प्रॉपर्टी डीलर कैसे बनें | How to become Property Dealer in India in Hindi.

Property Dealer नामक नाम से तो शायद हर कोई अच्छी तरह वाकिफ होगा जी हाँ क्योंकि इनका नाम प्रॉपर्टी बेचने वालों एवं खरीदने वालों के बीच मध्यस्थता कर पैसे कमाई करने का होता है | Property Dealing नामक व्यवसाय करके बहुत सारे लोगों ने अकूत सम्पति कमाई है यही कारण है की वर्तमान में भी लोग Property Dealer बनने के इच्छुक रहते हैं | जहाँ पहले इस तरह का यह काम कोई भी व्यक्ति बिना किसी लाइसेंस के कर सकता था वर्तमान में RERA (Real Estate Regulatory Authority) के अंतर्गत ऐसे व्यवसाय करने वाले लोगों को लाइसेंस एवं अपना रजिस्ट्रेशन कराना सरकार ने अनिवार्य कर दिया है | लेकिन इन सबके बावजूद अभी भी गाँव देहात एवं छोटे छोटे नगरों एवं शहरों में भी बहुत सारे Unregistered Property Dealer देखने को मिल जायेंगे | लेकिन ऐसे डीलर का बिज़नेस क़ानूनी रूप से वैध नहीं होता है और उसे कभी भी वह बंद करना पड़ सकता है इसलिए आज हम इस लेख के माध्यम से एक Registered Property Dealer कैसे बनें? की प्रक्रिया के बारे में जानने का भरसक प्रयत्न करेंगे | तो आइये सबसे पहले यह जान लेते हैं की प्रॉपर्टी डीलर होते कौन हैं |

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प्रॉपर्टी डीलर क्या है (What is Property Dealer in Hindi):

Property Dealer को Real Estate Agent भी कहा जाता है जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की एक प्रॉपर्टी डीलर का काम प्रॉपर्टी बेचने वाले एवं खरीदने वाले के बीच मध्यस्थता कर डील को अंजाम तक पहुँचाने का होता है | कुछ प्रॉपर्टी डीलर अच्छी एवं सस्ती डील मिलने पर खुद भी प्रॉपर्टी खरीद लेते हैं और बाद में उसे उच्च दामों में बेचकर अपनी कमाई करते हैं | वैसे देखा जाय तो प्रॉपर्टी डीलर बनकर कमाई करने वाला व्यवसाय भी बेहद कम निवेश के साथ शुरू किये जाने वाले व्यवसाय की लिस्ट में शामिल है क्योंकि Property Dealer बनकर उद्यमी को किसी और की प्रॉपर्टी किसी दूसरे को बेचनी होती है और बीच में कमीशन से अपनी कमाई करनी होती है | चूँकि प्लाट या मकान कीमती होते हैं इसलिए महीने में केवल एक डील भी Property Dealer की अच्छी खासी कमाई करवा सकती है | कहने का आशय यह है की रियल एस्टेट एजेंट बनकर कभी कभी व्यक्ति एक महीने में भी पूरे एक साल तक की कमाई कर सकता है | आम तौर पर जमीन, प्लाट, मकान इत्यादि बेचने एवं खरीदने वालो के बीच मध्यस्थता करने वाले व्यक्ति को ही Property Dealer कहा जाता है |

प्रॉपर्टी डीलर कैसे बनें ? (How to Become Property Dealer or Real Estate Agent in India):

हालांकि भारत में Property Dealer बनना एक बेहद ही आसान प्रक्रिया रहा है पहले जहाँ इसके लिए किसी प्रकार के रजिस्ट्रेशन इत्यादि की आवश्यकता नहीं होती थी वर्तमान में RERA के अंतर्गत पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया है |  जहाँ पहले किसी व्यक्ति ने पच्चीस पचास डील में मध्यस्थता कर ली हो वह प्रॉपर्टी डीलर कहलाने लगता था लेकिन वर्तमान में हर राज्य में RERA के अंतर्गत इस रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है और केवल वही लोग Property Dealing Business करने के लिए अधिकृत होंगे जिनका रजिस्ट्रेशन हो चूका होगा | तो आइये जानते हैं कैसे एक Registered Property Dealer बन सकते हैं |

  1. अपने आप को जानें (Know Yourself and your Skills):

