प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी।

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना का शुभारम्भ किसानों की आर्थिक स्थिति को सहारा या आश्रय देने के लिए किया गया है भले ही इस योजना के अंतर्गत दी जाने वाली धनराशी बहुत अधिक न हो। लेकिन आपातकाल में किसान इस धनराशि का उपयोग बीज इत्यादि खरीदने के लिए कर सकता है। और जैसा की हम सबको विदित है की योजनाओं का मनुष्य के जीवन में बड़ा अहम् योगदान होता है, योजनायें ही किसी भी व्यक्ति या संगठन को उसके लक्ष्यों तक पहुँचाने में मददगार साबित होती हैं । इसलिए हमने भी अपनी वेबसाइट में योजना नामक श्रेणी को जगह भी दी हुई है और अब तक हम सैकड़ों सरकारी गैर सरकारी योजनाओं से लोगों को अवगत करा भी चुके हैं। चूँकि पैसे की जरुरत पड़ने पर किसान सामान्य तौर पर ऋण के अनौपचारिक स्रोतों जैसे साहूकारों इत्यादि से ऋण लेते हैं और साहूकारों द्वारा इनसे इतना ब्याज लिया जाता है की कुछ समय बाद ब्याज की धनराशि मूलधन से अधिक हो जाती है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा देश के लघु एवं सीमान्त किसानों को सालाना 6000 रूपये देने का प्रावधान किया गया है। हालांकि यह रकम बहुत बड़ी तो नहीं है लेकिन माना यह जा रहा है की इस प्रकार की मदद मिलने से किसान साहूकारों एवं अन्य अनौपचारिक ऋण स्रोतों के चंगुल में उलझने से बच जायेंगे। यही कारण है की हम प्रधान मंत्री सम्मान निधि योजना के बारे में विस्तृत तौर पर जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं।

किसान सम्मान निधि योजना

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि क्या है  

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि भारत सरकार द्वारा किसानों के हितों को ध्यान में रखकर शुरू की गई एक योजना है। इस योजना को लघु एवं सीमान्त भूमिधारी किसानों को उनकी कमाई को सपोर्ट अर्थात उनकी आय को सहारा देने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। कहने का अभिप्राय यह है की प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि नामक इस योजना का मकसद किसानों को साहूकारों इत्यादि के झमेले में पड़ने से बचाने का है। इस योजना के अंतर्गत सालाना 6000 रूपये देने का प्रावधान इसलिए किया गया है ताकि लघु एवं सीमान्त भूमिधारी किसान जरुरत पड़ने पर इस धनराशि से कृषि एवं उससे सम्बंधित गतिविधियों को अंजाम तक पहुँचाने के लिए आवश्यक सामान खरीद सके। यह योजना पूरी तरह से केंद्र क्षेत्र की योजना है इसलिए इसका सम्पूर्ण खर्चा केंद्र सरकार द्वारा ही वहन किये जाने का प्रावधान है। साधारण शब्दों में कहें तो लघु एवं सीमान्त किसानों की वित्तीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ही इस योजना का शुभारम्भ हुआ है।     

प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि का उद्देश्य:

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के प्रमुख उद्देश्य इस प्रकार से हैं।

  • लघु एवं सीमान्त किसानों की आय में वृद्धि करना इस योजना का उद्देश्य रहा है।
  • इस योजना का उद्देश्य लघु एवं सीमान्त किसानों को कृषि से सम्बंधित जरूरतों को खरीदने में आर्थिक मदद देना रहा है।
  • किसान की पैदावार तभी अधिक होगी जब उसकी फसल का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा कभी कभी किसान के पास इतने पैसे भी नहीं रहते की वो कृषि से सम्बंधित जरूरतों को पूरा करने के लिए आवश्यक सामान खरीद सके। इसलिए इस योजना के अंतर्गत मिलने वाली धनराशि से वह अपनी कृषि सम्बन्धी जरूरतों की पूर्ति कर पायेगा। कहने का अभिप्राय यह है की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का उद्देश्य लघु एवं सीमान्त किसानों की कृषि सम्बन्धी जरूरतों की पूर्ति करना भी रहा है।
  • चूँकि छोटे एवं सीमान्त किसानों के लिए ऋण लेने के औपचारिक स्रोत बेहद कम हैं या हैं भी तो औपचारिक स्रोतों द्वारा छोटे एवं सीमान्त किसानों को आसानी से ऋण नहीं मिलता है। इसलिए वे जरुरत पड़ने पर ऋण के अनौपचारिक स्रोतों जैसे साहूकारों इत्यादि के चंगुल में फंस जाते हैं। यह योजना उन्हें साहूकारों के चंगुल से बचाएगी और उनकी खेती की गतिविधियों में निरंतरता बनाये रखेगी।

