ऐसे शिक्षित लोग जिनकी अभिलाषा  Boss के अधीन काम न करके, Kamai करने की है | वे लोग इंश्योरेंस एजेंट बनकर, इस काम को Part time या फिर full time करके अपनी Kamai कर सकते हैं | चूँकि India में Insurance क्षेत्र से जुड़ा हुआ business एक बहुत बड़े पैमाने पर, किया जाने वाला बिज़नेस है | इसके अलावा इसके विस्तृत होने के आसार इसलिए हैं, क्योकि  अशिक्षा के आंकड़ो में गिरावट और शिक्षा के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी होने से लोग अब Insurance का महत्व समझने लगे हैं | 

और Insurance business में बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए बहुत सारी कंपनियां इस क्षेत्र में प्रविष्ट कर चुकी हैं | इस बिज़नेस का एक बहुत बड़ा हिस्सा इंश्योरेंस एजेंट पर निर्भर करता है | यही कारण है, की बहुत सारे agents यह काम करके अपने सपनो को उड़ान देकर अच्छी खासी Kamai कर रहे हैं | इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको बताने वाले हैं की यदि कोई व्यक्ति अपनी Kamai करने हेतु इंश्योरेंस एजेंट बनना चाहता है, तो उसको किन किन प्रक्रियाओं से होकर गुज़रना पड़ेगा |

इंश्योरेंस एजेंट कैसे बनें

कौन होते हैं? इंश्योरेंस एजेंट

अक्सर आपने अपने किसी सगे समबन्धी को, आपसे या फिर आपके किसी और सगे संबंधियों से Insurance policy लेने के लिए बात करते एवं उनको बाध्य करते हुए सुना होगा | और यहाँ तक कहते हुए सुना होगा, की First Premium मैं अपने आप भर दूंगा, आप जब चाहे दे देना | क्या आपने कभी सोचने की कोशिश की, वह व्यक्ति ऐसा क्यों कह रहा है | वह इसलिए कह रहा है, क्योकि वह एक इंश्योरेंस एजेंट है | वह चाहता है की वह अपनी अधिक से अधिक Policy बेचे, ताकि उसकी Kamai भी अधिक से अधिक हो सके |

क्योकि होता क्या है की किसी इंश्योरेंस एजेंट द्वारा बनाया गया ग्राहक जब भी अपना Premium भरता है, तब तब Insurance agent को इसका comissson मिलता है | आप सोच रहे होंगे की हम इस बिज़नेस  के बारे में कुछ नकारात्मक कह रहे हैं | लेकिन नहीं, हम तो आपको यह बताने की कोशिश कर रहे हैं, की यह Business करके कितनी, और कब तक Kamai की जा सकती है | हमारे भाई साहब जो एक दुकानदार भी थे, उन्होंने LIC का Agent बनकर खूब Policy बेचीं, और अच्छी खासी Kamai भी की | लेकिन अब थोड़ा समय में बदलाव आया है, अब लोग बिना agent अर्थात ऑनलाइन भी policy खरीद लेते हैं |

इंश्योरेंस एजेंट कैसे बनें?:

इंश्योरेंस एजेंट बनने के लिए किसी भी व्यक्ति को भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण  (IRDA) द्वारा आयोजित परीक्षा में हिस्सा लेकर उस परीक्षा को पास करना होता है | जैसा की हम सब जानते हैं, India में बहुत सारी Insurance कंपनिया हैं | इसलिए बीमा एजेंट बनने के लिए सर्वप्रथम किसी व्यक्ति को उस कंपनी का चुनाव करना चाहिए, जिसकी policy वह बेच सके | क्योकि ज्यादा पालिसी बेचने का मतलब है, ज्यादा Kamai करना |

और उसके बाद इच्छुक व्यक्ति को चयनित कंपनी के किसी ब्रांच में जाकर उन्हें इंश्योरेंस एजेंट बनाने की इच्छा के बारे में बताना चाहिए | अब जब उनकी कंपनी द्वारा या फिर भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण द्वारा परीक्षा आयोजित की जाएगी | आपको परीक्षा देने हेतु बुला लिया जायेगा या फिर आप स्वयं भी पता करके यह परीक्षा दे सकते हैं | लेकिन उससे पहले अपनी Eleigibility अवश्य चेक कर लें |

बीमा एजेंट बनने के लिए पात्रता:

