चश्मे की दुकान कैसे खोलें ӏHow to Start Optical Shop Business in India in Hindi

चश्मे की दुकान या Optical Shop से आप सब अच्छी तरह वाकिफ होंगे जी हाँ हर स्थानीय मार्केट में  कम से कम एक चश्मे की दुकान आपको अवश्य देखने को मिल जाएगी वह इसलिए क्योंकि लोगों को चश्मों की आवश्यकता पड़ती रहती है इसलिए चश्मे बनाना उनकी मजबूरी हो जाता है ӏ एक optical shop में अनेकों प्रकार के लैंस एवं फ्रेम उपलब्ध होते हैं जिनमें से ग्राहक अपने लिए फ्रेम एवं लैंस का चयन करता है ӏ वर्तमान में अनेकों पर्यावरणीय कारणों एवं मनुष्य की जीवनशैली के कारण लोगों की बेहद कम उम्र से ही नज़र कमजोर होने लगती है ӏ यही कारण है की इस प्रकार का यह बिज़नेस क्षेत्र बड़ी तीव्र गति से बढ़ता जा रहा है ӏ चूँकि वर्तमान में अधिकतर लोगों को कंप्यूटर पर देर तक काम करना पड़ता है, उसके बाद टेलीविज़न इत्यादि देखना भी उनकी रोजमर्रा की जिन्दगी में शामिल है ӏ इसके अलावा असमय खानपान के कारण भी लोगों की नज़र में गिरावट हो रही है इसलिए ऐसे लोगों का  चश्मा पहनना बेहद जरुरी हो जाता है ӏ कहने का आशय यह है की वर्तमान जीवनशैली में लोगों की नज़र कमजोर होती जा रही है इसलिए Optical Shop तक जाना उनकी सिर्फ आवश्यकता न होकर मजबूरी हो जाती है ӏ

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चश्मे की दुकान क्या है (What is Optical Shop in Hindi):

आपने भी देखा होगा की बहुत सारे लोगों की आँखे बेहद कम उम्र में ख़राब हो जाती है तो बहुत सारे लोगों की आँखे एक उम्र के पश्चात ख़राब होती है कहने का अभिप्राय यह है की लगभग हर एक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी कभी न कभी चश्मे भले ही वह नज़र का चश्मा हो या धूप छाया वाला या फिर यूँ ही फैशनेबल चश्मा की आवश्यकता होती ही होती है ӏ  चश्मे की दुकान किसी मार्केट में वह विशेष स्थल होता है जहाँ सभी प्रकार के नज़र एवं धूप के चश्मे ग्राहकों को मिलते हैं ӏ कहने का आशय यह है की मार्केट की जिस दुकान से कोई व्यक्ति नज़र या धूप के चश्मे खरीद सकता है उस स्थल को Optical Shop की संज्ञा दी जाती है ӏ इस पर बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि Optical Shop Business वर्तमान में कमाई करने का एक अच्छा माध्यम बनता जा रहा है ӏ इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से चश्मे की दुकान कैसे शुरू करें विषय पर विस्तृत तौर पर जानने का भरसक प्रयत्न करेंगे ӏ

चश्मे की दुकान की आवश्यकता (Requirement of Optical Shop in India ):

यदि हम कहें की चश्मे की दुकान की आवश्यकता हर छोटी बड़ी स्थानीय मार्केट में है तो यह गलत नहीं होगा ӏ जैसा की हम सबको विदित है की नज़र के चश्मे पहनना जहाँ व्यक्ति की मज़बूरी होती है वही धूप के चश्मे पहनना भी वर्तमान में फैशन सा बनता जा रहा है ӏ वर्तमान में शहरों में अधिक से अधिक लोग अपने जीवनकाल में कभी न कभी चश्मा चाहे वह नज़र का हो या फिर धूप का अवश्य पहनते हैं ӏ एक आंकड़े के मुताबिक वर्ष 2016 में इस सेक्टर का कुल टर्नओवर 5000 करोड़ से भी ऊपर का था ӏ लोगों की स्वस्थ एवं फैशन के प्रति बढती जागरूकता इस बिज़नेस को एक नए मुकाम पर ले जाने में मील का पत्थर साबित हुई है और आगे भी होगी  ӏ इसके अलावा जैसे जैसे लोगों के जीवनस्तर में सुधार होता है वह फैशन की तरफ अग्रसित होता है इसलिए कहा जा सकता है की आने वाले समय में लोगों को और Optical Shop की आवश्यकता होगी जो उनकी हर तरह के चश्मों सम्बन्धी आवश्यकता की पूर्ति में अहम योगदान निभाएंगे ӏ

