पीजी कैसे खोलें | How to Start Paying Guest Business in India in Hindi.

Paying Guest आम तौर पर PG के नाम से प्रसिद्ध है इस बिज़नेस को हर वह व्यक्ति शुरू कर सकता है जिसके पास रहने के लिए एक बड़ा सा घर है और इस घर के अधिकतर कमरे खाली रहते हैं | इसके अलावा Paying Guest Business वह व्यक्ति भी शुरू कर सकता है जिसके पास भले ही खुद का घर या कमरे उपलब्ध न हों लेकिन उसे PG चलाने का उचित अनुभव प्राप्त हो इस स्थिति में वह कोई घर या घर का फ्लोर किराये पर लेकर भी PG शुरू कर सकता है | चूँकि शहरों में लोग अपने विभिन्न निजी एवं व्यवसायिक कार्यों को निष्पादित करने के लिए जाते रहते हैं इसलिए वे Paying Guest में रहना पसंद करते हैं | चूँकि PG में रहने वालों की संख्या अधिकतर तौर पर नौजवानों की होती है इसलिए उद्यमी को इस बात का निर्णय पहले लेना होगा की वह Girls PG खोलना चाह रहा है या फिर Boys PG क्योंकि एक साथ Girls एवं Boys को रखना एवं संभालना उद्यमी के लिए बेहद कठिन टास्क हो सकता है | वैसे उद्यमी चाहे तो अलग अलग फ्लोर के हिसाब से इन्हें विभाजित भी कर सकता है क्योंकि अधिकतर लड़कियां एवं उनके माता पिता अपने बच्चों को केवल Girls PG में ही ठहरने की अनुमति प्रदान करती हैं | कॉमन PG को संचालित करने में उद्यमी को अनेकों परेशानियाँ एवं शिकायतों का सामना करना पड़ सकता है जो उसके शांतिपूर्ण जीवन में हलचल ला सकती हैं | इसलिए यदि उद्यमी चाहता है की कमाई के साथ साथ उसकी जिन्दगी में सुकून बना रहे तो उसे Girls PG या Boys PG में से किसी एक का चुनाव करके यह बिज़नेस शुरू करना चाहिए | अब इससे पहले की हम Paying Guest Business शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में जानने की कोशिश करें आइये जानते हैं की यह बिज़नेस होता क्या है?

paying guest business

क्या होता है Paying Guest Business:

लोगों को अपने शैक्षणिक या व्यवसायिक कारणों के कारण अपने घर परिवार से दूर किसी अंजान शहर में जाना होता है | ऐसे में उन्हें उस शहर में कुछ महीने साल रहना भी पड़ सकता है अब यदि व्यक्ति कमरा किराये पर लेके रहेगा तो उसके रहने की जीवन शैली में काफी फर्क पड़ सकता है | कहने का आशय यह है की कमरा किराये पर लेकर उसे स्वयं के लिए खाना भी खुद ही बनाना पड़ेगा और घर जैसी विलासिता का प्रबंध कराने के लिए उसे काफी सारे पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं | इसलिए अक्सर लोग Paying Guest में रहना पसंद करते हैं जहाँ उन्हें एसी से लेकर खाने तक की सुविधा उचित दरों में प्राप्त हो जाती है | कहने का अभिप्राय यह है की एक व्यक्ति महीने के 7-8 हज़ार रूपये खर्च करके Paying Guest में हर तरह की सुविधाओं का आनंद के साथ आराम से रह सकता है जबकि यदि वह बाहर कमरा किराये पर लेगा तो इतना पैसा तो उसे सिर्फ किराये पर ही खर्च करने पड़ सकते हैं | चूँकि इस तरह का बिज़नेस शुरू करने वाले उद्यमी एक कमरे में दो या तीन लड़के/लड़कियों को एक साथ ठहराते हैं इस कारण से उद्यमी को इस तरह का बिज़नेस शुरू करने का फायदा ही होता है और उनका फायदा भी होता है जो उचित दरों पर विलासितापूर्ण जीवन व्यतीत करना चाहते हैं | विद्यार्थियों, कामकाजी लोगों की आवास समबन्धी समस्या को ध्यान में रखकर जब किसी उद्यमी द्वारा इस तरह का बिज़नेस किया जाता है तो यह Paying Guest Business कहलाता है |

