पैकर्स एवं मूवर्स बिजनेस कैसे शुरू करें? How to start Packers and Movers Business.

Packers and Movers Business की बात करें तो यह तेजी से बढ़ता हुआ एक सर्विस उन्मुख व्यवसाय है क्योंकि वर्तमान में स्थानीय स्तर एवं अंतराज्यीय दोनों स्तरों पर उपभोक्ताओं को इस तरह की सेवाओं की आवश्यकता पड़ती रहती है। कहने का आशय यह है की अनेक कारणों के चलते लोगों को एक स्थान से दुसरे स्थान या एक शहर से दुसरे शहर में शिफ्ट होने की आवश्यकता होती है। जिसके चलते उन्हें अपना सामान इत्यादि भी नई लोकेशन पर शिफ्ट करना होता है इसके अलावा लोग एक स्थान से दुसरे स्थान को कुछ न कुछ सामान इत्यादि भेजते रहते हैं। इन्हीं सब आवश्यकताओं के चलते लोगों को Packers and Movers Service की आवश्यकता होती है। इसलिए कहा जा सकता है की एक प्रमुख शहर में हर महीने हजारों लोगों को इस तरह की सर्विस की आवश्यकता पड़ती है। ये लोग ऐसे पैकर्स एवं मूवर्स की तलाश में रहते हैं जो विश्वसनीय हों, और उचित दरों में उनको इंड टू इंड पैकिंग एवं शिफ्टिंग सर्विस प्रदान करने में सक्षम हों। इसलिए कहा जा सकता है की भारत में इस प्रकार के बिजनेस से कमाई करने के भरपूर अवसर हैं और कोई भी व्यक्ति जो कुछ निवेश करके अपना बिजनेस शुरू करना चाहता है वह Packers and Movers business शुरू करने पर विचार कर सकता है। और अगर आप उनमें से एक हैं जो खुद का बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो इस लेख के माध्यम से आज हम आपको बताने वाले हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति पैकर्स एंड मूवर्स बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

Packers and Movers Business in Hindi

पैकर्स एंड मूवर्स बिजनेस क्या है (What is Packers and Movers Business):

अब वो दिन गए जब लोग अपनी पूरी जिन्दगी एक ही स्थान, गाँव, नगर, शहर में बिता दिया करते थे। वर्तमान मनुष्य जीवनशैली ऐसी हो गई है की उसका एक ही स्थान, गाँव, नगर, शहर में जीवनयापन करना मुश्किल है। कहने का आशय यह है की पहले अक्सर देखा जाता था की एक मनुष्य का जिस घर में जन्म होता था उसकी मृत्यु भी उसी घर में होती थी। लेकिन वर्तमान में मनुष्य अपने पूरे जीवन में अनेकों घर बदल चूका होता है कुछ वह अपनी खुशी के कारण बदलता है तो कुछ व्यवसाय एवं अन्य मजबूरियों के कारण उसे बदलना पड़ता है। लोगों को चाहे बेहतर नौकरी के लिए घर बदलना पड़े, या नए फ्लेट खरीदने के कारण या फिर अपनी जीवनशैली में सुधार के चलते ऐसा करना पड़े। कारण अनेकों हो सकते हैं। लेकिन जब लोगों को एक स्थान से दुसरे स्थान को स्थानांतरित होना पड़ता है तो उन्हें Packers and Movers की आवश्यकता होती है। आम तौर पर देखा जाय तो पैकर्स एंड मूवर्स का काम स्थान्तरित होने वाले लोगों के सामान को पैकिंग करके गंतव्य तक बिना टूट, फूट के पहुँचाना होता है। यानिकी ऐसे उद्यमी जो अपने ग्राहकों के सामान को पैकिंग करके गंतव्य तक सकुशल पहुँचाते हैं उन्हें ही Packers and Movers Business करने वाला कहा जा सकता है।

पैकर्स और मूवर्स द्वारा क्या सर्विस ऑफर की जाती हैं

आम तौर पर देखा जाय तो Packers and Movers द्वारा इंड टू इंड पैकिंग एवं शिफ्टिंग का कार्य किया जाता है। इनके कार्यों में घरेलू इस्तेमाल में लाये जाने वाला सामान जैसे फर्नीचर, बिस्तर, घर एवं रसोई के उपकरण, रसोई का सामान, इत्यादि को लोड करना, अनलोड करना, ट्रांसपोर्टेशन के साथ बीमा करना इत्यादि शामिल है। घरेलू सामान को स्थान्तरित करने के अलावा पैकर्स एंड मूवर्स अपने ग्राहकों को और भी सर्विस ऑफर करते हैं जिनकी लिस्ट निम्नवत हैं।

