Jawa Motorcycles की डीलरशिप लेकर कमाई करने का मौका।

Jawa Motorcycles से शायद आज के युवा परिचित नहीं होंगे लेकिन बहुत सारे भारतीय नागरिक ऐसे हैं जिनकी सुखद स्मृतियाँ इस कंपनी की मोटर साइकिलों के साथ जुड़ी हुई हैं । इसलिए कुछ लोग आज भी जावा मोटरसाइकिल का नाम सुनते हैं तो उन्हें अपने बीते हुए दिन स्वत: ही याद आ जाते हैं। क्योंकि Jawa Motorcycles नामक यह ब्रांड Czech Republic से जुड़ा होने के बावजूद भारत में 60 एवं 70 के दशक में अपनी जीवंत एवं युवा मोटरसाइकिलों के लिए जाना जाता था। लेकिन बीते कुछ दशकों से जावा मोटरसाइकिल इंडियन मार्किट से पूरी तरह बाहर हो गई थी लेकिन इन सबके बावजूद भी कंपनी चलाने वाले मालिकों का भारत के प्रति उत्साह कम नहीं हुआ, यही कारण है की वर्तमान में फिर से Jawa Motorcycles भारतीय ऑटो बाजार में वापसी कर रही है । और इसलिए कंपनी  द्वारा उसकी डीलरशिप लेने के लिए भिन्न भिन्न राज्यों के भिन्न शहरों से आवेदन मांगे जा रहे है। यदि आप भी जावा मोटरसाइकिल की डीलरशिप लेना चाहते हैं तो हमारे इस लेख को अंत तक जरुर पढ़ें। क्योंकि हो सकता है यह कंपनी आपके लिए नई हो, लेकिन सच्चाई तो यह है की आज भी इस कंपनी की मोटरसाइकिल का नाम सुनते ही बहुत सारे लोगों को अपनी जवानी के दिन याद आ जाते हैं। इससे पहले की हम इसकी डीलरशिप लेने की प्रक्रिया के बारे में बात करें आइये एक नजर Jawa Motorcycles के इतिहास पर डालते हैं।

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 Jawa Motorcycles की शुरुआत:   

Jawa Motorcycles की शुरुआत मूल रूप से Czech Republic से हुई थी प्रथम विश्व युद्ध के बाद जब विनिर्माण को प्रमुखता दी गई । उस समय इंजिनियर Frantisek Janecek  ने मोटरसाइकिल के जर्मन निर्माता विंकलहोफर और जेनिके से नई वांडर 500 मोटरसाइकिल के डिजाइन और टूलींग के साथ मोटरसाइकिल व्यवसाय वांडरर को खरीद लिया था। और इसी Wanderer कंपनी को Janecek से पहले दो शब्द एवं Wanderer से पहले दो शब्द लेकर Jawa ब्रांड में परिवर्तित कर दिया गया। और इस कंपनी ने अपनी पहली मोटरसाइकिल Jawa 500 OHV लोगों के सामने पेश की। उसके बाद 1929 से लेकर 1948 के बीच Jawa Motorcycles ने लोगों को 175CC एवं 250CC की मोटरसाइकिलें पेश की और इन्हें बेचने के लिए अमेरिका के बाज़ारों में भी निर्यात किया गया था। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद मित्र देशों को निर्यात कम हो गया था हालांकि तृतीय वैश्विक देशों में मांग बढ़ी थी। इस बीच कंपनी के पास बेहद लोकप्रिय मोटरसाइकिलों की एक श्रंखला थी जिसमे पेरक और कैलिफ़ोर्नियन शामिल थे जिन्होंने ब्रांड को लोकप्रिय बनाने में काफी मदद की थी। 1960-70 के दशक में जावा मोटरसाइकिल को मोटोक्रॉस एवं एंडुरो  चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा करते देखा गया था और यही वह दौर था जब कंपनी ने भारतीय बाजार में प्रवेश किया था।

Jawa Motorcycles का भारतीय बाजार में प्रवेश:

