पॉपकॉर्न बनाने का बिज़नेस How to Start Popcorn Manufacturing Business in Hindi.

Popcorn  की बात करें तो इस नाम से इंडिया में ही नहीं अपितु अधिकतर देशों में बच्चों से लेकर वयस्क लोगों तक सभी परिचित होंगे | जी हाँ हम उसी Popcorn नामक स्नैक की बात कर रहे हैं जो सभी आयु के वर्गों के लोगों के बीच खासा प्रचलित है | अधिकतर तौर पर लोग इसका आनंद फिल्म देखते, कोई स्टेज शो देखते हुए, या फिर किसी अन्य कार्यक्रम के दौरान लेना पसंद करते हैं | लेकिन बच्चे तो इसको खाने की जिद पकड़ कर ही बैठ जाते हैं | चूँकि पॉपकॉर्न स्वादिष्ट होने के साथ साथ पचाने में भी सरल होता है और इसको कितना भी खा लें उसका स्वास्थ्य पर कोई विपरीत असर नहीं पड़ता है क्योंकि यह बेहद जल्दी पच जाता है | इसलिए अक्सर माता पिता भी अपने बच्चों की Popcorn खाने की जिद को पूरा कर देते हैं | यही कारण है की इनकी मांग बाजार में हमेशा विद्यमान रहती है इसलिए लोगों की इन्हीं मांगों को ध्यान में रखकर कोई भी उद्यमी Popcorn Manufacturing Business  बेहद कम निवेश के साथ शुरू कर सकता है | आज हम हमारे इस लेख में आगे इन्हीं सब बातों को जानने की कोशिश करेंगे की कैसे कोई व्यक्ति उद्यमिता की ओर अग्रसित होकर Popcorn Manufacturing Business शुरू कर सकता है | लेकिन इससे पहले जान लेते हैं की यह है क्या?

popcorn making business

पॉपकॉर्न क्या है (What is Popcorn in Hindi):

आम तौर पर Popcorn को स्नैक आइटम के तौर पर उपयोग में लाया जाता है इसलिए हम इसे एक स्नैक आइटम के तौर पर भी जान सकते हैं | लेकिन यह मक्के का एक परिवर्तित रूप होता है जिसमे मक्के के सख्त दानों को गरम करके फुलाया जाता है और मक्के के इन फुले हुए दानों को ही Popcorn कहा जाता है | कहने का आशय यह है की मक्के के सख्त दानों को गरम करके फूलाने से पॉपकॉर्न की प्राप्ति होती है | इसलिए ग्रामीण इलाकों में पॉपकॉर्न बनाने के लिए चूल्हे एवं कढाई का उपयोग किया जाता है जबकि औद्योगिक तौर पर इसका उत्पादन करने के लिए मशीनों का उपयोग किया जाता है | लेकिन इनकी गुणवत्ता मक्के की विशेष किस्म पर निर्भर करती है क्योंकि हर प्रकार के मक्के से उच्च गुणवत्तायुक्त पॉपकॉर्न उत्पादित नहीं किया जा सकता | इसलिए इस Popcorn Manufacturing business की सफलता के लिए उचित किस्म का मक्का चयन किया जाना आवश्यक है |

पॉपकॉर्न के बाजार में बिकने की संभावना:

इसमें कोई दो राय नहीं की पॉपकॉर्न पचाने में आसान होने के साथ साथ बेहद स्वादिष्ट एवं प्रचलित स्नैक आइटम है | यही कारण है की जैसे जैसे Popcorn ग्राहकों के बीच प्रचलित हो रहा है अर्थात जैसे जैसे इसके ग्राहक बढ़ रहे हैं वैसे वैसे भारत में इसके निर्माणकर्ता भी बढ़ रहे हैं | शहरों में तो इसके उपयोग बढ़ते जा रहे हैं इसके अलावा जैसे जैसे देश में मल्टीप्लेक्स की संख्या में इजाफा हो रहा है वैसे वैसे Popcorn नामक इस स्वादिष्ट स्नैक की बिक्री होने की संभावनाएं भी बढ़ रही हैं | और बिक्री होने की संभावनाओं के साथ निर्माण कर्ताओं की संख्या में भी वृद्धि होना लाजिमी है | इस बिज़नेस में प्रॉफिट मार्जिन होने के कारण किसी भी व्यक्ति के लिए Popcorn Manufacturing Business Start करना कमाई की दृष्टी से लाभकारी हो सकता है |

Popcorn Business के लिए आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण:

हालांकि बेहद छोटे स्तर पर स्थानीय मार्केट को ध्यान में रखते हुए Popcorn Manufacturing Business को शुरू करने के लिए स्थानीय प्राधिकरण से लाइसेंस के अलावा किसी अन्य की आवश्यकता नहीं होती है | लेकिन बाद में कमाई बढ़ने के साथ साथ टैक्स रजिस्ट्रेशन इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है | इसके अलावा यदि उद्यमी शुरू से ही खुद का ब्रांड बनाकर अपने उत्पाद को बेचना चाहता हो तो उसे निम्न प्रकार के लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है |