भारत में पेइंग गेस्ट की आवश्यकता:

वर्तमान में लोग शैक्षणिक, व्यवसायिक एवं निजी कारणों से अपने घर परिवार से दूर दूसरे शहर में अस्थायी रूप से रहते हैं | ऐसे में चूँकि वह अपने घर से दूर रहते हैं इसलिए उन्हें हर तरह का कार्य विशेष तौर पर खाना बनाने का काम स्वयं करना पड़ता है | इसके अलावा थोड़े से समय के लिए लोग घर में रहने के लिए आवश्यक सामग्री भी खरीदना पसंद नहीं करते हैं | ऐसे में वे लोग किसी Paying Guest की तलाश में रहते हैं जो उन्हें उचित दामों में खाने से लेकर रहने की भी सुविधा प्रदान कर सके | आम तौर पर Paying Guest में ऐसे लोग अधिक रहते हैं जो नौकरी या पढाई के सिलसिले में अपने गृह क्षेत्र से दूर हों | इसलिए ऐसे शहर जहाँ शैक्षणिक एवं औद्योगिक इकाइयाँ अधिक हों में Paying Guest Business शुरू करना अत्यंत लाभकारी हो सकता है | इस तरह का यह व्यापार न केवल उद्यमी की कमाई कर रहा होता है बल्कि यह पेइंग गेस्ट को भी उचित दामों में घर जैसी रहने खाने पीने की व्यवस्था मुहैया कराता है इसलिए शहरों में इसकी आवश्यकता दिनोंदिन बढती जा रही है |

पेइंग गेस्ट का व्यापार कैसे शुरू करें (How to Start Paying Guest Business In India in Hindi):

यद्यपि Paying Guest Business शुरू करना एक बेहद ही सरल एवं सहज प्रक्रिया है | कोई भी व्यक्ति जिसके पास उचित मात्रा में खाली कमरे या जगह उपलब्ध हो वह इसे अपने घर से ही शुरू कर सकता है | लेकिन इन सबके बावजूद भी इस तरह का बिज़नेस शुरू कर रहे व्यक्ति को अनेक बातों का ध्यान रख के अनेक प्रक्रियाओं से होकर गुजरना पड़ सकता है जिनका विवरण कुछ इस प्रकार से है |

  1. बिज़नेस मॉडल का चुनाव करें (Select Business Model):

Paying Guest Business शुरू करने के लिए उद्यमी को एक ऐसी बिल्डिंग अवश्य चाहिए होती है जिसमे अनेक कमरे, किचन, बाथरूम इत्यादि उपलब्ध हों | इसलिए व्यक्ति चाहे तो अपने घर के किसी फ्लोर को भी Paying Guest में परिवर्तित कर सकता है | कहने का आशय यह है की व्यक्ति चाहे तो अपनी खुद की बिल्डिंग में पीजी स्टार्ट कर सकता है | और यदि व्यक्ति के पास स्वयं की बिल्डिंग न हो तो वह किराये पर लेकर भी इस तरह का बिज़नेस शुरू कर सकता है | इसलिए इस तरह का बिज़नेस शुरू करने के लिए सर्वप्रथम उद्यमी को इस बात का निर्णय लेना होता है की वह अपने घर में Paying guest शुरू करना चाहता है या फिर कोई बिल्डिंग किराये पर लेकर यह बिज़नेस शुरू करना चाहता है |

  1. फर्निशिंग एवं बिल्डिंग में उपलब्ध जरुरी सुविधाओं का निरीक्षण करें :

