Plastic Spoons का सामान्य एवं सीधी भाषा में अर्थ प्लास्टिक की चम्मचों से लगाया जाता है और जैसा की हम सब जानते हैं की जब भी हम किसी आयोजन या पार्टी में भोजन करने पहुँचते हैं तो हमें इस तरह की चम्मचों का इस्तेमाल खाना खाने और अनेकों खाद्य आइटम खाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा जब भी हम किसी सड़क किनारे रेहड़ी पटरी पर कुछ भी फ़ास्ट फ़ूड जैसे चाऊमीन से लेकर टिक्की, छोले, समोसे इत्यादि खाने के लिए रुकते हैं तो हमें अक्सर प्लास्टिक की ही चम्मच इस्तेमाल करने के लिए दी जाती हैं।

कहने का आशय यह है की Plastic Spoons का इस्तेमाल घरों, आयोजनों, पार्टियों इत्यादि से लेकर छोटे बड़े रेस्तरां, होटल, ढाबों, रेहड़ी पटरियों में बिकने वाले फ़ूड आइटम के साथ बड़े पैमाने पर किया जाता है। इसलिए कहा जा सकता है की खाद्य और पेय उद्योग द्वारा प्लास्टिक के चम्मचों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया जाता है। विभिन्न अवसरों पर इस तरह की ये चम्मच डाइनिंग कटलरी का हिस्सा हैं विशेष तौर पर पैकेज्ड फ़ूड इंडस्ट्री द्वारा ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए इस प्रकार की कटलरी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

प्लास्टिक के चम्मचों की यदि हम बात करें तो इन्हें डेजर्ट के लिए, फ़ास्ट फ़ूड आइटम के लिए, शादी पार्टी इत्यादि आयोजनों में विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थों के साथ इस्तेमाल में लाया जाता है। हालिया वर्षों में प्लास्टिक उद्योग में हुई उन्नति इस ओर इशारा इंगित करती है की बायोडिग्रेडेबल प्लास्टिक खाद्य ग्रेड कटलरी के निर्माण का नेतृत्व करेगा। हालांकि यह कुल समग्र लागत को थोड़ा बढ़ा देता है लेकिन पर्यावरण को इसके एकल इस्तेमाल से होने वाले खतरों से भी यह बचाता है ।

Plastic Spoons banane ka business

वर्तमान में इस तरह के उत्पाद यानिकी Plastic Spoons को पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीस्टाइनिन, बायो-डिग्रेडेबल प्लास्टिक रेजिन इत्यादि का इस्तेमाल करके बनाया जाता है। हालांकि जहाँ तक इस लेख की बात है इसमें आगे हम पॉलीप्रोपाइलीन के दानों से इंजेक्शन मोल्डिंग प्रक्रिया का इस्तेमाल करके प्लास्टिक के चम्मच निर्माण के बारे में बात करने वाले हैं। इसलिए कच्चे माल एवं प्रक्रियाओं में परिवर्तन के चलते Plastic Spoons Manufacturing Business को शुरू करने में आने वाली लागत अलग अलग हो सकती है।

प्लास्टिक चम्मच के इस्तेमाल और बाजार  

वैश्विक स्टे पर Plastic Spoons की मार्किट को इसके एप्लीकेशन और प्रोडक्ट टाइप में विभाजित किया जा सकता है। जहाँ तक एप्लीकेशन या इसके अनुप्रयोग की बात है इसमें इसमें कमर्शियल और घरेलु दो प्रमुख सेगमेंट हैं। इस तरह के इन उत्पादों का इस्तेमाल वर्तमान में एक नहीं बल्कि अनेकों इंडस्ट्री जैसे फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य और पेय, कॉस्मेटिक उत्पादों, घरेलू सामानों इत्यादि द्वारा बड़े पैमाने पर किया जाता है।

इसके अलावा वर्तमान में पैकेजिंग खाद्य उद्योग द्वारा अपने ग्राहकों को सुविधा देने के लिए इस तरह की कटलरी का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए प्लास्टिक के चम्मचों की बढती मांग के पीछे एक कारण इसे भी माना गया है। कहने का आशय यह है की जब किसी खाद्य पदार्थ की पैकेजिंग की जाती है तो उसमें ढक्कन लगाने से पहले एक या फिर एक से अधिक Plastic Spoons अवश्य रखे जाते हैं।

और यह भी तथ्य है की किसी पैकेजिंग खाद्य के साथ चम्मच पाना ग्राहकों को बेहद पसंद आ रहा है यही कारण है की इस तरह का या कांसेप्ट पूरी दुनिया में लोकप्रियता हासिल कर रहा है। इसलिए एक ऐसा उद्यमी जो स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का इच्छुक हो वह प्लास्टिक के चम्मच निर्माण व्यवसाय को शुरू करने के बारे में भी विचार कर सकता है।

प्लास्टिक चम्मच निर्माण बिजनेस कैसे शुरू करें? (How to Start Plastic Spoons Manufacturing Business)