कौन कौन से किसान/परिवार लाभार्थी होंगें (Eligibility Criteria):

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि नामक इस योजना का शुभारम्भ छोटे एवं सीमान्त किसानों के हितों को ध्यान में रखकर किया गया है। लेकिन अब सवाल यह उठता है की इस योजना में लघु एवं सीमान्त किसानों के परिवार की क्या परिभाषा है। अर्थात इस योजना का लाभ लेने योग्य परिवारों की क्या परिभाषा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के दिशानिर्देशों के मुताबिक एक ऐसा भूमिधारक किसान परिवार जिसमें पति, पत्नी एवं नाबालिग बच्चे यानिकी जिन बच्चों की उम्र 18 वर्ष से कम हों शामिल हैं, और जो राज्य एवं क्षेत्र के रिकॉर्ड के आधार पर सामूहिक रूप से 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य भूमि के मालिक हैं। इस योजना का लाभ लेने के लिए पात्र हैं। कहने का अभिप्राय यह है की जिन किसानों के पास 2 हेक्टेयर से अधिक खेती योग्य भूमि है वे इस योजना का लाभ नहीं ले सकते।

योजना को क्रियान्वित करने में कितना खर्चा आँका गया है   

हालांकि जहाँ लोग पहले स्वयं का फायदा देखते थे और उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता था की सरकार किसी योजना को क्रियान्वित करने में कितना खर्च कर रही है। लेकिन वर्तमान में शिक्षित समाज में बढ़ोत्तरी होने के कारण लोग यह भी जानने के इच्छुक रहते हैं की सरकार द्वारा किसी भी योजना को क्रियान्वित करने के लिए सालाना कितने बजट का प्रावधान किया गया है। इसलिए यहाँ पर इस बारे में भी बात करनी बेहद जरुरी हो जाती है।

  • यह योजना पूरी तरह से केंद्र द्वारा शुरू की गई योजना है जिसका जिक्र 2019 में अंतरिम बजट पेश करते हुए पियूष गोयल जी ने किया था। इसलिए इसका शत प्रतिशत खर्चा केंद्र सरकार द्वारा ही वहन किये जाने का प्रावधान है ।
  • चूँकि यह योजना 1, December, 2018 से चालू मानी जाएगी इसलिए वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए इस योजना को क्रियान्वित करने के लिए रूपये 25000 करोड़ का प्रावधान किया गया है । कहने का अभिप्राय यह है की वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के अंतर्गत 25000 करोड़ रूपये वितरित किये जायेंगे।
  • इसी प्रकार 2019-20 में पात्र लाभार्थियों को लाभ देने के लिए रूपये 75000 करोड़ का प्रावधान किया गया है ।

किसान सम्मान निधि में पात्र किसानों को क्या फायदा मिलेगा:

योजना कोई भी हो चाहे वह प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि हो, या फिर कोई अन्य किसी न किसी सामजिक, आर्थिक वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए उन्हें लाभ पहुँचाने के लिए शुरू की जाती हैं। इसलिए इसमें भी हम यह जान लेते हैं की पात्र किसानों को इस योजना के अंतर्गत लाभ के तौर पर क्या दिया जायेगा।

  • इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को सालाना रूपये 6000 की मदद दी जाएगी और यह पैसे पात्र व्यक्ति के आधार से जुड़े खाते में सीधे ट्रान्सफर कर दिए जायेंगे।
  • लेकिन इस योजना के अंतर्गत पूरे 6000 रूपये एक साथ न मिलकर, 2-2 हजार रूपये हर चौथे महीने में पात्र परिवार/व्यक्ति के आधार से जुड़े खाते में ट्रान्सफर कर दिए जायेंगे ।
  • यद्यपि इस योजना की घोषणा अंतरिम बजट पेश करते हुए फरबरी 2019 में हुई थी लेकिन इस योजना की क्रियान्वयन तिथि 1-12-2018 मानी गई है । जिसका अभिप्राय यह है की लोगों को इस योजना का लाभ दिसम्बर 2018 से मिलेगा। और  वित्तीय वर्ष 2018-19 में ही लाभार्थियों की पहली किस्त यानिकी रूपये 2000 उनके खाते में ट्रान्सफर कर दी जाएगी ।      

 आवेदन करने के लिए दस्तावेजों की आवश्यकता (Documents Required to apply):

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत आवेदन करने के लिए बहुत अधिक दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं है। लेकिन लघु एवं सीमान्त किसान को आधार कार्ड, खसरा /खतौनी, बैंक डिटेल्स एवं एक पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ की आवश्यकता हो सकती है। दस्तावेज सम्बन्धी अन्य दिशानिर्देश निम्नलिखित हैं।

  • प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए लाभार्थी के पास आधार होना अनिवार्य है। लेकिन वर्तमान में यानिकी वित्तीय वर्ष 2018-19 में जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा वे कोई अन्य वैकल्पिक पहचान प्रमाण पत्र पेश कर सकते हैं। और इस वैकल्पिक पहचान प्रमाण का सत्यापन के बाद बिना आधार के भी पहली किस्त उनके खाते में ट्रान्सफर कर दी जाएगी।
  • लेकिन ध्यान रहे ऐसे सभी लाभार्थी जिनके पास आधार कार्ड नहीं होगा उन्हें पहली किस्त तो दे दी जाएगी, लेकिन अगली किस्त पाने के लिए उनका आधार के तहत नामांकन किया जाना अनिवार्य होगा। क्योंकि अगली यानिकी बाद वाली किस्तों का ट्रान्सफर आधार कार्ड के डाटा के आधार पर ही किया जाएगा।
  • एक व्यक्ति को दुबारा भुगतान न हो यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
  • संक्षेप में बात करें तो इस योजना के तहत आवेदन करने के लिए दस्तावेजों के तौर पर आधार कार्ड नंबर, खतौनी खसरा, बैंक डिटेल्स एवं एक पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ की आवश्यकता हो सकती है।

किसान सम्मान निधि के लिए आवेदन कैसे करें:

जहाँ तक प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने की बात है तो यहाँ इन्टरनेट पर अक्सर लोग ऑनलाइन आवेदन करने की प्रक्रिया के बारे में जानने को उत्सुक रहते हैं। लेकिन अभी तक इस योजना के तहत आवेदन करने की प्रकिया केवल बिहार में ही ऑनलाइन हो रही है। बाकी राज्यों में लोग इसके लिए ऑफलाइन ही आवेदन कर रहे हैं। ऑफलाइन आवेदन करने के लिए लोगों को PM Kisan Samman Nidhi Form ऑनलाइन भी मिल जायेगा और गाँव के ग्राम प्रधान, तहसील इत्यादि में भी इस तरह का यह फॉर्म मिल जायेगा। यह आवेदन फॉर्म बड़ा ही सरल सा फॉर्म है जिसमें व्यक्ति को अपनी व्यक्तिगत डिटेल्स, बैंक डिटेल्स, जमीन की डिटेल्स खसरा खतौनी का विवरण भरना होता है। उसके बाद इस फॉर्म को पटवारी या फिर तहसील में जमा करा देना होता है । उसके बाद आधिकारिक लोग फॉर्म का सत्यापन  करते हैं और सब कुछ सही होने पर उसे आगे की प्रक्रिया के लिए भेज देते हैं। जहाँ तक पैसे कब मिलेंगे का सवाल है तो इस वित्तीय वर्ष की किस्त को इसी वित्तीय वर्ष में ट्रान्सफर करने का लक्ष्य रखा गया है। और अधिक जानकारी के लिए आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की ऑफिसियल वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

3 thoughts on “प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना की जानकारी।

  1. सर प्रधान मंत्री श्रम्योगी मानधन योजना के बारे में भी बताएं

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