  • लोगों के घर घर जाकर उनके सामान की पैकिंग एवं स्थानान्तरण।
  • स्थानीय एवं अंतराज्यीय कार्यालयों का स्थानान्तरण।
  • लघु अवधि के लिए स्टोरेज एवं वेयरहाउसिंग सर्विसेज।
  • एक राज्य से दुसरे राज्यों के लिए कार परिवहन प्रदान करना।
  • औद्योगिक सामान की पैकिंग एवं उनका परिवहन।

सामान्य तौर पर Packers and Movers अपने ग्राहकों को सामान पैकिंग से लेकर उसके ट्रांसपोर्टेशन तक पूरी सर्विस मुहैया कराते । लेकिन कभी कभी वे केवल पैकिंग की या फिर केवल ट्रांसपोर्टेशन की ही सर्विस अपने ग्राहकों को प्रदान करते हैं।

पैकर्स एंड मूवर्स की आवश्यकता किनको होती है

Packers and Movers की सेवाएँ मुख्य रूप से व्यक्तिगत ग्राहकों, कॉर्पोरेट घरानों एवं अन्य व्यवसायों द्वारा ग्रहण की जाती हैं। व्यक्तिगत ग्राहकों की बात करें तो इनमें वे ग्राहक आते हैं जो किसी व्यक्तिगत या व्यवसायिक कारण से नए शहर में स्थान्तरित होना चाहते हों। या फिर ऐसे लोग जो किराये के घर से खुद के घर में जा रहे हों या ऐसे लोग जो किराये का घर बदल रहे हों। इन सब लोगों को इनकी आवश्यकता के अनुरूप स्थानीय स्थानान्तरण या फिर अंतराज्यीय स्थानान्तरण की आवश्यकता हो सकती है। कुछ कंपनियां अपने कर्मचारियों को उनके एक ऑफिस से दुसरे ऑफिस में कार्य करने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें रेलोकैटिंग में मदद करती है और इस स्थिति में वे अपने कर्मचारियों के लिए पैकर्स एंड मूवर्स का चुनाव करते हैं। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के व्यवसायों को एक शहर के अन्दर या एक शहर से दुसरे शहर में अपने कार्यालय को शिफ्ट के दौरान भी पैकर्स एंड मूवर्स की आवश्यकता होती है। इसलिए इस तरह का बिजनेस करने वाले उद्यमी को सभी प्रकार के ग्राहकों से बातचीत एवं डील करने का अनुभव होना चाहिए।

पैकर्स एंड मूवर्स बिजनेस कैसे शुरू करें? (Steps to Start Packers and Movers Business )

ध्यान रहे किसी भी बिजनेस को शुरू करने और उसको सफलतापूर्वक चलाने के लिए उद्यमी को उस व्यवसाय एवं उत्पादया सेवा जो वह अपने ग्राहकों को देने जा रहा हो के प्रति जूनून होना चाहिए। और जहाँ तक भारत देश में Packers and Movers व्यवसाय का सम्बन्ध है उद्यमी को विशेष रूप से कस्टमर सपोर्ट, मूल्य निर्धारण एवं समग्र सेवा गुणवत्ता पर ध्यान केन्द्रित करने की आवश्यकता होती है। यद्यपि पैकर्स एंड मूवर्स बिजनेस शुरू करना बहुत बड़ी बात बिलकुल नहीं है बल्कि बड़ी बात इस बिजनेस को सफल बनाकर बनाये रखना है। चूँकि इस क्षेत्र में भी बड़ी एवं छोटी सभी प्रकार की कंपनियों में प्रतिस्पर्धा है। लेकिन यदि उद्यमी में लोगों को स्थान्तरित करने के प्रति जूनून सवार है तो वह इस बिजनेस को अपनी मेहनत, लगन, कर्मठता एवं रणनीति से सफलतापूर्वक चला पाने में सक्षम हो सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई खुद का पैकर्स एंड मूवर्स बिजनेस शुरू कर सकता है।

