प्लास्टिक की चूड़ियाँ बनाने का व्यापार Plastic Bangles Making Business in Hindi.

Plastic Bangles से हमारा आशय प्लास्टिक से निर्मित चूड़ियों से है जैसा की हम सबको विदित है की महिलाओं के गहनों में चूड़ियाँ महत्वपूर्ण गहने होते हैं | यद्यपि इनका निर्माण प्लास्टिक के अलावा अन्य तरह तरह की सामग्री जैसे सोने, चांदी, कांच इत्यादि से भी किया जाता है | लेकिन सर्वाधिक तौर पर प्लास्टिक की चूड़ियों का उपयोग महिलाओं द्वारा किया जाता है | चूड़ियों को विभिन्न डिजाईन, आकार, प्रकार में बनाया जाता है | अभी भी अच्छी गुणवत्तायुक्त चूड़ियों की मांग बाजार में हमेशा विद्यमान रहती हैं | पहले महिलाओं द्वारा सर्वाधिक तौर पर कांच की चूड़ियाँ पहनी जाती थी जो की थोड़ी महंगी एवं जल्दी टूटने वाली होती हैं | इन्ही सब समस्याओं को ध्यान में रखते हुए Plastic bangles का निर्माण किया गया और सच्चाई यह है की प्लास्टिक से निर्मित चूड़ियाँ सस्ती एवं टिकाऊ होने के कारण महिलाओं को पसंद आने लगी | यद्यपि आज भी मार्केट में कई तरह की चूड़ियाँ देखी जा सकती हैं लेकिन इनमे सर्वाधिक बिक्री वाली चूड़ियाँ प्लास्टिक की ही होती हैं जिन्हें विभिन्न डिजाईन एवं रंग में ऐक्रेलिक प्लास्टिक पाइप का कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल करके बनाया जाता है |

Plastic Bangles

प्लास्टिक चूड़ियों की मार्केट में बिकने की संभावना (Plastic bangles Market Potential):

हालांकि कांच से निर्मित चूड़ियाँ प्लास्टिक से निर्मित चूड़ियों से ज्यादा आकर्षक होती हैं लेकिन इनकी कीमत भी Plastic Bangles से अधिक होती है | यही कारण है की आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़ी महिलाएं प्लास्टिक की चूड़ियाँ खरीदने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाती है | वर्तमान में प्लास्टिक से निर्मित चूड़ियाँ भी आकर्षक रंगों एवं डिजाईन के साथ हर वर्ग से जुड़ी महिलाओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं | चूँकि Plastic bangles कांच की चूड़ियों के मुकाबले सस्ती एवं ज्यादा टिकने वाली होती है इसलिए धीरे धीरे ये महिलाओं की पसंद बनती जा रही हैं |

Plastic Bangles शुरू करने के लिए उद्यमी को क्या क्या करना पड़ सकता है?  

खुद का प्लास्टिक की चूड़ियाँ बनाने का व्यापार शुरू करने के लिए उद्यमी को निम्नलिखित कदम उठाने पड़ सकते हैं |

  1. प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना:

उद्यमी को प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करनी पड़ेगी इसके लिए उद्यमी किसी बिज़नेस कंसलटेंट की सलाह ले सकता है या अपने जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकता है | इस रिपोर्ट को तैयार करने में लगभग 15 दिनों तक का समय लग सकता है | इस कार्य को करने के लिए उद्यमी किसी बिज़नेस कंसलटेंट की मदद ले सकता है |

  1. साईट का चुनाव एवं कार्य:

Plastic bangles बनाने का व्यापार शुरू करने के लिए उद्यमी को साईट का चुनाव करना होगा और उसमे बिज़नेस के अनुकूल अन्य कार्य भी करने होंगे | ताकि वह साईट प्लास्टिक की चूड़ियाँ बनाने का व्यापार शुरू करने के लिए तैयार हो सके | इसमें उद्यमी को 1 से 1.5 महीने का समय लग सकता है |

  1. Filing of Udyog Aadhar Memorandum:

जहाँ पहले Entrepreneur’s Memorandum filing की जाती थी वहीँ बिज़नेस करने के माहौल को सरल बनाने के लिए सरकार ने MSMED Act 2006 में संसोधन करके  1/09/2015से UAM को EM की जगह शुरू कर दिया गया है | जिसके लिए आसानी से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है | जानिए उद्योग आधार के लिए ऑनलाइन कैसे आवेदन करें?