बनने को तो Property Dealer कोई भी व्यक्ति बन सकता है लेकिन लाइसेंस के लिए या अपने आपको रजिस्टर्ड रियल एस्टेट एजेंट स्थापित करने से पहले अपनी योग्यता एवं रूचि का विश्लेषण अवश्य करें | ध्यान रहे आप ऐसे व्यवसाय से जुड़ने जा रहे हैं जिस व्यवसाय में लोग अपनों तक का विस्वास नहीं करते हैं अर्थात यह व्यवसाय जमीन, मकान, प्लाट इत्यादि से जुड़ा हुआ है इसलिए इसमें ग्राहकों को विश्वास में लेना एक अहम कड़ी होती है | क्योंकि जमीन जायदाद के मामलों में तो लोग अपनों के तक का विस्वास नहीं करते इसलिए आपको तय करना होगा की लोग आप पर विश्वास क्यों करेंगे? Property Dealer बनने वाले व्यक्ति को वाकपटुता में माहिर होने के साथ साथ प्रभावशाली व्यक्तित्व का भी धनी होना चाहिए, ताकि उसकी कही हुई बात पर ग्राहक विश्वाश कर सकें और अपनी उम्र भर की मेहनत की कमाई से जमीन, मकान, प्लाट इत्यादि खरीद सकें | इसलिए यदि आपको लोगों से जान पहचान बढ़ाने, सार्वजनिक संचार करने इत्यादि में रूचि है तो आप आगे बढ़ सकते हैं अन्यथा आपको इस बाबत प्रशिक्षण की आवश्यकता हो सकती है |

  1. ग्राहक है जरुरी (Client Is necessity):

यह सच है की भारत में Property Dealer बनने के लिए किसी प्रमाण पत्र या डिग्री की आवश्यकता नहीं होती है लेकिन इसके लिए ग्राहकों की आवश्यकता एवं बेचने वालों की आवश्यकता अवश्य होती है | एक हमारे मित्र नरेश जिनका Property Dealer बनने का कोई इरादा नहीं था इरादेवश नहीं दुर्घटनावश प्रॉपर्टी डीलर बन गए | हुआ यों की उनके किसी पडोसी ने उनसे कहा की वे अपना मकान बेचना चाहते हैं और यदि कोई खरीदने वाला हो तो जरुर बताएगा | वे इस बात को भूल गए थे लेकिन जब एक दिन वे अपनी ससुराल गए हुए थे तो एक महाशय बातों बातों में उस एरिया में मकान दिलाने की बात उनसे करने लगे, उस समय तो नरेश जी ने ठीक है कह कर टाल दिया लेकिन जब वे वापस घर पहुंचे तो उनके पडोसी ने उन्हें फिर वह पुरानी बात याद दिलाई तो उन्होंने पूछ ही लिया कितने में बेचना चाह रहे हैं आप अपना घर, कीमत जानकर नरेश जी ने उनके ससुराल में मिले महाशय से फोन पर बात करके उन्हें डेढ़ लाख बढ़ा के कीमत इसलिए बता दी की शायद वे कुछ कम करेंगे तो तीस चालीस हज़ार की कमाई उनकी भी हो जाएगी लेकिन संयोग देखिये की वे महाशय तुरंत मान गए और नरेश जी ने इस डील को अंजाम तक पहुंचाकर पूरे डेढ़ लाख रूपये कमाए | बस यही से शुरू हुआ था उनका Property Dealer बनने का सफ़र आज नरेश जी एक रजिस्टर्ड रियल एस्टेट एजेंट हैं और स्वयं का बिज़नेस कर रहे हैं | इसलिए कहने का अभिप्राय यह है की आपके पास कोई सर्टिफिकेट या डिग्री हो न हो लेकिन बेचने वाला पक्ष एवं खरीदने वाला पक्ष अवश्य होना चाहिए |

  1. रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी के तहत रजिस्ट्रेशन:

यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की हर राज्य की अपनी अलग Real Estate Regulatory Authority (RERA) है इसलिए उद्यमी जिस राज्य में Property Dealer बनना चाहता हो उस राज्य द्वारा इस बाबत निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य है | हालांकि प्रॉपर्टी डीलर बनने के इच्छुक व्यक्ति को अपने आप को Real Estate Agent के तौर पर रजिस्टर्ड कराने के लिए राज्य की RERA Website पर जाकर आवेदन करना होता है | मान लीजिये की आवेदनकर्ता उत्तर प्रदेश राज्य से सम्बंधित है तो वह गूगल पर UP Rera करके सर्च कर सकता है और जो सरकार की अधिकारिक वेबसाइट आये उस पर क्लिक करके निर्देशों का पालन करके Registered Real Estate Agent बनने के लिए आवेदन कर सकता है | इसी प्रकार अन्य राज्यों से सम्बंधित व्यक्ति भी राज्य के नाम के आगे Rera शब्द का इस्तेमाल करके सर्च कर सकते हैं | अलग अलग राज्यों में रजिस्ट्रेशन शुल्क अलग अलग हो सकता है | इसलिए Property Dealer बनने का इच्छुक व्यक्ति यह सब समबन्धित राज्य की अधिकारिक वेबसाइट या विभाग से संपर्क करके इस बारे में पता कर सकता है | जब व्यक्ति का रजिस्ट्रेशन Rera के अंतर्गत हो जाता है तो व्यक्ति एक Registered Real Estate Agent यानिकी Property Dealer के रूप में पंजीकृत हो जाता है |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

3 thoughts on “प्रॉपर्टी डीलर कैसे बनें | How to become Property Dealer in India in Hindi.

    1. जी, जल्द ही इस बिज़नेस के बारे में हम विस्तार पूर्वक जानकारी प्रकाशित करने की कोशिश करेंगे |

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