रेहड़ी पटरी विक्रेताओं के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत.

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत इस संकट की घड़ी में छोटे मोटे गली मोहल्ले में रेहड़ी, पटरी लगाने वाले विक्रेताओं को बिना गारंटी का ऋण उपलब्ध कराने के मद्देनज़र हुई है। जैसा की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की हमारे देश भारतवर्ष में लाखों करोड़ों लोग अपनी आजीविका कमाने के लिए सड़क के किनारे रेहड़ी पटरी पर विभिन्न तरह की वस्तुएं, फल, सब्जी, पान, चाय, कपड़े इत्यादि बेच रहे होते हैं। ये हमारे समाज का एक ऐसा बहुसंख्यक तबका है जो अपनी रोजी रोटी कमाने के लिए रोज संघर्ष करता है लेकिन इसके बावजूद वह इतना ही कमा पाने में सक्षम हो पाता है की वह अपने एवं अपने प्रियजनों की भूख एवं कुछ छोटी मोटी जरूरतें पूरी कर सके। कहने का अभिप्राय यह है की रेहड़ी पटरी वाले विक्रेताओं की स्थिति रोज कमाओ रोज खाओ की है। लेकिन इस वैश्विक महामारी ने उनके आगे आजीविका का संकट पैदा कर दिया है। इन्हीं सब बातों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान केंद्र सरकार ने इस विषम परिस्थिति से इन्हें उबरने के लिए बिना गारंटी के ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM Street Vendors Atmanirbhar Nidhi) की शुरुआत की है। चूँकि इससे पहले भी हम अपने आदरणीय पाठकगणों को अनेकों योजनाओं के बारे में अवगत कराते रहे हैं और वैसे भी यह योजना गली मोहल्लों में व्यापार करने वाले छोटे मोटे, रेहड़ी पटरी वालों से जुड़ी हुई है। इसलिए आज हम इस योजना के बारे में भी विस्तार से जानने का प्रयत्न कर रहे हैं।

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प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना क्या है.

वैसे तो अब तक के इस लेख में एक बात तो स्पष्ट हो चुकी है की यह योजना एक ऐसी ऋण योजना है जिसके तहत रेहड़ी, पटरी, गली मोहल्लों में छोटे मोटे विक्रेताओं को बिना गारंटी के 10000 रूपये तक का ऋण देने का प्रावधान किया गया है। और इस योजना के तहत लगभग पचास लाख रेहड़ी पटरी वाले लोगों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है। और अधिकारिक जानकारी के मुताबिक ऋण लेने वाला व्यक्ति इस ऋण का पुनर्भुगतान एक साल में आसान किश्तों के माध्यम से कर सकता है। और जिस व्यक्ति द्वारा ऋण का पुर्नभुगतान समय पर किया जायेगा उसे 7% की दर से ब्याज पर सब्सिडी देने का भी प्रावधान है।

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की आवश्यकता

यद्यपि सरकार की प्रत्येक योजना का कोई न कोई लक्ष्य अवश्य होता है और अधिकतर योजनाओं का लक्ष्य मानव कल्याण ही रहता है। लेकिन जैसा की हम सब जानते हैं की प्रत्येक देश में अलग अलग उद्योगों, क्षेत्रों, काम धंधों से जुड़े हुए लोग होते हैं। चूँकि इन सबकी आर्थिक क्रियाएं अलग अलग होती हैं इसलिए इनकी कमाई भी अलग अलग होती है कई लोग ऐसे होते हैं जो कुछ मिनटों एवं घंटों में ही हजारों रूपये कमा लेते हैं तो बहुत सारे लोग ऐसे भी होते हैं जो दिन भर कड़ी मेहनत करने के बावजूद भी दो वक्त की रोटी के लिए तरस जाते हैं। इसलिए अलग अलग आर्थिक प्रक्रियाओं में शामिल लोगों को अलग अलग समय में अलग अलग प्रकार की सहायता की आवश्यकता होती है। इसलिए आज जब सम्पूर्ण मानव जाति इस वैश्विक महामारी से त्रस्त है तब यह कहना तो गलत होगा की किसी विशेष औद्योगिक क्षेत्र को ही इसने प्रभावित किया है। बल्कि देखा जाय तो इसने दुनिया के हर एक औद्योगिक क्षेत्र में प्रतिकूल प्रभाव डाला है जिससे लोगों के सामने उनकी आजीविका का संकट पैदा हो गया है। लेकिन रेहड़ी पटरी वाले छोटे मोटे विक्रेता जिन्होंने कुछ हज़ार रूपये निवेश करके अपना व्यापार शुरू किया था आज वे इस सोच में डूबे हुए हैं की वे अपनी उस आजीविका के साधन को कैसे फिर से पुनर्जीवित कर पाएंगे। और कहाँ से वे दुबारा से उसे पुनर्जीवित करने के लिए पैसों का प्रबंध कर पाएंगे। क्योंकि सच्चाई यह है की चाहे बैंक हों या कोई अन्य वित्तीय संस्थान वे भी ऋण तभी उपलब्ध कराते हैं जब उन्हें लगता है की ऋण लेने वाला व्यक्ति उनका ऋण चुकाने में समर्थ हो पायेगा। कहने का सीधा एवं स्पष्ट सा मतलब है की इन छोटे मोटे, रेहड़ी पटरी के विक्रेताओं को ऋण देने से बैंक एवं वित्तीय संस्थान भी कतराते हैं। इनकी इन्हीं सब परेशानियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को लांच किया है। जिसके तहत अभी लगभग 5000 करोड़ बजट का प्रावधान लगभग 50 लाख लोगों को लाभान्वित करने के उद्देश्य से किया गया है।