चश्मे की दुकान कैसे शुर करें (How to Start Optical Shop Business In India ):

भारत में चश्मे की दुकान खोलना भी अन्य व्यापारों की तरह एक जटिल प्रक्रिया है इसमें जटिलता यह है की इसमें यह अंदाज़ लगा पाना की किस लोकेशन पर यह Optical Shop अच्छे से चल पायेगी ӏ क्योंकि अगर यह बिज़नेस शुरू करने से पहले उद्यमी यह अंदाज़ लगाने में चूक गया तो उसको नुकसान उठाना पड़ सकता है ӏ एक अच्छी सी Optical Shop Business शुरू करने में 8-12 लाख रूपये या इससे भी अधिक का खर्चा करना पड़ सकता है ӏ इसलिए अपने व्यापार की सफलता को सुनिश्चित करने के लिए उद्यमी को अनेकों प्रक्रियाएं करनी पड़ सकती हैं ӏ

  1. बिज़नेस प्लान बनायें (Prepare a Business Plan) :

जैसा की हम सबको विदित है की Optical Shop में जहाँ एक तरफ धुप के चश्मे खरीदने वाले ग्राहक आते हैं जिनकी चश्मे खरीदने की कोई मजबूरी नहीं होती है वे चाहें तो खरीद भी सकते हैं और चाहें तो नहीं भी ӏ लेकिन एक Optical Shop में ऐसे ग्राहक भी आते हैं जिनकी चश्मे खरीदना मजबूरी होती है क्योंकि उनकी नज़र कमजोर होती है इसलिए उद्यमी को इस बात का पहले ही निर्णय लेना होगा की उसकी दुकान किस लोकेशन पर होनी चाहिए ताकि वह उसकी अधिक से अधिक कमाई करवा पाने में सक्षम हो ӏ जहाँ उद्यमी को उत्पाद सोर्स करने की योजना भी पहले बनानी होती है वही गुणवत्ता एवं मात्रा का भी ध्यान रखना होगा और सस्ते से लेकर महंगे तक सभी प्रकार के फ्रेम, सनग्लास इत्यादि को अपने Optical Shop का हिस्सा बनाना होगा ӏ Refraction Facility उद्यमी की बिक्री को बढाने में सहायक होती है लेकिन यह महंगी होती है इसलिए उद्यमी को पहले ही इस बात की योजना बनानी होगी वह अपने ग्राहकों को इस तरह की फैसिलिटी देना चाहता है या नहीं ӏ एक बिज़नेस प्लान में उद्यमी को अपने बिज़नेस के लक्ष्यों को भी निर्धारित करना होगा और वहां तक पहुँचने के दिशानिर्देश भी निर्धारित करने होंगे ӏ क्योंकि यदि उद्यमी की योजना रीफ्रेक्शन फैसिलिटी देने की नहीं है तो उसे कुछ महत्वपूर्ण मशीनरी एवं उपकरण जैसे Autorefractometer, Slit lamp, Keratometer, projector इत्यादि खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी ӏ इसके अलावा रीफ्रेक्शन इकाई को एक नेत्र विशेषज्ञ की आवश्यकता हो सकती है जो स्वयं नेत्र विशेषज्ञ (Ophthalmologist) न हों उन्हें इन्हें नियुक्त करना पड़ सकता है ӏ यही कारण है की इंडिया में बहुत सारे Optical Shop के मालिक नेत्र विशेषज्ञों को कमीशन देकर भी इस बिज़नेस को सफलतापूर्वक चला रहे हैं ӏ

  1. दुकान के लिए जगह का चयन करें (Select Location for Shop):

Optical Shop के लिए जगह का चयन करना एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया है क्योंकि चश्मों की दुकान खोलने के लिए एक अच्छी सी दुकान प्रमुख सड़क के इर्द गिर्द चाहिए होती है जहाँ व्यक्ति प्रमुख सड़क से पैदल आसानी से पहुँच सके ӏ कहने का अभिप्राय यह है की यदि उद्यमी इस तरह की दुकान किसी माल या VIP एरिया में खोलना चाहता है तो उसे किराये पर अधिक पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं ӏ इसके अलावा छोटे नगर या शहर में इस तरह की दुकान खोलने में आने वाला किराया बेहद कम हो सकता है ӏ लेकिन आम तौर पर एक आर्डर की कीमत शहर के मुकाबले छोटे शहरों एवं ग्रामीण इलाकों में बेहद कम हो सकती है ӏ लेकिन कभी कभी उद्यमी को अधिक ग्राहक मिल जाने के कारण उसका टर्नओवर किसी बड़ी शहर में उपलब्ध Optical Shop से अधिक भी हो सकता है ӏ यदि आप कोई नेत्र विशेषज्ञ हैं तो आप  वहीँ इस तरह का यह बिज़नेस शुरू कर सकते हैं जहाँ आपकी प्रैक्टिस चल रही हो ӏ लेकिन यदि उद्यमी किसी अंजान एरिया में इस बिज़नेस को शुरू करेगा तो यह बिज़नेस के लिए नुकसानदेह हो सकता है ӏ ऐसा एरिया जहाँ एक अच्छा नेत्र विशेषज्ञ उपलब्ध हो में Optical Shop खोलना फायदेमंद हो सकता है ӏ

