कबाड़ का बिज़नेस कैसे शुरू करें | How to Start Scrap Business In India.

कबाड़ का बिज़नेस यानिकी Scrap Business की बात करें तो रीसाइक्लिंग एवं कबाड़ की दुनिया विभिन्न धातुओं का पता लगाकर, उन्हें एकत्रित करके और उन्हें आगे इस्तेमाल के लिए डिलीवर करने की प्रक्रिया पर टिकी हुई है | जहाँ पहले कबाड़ के बिज़नेस अथवा Scrap Business को अशिक्षित, सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों से जोड़कर देखा जाता था वहीँ वर्तमान में इस व्यापार में उच्च शिक्षा प्राप्त लोगों ने भी प्रवेश कर इस बिज़नेस को एक नई पहचान दी है | कबाड़ का व्यापार शुरू करके कोई भी उद्यमी न केवल अपनी कमाई कर रहा होता है बल्कि Scrap Business धरती एवं पर्यावरण पर भी अनुकूल प्रभाव डालता है | क्योंकि जिस कबाड़ को लोग कभी न कभी अपने घर से बाहर फेंकने वाले होते हैं उसे रीसाइक्लिंग करके उद्यमी इस धरती को नुकसान पहुँचाने वाले तत्वों को कम कर देता है | कहने का अभिप्राय यह है की यह व्यापार शुरू करके उद्यमी केवल अपनी ही कमाई नहीं कर रहा होता है बल्कि अप्रत्यक्ष रूप से समस्त संसार की सेवा कर रहा होता है | प्राचीनकाल में कबाड़ के बिज़नेस को बेहद हीन भावना के साथ देखा जाता था लेकिन चूँकि आज देश में बहुत सारे उद्यमी ऐसे हैं जिन्होंने इस व्यापार की बदौलत ईज्जत, शौहरत, दौलत सभी कुछ कमाई है इसलिए उनसे प्रेरणा लेकर आज बहुत सारे उच्च शिक्षित नौजवान इस व्यापार से जुड़े हुए हैं | और बहुत सारे नौजवान इस तरह का बिज़नेस करके अपनी कमाई करने के लिए उत्सुक रहते हैं | इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से भारत में Scrap Business कैसे शुरू किया जा सकता है? नामक विषय पर सम्पूर्ण जानकारी देने का भरसक प्रयत्न करेंगे | लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की यह व्यापार है क्या?

Scrap-Business in hindi

कबाड़ का व्यापार क्या है? (What Is Scrap Business in Hindi):

आपने अक्सर देखा होगा की घर में यदि धातु की रखी कोई वस्तु खराब हो जाती है टूट फूट जाती है | या फिर ऐसे हो जाती है की उसको दुबारा इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता है और उसे ठीक भी नहीं किया जा सकता है तो ऐसे में वह वस्तु उस घर के कबाड़ की लिस्ट में शामिल हो जाती है | अब उस घर के लोग इस कबाड़ को अपने घर से जल्दी से जल्दी दूर करने की फ़िराक में रहते हैं | ऐसा ही औद्योगिक इकाइयों में होता है धातु से बनी चीज या अन्य कोई वस्तु जिसे इस्तेमाल में नहीं लाया जा सकता या जिसकी उन्हें आवश्यकता नहीं है उनके लिए कबाड़ हो जाती है | लेकिन धातु से निर्मित सभी वस्तुओं को रीसायकल किया जा सकता है अर्थात इनको पिघलाकर कुछ नई चीजों का निर्माण किया जा सकता है | इसलिए उद्यमी द्वारा अपनी कमाई करने के वशीभूत होकर इस तरह की वस्तुओं को एकत्रित करने का काम किया जाता है | उसके द्वारा किया जाने वाला यह व्यापार Scrap Business कहलाता है |

कबाड़ का व्यापार कैसे शुरू करें? (How to Start Scrap Business in India in Hindi):

कबाड़ का व्यापार या Scrap Business किसी भी व्यक्ति को तब शुरू करना चाहिए जब उसे उस एरिया में स्थित रीसाइक्लिंग सेण्टर का पता हो और उसे पता हो की रीसाइक्लिंग सेण्टर वाले उससे कौन कौन सा कबाड़ किस किस भाव में खरीदेंगे | क्योंकि यह बिज़नेस एक ऐसा बिज़नेस है जिसमें उद्यमी के ग्राहक के तौर पर वे कंपनियां या लोग होते हैं | जो उस कबाड़ से कुछ नई वस्तुओं का निर्माण करना जानते हैं |

  1. अपने एरिया में रीसाइक्लिंग सेण्टर का पता करें

Scrap Business शुरू करने से पहले उद्यमी को उस एरिया में रीसाइक्लिंग सेण्टर कहाँ है इस बात का पता करना बेहद आवश्यक है | कहने का अभिप्राय यह है की जब तक उद्यमी को यह पता नहीं होगा की वह जो लोगों से कबाड़ एकत्रित करेगा, वह उसे कहाँ पर बेचेगा और कितने में बेचेगा? तब तक इस व्यापार को शुरू नहीं करना चाहिए अन्यथा हो सकता है की आप लोगों से कबाड़ महंगा खरीद लें और आपको उसे सस्ते में बेचना पड़े | इसके अलावा उद्यमी को तब ट्रांसपोर्टेशन कास्ट इत्यादि का पता लगाने में भी आसानी होती है जब उसे पता लग जाता है की रीसाइक्लिंग सेण्टर उसकी व्यापारिक लोकेशन से कितनी दूरी पर है | इसलिए Scrap Business शुरू करने की चाह रखने वाले व्यक्ति को सर्वप्रथम रीसाइक्लिंग सेण्टर का पता करके, एवं कीमतों का पता करके अपने बिज़नेस की एक योजना तैयार करनी चाहिए की क्या वह इस बिज़नेस से कमाई कर पाने में सक्षम हो पायेगा?