योजना का लाभ कौन कौन ले सकेंगे

अब जब हम योजना के बारे में जान चुके हैं की इस योजना के तहत स्ट्रीट वेंडर यानिकी रेहड़ी पटरी वालों को रूपये दस हज़ार तक का बिना गारंटी वाला ऋण देने का प्रावधान किया गया है। और यदि ऋण लेने वाले व्यक्ति ने समय पर ऋण चूका दिया तो अगली बार उसे दस हज़ार से अधिक का भी ऋण इस योजना के तहत मिल सकता है। तो अब सवाल यही उठता है की आखिर इस योजना का लाभ कौन कौन ले सकेंगे। इसके बारे में तो हम यहाँ पर स्पष्ट कर देंगे लेकिन अभी इस बात का स्पष्टीकरण नहीं कर पाएंगे की सरकार द्वारा लाभार्थियों की पुष्टि किस आधार पर की जाएगी। अर्थात सरकार यह सुनिश्चित कैसे करेगी की इस योजना का लाभ सिर्फ उनको ही मिले जो वास्तव में छोटे मोटे विक्रेता एवं रेहड़ी पटरी वाले ही हों। लेकिन इतना तय है की इस योजना के तहत निम्नलिखित छोटे मोटे धंधे करने वाले लोग लाभ प्राप्त करने के पात्र हैं।

  • पनवाड़ी (पान की दुकानें)
  • फल सब्जी बेचने वाले
  • कपड़ा इस्त्री एवं धोने वाले (धोबी)
  • जूते, चप्पल इत्यादि ठीक करने वाले (मोची)
  • बाल काटने वाले (नाई की दुकान)
  • चाय स्टाल
  • ब्रेकफास्ट शॉप जैसे ब्रेड पकोड़े, अंडे इत्यादि बेचने वाले.
  • रेहड़ी पटरी पर किसी भी प्रकार का सामान बेचने वाले.

हो सकता है की उपर्युक्त लिस्ट में कुछ काम धंधे शामिल न हों, लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है की वे इस योजना के तहत ऋण लेने के लिए पात्र नहीं है। बल्कि यहाँ पर फिर से स्पष्ट कर देना चाहेंगे की गली मोहल्लों में छोटे मोटे विक्रेता एवं रेहड़ी पटरी लगाने वाले विक्रेता प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

योजना की कुछ अहम् बातें

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की कुछ प्रमुख एवं अहम् बातें निम्नलिखित हैं।

  • इस योजना के तहत पात्र लोगों को रूपये दस हज़ार तक का गारंटी मुक्त ऋण प्रदान किये जाने का प्रावधान है।
  • आवेदन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं आसान बनाने के लिए मोबाइल एप्प एवं वेब पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया जायेगा।
  • जिस ऋण लेने वाले व्यक्ति द्वारा समय पर या समय से पहले ऋण का पुनर्भुगतान कर दिया जायेगा उसे 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने का भी प्रावधान है।
  • इसके अलावा समय से ऋण चुकाने वाले लोगों को अगली बार और अधिक ऋण मिलने की संभावना।
  • प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत लगभग 50 लाख रेहड़ी पटरी वालों को लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है । यदि व्यक्ति द्वारा ऋण का पुनर्भुगतान की किश्त डिजिटली की जाती है तो इस स्थिति में मासिक कैशबैक की भी सुविधा दी जा सकती है।     

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में आवेदन कैसे करें.

जैसा की हम पहले से देखते आ रहे हैं की सरकार द्वारा अनेकों योजनायें पहले से मानव कल्याण के लिए चलाई जा रही हैं। लेकिन इनका लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक शायद इसलिए नहीं पहुँच पाता क्योंकि या तो उन्हें इन योजनाओं की जानकारी नहीं होती या फिर वे योजना में आवेदन करने की जटिल प्रक्रियाओं के कारण आवेदन करने से कतराते हैं। लेकिन चूँकि आज का युग इन्टरनेट का युग है इसलिए अब भारत में भी अधिकतर योजनायें ऐसी हैं जिनका लाभ लेने के लिए पात्र व्यक्ति ऑनलाइन भी आसानी से आवेदन कर सकता है। और भारत में पहले भी जो ऋण योजनायें शुरू हुई हैं उनमें पात्र लोगों से जो एक आम शिकायत प्राप्त होती है वह यह है की सरकार बैंक या वित्तीय संस्थानों को ऋण देने की, और आवेदन प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहती है। लेकिन जब पात्र व्यक्ति किसी बैंक या वित्तीय संस्थान में इन योजनाओं का हवाला देकर लाभ लेने पहुँचता है तो अक्सर शिकायत आती है की उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया जाता है की उन्हें इस तरह के योजना की कोई जानकारी नहीं है। शायद इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की आवेदन प्रक्रिया को ऑनलाइन वेब पोर्टल या मोबाइल एप्प के माध्यम से शुरू करने का निर्णय लिया है। लेकिन अभी इसके लिए कोई वेब पोर्टल या मोबाइल एप्प अधिकारिक रूप से जारी नहीं की गई है। इसलिए हमारी आपसे विनती है की तब तक थोड़ा इंतजार करें और योजनाओं का लाभ दिलाने को लेकर होने वाले किसी भी प्रकार के धोखे से अपने आपको सुरक्षित रखें।           

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

One thought on “रेहड़ी पटरी विक्रेताओं के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना की शुरुआत.

  1. कृपया मुझे बताएं कि क्या टीवी, फ्रिज,एसी विक्रय करनी की दुकान डालने के लिए पीएमईजीपी के अंतर्गत लोन प्राप्त होता है

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