  1. लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन (Required License and Registration):

यद्यपि Optical Shop खोलने के लिए अभी तक स्वास्थ्य विभाग से किसी प्रकार के सर्टिफिकेशन इत्यादि की अनिवार्यता नहीं है ӏ लेकिन यदि उद्यमी अपनी दुकान में आँखों की जांच, नज़र की जांच इत्यादि फैसिलिटी भी ग्राहकों को देना चाहता है तो उसे एक ऑप्टोमेट्रिस्ट को नियुक्त करना होगा ӏ इन सबके अलावा उद्यमी अपने बिज़नेस को शॉप एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत रजिस्टर करा सकता है ӏ और स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि में भी इसका पंजीकरण करा सकता है ӏ इन सबके अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन यानिकी जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराने की भी आवश्यकता होती है ӏ

  1. इंटीरियर का काम कराएँ (Interior Work):

भले ही स्वास्थ्य विभाग से इस तरह के बिज़नेस को करने के लिए किसी प्रकार के सर्टिफिकेशन की आवश्यकता नहीं होती हो लेकिन यह बिज़नेस आँखों के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ बिज़नेस है ӏ इसलिए इसका इंटीरियर साफ़ सुथरा होना बेहद आवश्यक है ӏ उद्यमी चाहे तो दुकान का इंटीरियर कैसा हो इसकी सलाह किसी इंटीरियर डिज़ाइनर या किसी अन्य Optical Shop के मालिक से ले सकता है ӏ अच्छा इंटीरियर डिजाईन ग्राहकों के मन में एक सकरात्मक प्रभाव छोड़ता है ӏ चश्मे की दुकान के अन्दर रंग, कारपेंटरी वर्क एवं डिस्प्ले इत्यादि अच्छा होना बेहद जरुरी है ӏ अच्छी एवं बड़े बजट की दुकानों के अन्दर self-illuminated लेंस लगे होते हैं जो शाम को बेहद अच्छे लगते हैं | सफ़ेद के साथ लाल या नीला रंग का इंटीरियर बेहद आकर्षक लगता है ӏ उद्यमी चाहे तो इंटीरियर डिजाईन में इन्टरनेट की मदद भी ले सकता है उसे इन्टरनेट पर इसकी अनेकों फोटो आराम से मिल जायेंगी ӏ

  1. ग्राहकों को रुकने एवं बैठने की जगह का प्रबंध:

उद्यमी को अपनी चश्मे की दुकान के अन्दर उपलब्ध जगह का भी विशेष ध्यान रखना होगा उद्यमी के पास इतनी जगह होनी चाहिए की ग्राहक आराम से बैठकर इंतजार कर पाने में सक्षम हों ӏ क्योंकि अक्सर नज़र के चश्मे बनवाने अकेला व्यक्ति कम ही आता है कहने का आशय यह है की जिसका चश्मा बनना होता है उसके साथ उसके सगे सम्बन्धी भी Optical Shop में आ सकते हैं इसलिए उपयुक्त जगह होना अति आवश्यक है ӏ लेकिन कभी कभी अच्छी लोकेशन पर छोटी सी जगह में भी इस तरह का यह बिज़नेस अच्छा चल सकता है ӏ

  1. ग्राहकों को दी जाने वाली सर्विस का चयन करें (Select Services to give):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्यों में बता चुके हैं की एक Optical Shop जिसमे लोगों की नज़र का परिक्षण करके चश्मे बनाये जाते हों उसके सफल होने की संभावना अधिक होती है ӏ कहने का अभिप्राय यह है की ऐसी चश्मे की दुकान में लोग अपनी आँखों को डॉक्टर को दिखाएँ  बिना भी आ सकते हैं और अपनी नज़रों का परीक्षण कराके अपने लिए चश्मे बनवा सकते हैं ӏ लेकिन इसके लिए या तो उद्यमी को ऑप्टोमेट्रिस्ट नियुक्त करना होगा यदि उद्यमी ने स्वयं ही किसी नेत्र विशेषज्ञ के साथ सालों काम किया है तो अपने अनुभव के आधार पर वह स्वयं भी ऐसा काम कर सकता है ӏ इसलिए Optical Shop द्वारा ग्राहकों को दी जाने वाली सर्विस का चयन उद्यमी को पहले करना होगा ӏ

