EDLI Scheme के तहत पीएफ खाताधारकों को मिलता है 2.5 से 6 लाख रूपये तक का जीवन बीमा

EDLI Scheme का फुल फॉर्म Employees’ Deposit Linked Insurance Scheme होता है और पीएफ खाताधारकों से आशय ऐसे कर्मचारियों से है जिनके वेतन से एक भाग EPF के रूप में हर महीने कटता है | कहने का आशय यह है की यदि आप संगठित क्षेत्र में कार्य करते हैं तो हर महीने आपके वेतन में से एक छोटा सा भाग आपके EPF खाते में चला जाता है | शायद अधिकतर लोग इस बात से बेखबर होंगे की EPFO द्वारा EDLI Scheme के अंतर्गत पीएफ खाताधारकों को कम से कम 2.5 लाख एवं अधिक से अधिक 6 लाख का जीवन बीमा कवर दिया जाता है | इसलिए ऐसे पीएफ खाताधारक जिनकी मृत्यु उनके सर्विस के दौरान ही हो जाती है उनके द्वारा नामांकित किये गए व्यक्ति EDLI Scheme के तहत जीवन बीमा की राशि के लिए क्लेम कर सकते हैं | फरबरी 2018 से पहले कम से कम जीवन बीमा कवर 1.5 लाख था जिसे अब बढाकर 2.5 लाख कर दिया गया है |

EDLI Scheme की विशेषताएं:

EDLI Scheme की कुछ मुख्य विशेषताएं इस प्रकार से हैं |

  • वे सभी कर्मचारी जो कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) के सदस्य हैं वे सभी EDLI के लिए पात्र हैं |
  • हालाँकि इस जीवन बीमा कवर का फायदा उसी कर्मचारी के परिवार वालों को मिलता है जिसकी मृत्यु नौकरी या सर्विस के दौरान हुई हो लेकिन इसके बावजूद भी चाहे कर्मचारी की मृत्यु काम पर हुई हो या घर पर कहने का आशय यह है की चाहे कामकाजी घंटों के दौरान हुई हो, या गैर कामकाजी घंटों के दौरान दोनों स्थितियों में पीड़ित परिवार EDLI Scheme का लाभ लेने के योग्य होगा |
  • कर्मचारी की मौत किसी भी कारण हुई हो तब भी बीमा कवर राशि के लिए क्लेम किया जा सकता है |
  • इस योजना के तहत कोई भी ऐसा नियम उल्लेखित नहीं है जो कर्मचारी की सर्विस के दौरान हुई मृत्यु के बावजूद उसे लाभ देने से इंकार करे |
  • EDLI Scheme के अंतर्गत कौन से कर्मचारी का कितना प्रीमियम कटेगा और कितना बीमा कवर उसे मिलेगा यह सब उसके वेतन पर निर्भर करता है न की लिंग और उम्र पर |
  • जहाँ पहले इसकी पात्रता के लिए यह शर्त थी की कर्मचारी को पीएफ खाताधारक बने एक साल पूरा होना चाहिए | लेकिन अब इस नियम को हटा दिया गया है और अब कोई भी पीएफ खाताधारक पहले दिन से ही इसका लाभ लेने के लिए पात्र है |
  • इस बीमे का लाभ लेने के लिए कोई अधिकतम उम्र निर्धारित नहीं है |
  • पीएफ खाताधारक को EDLI Scheme के लिए अलग से नॉमिनी का नाम देने की जरुरत नहीं है बल्कि जो नाम खाताधारक ने ईपीएफ के लिए दिया हो उसी को इस योजना के तहत भी नॉमिनी माना जाता है |

EDLI Scheme में कितना एवं किसके द्वारा प्रीमियम भरा जाता है?