बिल्डिंग खुद की हो या किराये पर ली हुई उद्यमी को प्रत्येक कमरे में फर्निशिंग का कार्य पूर्ण करना होगा | प्रत्येक कमरे में उद्यमी को अलमारियाँ, कंप्यूटर टेबल, कुर्सी, पंखा, एसी, जूते रखने के रैक, ड्रेसिंग टेबल इत्यादि का कार्य पूर्ण कराना होगा | इसके अलावा बाथरूम को सभी आवश्यक उपकरणों जैसे हीटर, गीज़र इत्यादि से सुसज्जित कराना होगा | कहने का आशय यह है की सेण्टरलाइज्ड हीटर लगवाना गीजर लगवाने की तुलना में भले ही थोड़ा महंगा हो लेकिन आने वाले समय में इससे विद्युत् बिल की बचत होगी |  Paying Guest Business start कर रहे उद्यमी को इस बात का भी विशेष ध्यान रखना होता है की PG में पॉवर बैकअप का भी प्रबंध करना बेहद जरुरी है | इसलिए उद्यमी को डीजल से चलने वाले जनरेटर का भी प्रबंध कर लेना चाहिए | ध्यान रहे यदि उद्यमी Paying Guest के लिए बिल्डिंग किराये पर ले रहा हो तो उस बिल्डिंग में Diesel Generator(DG) है या नहीं इस बात का ध्यान व्यक्ति पहले भी रख सकता है और उसी बिल्डिंग को सलेक्ट कर सकता है जिसमे यह सुविधा पहले से उपलब्ध हो | अधिकतर स्थानीय प्राधिकरण, नगर पालिकाओं ने सुरक्षा की दृष्टी से Paying Guest में सीसीटीवी इंस्टालेशन को अनिवार्य कर दिया है | इसलिए बिल्डिंग किराये पर लेते वक्त उद्यमी को इस बात का भी ध्यान रखना होगा |

  1. आवश्यक सामान एवं उपकरण खरीदें:

हालांकि Paying Guest Business में प्रयुक्त होने वाले कुछ प्रमुख फर्नीचर एवं उपकरणों का जिक्र हम उपर्युक्त वाक्यों में भी कर चुके हैं | लेकिन यहाँ पर हम इनकी एक लिस्ट प्रस्तुत कर रहे हैं ताकि उद्यमी को इन्हें खरीदने एवं बनवाने में आसानी प्राप्त हो |

  • उद्यमी को दो सोफों की आवश्यकता हो सकती है जिसमे एक सोफे की कीमत 18-20 हजार रूपये हो सकती है |
  • गेस्ट को खाना खिलाने के लिए डाइनिंग टेबल जिसकी कीमत 16-20 हजार रूपये हो सकती है |
  • यदि बिल्डिंग में दस कमरे भी हैं तो इस स्थिति में उद्यमी को 25-27 सिंगल बेड की आवश्यकता हो सकती हैं | एक बेड की कीमत 6-8 हज़ार रूपये हो सकती है |
  • कमरे में इस्तेमाल में लायी जाने वाली लगभग 15 साइड टेबल की आवश्यकता हो सकती है एक टेबल की कीमत 800-1100 रूपये हो सकती है |
  • 10-12 ड्रेसिंग टेबल की आवश्यकता हो सकती है एक ड्रेसिंग टेबल की कीमत 1200-1500 रूपये हो सकती है |
  • 10-12 अलमारियों की आवश्यकता हो सकती है एक की कीमत 16 -18 हजार रूपये हो सकती है |
  • एक टीवी की आवश्यकता हो सकती है जिसकी कीमत 25-35 हजार रूपये हो सकती है |
  • सेट टॉप बॉक्स या केबल की आवश्यकता हो सकती है जिस पर लगभग 2000 रूपये खर्चा आ सकता है |
  • फ्री वाई फाई फैसिलिटी देने के लिए इन्टरनेट की आवश्यकता हो सकती है जिस पर 1200-1800 रूपये तक का खर्चा आ सकता है |
  • इन सबके अलावा परदे, रेफ्रीजिरेटर, एलपीजी स्टोव, सिलिंडर इत्यादि को खरीदने में 40-45 हजार का खर्चा आ सकता है |