  1. साधन एवं उपकरण खरीदें (Purchase Machinery and Equipment):

ऑप्टिकल लेंस की पॉवर मापने के लिए लेंसोमीटर नामक यंत्र प्रत्येक Optical Shop के लिए बेहद जरुरी है ӏ स्वचालित एवं मैन्युअल ढंग से चलने वाले लेंसोमीटर मार्केट में उपलब्ध हैं स्वचालित लेंसोमीटर मैन्युअल से कहीं अधिक कीमती होते हैं ӏ स्वचालित लेंसोमीटर की तुलना में मैन्युअल लेंसोमीटर को चलाने में अधिक एक्सपर्ट व्यक्ति की आवश्यकता होती है ӏ यदि उद्यमी रीफ्रेक्सन फैसिलिटी भी अपने ग्राहकों को देना चाहता है तो उसे अन्य उपकरणों जैसे ट्रायल फ्रेम, ट्रायल बॉक्स, स्वचालित रेफ्राक्टोमीटर, स्लिटलैंप, केरातोमीटरम प्रोजेक्टर चार्ट इत्यादि चाहिए होते हैं ӏ उद्यमी चाहे तो स्वचालित रेफ्राक्टोमीटर, स्वचालित लेंसोमीटर, प्रोजेक्टर चार्ट इत्यादि कीमती सामान को ईएमआई पर भी खरीद सकता है ӏ वर्तमान में कंप्यूटर द्वारा नज़र का परिक्षण बेहद प्रचलित है जिसे स्वचालित रेफ्राक्टोमीटर द्वारा अंजाम दिया जाता है यह 100% सही नहीं होता है लेकिन फिर भी यह ग्राहकों को आकर्षित करता है ӏ

  1. ब्रांड एवं उत्पाद का चुनाव: (Brand and products):

ब्रांड एवं उत्पाद का चुनाव भी एरिया पर निर्भर करता है यदि उद्यमी Optical Shop किसी शहरी इलाके में खोलना चाहता है तो उसे ब्रांडेड फ्रेम और सनग्लास खरीदने होंगे क्योंकि शहर का ग्राहक अधिक जागरूक एवं ब्रांडेड चीजों को पसंद करने वाला हो सकता है इसलिए उद्यमी चाहे तो कुछ प्रचलित ब्रांड जैसे रायबन,गुक्की,पोलिस इत्यादि ब्रांड को अपनी Optical Shop का हिस्सा बना सकता है ӏ कहने का अभिप्राय यह है नॉन ब्रांडेड या कम कीमत वाला उत्पाद आर्थिक रूप से पिछड़े एरिया में अधिक बिकेगा जबकि ब्रांडेड उत्पाद शहरी एरिया में अधिक बिकने की संभावना है ӏ उद्यमी चाहे तो ब्रांडेड एवं नॉन ब्रांडेड दोनों आइटम को अपनी दुकान का हिस्सा बना सकता है ӏ और समय बीतने के साथ यह निर्णय ले सकता है किसकी डिमांड उस एरिया में अधिक है ӏ

  1. मार्केटिंग एवं कमाई करें :

किसी भी बिज़नेस को सफलतापूर्वक चलाने के लिए उसकी बेहतर मार्केटिंग बेहद आवश्यक है वरना उत्पाद या सर्विस कितनी भी अच्छी हो उतना लाभ नहीं कमा पाती जितना उसे कमाना चाहिए ӏ इसलिए Optical Shop को सफलतापूर्वक चलाने के लिए उसके आरम्भ से लेकर चलते रहने तक हमेशा मार्केटिंग की आवश्यकता होती है ӏ उद्यमी चाहे तो अपनी दुकान की ओपनिंग सर्मनी में उस एरिया के किसी प्रतिष्ठित व्यक्ति जैसे एम. पी., एम. एल. ए. इत्यादि को बुला सकता है ӏ और खुलने के समय ही यदि दुकान का नाम स्थानीय लोगों को पता चल गया तो उसके बाद Optical Shop Business को बेहद कम मार्केटिंग की आवश्यकता होती है ӏ

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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