यद्यपि भारत में पहली Jawa Motorcycles 1950 में पूर्णतया आयात करके लायी गई थी लेकिन भारत में इस कंपनी की मोटरसाइकिलों की बिक्री 1960 के दशक में स्थानीय विनिर्माण शुरू होने के बाद बढ़ी थी। इस कंपनी की बाइक को भारत में दो पारसी उद्यमी रुस्तम और फारूख ईरानी अपने ब्रांड नाम आइडियल जावा के अंतर्गत आयात करके बेचते थे जबकि इसकी पहली फैक्ट्री mysore कर्नाटक में सन 1961 में स्थापित हुई थी। उस समय मैसूर के शासक राजा जयचमराजा वोडेयार थे जिन्होंने खुद 25 एकड़ में फैले इस प्लांट का उद्घाटन किया था। इस लाइसेंस के तहत आइडियल जावा ने 1961-71 के बीच विभिन्न प्रकार की मोटरसाइकिलों का उत्पादन किया जो देश में युवा मोटरसाइकिल खरीदारों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। 1971 में सहयोगी लाइसेंस समाप्त होने पर फारूख ईरानी ने खुद के दम पर बाइक बनाने का फैसला लिया और कंपनी ने Jawa से तकनिकी सहायता लेकर Yezdi ब्रांड नाम से बाइकों का निर्माण एवं इन्हें बेचना शुरू किया। उस समय कंपनी की बहुत सारी मोटरसाइकिल काफी लोकप्रिय रही और यही कारण है की उन दिनों मैसूर में स्थित कंपनी के कारखाने में 2000 से अधिक कर्मचारी कार्यरत थे और कंपनी प्रतिवर्ष 40000 से अधिक बाइकों का उत्पादन किया करती थी। उसके बाद 1980 के दशक में कंपनी को अन्य बाइक बनाने वाली कंपनियों से तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने लगी क्योंकि भारतीय बाजार में अब मोटरसाइकिल बनाने वाली जापानी कंपनियों का प्रवेश हो चूका था । और जापानी तकनीक से बनी मोटरसाइकिलें कम ईधन खाने वाली, विश्वसनीय एवं सस्ती होने के कारण बेहद कम समय में ही प्रसिद्ध हो गई। और इस बीच Jawa Motorcycles की बिक्री एवं प्रतिष्ठा गिरती चली गई, और बिक्री न होने के कारण जल्द ही कंपनी के सामने आर्थिक संकट आ खड़ा हुआ जिससे मैसूर प्लांट में कार्यरत श्रमिकों में असंतोष व्यापत हो गया । और इन्हीं सब समस्याओं के चलते मजबूरन मैसूर प्लांट को 1996 में बंद करना पड़ा ।

Jawa Motorcycles की भारत में वापसी:

Jawa Motorcycles भारतीय बाजार में एक नया अध्याय शुरू करने की पूरी तरह से तैयारी कर चुकी है और कंपनी अब तक पूरे देश में लगभग कुछ  लोगों को अपनी डीलरशिप दे भी चुकी है । और अभी बहुत सारी लोकेशन के लिए डीलरशिप देने की प्रक्रिया चालू है । ब्रांड के पुनरुत्थान ने उदासीन लोगों में भी उत्साह भरने का काम किया है यही कारण है की यह कंपनी अपनी मोटरसाइकिलें फिर से भारतीय सड़कों पर दौड़ता हुआ देखना चाहती हैं। अब Jawa Motorcycles कंपनी की तैयारी ऐसे युवाओं को ध्यान में रखकर मोटरसाइकिलों का निर्माण करने का है जिन्होंने अपने बड़ों, बुजुर्गों से इस कंपनी की सिर्फ कहानियाँ सुनी हैं और कंपनी की मोटरसाइकिलों को देखा नहीं है । अब चूँकि आप इस कंपनी के बारे में काफी कुछ जान चुके हैं इसलिए अब यह जान लेते हैं की खुद की कमाई या बिज़नेस करने के लिए Jawa Motorcycles की डीलरशिप कैसे लें ।  

Jawa Motorcycles की डीलरशिप कैसे लें:

एक जानकारी के मुताबिक कंपनी पूरे देश में फरबरी 2019 तक अपने 100 से अधिक डीलर बनाना चाहती है क्योंकि Jawa Motorcycles द्वारा लांच की गई बाइकों को ग्राहकों का काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। यह इसलिए कहा जा सकता है क्योंकि कंपनी ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुकिंग शुरू की थी जिसकी 25 दिसम्बर 2018 को अंतिम तिथि थी। और बताया जा रहा है की कंपनी में सितम्बर 2019 तक की बुकिंग पूरी हो चूकी है। यही कारण है की कंपनी पूरे देश में अपनी डीलरशिप स्थापित करना चाहती है इसके लिए कंपनी ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से लोगों से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। चूँकि कंपनी ने अपनी अधिकारिक वेबसाइट में डीलरशिप सम्बन्धी नियम एवं शर्तों का उल्लेख नहीं किया है, इसलिए ऐसे व्यक्ति जिनके पास खुद की जगह एवं निवेश करने की क्षमता हो वे Jawa Motorcycles की डीलरशिप के लिए आवेदन कर सकते हैं । ऑनलाइन आवेदन करने के लिए यहाँ क्लिक करें।

ऑनलाइन आवेदन करने के बाद चयन होने पर कंपनी के अधिकारीयों द्वारा उम्मीदवार को फोन पर या ईमेल के माध्यम से संपर्क किया जा सकता है और आगे की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी जा सकती है। इसलिए ऐसे लोग जो ठीक ठाक निवेश करने का सामर्थ्य रखते हैं वे Jawa Motorcycles की डीलरशिप लेने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। और चयनित होने पर डीलर बनकर अपनी अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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