कोई भी विनिर्माण बिजनेस शुरू करने के लिए अनेकों कदम उठाने की आवश्यकता होती है जैसे सबसे पहले उद्यमी को इकाई स्थापित करने के लिए जगह या बिल्डिंग का प्रबंध करना होता है। उसके बाद प्लांट और मशीनरी की खरीदारी के अलावा इंस्टालेशन इत्यादि भी करने की आवश्यकता होती है। वित्त का प्रबंध करना होता है आवश्यक मैनपावर नियुक्त करनी होती है कमर्शियल ट्रायल करना होता है।

इन सब प्रक्रियाओं में उद्यमी को लगभग 5-6 महीने या फिर इससे भी अधिक का समय लग सकता है। Plastic Spoons हालांकि बेहद छोटी एवं सस्ती आइटम है लेकिन इसका व्यवसाय शुरू करने में इस्तेमाल में लायी जाने वाली इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन की कीमत लाखों में हो सकती है। इसलिए उद्यमी को इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के लिए भी लाखों रूपये निवेश करने की आवश्यकता हो सकती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति खुद का प्लास्टिक के चम्मच बनाने का व्यवसाय शुरू कर सकता है।

1. जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करें

जैसा की सभी विनिर्माण बिजनेस के लिए किसी न किसी स्थान या बिल्डिंग की आवश्यकता होती है जहाँ उद्यमी खुद की फैक्ट्री स्थापित करके किसी विशेष वस्तु का निर्माण कार्य शुरू कर सके। ठीक उसी प्रकार Plastic Spoons Manufacturing  बिजनेस शुरू करने के लिए भी उद्यमी को जमीन और बिल्डिंग का प्रबंध करने की आवश्यकता होती है।

यदि उद्यमी के पास स्वयं की किसी ऐसे एरिया में गैर कृषि योग्य भूमि है जहाँ पर बिजली, सड़क, पानी, कर्मचारियों इत्यादि की उचित उपलब्धता हो तो उद्यमी वहां पर अपनी फैक्ट्री का फ्लोर प्लान तैयार करके निर्माण कार्य शुरू करवा सकता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उद्यमी कोई बनी बनाई बिल्डिंग किराये पर लेकर इस तरह का व्यवसाय शुरू कर सकता है।

ध्यान देने योग्य बात यह है की Plastic Spoons Manufacturing करने वाले उद्यमी को कच्चे माल और उत्पादित माल दोनों को स्टोर करने के लिए स्टोर रूम, विनिर्माण स्थल, बिजली आपूर्ति उपयोगिताओं के लिए स्थान और एक छोटा सा ऑफिस स्थापित करने के लिए भी जगह की आवश्यकता होगी। इसलिए उद्यमी को 800-1200 Square Feet जगह की आवश्यकता हो सकती है जहाँ तक किराये की बात है यह राज्य, शहर, क्षेत्र के आधार पर अलग अलग हो सकता है।     

2. वित्त का प्रबंध करें

जहाँ तक बात वित्त के प्रबंध की है इसका प्रबंध करने से पहले उद्यमी का यह जानना अति आवश्यक है की उसके Plastic Spoons Manufacturing बिजनेस शुरू करने में कितनी लागत आएगी। क्योंकि जब तक उद्यमी को इस बात का ही पता नहीं चलेगा की उसे उसका व्यवसाय शुरू करने में कितने पैसों की आवश्यकता होगी, तो वह उतने वित्त का प्रबंध कैसे कर पायेगा।

इसलिए सर्वप्रथम उद्यमी को चाहिए की वह पाने व्यवसाय की एक व्यवहारिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करे और उसमें आने वाली अनुमानित लागत के अनुसार ही वित्त की व्यवस्था करे। उद्यमी को इस तरह का यह व्यवसाय शुरू करने के लिए भी दो प्रकार की लागतों स्थिर लागत और कार्यशील लागत का प्रबंध करना होता है । उद्यमी अलग अलग लागतों का प्रबंध अलग स्रोतों जैसे खुद की व्यक्तिउगत बचत, सरकारी सब्सिडी ऋण, बैंक ऋण इत्यादि के माध्यम से कर सकता है।     

3. आवश्यक लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें

छोटे स्तर पर Plastic Spoons Manufacturing Business शुरू करने के लिए उद्यमी को निम्नलिखित लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।

  • सबसे पहले उद्यमी को अपने व्यवसाय को वैधानिक स्वरूप प्रदान करने के लिए इसे रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज में रजिस्टर करना होगा उद्यमी चाहे तो प्रोप्राइटरशिप के तौर पर रजिस्टर कर सकता है।
  • बिलिंग इनवॉइस के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन इत्यादि की भी आवश्यकता होगी।
  • उद्यमी को चाहिए की वह स्थानीय प्राधिकरण से फैक्ट्री लाइसेंस और ट्रेड लाइसेंस भी प्राप्त करे।
  • फायर डिपार्टमेंट और पोल्यूशन डिपार्टमेंट से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट की आवश्यकता हो सकती है।
  • यदि उद्यमी अपनुई इकाई को एमएसएमई के तौर पर रजिस्टर करके इस सेक्टर के लिए जारी विभिन्न योजनाओं का फायदा लेना चाहता है तो उसे अपने Plastic Spoons Business को उद्योग आधार और एमएसएमई डाटा बैंक में भी रजिस्टर कराने की आवश्यकता हो सकती है।     