EDLI Scheme में कितना और किसके द्वारा प्रीमियम भरा जाता है का सरल सा जवाब यह है की किसी भी कर्मचारी की बेसिक सैलरी एवं डीए को मिलाकर ईपीएफ कटौती योग्य सैलरी बनती है | इस सैलरी का 12% कर्मचारी के वेतन से कटा हुआ पैसा सीधे ईपीएफ के रूप में जमा हो जाता है | जबकि नियोक्ता द्वारा जमा की हुई उतनी ही राशि को थोड़ा थोड़ा करके अनेक योजनाओं जैसे ईपीएफ, ईपीएस, EDLI इत्यादि में जमा किया जाता है | नीचे चित्र की सहायता से इसे स्पष्ट रूप से समझा जा सकता है |

EDLI Scheme in hindi

उपर्युक्त चित्र से स्पष्ट है की EDLI Scheme के अंतर्गत जमा होने वाला प्रीमियम कर्मचारी द्वारा नहीं बल्कि नियोक्ता द्वारा वहन किया जाता है | लेकिन यहाँ पर एक बात का ध्यान रखना बेहद जरुरी है की चाहे कर्मचारी का वेतन एवं ईपीएफ में हिस्सेदारी कितनी भी क्यों न हो लेकिन EDLI Scheme के तहत अधिकतम प्रीमियम 15000 का 0.5% प्रति माह लगभग 75 रूपये होगा | इस प्रक्रिया में सैलरी की गणना बेसिक एवं डीए को मिलाकर की जाती है |

EDLI की गणना कैसे की जाती है?

EDLI Scheme में EDLI की गणना के लिए सैलरी के रूप में बेसिक सैलरी एवं डीए को ही लिया जायेगा | वह भी यदि किसी की बेसिक सैलरी एवं डीए मिलाकर 15000 रूपये से ज्यादा है तो EDLI की गणना में उसकी सैलरी केवल 15000 रूपये ही मानी जाएगी | हालांकि EDLI की गणना के लिए सबसे पहले कर्मचारी की बारह महीनो की सैलरी (Basic +DA) का औसत निकाला जाता है | इन बारह महीनों की गणना उस महीने से पीछे की ओर की जाती है जिस महीने में कर्मचारी की मृत्यु हुई हो | औसत सैलरी निकालने के बाद इसे 30 से गुणा कर दिया जाता है | उसके बाद मृतक कर्मचारी के खाते में पिछले 12 महीनों के दौरान या उसकी सदस्यता अवधि के दौरान जो भी कम राशि हो का 50% उसमे जोड़ा जाता है | EDLI Scheme के नियम के अनुसार कम से कम जीवन बीमा कवर 2.5 लाख रूपये एवं अधिक से अधिक 6 लाख रूपये है |

EDLI गणना का एक उदाहरण:

माना मिस्टर X जिनकी सैलरी (Basic +DA) मिलाकर उनकी मृत्यु के समय 12000 रूपये प्रति महीने है | और उनकी बारह महीनो की कमाई हुई सैलरी का औसत भी 12000 रूपये प्रति महीने आ रहा है तो इस स्थिति में EDLI की गणना के लिए 12000 को तीस से गुणा कर दिया जायेगा जो 360000होगा | अब हमें इस राशि में पिछले बारह महीनों में जमा हुए PF बैलेंस का 50% भी इसमें जोड़ना होगा | माना मिस्टर X का 12 महीनों का ईपीएफ बैलेंस रूपये 48000 है तो इस स्थिति में इसका 50% यानिकी 24000 रूपये हमें और जोड़ने पड़ेंगे | तो मिस्टर X द्वारा नॉमिनी बनाये गए व्यक्ति को कुल 360000+24000=384000 रूपये मिलेंगे |

EDLI Scheme के अंतर्गत लाभ लेने के लिए कौन क्लेम कर सकता है?

EDLI Scheme के तहत मिलने वाला लाइफ इंश्योरेंस एक टर्म इंश्योरेंस की तरह कार्य करता है | इसलिए सर्विस के दौरान किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसका नॉमिनी इस लाभ के लिए क्लेम कर सकता है | क्लेम कौन कौन कर सकता है के लिए निम्न नियमों का प्रावधान किया गया है |  

  • एक नॉमिनी इस लाभ को लेने के लिए क्लेम कर सकता है |
  • नामांकन या नॉमिनी न होने की स्थिति में मृतक का कोई क़ानूनी वारिस इस लाभ के लिए क्लेम कर सकता है |
  • यदि नॉमिनी एवं क़ानूनी उत्तराधिकारी दोनों नाबालिग हों तो इस स्थिति में नाबालिग नॉमिनी या क़ानूनी उत्तराधिकारी के अभिभावक इस लाभ के लिए क्लेम कर सकते हैं |

EDLI के लिए क्लेम कैसे करते हैं?