  1. प्रदूषण विभाग से एनओसी:

चूँकि Plastic Bangles बनाने वाली इकाइयाँ प्रदूषणकारी उद्योगों के अंतर्गत आते हैं इसलिए इस प्रकार का यह व्यापार करने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मंजूरी एवं एनओसी आवश्यक होती है |

  1. वित्त का प्रबंध:

चूँकि प्रोजेक्ट रिपोर्ट से अनुमानित लागत का पता उद्यमी को लग जाता है इसलिए अब उद्यमी को Plastic bangles Manufacturing Business शुरू करने के लिए वित्त की व्यवस्था करनी चाहिए |

  1. मशीनरी एवं उपकरणों की खरीदारी:

मशीनरी एवं उपकरणों की खरीदारी करने से पहले उद्यमी को विभिन्न विक्रेताओं से कोटेशन मंगा लेनी चाहिए ताकि उद्यमी यह पता कर पाने में सक्षम हो की कौन सा विक्रेता उसी मशीन को कितने सस्ते दामों में दे रहा है |

  1. विद्युतीकरण एवं प्लांट निर्माण:

Plastic bangles Manufacturing Business शुरू करने के लिए अब अगला कदम प्लांट का निर्माण एवं विद्युतीकरण का होना चाहिए | इस काम को करवाने के लिए उद्यमी को 15 दिन से एक महीने तक का समय लग सकता है |

  1. स्टाफ की नियुक्ति:

अब उद्यमी को अपने Plastic Bangles बनाने के व्यापार के लिए स्टाफ की नियुक्ति करनी चाहिए स्टाफ की नियुक्ति कामकाज के घंटे, प्लांट सेटअप, उत्पादन क्षमता इत्यादि पर निर्भर करती है |

आवश्यक मशीनरी एवं उपकरण:

Plastic Bangles making  Business में प्रयुक्त होने वाली कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट निम्नवत है |

  • चूड़ी बनाने की मशीन (Bangels making Machine)
  • Buffing Machine
  • फिक्सचर सॉकेट एवं अन्य टूल

प्रमुख कच्चे माल की लिस्ट इस प्रकार से है |

  • Acrylic plastic pipes
  • Packaging Material

प्लास्टिक की चूड़ियाँ बनाने की प्रक्रिया (Manufacturing Process of Plastic bangles):

Plastic Bangles बनाने की प्रक्रिया बेहद आसान होती है अलग अलग साइज़ की चूड़ियों का निर्माण करने के लिए अलग अलग डायमीटर के ऐक्रेलिक पाइप का इस्तेमाल किया जाता है | ठीक इसी तरह अलग अलग रंग की Plastic Bangles बनाने के लिए अलग अलग रंग के पाइप का इस्तेमाल किया जाता है | चूड़ियों की चौड़ाई एवं मोटाई के आधार पर Bangles making Machine के माध्यम से इन्हें पाइप से काट लिया जाता  है | यदि उद्यमी को किसी डिजाईन की आवश्यकता होती है तो उस डिजाईन को मशीन पर बनाया जाता है | चूड़ियाँ पाइप से काट लेने के बाद उन्हें Buffing Machine की मदद से Buffed एवं पोलिश किया जाता है | इनमें धागा इत्यादि लगाकर इन्हें सुन्दर भी बनाया जा सकता है | उसके बाद दर्जन के हिसाब से पेपर में रैप कर दिया जाता है और एक बॉक्स में चार दर्जन चूड़ियों को पैक करके मार्केट में बेचने भेज दिया जाता है |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

One thought on “प्लास्टिक की चूड़ियाँ बनाने का व्यापार Plastic Bangles Making Business in Hindi.

  1. बहुत अच्छा है basic Jankari Apna Bhi bahut badiya baat hai your business idea Mil Jata Hai very

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