4. मशीनरी और कच्चे माल की खरीदारी और इंस्टालेशन करें  

उद्यमी द्वारा खुद का Plastic Spoons Manufacturing Business शुरू करने के लिए निम्नलिखित मशीनरी इस्तेमाल में लायी जा सकती है।

  • इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन
  • ग्राइंडर
  • वाटर चिलर
  • हैण्ड टूल और अन्य उपकरण

कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • पॉलीप्रोपाइलीन के दाने
  • प्लास्टिसाइज़र
  • पैकिंग सामग्री

कच्चे माल और मशीनरी के अलावा उद्यमी को Plastic Spoons Manufacturing इकाई में काम करने के लिए कर्मचारियों की भी आवश्यकता होगी। मशीन से कुशलतापूर्वक उत्पाद का निर्माण करने के लिए अनुभवी एवं प्रशिक्षित मशीन ऑपरेटर नियुक्त करने की आवश्यकता होगी।

कच्ची सामग्री या फिनिश्ड सामग्री को एक वर्क स्टेशन से दुसरे वर्क स्टेशन में लाने ले जाने के लिए हेल्पर की भी आवश्यकता होगी और इसके अलावा ऑफिस का काम संभालने के लिए शिक्षित एवं अनुभवी स्टाफ की भी आवश्यकता होगी इस प्रकार से देखें तो उद्यमी को 6-7 कर्मचारी नियुक्त करने की आवश्यकता हो सकती है।

5. निर्माण कार्य शुरू करें (Start Manufacturing of Plastic Spoons)  

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Plastic Spoons Manufacturing Process को इंजेक्शन मोल्डिंग मशीन के माध्यम से पूर्ण किया जाता है। और यहाँ पर हम कच्चे माल के तौर पर खाद्य ग्रेड  पॉलीप्रोपाइलीन के दाने के इस्तेमाल के बारे में बता रहे हैं इन्हें किसी भी स्थानीय अधिकृत विक्रेता से खरीदकर स्टोर रूम में संग्रहित करके रखा जा सकता है।

निर्माण प्रक्रिया शुरू करने से पहले पॉलीप्रोपाइलीन के दानों को सूखा लिया जाता है ताकि ब्लो होल के गठन को रोका जा सके इसके लिए इन दानों को 110°C के तापमान पर गर्म किया जाता है और फिर सुखाया जाता है। उसके बाद वांछित डाई मशीन में लगाये जाते हैं और बैरल हीटर को शुरू कर दिया जाता है और तापमान को वांछित तापमान तक पहुँचाया जाता है ताकि वह तापमान पॉलीप्रोपाइलीन के दानों को पिघलाने में सक्षम हो सके।

Plastic Spoons Manufacturing Process में उसके बाद पॉलीप्रोपाइलीन के दानों को मैन्युअली ढंग से मशीन के हॉपर में डाला जाता है। प्लास्टिक प्रवाह के गुणों को बढ़ाने के लिए इस प्रक्रिया में प्लास्टिसाइज़र जोड़ा जाता है । इसमें उपयोग होने वाली मशीन को क्षैतिज अक्ष पेंच के साथ इस्तेमाल में लाया जाता है इस मशीन में कच्चे माल के दाने गर्म हो जाते हैं और पिघल जाते हैं तापमान का सटीक पता करने के लिए बैरल पर थर्मोक्यूल्स लगाए जाते। इसके बाद इन्हें उचित बेक प्रेशर के साथ डाई में इंजेक्ट कर दिया जाता है।

बेक प्रेशर को पीएलसी नियंत्रित हाइड्रोलिक वाल्व के साथ एडजस्ट किया जाता है और इस दबाव को तब तक बनाये रखा जाता है जब तक पिघली हुई सामग्री डाई की कैविटी में न भर जाय। जब मोल्ड को अच्छी तरह भर दिया जाता है तो उसके बाद डाई को ठंडा करने के लिए पानी के प्रवाह का इस्तेमाल किया जाता है ताकि मोल्ड की गर्मीं निकल जाए। इस गर्म पानी को वाटर चिलर की मदद से ठंडा कर दिया जाता है और इसे कुलिंग साईकल के लिए संचालित कर दिया जाता है।

इस कुलिंग साईकल को पीएलसी प्रोग्राम्ड कण्ट्रोल यूनिट के माध्यम से मेन्टेन किया जाता है। Plastic Spoons Manufacturing Process में इसके बाद ठोस भागों को मशीन के बाहर इजेक्टर पिन्स के माध्यम से अलग कर दिया जाता है जो ठोस प्लास्टिक के चम्मच का स्वरूप किसी कारण प्राप्त नहीं कर पाए उन्हें ग्राइंडर की मदद से कुचल दिया जाता है और फिर से कच्चे माल के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है।

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