  1. इंश्योरेंस एजेंट बनने हेतु आवेदन करने वाले व्यक्ति की आयु 18 साल से अधिक होनी चाहिए |
  2. व्यक्ति के पास स्नातक की डिग्री होनी चाहिए, वैसे कुछ कंपनिया 10th और 12th पास व्यक्ति को भी यह काम करने के  योग्य मानती हैं |
  3. बीमा एजेंट बनने के इच्छुक व्यक्ति का भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण (IRDA) या अन्य किसी Insurance कंपनी द्वारा आयोजित परीक्षा को पास करना अनिवार्य है |
  4. भारतीय बीमा विनियामक प्राधिकरण (IRDA) के अनुसार इंश्योरेंस एजेंट बनने के इच्छुक व्यक्ति को कम से कम 100 घंटे की व्यवहारिक training किसी IRDA द्वारा प्राधिकृत संस्थान से लेनी चाहिए |
  5. उसके बाद चयनित कंपनी का आवेदन पत्र भरकर, उसमे आवश्यकतानुसार सारे कागज़ संग्लन  करके, आवेदन पत्र चयनित कंपनी के प्राधिकृत अधिकारी के ऑफिस में जमा कराना चाहिए | यह आवेदन पत्र सबमिट करते वक़्त कुछ नाम मात्र का शुल्क भी देना पड़ सकता है |
  6. आवेदन जमा होने के बाद प्राधिकृत अधिकारी द्वारा व्यक्ति को बीमा एजेंट का लाइसेंस दिया जायेगा | जिसकी वैधता मात्र 3 सालों के लिए होगी | व्यक्ति को इसका नवीनीकरण समाप्ति तिथि से पहला करवाना चाहिए | 

अच्छी बीमा कंपनी का चुनाव कैसे करें:

अच्छी बीमा कंपनी चयन करने से पहले इंश्योरेंस एजेंट बनने के इच्छुक व्यक्ति को पहले insurance के प्रकार का चयन करना चाहिए | साधरणतया Insurance को दो भागो में विभाजित किया जा सकता है | Life insurance और General insurance |

जीवन बीमा (Life Insurance):

Life insurance से आशय उस insurance से है | जिसकी अवधी लंबी होती है | और इसमें दीर्घकाल तक निवेश किया जाता है | इस insurance का लाभ बीमित व्यक्ति की मृत्यु पर परिवारजनों को, या फिर policy की अवधि पूरा होने पर बीमित व्यक्ति को भी दिया जाता है |

जनरल बीमा (General Insurance):

General insurance का आशय ऐसे insurance से लगाया जा सकता है, जिसका निर्धारण life insurance में नहीं किया गया हो | General insurance में मुख्यतः Health insurance, Automobile insurance, इत्यादि आते हैं | इस Insuarnce की संगरचना व्यवसायिक और व्यापार के मद्देनज़र की गई है |

इसलिए सर्वप्रथम व्यक्ति को यह चयन करना पड़ेगा, की वह ग्राहकों अर्थात लोगो को क्या बेचेगा | Life insurance बेचेगा या फिर General insurance या फिर दोनों | क्योकि अलग अलग Insurance उत्पाद बेचने हेतु व्यक्ति को अलग अलग लाइसेंस की आवश्यकता होगी | उसके बाद Insurance agent को चाहिए की, वह बाज़ार में उपलब्ध विभिन्न insurance कंपनी जैसे LIC, Bajaj Allianz, ICICI Lombard, Tata AIG, National insurance, New India insurance,  HDFC Ergo, Max life insurance इत्यादि कंपनियों पर रिसर्च करे |

और पता लगाये, की कौन सी कंपनी का कौन सा Insurance product अधिक पॉपुलर है | और फिर खुद का जायजा ले की क्या वह यह पॉपुलर उत्पाद अपने ग्राहकों को बेच पायेगा | हमेशा उस कंपनी का चयन करना चाहिए, जिस पर लोग आसानी से विश्वास कर सकें | और उसके अधिक से अधिक उत्पाद पॉपुलर हों |

सफल इंश्योरेंस एजेंट बनने के लिए टिप्स:

  • अपने ग्राहकों से वही वादे करने चाहिए, जो Insurance company वास्तव में दे रही हो | अधिकतर इंश्योरेंस एजेंट अपने टारगेट को पूरा करने के चक्कर में ग्राहकों से झूठ भी बोल दिया करते हैं | जिससे वे इस business में सफल नहीं हो पाते |
  • अपने आप को कंपनी के नए उत्पादों और Insurance क्षेत्र की नॉलेज के साथ अपडेट रखना चाहिए |
  • Insurance कंपनियों द्वारा आयोजित सेमिनार या कॉन्फ्रेंस में भाग लेना चाहिए | 
    एक इंश्योरेंस एजेंट को चाहिए की वह इन्टरनेट की तकनिकी के साथ अपडेट रहे | ताकि वह अपने बिज़नेस के लिए इन्टरनेट के माध्यम से भी ग्राहक पा सके |
  • यदि Insurance company का कोई सस्ता नया प्रोडक्ट आया हो तो, बीमा एजेंट द्वारा उसे सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफार्म के माध्यम से लोगों तक पहुँचाना चाहिए |

India में अक्सर ऐसा होता है की लोग अपने सगे संबंधियों, मित्रों, रिश्तेदारों से ही Insurance policy खरीदते हैं | इसलिए एक इंश्योरेंस एजेंट के लिए जरुरी हो जाता है की वह अपने रिश्तेदारों, मित्रों का भी विश्लेषण करे की ऐसे कौन कौन से हैं, जिनके पास Insurance policy नहीं है | ताकि उन्हें वह अपनी पालिसी बेच सके |

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