Paying Guest Business शुरू करने वाले उद्यमी को उपर्युक्त दी गई सभी फर्नीचर एवं उपकरणों का प्रबंध करना होगा और इसके अलावा दो तीन कर्मचारियों की भी नियुक्ति करनी होगी |

  1. आवश्यक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन कराएँ:

हालांकि Paying Guest के लिए लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की प्रक्रियाएं उद्यमी के व्यापारिक स्तर पर निर्भर करता है अर्थात यदि उद्यमी बड़े स्तर पर इस बिज़नेस को स्टार्ट करना चाहता है और चाहता है की वह एक शहर में नहीं बल्कि अन्य शहरों में भी एक ब्रांड नाम के अंतर्गत अपना बिज़नेस शुरू करे तो उसे अपने बिज़नेस हॉस्पिटैलिटी फर्म के तौर पर पंजीकृत कराना होगा | लेकिन यदि उद्यमी इसे छोटे स्तर पर शुरू करना चाहता है तो उसे शॉप्स एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत स्थानीय प्राधिकरण नगर पालिका, नगर निगम से इसका लाइसेंस प्राप्त करना होगा | इसके अलावा उद्यमी को हर आने वाले गेस्ट का पुलिस वेरिफिकेशन कराना भी आवश्यक होता है | इसके अलावा Paying Guest Business से होने वाली कमाई या जब उद्यमी का सालाना टर्नओवर टैक्स नियमों की छूट से अधिक हो जाता है तो उद्यमी को जीएसटी पंजीकरण की भी आवश्यकता हो सकती है |

  1. शुरूआती दौर में बिज़नेस को चालू करने में आने वाले खर्चे का प्रबंध करें:

बिज़नेस चाहे कोई भी हो उसे जमने में समय अवश्य लगता है इसलिए Paying Guest Business शुरू करने वाले उद्यमी को इस बात का ध्यान रखना होगा की उसके बिज़नेस से भी खोलते ही कमाई हो पाना संभव नहीं है | जब तक की लोगों को उसके बिज़नेस के बारे में पता न चले और उसके व्यापार के बारे में लोगों की राय पता न चले | कहने का तात्पर्य यह है की शुरूआती कुछ महीने उद्यमी की कमाई नहीं भी हो सकती है ऐसे में उद्यमी को इन महीनों में अपने व्यापार को चलाये रखने के लिए कुछ अतिरिक्त वित्त की व्यवस्था अपने पास रखनी  होगी | इन खर्चों में उद्यमी बिल्डिंग का किराया, स्टाफ की सैलरी, मार्केटिंग में आने वाला खर्चा एवं उपभोग होने वाली वस्तुओं को खरीदने में आने वाले खर्चों को शामिल कर सकता है |

  1. मार्केटिंग करें और कमाई करें:

अपने Paying Guest Business की मार्केटिंग के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन इत्यादि के अलावा इंडस्ट्रियल एरिया एवं ऐसे एरिया का चयन करें जहाँ शैक्षणिक संस्थान अधिक मात्रा में हों | क्योंकि इस बिज़नेस में आपके मुख्य ग्राहक के तौर पर नौकरीपेशा नौजवान एवं पढाई करने वाले नौजवान ही रहने वाले हैं | इसलिए उद्यमी अपने पम्पलेट, पोस्टर इत्यादि छपवाकर ऐसे एरिया में अपनी मार्केटिंग कर सकता है | और ऑनलाइन मार्केटिंग के लिए उद्यमी गूगल एडवर्ड, सोशल मीडिया इत्यादि का सहारा ले सकता है | Paying Guest Business में भी उद्यमी को जितने अधिक ग्राहक मिलेंगे उद्यमी की कमाई भी उतनी ही अधिक होती जाएगी |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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