  1. कबाड़ प्राप्त करने के स्रोतों की जानकारी लें:

रीसाइक्लिंग सेण्टर एवं कीमतों का पता कर लेने के बाद यदि अब भी उद्यमी Scrap Business अथवा कबाड़ का व्यापार शुरू करना चाहता है तो अब उद्यमी का अगला कदम जिस एरिया में वह इस तरह का व्यापार शुरू करने की सोच रहा है उस एरिया में कबाड़ प्राप्त करने के स्रोतों के बारे में पता करना होगा | इसके लिए उद्यमी उस एरिया में स्थित औद्योगिक इकाइयों, फैक्ट्रियों, घरों इत्यादि का आकलन अवश्य कर ले ध्यान रहे इनकी संख्या जितनी अधिक होगी उतना ही अधिक कबाड़ प्राप्त होने की संभावना लगाई जा सकती है |

  1. बिज़नेस लोकेशन का निर्णय लें :

Scrap business एक ऐसा बिज़नेस है इसमें बिज़नेस लोकेशन का चुनाव करते समय बस इतना ध्यान देने की आवश्यकता होती है की चयनित लोकेशन पर वाहनों के लिए सड़क का निर्माण हो | अर्थात किसी सड़क के किनारे से इस तरह का बिज़नेस आसानी से शुरू किया जा सकता है भले ही यह लोकेशन किसी भीड़ भाड़ इलाके में न हो | शुरूआती दौर में इस तरह के व्यापार को उद्यमी चाहे तो अपने घर से भी शुरू कर सकता है यदि व्यक्ति के घर का कोई कमरा खाली पड़ा हो तो व्यक्ति कबाड़ को कुछ दिनों के लिए वहाँ स्टोर करके रख सकता है | इसके अलावा उद्यमी सस्ते दामों पर कोई दुकान किराये पर लेकर भी इस बिज़नेस को शुरू कर सकता है | इसलिए उद्यमी को इस बात का निर्णय लेना होता है की वह Scrap business घर से शुरू करना चाहता है या फिर कहीं दुकान किराये पर लेकर |

  1. वाहन एवं उपकरण खरीदें:

Scrap Business के लिए वाहन बेहद जरुरी होता है इसके अलावा कबाड़ इत्यादि तोलने एवं रखने के लिए तराजू एवं बोरों इत्यादि की भी आवश्यकता हो सकती है | यदि उद्यमी इस व्यापार को घर से शुरू कर रहा हो तो उसे घरों, फैक्ट्रियों इत्यादि में जाने के लिए कम से कम एक बाइक तो खरीद ही लेनी चाहिए | वैसे तो उद्यमी को कबाड़ उठाने एवं ले जाने के लिए एक चार पहिये वाहन जैसे मिनी ट्रक, पिक अप इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है लेकिन यदि शुरुआत में उद्यमी का इतना बजट नहीं भी है तो वह ईधर उधर जाने के लिए केवल बाइक से काम चला सकता है | और अधिक कबाड़ मिल जाने की स्थिति में उसी समय के लिए कोई वाहन किराये पर ले सकता है | Scrap Business एक ऐसा बिज़नेस है जिसे बेहद कम निवेश के साथ शुरू किया जा सकता है लेकिन यदि उद्यमी के पास इस बिज़नेस में निवेश करने के लिए पर्याप्त पैसे हैं तो उसे कम से कम एक चौपहिया वाहन खरीद ही लेना चाहिए | जो उसके द्वारा एकत्रित माल को ईधर उधर ट्रांसपोर्ट करने के उपयोग में लाया जा सकता है |

  1. स्थानीय नियमों का अनुसरण करें.

छोटे स्तर पर या घर से इस तरह का या विभिन्न धातुओं से सम्बंधित कबाड़ का व्यापार शुरू करने के लिए अनिवार्य रूप से किसी प्रकार के लाइसेंस की आवश्यकता नहीं होती है | लेकिन फिर भी समस्याओं को देखते हुए स्थानीय प्राधिकरण या राज्य सरकार इन नियमों में फेरबदल करती रहती हैं | इसलिए Scrap Business के लाइसेंस एवं पंजीकरण सम्बन्धी नियम अलग अलग राज्यों या अलग लग क्षेत्रों में अलग अलग हो सकते हैं | इसलिए नगर निगम, नगर पंचायत इत्यादि स्थानीय प्राधिकरण के माध्यम से स्थानीय नियमों के बारे में पता करके उनका अनुसरण किया जा सकता है |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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