1 सर्वप्रथम सुनिश्चित कर लें

उद्यमी को Packers and Movers Business शुरू करने से पहले एक बात जेहन में अवश्य बैठा लेनी चाहिए की किसी भी बिजनेस को शुरू करने एवं बढ़ाने के लिए बहुत सारी मेहनत एवं अथक प्रयास की आवश्यकता होती है।यदि आप इस व्यवसाय को सिर्फ इसलिए शुरू करना चाहते हैं क्योंकि आपको लगता है की यह बिजनेस करके आप आकर्षक कमाई कर पाने में समर्थ होंगे तो इसे गंभीरता से लें। चूँकि बिजनेस को चलाने एवं सफल बनाने में बड़ा लम्बा समय लग सकता है इसलिए कहा जाता है की बिजनेस हर किसी के लिए नहीं होता है। ध्यान रहे उद्यमिता वाली मानसिकता अलग होती है इसलिए उद्यमी के पास बिजनेस को चलाने एवं सफल बनाने के लिए एक अलग ही मानसिकता की आवश्यकता होती है। इसके अलावा उद्यमी को बिजनेस में आने वाली चुनौतियों एवं अवसरों के हिसाब से खुद को अपडेट रखना होता है। इसलिए उद्यमी को सर्वप्रथम यह सुनिश्चित करना होगा की क्या वह वास्तव में इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना चाहता है?    

2 सर्विस का चुनाव

जब उद्यमी द्वारा Packers and Movers Business शुरू करने के बारे में निर्णय ले लिया जाता है तो उसके बाद उद्यमी को यह निर्धारित करना होगा की वह अपने ग्राहकों को कौन कौन सी सर्विस ऑफर करेगा। क्योंकि कुछ उद्यमी केवल पैकिंग ऑफर करते हैं तो कुछ केवल ट्रांसपोर्टेशन तो कुछ ऐसे भी होते हैं जो पैकिंग, स्टोरेज, लोडिंग, अनलोडिंग, ट्रांसपोर्टेशन सभी प्रकार की फैसिलिटी अपने ग्राहकों को देते हैं। इसके अलावा अधिकतर लोग एक प्रमुख शहर से दुसरे प्रमुख शहर को अधिक स्थान्तरित होते हैं इसलिए प्रमुख शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, बैंगलोर, कोलकात, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, पुणे इत्यादि शहरों में यह बिजनेस करना उचित हो सकता है। यद्यपि शहर के मुताबिक ही उद्यमी को सर्विस का चुनाव करने में मदद मिलती है। लेकिन चूँकि उद्यमी ने नए बिजनेस की शुरुआत की है इसलिए उद्यमी चाहे तो अंतराज्यीय या एक शहर से दुसरे शहर में सर्विस प्रदान करने की बजाय सिर्फ स्थानीय यानिकी एक ही शहर के अंतर्गत सर्विस प्रदान करनी चाहिए। और जैसे जैसे उद्यमी की कमाई बढती है वैसे वैसे उद्यमी अपने बिजनेस को विस्तृत कर सकता है।       

3 आवश्यक निवेश का प्रबंध

यद्यपि देखा जाय तो Packers and Movers Business एक सर्विस रिलेटेड बिजनेस है और अधिकतर सर्विस बिजनेस रिलेटेड को शुरू करने में विनिर्माण बिजनेस की तुलना में कम निवेश की आवश्यकता होती है।लेकिन यह बिजनेस एक ऐसा बिजनेस है जिसमें उद्यमी को परिवहन के लिए वाहनों की आवश्यकता होती है यद्यपि उद्यमी चाहे तो किराये पर या अपने वाहन खरीद सकता है। लेकिन यदि उद्यमी के पास पर्याप्त मात्रा में पैसे नहीं हों तो वह शुरूआती दौर में किराये के वाहन लेकर भी यह बिजनेस शुरू कर सकता है।  और जहाँ तक ऑफिस का सवाल है शुरूआती दौर में उद्यमी कोई छोटी जगह किराये पर लेकर इसे शुरू कर सकता है इससे किराये पर लगने वाला पैसा कम हो जायेगा। हालांकि किराया लोकेशन एवं जगह के मुताबिक कम ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा उद्यमी को ऑफिस सेटअप करने के लिए भी कुछ निवेश करने की आवश्यकता होती है। इनमें वर्क डेस्क, कुर्सियाँ, ऑफिस स्टेशनरी, बिल बुक, कोटेशन बुक, विजिटिंग कार्ड इत्यादि बनवाने एवं खरीदने की आवश्यकता हो सकती है।      

4 बिजनेस रजिस्ट्रेशन Packers and Movers Business Registration

कोई भी उद्यमी चाहे किसी उत्पाद को बेचना चाहता हो या फिर किसी सर्विस को सच्चाई यह है की उसे बिजनेस की प्रकृति के आधार पर उसे एक इकाई के तौर पर रजिस्टर करना होता है। इसलिए यदि कोई उद्यमी भारत में Packers and Movers Business शुरू करना चाहता है तो उसे कुछ लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है। जिनका संक्षिप्त विवरण निम्नवत है। 

