहना चाहते हैं की यदि आप ऑनलाइन उत्पाद या सेवा बेचने का बिजनेस कर रहे हैं तो आपको पेमेंट गेटवे की आवश्यकता अपने ग्राहकों से पेमेंट रिसीव करने के लिए होगी ही होगी। क्योंकि क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड इत्यादि के माध्यम से पेमेंट प्राप्त करने का और कोई दूसरा रास्ता नहीं है।

पेमेंट गेटवे कैसे काम करता है ( How Does Payment Gateway Works):

एक Payment Gateway ऑनलाइन खरीदारी एवं लेनेदेन की प्रक्रिया में ग्राहकों द्वार दी गई बहुत अधिक संवेदनशील जानकारी को सुरक्षित रखने पर केन्द्रित किया हुआ है। यह कार्ड और बैंकों के विवरण जैसे ग्राहकों द्वारा प्रदान किये गए डाटा को पूर्ण रूप से एन्क्रिप्ट करके सुरक्षा प्रदान करता है। जिससे ग्राहक द्वारा दी गई डिटेल्स किसी को भी पता नहीं लग पाती है। सिस्टम इस डिटेल को आटोमेटिक एन्क्रिप्ट कर देता है । यह कैसे काम करता है इस प्रक्रिया को निम्न बातों से समझा जा सकता है।

how does payment gateway works

स्टेप 1 – जब कोई ऑनलाइन खरीदारी करता है तो अपना आर्डर प्लेस करने के बाद वह उस वेबसाइट पर सबमिट या चेकआउट बटन पर क्लिक करके आगे बढ़ता है।

स्टेप 2. जब ग्राहक द्वारा चेकआउट बटन पर क्लिक किया जाता है तो वेबसाइट या ई कॉमर्स प्लेटफोर्म ग्राहक को सीधे पेमेंट गेटवे पर ले जाता है। जहाँ वह ऑनलाइन भुगतान करने के लिए अपनी कार्ड डिटेल्स या बैंक डिटेल्स सभी प्रासंगिक जानकारी पेमेंट गेटवे को प्रदान करता है। उसके बाद Payment Gateway ग्राहक को सीधा बैंक के पेज (यदि नेट बैंकिंग विकल्प का चुनाव किया हो) या फिर एक 3D सुरक्षित पेज ( यदि कार्ड विकल्प का चयन किया हो ) ले जाता है । उसके बाद ओटीपी इत्यादि के माध्यम से उस लेनदेन को अधिकृत करने के लिए कहा जाता है। 

स्टेप  3. उसके बाद जब पेमेंट गेटवे को उस विशेष लेनदेन के लिए ग्राहक द्वारा मंजूरी मिल जाती है अर्थात जब ग्राहक सही ओटीपी दी गई जगह पर भर देता है। उसके बाद बैंक इस जाँच में जुट जाता है की ग्राहक के पास उस विशेष लेनदेन को करने के लिए उपयुक्त धनराशि है या नहीं। ध्यान रहे यह सब चीजें मात्र कुछ सेकंड में सॉफ्टवेर के माध्यम से आटोमेटिक होती हैं।

स्टेप  4. पेमेंट गेटवे व्यापारी या ई कॉमर्स वेबसाइट को भी सन्देश भेजता है। और यदि किसी त्रुटी की वजह से बैंक इस विशेष ट्रांजेक्शन के लिए स्वीकृति प्रदान नहीं करता है तो व्यापारी द्वारा ग्राहक को इस बारे में अवगत कराया जाता है।  

स्टेप 5.  बैंक द्वारा Payment Gateway के साथ पैसों का निबटान किया जाता है जबकि पेमेंट गेटवे व्यापारी के साथ पैसों का निपटान करता है।   

जब उपर्युक्त सारी प्रक्रियाएं सिस्टम एवं सॉफ्टवेर के माध्यम से पूर्ण हो जाती हैं तो उसके बाद ही ग्राहक को उसके आर्डर कन्फर्मेशन का सन्देश आता है । चूँकि उपर्युक्त सारी प्रक्रियाएं एक पहले से निर्धारित प्रणाली एवं सॉफ्टवेर के माध्यम से होती हैं इसलिए ये कुछ सेकंड में ही पूर्ण हो जाती हैं। यद्यपि इन्टरनेट डाउन या सर्वर डाउन की स्थिति में थोड़ा समय अवश्य लग सकता है ।

पेमेंट गेटवे जानकारी की सुरक्षा का ध्यान कैसे रखते हैं  

यद्यपि सुनने में आया है की शुरू शुरू में जब भारत में ऑनलाइन खरीदारी की शुरुआत ही हुई थी उस समय लोग ऑनलाइन भुगतान करने से कतराते थे। क्योंकि उन्हें लगता था की उनकी संवेदनशील जानकारी किसी को भी पता चल जाएगी और वे अपने साथ आर्थिक धोखे से डरते थे। लेकिन आज ऐसा नहीं है क्योंकि अब लोग ऑनलाइन खरीदारी के प्रति ज्यादा जागरूक हो गए हैं और उन्हें पता चल गया है की ऑनलाइन भुगतान करना सुरक्षा की दृष्टी से बहुत अच्छा विकल्प है। लेकिन अब सवाल यह उठता है की Payment Gateway ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करता है।