कर्मचारी की नौकरी के दौरान मृत्यु होने के बाद EDLI Scheme का लाभ लेने के लिए निम्न तरीके से क्लेम किया जा सकता है |

  • नॉमिनी या क़ानूनी उत्तराधिकारी को कर्मचारी के मृत्यु के बाद ईपीएफ, ईपीएस एवं EDLI क्लेम करने के लिए केवल एक फॉर्म जिसे Composite Claim Form in Death Cases का नाम दिया गया है भरना होता है | हालांकि पहले उपर्युक्त तीनों को क्लेम करने के लिए अलग अलग फॉर्म भरने होते थे | लेकिन अब इन तीनों फॉर्म Form 20 (PF Payment), Form 10-D (Pension), Form -5IF (EDLI) को एक कर दिया गया है |
  • इस फॉर्म में मृतक के आधार नंबर से लेकर UAN तक की डिटेल्स भरा जाना आवश्यक है |
  • इस फॉर्म में नॉमिनी या क़ानूनी उत्तराधिकारी अर्थात दावाकर्ता की बैंक डिटेल्स भी मांगी जाती है हो सकता है साक्ष्य के तौर पर फॉर्म के साथ कैंसिल किये हुए चेक की आवश्यकता हो |
  • मृतक कर्मचारी का मृत्यु प्रमाण पत्र भी संग्लन करना पड़ सकता है |
  • यदि क्लेम नाबालिग नॉमिनी या क़ानूनी उत्तराधिकारी के अभिभावक द्वारा किया जा रहा हो तो अभिभावक प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो सकती है |
  • क़ानूनी उत्तराधिकारी द्वारा दावा करने की स्थिति में उत्तराधिकार प्रमाण पत्र की आवश्यकता हो सकती है |
  • यदि मृतक कर्मचारी अंत में किसी ऐसे प्रतिष्ठान का कर्मचारी था जिसे ईपीएफ योजना 1952 के तहत छूट प्राप्त हो तो इस स्थिति में नियोक्ता को प्रमाणपत्र भाग के तहत पिछले 12 महीनों का ईपीएफ विवरण प्रस्तुत करना होगा | और मृतक सदस्य के नामांकन फॉर्म की प्रमाणित प्रति भी फॉर्म के साथ संग्लग्न करनी होगी |
  • दावाकर्ता को यह सारे दस्तावेज एवं फॉर्म कर्मचारी के नियोक्ता के माध्यम से समबन्धित कर्मचारी भविष्य निधि के कार्यालय में जमा करने होते हैं |
  • यदि कंपनी बंद हो गई हो या वे इस प्रक्रिया में सहयोग नहीं कर रहे हैं तो नॉमिनी या क़ानूनी उत्तराधिकारी EDLI Scheme का लाभ लेने के लिए दस्तावेजों एवं फॉर्म को किसी गजेटेड अधिकारी से, पोस्ट मास्टर से, ग्राम पंचायत के अध्यक्ष से, नगर पालिका के चेयरमैन या सेक्रेअट्री से, एम्एलए, एमपी इत्यादि से attest कराकर सम्बंधित पीएफ ऑफिस में जमा कर सकता है |
  • फॉर्म जमा होने के तीस दिनों के अन्दर अन्दर इस प्रकार का क्लेम सेटल कर लिया जाता है |
  • लेकिन यदि फॉर्म भरने या अन्य डिटेल्स में कुछ गड़बड़ी होती है तो पीएफ ऑफिस से नॉमिनी या उत्तराधिकारी को लैटर प्राप्त हो सकता है |

EDLI Scheme का मुख्य उद्देश्य किसी कर्मचारी के जीवन जोखिम को सुरक्षित करना है | इसलिए नियोक्ता चाहें तो समूह टर्म इंश्योरेंस भी अपने कर्मचारियों को प्रोवाइड कर सकते हैं इस स्थिति में वे EDLI Scheme से बाहर निकलने के लिए स्वतंत्र रहते हैं | लेकिन यह तभी संभव है जब इसे EPFO की स्वीकृति प्राप्त हो | समूह बीमा में दिए जाने वाले लाभ भी EDLI के बराबर या उससे ज्यादा होने चाहिए |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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