  • खुद की कंपनी का निर्माण करने के लिए उद्यमी अपने बिजनेस को विभिन्न बिजनेस एंटिटी जैसे प्रोप्राइटरशिप, पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड इत्यादि में से किसी एक के तहत रजिस्टर कर सकता है।
  • शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट लाइसेंस की भी आवश्यकता हो सकती है आम तौर पर यह लाइसेंस स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका द्वारा जारी किया जाता है।
  • बिजनेस के नाम से पैन कार्ड की आवश्यकता हो सकती है।
  • बिजनेस के नाम से चालू खाता खोलने की आवश्यकता हो सकती है।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता होती है।
  • बिजनेस की ऑनलाइन उपलब्धता के लिए उद्यमी को बिजनेस की वेबसाइट एवं सोशल अकाउंट बनाने की भी आवश्यकता होती है।        

5 कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण

भारत में एक व्यवसायिक Packers and Movers Business शुरू करने के बाद उसे बढ़ाने एवं विक्सित करने के लिए पेशेवर एवं मजबूत कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। दुसरे साधारण शब्दों में कहें तो हमारा कहने से अभिप्राय यह है की उद्यमी के पास इस बिजनेस को सफल एवं बढ़ाने के लिए एक कुशल एवं मजबूत टीम होनी आवश्यक है। इसलिए उद्यमी को कर्मचारियों की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण को लेकर सावधानियाँ बरतने की आवश्यकता हो सकती है । जब हम कर्मचारी प्रशिक्षण की बात करते हैं तो इसका मतलब सिर्फ पैकिंग एवं मूविंग सम्बन्धी कार्यों को सफलतापूर्वक निबटाना ही नहीं है। अपितु कर्मचारियों को तकनिकी कौशल, व्यवहार कुशल एवं ग्राहकों की भावनाओं को समझना भी आना चाहिए। उदाहरणार्थ: माना उद्यमी ने अपने कर्मचारियों को किसी ऐसे घर में भेजा जहाँ से वृद्ध व्यक्ति अपना घर छोड़कर दुसरे घर में शिफ्ट होने जा रहे हैं तो उस घर से उनकी बहुत सारी यादें जुड़ी होंगी। इसलिए बहुत सारा सामान ऐसा भी होगा जिससे उनकी विशेष भावनाएं जुड़ी होंगी। तो कर्मचारियों को उनकी भावना का सम्मान करते हुए उन चीजों को भी सम्मान देना होगा।         

6 कीमत निर्धारण

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की भारत देश में Packers and Movers Business बहुत अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बिजनेस है। कहने का आशय यह है की इस बिजनेस में भारत में तगड़ी प्रतिस्पर्धा है। और यदि हम एक सामान्य ग्राहक की बात करें तो कोई भी वस्तु या सेवा खरीदने से पहले वह दो तीन जगह अवश्य पता करता है जिसमें वह प्रमुख रूप से कीमत, प्रक्रिया, डिलीवरी समय, शीघ्रता इत्यादि की जाँच करता है। लेकिन सेवा देने के बदले लिए जाने वाले पैसे किसी भी ग्राहक को आकर्षित करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। यानिकी ग्राहक सर्वप्रथम कीमतें देखते हैं उसके बाद अन्य चीजें इसलिए कीमत निर्धारण किसी भी ग्राहक को आकर्षित करने एवं दूर रखने के लिए काफी है। इसलिए कीमतें ऐसी होनी चाहिए जिसमें लागत, प्रतिस्पर्धा, उपलब्धता इत्यादि का ध्यान रखा गया हो ।   

7 प्रमोट एवं स्टार्ट Promote your Packers and Movers Business

पहला आर्डर लेने से पहले उद्यमी को चाहिए की वह एक बार फिर से अच्छी तरह चेक कर ले की उसकी टील ग्राहकों को डिलीवर करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए उद्यमी चाहे तो कुछ नकली ग्राहकों को भेजकर या फ़ोन कॉल करके अपनी टीम की तैयारियों का जायजा ले सकता है ।जब उसे लगता है की उसकी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं तो उसके बाद उद्यमी अपने Packers and Movers Business को सफल बनाने के लिए इसे प्रमोट करने एवं मार्केटिंग रणनीति बनाकर उस पर कार्य शुरू कर सकता है। चूँकि वर्तमान में अधिकतर लोग इस तरह की सेवाओं के लिए ऑनलाइन भी भारी मात्रा में सर्च करते हैं इसलिए उद्यमी सोशल मीडिया एवं सर्च इंजन दोनों में विज्ञापन के माध्यम से भी अपने बिजनेस को प्रमोट कर सकता है।   

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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