  • सबसे पहले आपको यह स्पष्ट कर देना चाहेंगे की ऑनलाइन पैसे का लेनदेन HTTPS वेब एड्रेस के माध्यम से होता है। जो साधारण वेब एड्रेस HTTP से अलग है क्योंकि HTTPS में S का मतलब Secure यानिकी सुरक्षा से है। इस टनल के माध्यम से होने वाली ऑनलाइन लेनदेन एन्क्रिप्टेड होती है यानिकी जो डिटेल हम भरते हैं सिस्टम द्वारा उसका इस्तेमाल कर लेने के बाद उसे एन्क्रिप्ट कर लिया जाता है। यानिकी सिस्टम या सॉफ्टवेर द्वारा उसे ऐसी भाषा में तब्दील कर दिया जाता है जिसे कोई नहीं समझ सकता। इसलिए Payment Gateway के माध्यम से संवेदनशील जानकारी को कोई खतरा नहीं होता है।
  • इस सिस्टम को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक लेनदेन के समय पेमेंट गेटवे एवं व्यापारी के बीच एक गोपनीय शब्द की कड़ी और जुड़ी रहती है। जिसे व्यापारी को लेनदेन का अनुरोध मान्य करने के लिए उपयोग में लाना होता है।
  • इस प्रक्रिया में पेमेंट पेज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जिस सर्वर से रिक्वेस्ट आ रही हों उसको वेरीफाई किया जाता है । ताकि सिस्टम को किसी भी दुर्भावनापूर्ण गतिविधि का पता चल जाए और वह उसके लिए तभी जरुरी कदम उठा सके।
  • वर्चुअल पेयर ऑथेंटिकेशन नामक यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो इस Payment Gateway प्रक्रिया की और अधिक सुरक्षा सुनिश्चित करती है । यह 3D सुरक्षित प्रोटोकॉल के तहत क्रियान्वित होती है और यह इस गतिविधि में सुरक्षा की एक और परत को जोड़ती है । और विक्रेताओं एवं ऑनलाइन खरीदारों को एक दुसरे को प्रमाणित करने में सहायता प्रदान करती है। Verfied By Visa and Mastercard इसके कुछ उदाहरण हैं।              

 पेमेंट गेटवे कैसे प्राप्त करें (How to get Payment Gateway)

जहाँ तक Payment Gateway प्राप्त करने का सवाल है भारत में एक नहीं बल्कि अनेकों इस तरह की कम्पनियां हैं जो अपनी सेवा अपने ग्राहकों को दे रही हैं। लेकिन उद्यमी को चाहिए की जिस बैंक में उसका चालू खाता है उससे पता करे की वह कौन कौन से पेमेंट गेटवे को सपोर्ट करता है। यद्यपि बहुत सारे बैंक भी हैं जो खुद का ही पेमेंट गेटवे भी अपने ग्राहकों को प्रदान करते हैं।  उद्यमी को चाहिए की वह उनके द्वारा प्रदान किये जाने वाले पेमेंट विकल्प एवं उसकी कीमत इत्यादि पर बात करे और यह भी आकलन करे की उसे किस प्रकार का गेटवे की आवश्यकता होगी। क्योंकि अलग अलग कम्पनियां अलग अलग पेमेंट विकल्प, एवं अलग अलग फीस लेती होंगी हालांकि कुछ ऐसी कम्पनियाँ भी हैं जो sign up एवं रजिस्टर करने की फैसिलिटी बिलकुल मुफ्त में देती हैं। लेकिन हर एक ट्रांजेक्शन पर कुछ कमीशन वसूलती हैं। इसके अलावा कुछ कम्पनियां मासिक, वार्षिक फीस एवं ट्रांजेक्शन पर फीस दोनों वसूलती हैं इसलिए उद्यमी के लिए कौन सा Payment Gateway ठीक रहेगा इसका निर्णय उद्यमी खुद ही फैसिलिटी एवं कीमत को देखकर लगा सकता है। और जहाँ तक इनसे जुड़ने का सवाल है वह एक ईमेल आईडी के लिए Sign Up करने जितना ही आसान है उद्यमी को चयनित वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर करने की आवश्यकता होती है। और यदि उद्यमी को कोई समस्या आ रही हो तो वह पेमेंट गेटवे सर्विस देने वाली कंपनी के प्रतिनिधि से फ़ोन पर भी बात कर सकता है।

अन्य लेख भी पढ़ें

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *