वर्तमान में हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू करना इसलिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि हाइड्रोपोनिक्स  पौधे उगाने की विधि बेहद तेजी के साथ लोकप्रिय विधि बनती जा रही है। इस प्रणाली के तहत मिटटी का इस्तेमाल पौधे उगाने या अन्य प्रकार की खेती के लिए बिलकुल भी नहीं किया जाता है।

बल्कि इस विधि में पौधों को पानी के साथ ही पोषक तत्व प्रदान किये जाते हैं। इस पद्यति में पौधों की जड़ों को पीट काई, मिट्टी के छर्रों, पर्लाइट और रॉकवूल जैसे पदार्थों से सपोर्ट किया जाता है। कोई भी इच्छुक व्यक्ति जो हाइड्रोपोनिक फार्म का निर्माण करना चाहता है, उसके लिए एक नहीं, बल्कि अनेकों हाइड्रोपोनिक सिस्टम उपलब्ध हैं।

हालांकि यहाँ पर हम केवल यह जानने का प्रयत्न कर रहे हैं, की कोई इच्छुक उद्यमी कैसे खुद का हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू कर सकता है। लेकिन उससे पहले थोड़ा बहुत इस प्रणाली के बारे में जानकारी देना भी आवश्यक था। जैसा की हमने बताया की इसे कई प्रणाली के माध्यम से पूर्ण किया जाता है, और हर प्रणाली एक दुसरे से भिन्न होती है।

इसलिए अलग अलग प्रणाली में इस्तेमाल में लाये जाने वाले उपकरणों इत्यादि की लिस्ट में भी थोड़ी बहुत भिन्नता हो सकती है। भारत में भी पौधे एवं फसल उगाने की यह पद्यति प्रसिद्ध होती जा रही है। ऐसे में हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू करना किसी भी इच्छुक उद्यमी के लिए फायदेमंद हो सकता है।

हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर बिजनेस

हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर क्या है?  

हाइड्रोपोनिक एक ऐसी तकनीक है, जिसमें पौधों या फसलों को उगाने के लिए मिटटी का बिलकुल भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है। बल्कि पानी में ही सभी आवश्यक पोषक तत्वों को पौधों तक पहुँचाया जाता है। वर्तमान में भारत में भी यह तकनीक प्रसिद्ध होती जा रही है, इसलिए वे लोग जो इस तरह की तकनीक को अपनाकर फार्मिंग करना चाहते हैं।

उन्हें हाइड्रोपोनिक तकनीक में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी एवं उपकरणों को खरीदने की आवश्यकता होती है। एक ऐसी दुकान या स्थान जहाँ से लोग हाइड्रोपोनिक फार्मिंग में इस्तेमाल में लायी जाने वाली मशीनरी, उपकरण एवं अन्य वस्तुएं खरीद सकते हैं, उसे ही हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर कहा जाता है।

हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर क्यों शुरू करें?

जब भी कोई व्यक्ति कुछ व्यवसाय शुरू करने की सोचता है, तो सबसे पहले उसके मष्तिष्क में यही विचार आता है, की क्या उसका व्यवसाय चल पायेगा या नहीं। इस बात की पुष्टी करने के लिए वह अनेकों प्रकार की रिसर्च करता है, लेकिन जो सबसे महत्वपूर्ण रिसर्च है, वह यह है की कितने लोग या कौन से लोग उसके टारगेट ग्राहक होंगे।

इसलिए हो सकता है, की हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर बिजनेस शुरू करने के इच्छुक उद्यमी के मष्तिष्क में भी ऐसी ही अनेकों बातें चल रही हों। तो यहाँ पर बता देना चाहेंगे की, हाइड्रोपोनिक प्रणाली में मिटटी की तुलना में उतनी ही जगह पर अधिक पौधों को उगाया जा सकता है। इस प्रणाली में पौधों को नियंत्रित तरीके से पानी की सप्लाई की जाती है।

जिससे इस प्रक्रिया में मिटटी में उगाये जाने वाले पौधों की तुलना में 10 गुना से भी कम पानी की खपत होती है। इस प्रणाली में पौधों पर परजीवी इत्यादि का खतरा कम होता है, जिससे कीटनाशक और केमिकल का इस्तेमाल भी कम होता है। मिटटी के पौधों की तुलना में इस प्रणाली के तहत पौधे 30 से 50% तीव्र गति से बढ़ते हैं।

इस प्रणाली के तहत पौधों को इनडोर यानिकी दरवाजे के अन्दर भी उगाया जा सकता है। इसके अलावा इस प्रणाली के अन्य भी कई फायदे हैं, जिसके कारण यह पदयती बेहद प्रचलित होती जा रही है। इसलिए वर्तमान में हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू करना किसी भी उद्यमी के लिए लाभकारी हो सकता है ।

हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर कैसे शुरू करें?

वैसे देखा जाय तो हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू करने की प्रक्रिया भी ठीक वैसी ही होती है, जैसी किसी अन्य दुकान को शुरू करने की होती है। लेकिन फर्क यह है की किसी ग्रोसरी स्टोर इत्यादि को तो उद्यमी बिना किसी प्रशिक्षण प्राप्त किये कहीं भी खोल सकता है।

क्योंकि ग्रोसरी स्टोर के माध्यम से बेचीं जाने वाली वस्तुओं के ग्राहक सभी जगह उपलब्ध हैं। लेकिन हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर के मामले में ऐसी कोई बात नहीं है। न ही हर जगह इस तरह की मशीनरी  और उपकरण खरीदने वाले लोग ही उपलब्ध हैं।

और न ही बिना प्रशिक्षण प्राप्त किये उद्यमी ग्राहकों को अपने स्टोर की ओर आकर्षित कर पायेगा। इसके अलावा उद्यमी को एक खाली दुकान का प्रबंध, सप्लायर का चयन, मार्केटिंग इत्यादि सभी प्रक्रियाएं इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए करनी पड़ती हैं।

1. उचित लोकेशन का चयन करें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर के लिए ग्राहक हर जगह उपलब्ध नहीं है वह इसलिए क्योंकि भले ही हाइड्रोपोनिक विधि बड़ी तीव्र गति से प्रचलित हो रही हो, लेकिन भारत में अभी भी यह कुछ क्षेत्रों तक ही सिमित है।

इसलिए इस तरह का यह व्यापार उद्यमी को तभी शुरू करना चाहिए, जब उसे लगता हो की जिस क्षेत्र में वह इस तरह का यह व्यापार शुरू करना चाहता है। उस क्षेत्र विशेष में उसे पर्याप्त ग्राहक उसके स्टोर के लिए मिल जायेंगे। ध्यान रहे उद्यमी को तभी पर्याप्त ग्राहक मिलने की उम्मीद हो सकती है।

जब उस क्षेत्र विशेष में पहले से ही किसानों द्वारा हाइड्रोपोनिक विधि से खेती की जा रही हो। हालांकि उद्यमी चाहे तो नए लोगों को भी इस तरह की विधि का इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।

लेकिन शुरूआती दौर से ही व्यवसाय को सुनिश्चित करने के लिए उद्यमी को किसी ऐसे क्षेत्र में ही बिजनेस लोकेशन का चुनाव करना चाहिए, जहाँ लोगों में इस विधि के प्रति जागरूकता भी हो और लोग इस विधि का इस्तेमाल करके खेती कर भी रहे हों।   

2. हाइड्रोपोनिक प्रणाली का प्रशिक्षण प्राप्त करें  

इस तरह का यह व्यवसाय नई तकनीकी खेती से जुड़ा हुआ व्यवसाय है। इसलिए हो सकता है की लोगों के बीच इस व्यवसाय या इस प्रणाली की उचित जागरूकता का अभाव हो। वैसे भी लोगों को किसी नई तकनीक की ओर ले जाने में काफी मेहनत, और उनकी सोच बदलने की आवश्यकता होती है। इसलिए हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को इस प्रणाली की ट्रेनिंग अर्थात प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होती है।  

क्योंकि जब उद्यमी को इस प्रणाली की जानकारी होगी, तभी वह अपने रिटेल स्टोर के माध्यम से इस विधि में इस्तेमाल में लाये जाने वाले मशीनरी, उपकरणों एवं अन्य सामान को बेच पायेगा। और इस व्यवसाय के प्रति लोगों में जागरूकता भी पैदा कर पायेगा। कहने का आशय यह है की, प्रशिक्षण प्राप्त करके उद्यमी न सिर्फ मौजूदा ग्राहकों को अपने स्टोर की तरफ आकर्षित कर सकता है, बल्कि लोगों को जागरूक करके भविष्य के लिए भी अपने ग्राहक तैयार कर सकता है।     

3. हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर के लिए दुकान का प्रबंध करें

उद्यमी को अपना हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर किसी ऐसी जगह पर स्थापित करना होगा, जहाँ पर लोगों को पहुँचने में किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। चूँकि हाइड्रोपोनिक प्रणाली के तहत इनडोर फार्मिंग भी की जा सकती है। इसलिए शहरी नगरी इलाकों में भी इस तरह का यह व्यवसाय चल सकता है। उद्यमी को इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए दुकान किसी स्थानीय बाजार में लेने की आवश्यकता हो सकती है।

जहाँ पर परिवहन इत्यादि की किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। शुरूआती दौर में उद्यमी चाहे तो एक औसतन जगह वाली दुकान से भी शुरू कर सकता है। लेकिन बाद में उसे अपनी दुकान के लिए एक बड़ी जगह की आवश्यकता हो सकती है।    

4. हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर का लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन कराएँ

हालांकि भारत में एक साधारण दुकान शुरू करने के लिए शायद ही किसी प्रकार की लाइसेंस और पंजीकरण की अनिवार्यता है। लेकिन हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर नामक यह व्यवसाय एक अलग प्रकृति वाला है।

इसमें हो सकता है की, उद्यमी को हाइड्रोपोनिक उपकरण, मशीनरी एवं अन्य सामान बाहरी देशों से आयात करना पड़े। इसलिए इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए निम्नलिखित लाइसेंस और पंजीकरणों की आवश्यकता हो सकती है।

  • उद्यमी को अपने व्यवसाय को प्रोप्राइटरशिप या वन पर्सन कंपनी के तौर पर रजिस्टर करने की आवश्यकता हो सकती है।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन, पैन और बैंक में चालू खाता खोलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • स्थानीय प्राधिकरण से ट्रेड लाइसेंस या शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • कृषि में उपयोग लाये जाने वाले कृषि केमिकल और पोषक तत्वों की बिक्री के लिए कृषि विभाग या अन्य सम्बंधित विभाग से रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • उद्यमी को बाहर देशों से मशीनरी और उपकरण निर्यात करने की आवश्यकता हो सकती है जिसके लिए एक्सपोर्ट इम्पोर्ट कोड रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है।
  • उद्यमी चाहे तो उद्यम आधार रजिस्ट्रेशन भी कर सकता है।     

5. सप्लायर का चयन करें

अब हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर शुरू करने के लिए उद्यमी का अगला कदम सप्लायर का चुनाव करने का होना चाहिए। चूँकि यह भारत में बहुत ज्यादा प्रचलित बिजनेस अभी तक नहीं बना है, तो हो सकता है की उद्यमी को उसके स्थानीय क्षेत्र में सप्लायर ढूँढने में जटिलताओं का सामना करना पड़े।

लेकिन यदि उद्यमी ने एक ऐसे क्षेत्र का चुनाव किया है, जहाँ पहले से हाइड्रोपोनिक विधि द्वारा फार्मिंग की जा रही हो। तो शायद उद्यमी को उस एरिया में थोक विक्रेता या सप्लायर का पता आसानी से चल जाए। बेहतरीन सप्लायर ढूँढने के लिए उद्यमी को सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों, और संपर्क सूत्रों का इस्तेमाल करना चाहिए।    

6. हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर की मार्केटिंग करें

अब उद्यमी का पूरा ध्यान हाइड्रोपोनिक प्रणाली को अपने एरिया विशेष में प्रमोट करने का होना चाहिए। इसके लिए उद्यमी को विभिन्न प्रकार के संचार माध्यमों का इस्तेमाल करके लोगों को हाइड्रोपोनिक फार्मिंग के लाभों के बारे में जागरूक करना होगा।

जैसे जैसे लोगों में इस विधि के प्रति जागरूकता बढती जाएगी, वैसे वैसे उद्यमी के ग्राहक बढ़ने की भी उम्मीद जताई जा सकती है। हाइड्रोपोनिक रिटेल स्टोर तभी सफलतापूर्वक चल पायेगा, जब उस एरिया विशेष में रहने वाले लोग हाइड्रोपोनिक प्रणाली की तरफ आकर्षित होंगे।

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