  • उद्यमी को अपने व्यापार को रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज के साथ रजिस्टर कराना पड़ सकता है | जानिए इंडिया में अपनी कम्पनी कैसे खोली जाती है | हो सकता है की उद्यमी को अपने व्यापार को फैक्ट्री अधिनियम के तहत भी पंजीकृत कराना पड़े | इसके लिए उद्यमी किसी बिज़नेस कंसल्टेंट की मदद ले सकता है |
  • अपने व्यापार को सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम के अंतर्गत रजिस्टर कराने के लिए उद्योग आधार रजिस्ट्रेशन कराना पड़ सकता है |
  • चूँकि यह खाद्य पदार्थ से जुड़ा हुआ बिज़नेस है इसलिए उद्यमी को फ़ूड लाइसेंस लेना होगा | ताकि पैकेजिंग के दौरान वह उस नंबर को पॉपकॉर्न के पैकेट में अंकित कर सके |
  • उद्यमी को अपने ब्रांड नाम से ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता होगी |
  • Popcorn Manufacturing Business कर रहे उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता होगी |

पॉपकॉर्न बिज़नेस के लिए आवश्यक जगह मशीनरी एवं कच्चा माल:

शुरूआती दौर में छोटे स्तर पर Popcorn Manufacturing Business शुरू करने के लिए कम से कम 450Square Feet यानिकी 50 गज जगह उपयुक्त होगी | यद्यपि उद्यमी को अपने व्यापार की कार्यशैली के अनुसार ही अलग अलग कार्य करने के लिए अलग अलग जगह की व्यवस्था करनी पड़ सकती है | और उद्यमी को बिजली पानी के अलावा एक या दो ऐसे व्यक्तियों की आवश्यकता हो सकती है जो मशीन के संचालन इत्यादि का काम संभाल सकें | इसके अलावा अपने व्यापार से उत्पादित माल को ग्राहकों एवं दुकानदारों तक पहुँचाने के लिए उद्यमी को वाहन, ड्राईवर एवं मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव की भी आवश्यकता हो सकती है | जहाँ तक Popcorn बनाने वाली मशीन का सवाल है मार्केट में पॉपकॉर्न बनाने वाली अलग अलग प्रकार की मशीनें उपलब्ध हैं | इसमें ऐसी भी मशीनें उपलब्ध हैं जिन्हें एलपीजी गैस का इस्तेमाल करके चलाया जा सकता है | उद्यमी को अपने लिए मशीन का चुनाव मशीन की उत्पादन क्षमता एवं अपने पास उपलब्ध संसाधनों को ध्यान में रखकर करना चाहिए | इसके अलावा Popcorn machine का चुनाव करते वक्त यह बात भी ध्यान में रखनी होगी की कौन सी मशीन मक्के के दानों को कितना फुला सकती है उद्यमी चाहे तो मशीन विक्रेता को डेमो दिखाने को कह सकता है | मशीन के अलावा उद्यमी को पॉपकॉर्न तोलने के लिए भार तोलने वाली मशीन की भी आवश्यकता हो सकती है | हालांकि कुछ कंपनी जैसे Prestige इत्यादि घरेलू तौर पर पॉपकॉर्न बनाने के लिए Popcorn Maker बना चुकी हैं | तो कुछ लोग घर के बर्तनों जैसे कढ़ाही, पतीले इत्यादि में मक्खन एवं नमक डालकर एवं ऊपर से मक्के के सूखे दाने डालकर भी Popcorn का उत्पादन कर देते हैं लेकिन इस प्रकार से बने पॉपकॉर्न व्यवसायिक तौर पर बेचने के लिए कितने सुरक्षित हैं यह कहना थोड़ा मुश्किल है |  जहाँ तक इस बिज़नेस में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल का सवाल है भारतवर्ष मक्के का उत्पादन करने वाला एक बहुत बड़ा देश है यहाँ मक्के से सिर्फ Popcorn नहीं बनाये जाते | बल्कि मक्के का इस्तेमाल तेल, आटा, स्टार्च, तरल ग्लूकोज इत्यादि बनाने में भी किया जाता है | कहने का आशय यह है की मक्के की पैदावार देश के लगभग हर राज्य में होती है इसलिए Popcorn Manufacturing Business के लिए कच्चा माल हर क्षेत्र में आसानी से मिल जाता है | मक्के के दानों के अलावा घी एवं नमक भी कच्चे माल के तौर पर उपयोग में लाया जाता है |

पॉपकॉर्न बनाने की प्रक्रिया (Popcorn Manufacturing Process): 

Popcorn Machine के माध्यम से पॉपकॉर्न बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान है इस प्रक्रिया में यदि उद्यमी किसानों से डायरेक्ट मक्का खरीदता है तो उसे अधिक फायदा हो सकता है | इसके लिए उद्यमी को  सर्वप्रथम मक्के से मक्के के दानों को अलग करना होगा और उसके बाद उन्हें धूप में अच्छी तरह सुखाना होगा | जब ये दाने सूख जाएँ तो इन मक्के के दानों से अशुद्धियाँ जैसे मक्के के बाल इत्यादि दूर कर लिए जाते हैं | और फिर मशीन के हीटिंग सेक्शन में घी एवं नमक डाले जाते हैं और उसके बाद मक्के के दाने डाल दिए जाते हैं ताकि गर्मी के कारण दाने फूलकर Popcorn में परिवर्तित हो जाएँ | मशीन पॉपकॉर्न अच्छे से उत्पादन करने के लिए हर संभव कोशिश करती है और जब पॉपकॉर्न बनकर तैयार हो जाते हैं | तो उद्यमी को Popcorn की नमी रोधक पैकेजिंग करनी होती है | ताकि ग्राहकों के पास पहुँचते पहुँचते पॉपकॉर्न की गुणवत्ता पर कोई विपरीत असर न पड़े |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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