Radio Jockey कैसे बनें? कोर्स कौशल एवं योग्यता की जानकारी।

चूँकि वर्तमान में लोगों के पास कमाई करने के तरह तरह के करियर विकल्प मौजूद हैं Radio Jockey भी इन्हीं विकल्पों में से एक विकल्प है। पिछले कुछ समय से इस तरह का यह करियर विकल्प नौजवानों में काफी प्रचलित रहा है। हालांकि इस बात से कतई इंकार नहीं किया जा सकता है की 80, 90 के दशक में लोगों तक टेलिविज़न की पहुँच के चलते रेडियो प्रसारण में काफी गिरावट दर्ज की गई और बहुत सारे रेडियो प्रसारण केंद्र बंद हो गए। लेकिन इसके पश्चात् FM Radio के अविष्कार के चलते एफएम् रेडियो चैनल अस्तित्व में रहे हैं। इन एफएम चैनलों ने रेडियो के प्रसारण को नया जीवन प्रदान किया है और वैसे देखा जाय तो रेडियो का बदला स्वरूप एफएम रेडियो के तौर पर उभरकर सामने आया है । परदे के पीछे इन एफएम रेडियो चैनलों के पीछे जो व्यक्ति होता है जिसकी लोगों को केवल आवाज सुनाई देती है असल में वही व्यक्ति Radio Jockey या संक्षिप्त रूप में RJ के नाम से भी जाना जाता है। ऐसे लोग जिन्हें संगीत से प्यार है उनके लिए इस तरह का यह करियर उत्साह एवं चुनौतियों से भरा हो सकता है।यद्यपि इस तरह का यह काम आसान लगता है लेकिन वास्तव में यह एक ऐसा प्रोफेशन है जिसमें काफी कठिन मेहनत एवं प्रजेंस ऑफ़ माइंड की आवश्यकता होती है। इसमें व्यक्ति को अपनी अच्छी इमेज केवल अपनी आवाज के माध्यम से बनानी होती है। Radio Jockey अपने बात करने के तरीकों एवं तर्कों से किसी चैनल को प्रसिद्धि दिला सकते हैं। यही कारण है की इन्हें समय समय पर जबरदस्त उत्साह के साथ साथ नए नए विचारों की आवश्यकता होती है। एक सफल रेडियो जॉकी बनने के लिए लोगों से वार्तालाप करने का अपना तरीका होना चाहिए। एक अच्छी आवाज के साथ साथ रेडियो जॉकी को तेज, दोस्ताना, स्फूर्ति से भरा एवं गतिशील होना चाहिए। इसके अलावा इस करियर के लिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल बेहद बेहद आवश्यक है क्योंकि इसमें व्यक्ति का कम्युनिकेशन स्किल ऐसा होना चाहिए की वह सुनने वालों के मन पर एक गहरी छाप छोड़ सके।

Radio jockey kaise bane

रेडियो जॉकी बनने के लिए योग्यता (Eligibility Criteria to become Radio Jockey)

यद्यपि देखा जाय तो Radio Jockey बनने के लिए किसी प्रकार की औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता नहीं होती है । यानिकी कोई भी व्यक्ति रेडियो जॉकी बनने के लिए स्वतंत्र है लेकिन इस व्यवसाय की ट्रिक्स इत्यादि सीखने के लिए व्यक्ति को कम से कम इंटरमीडिएट या फिर ग्रेजुएट होना अति आवश्यक है।

आवश्यक कौशल

  • Radio Jockey बनने के लिए सबसे जरुरी एवं महत्वपूर्ण कौशल की बात करें तो वह अच्छी आवाज का होना है। कहने का आशय यह है की रेडियो जॉकी बनने के इच्छुक व्यक्ति की आवाज बेहद अच्छी होनी चाहिए जिसे लोग पसंद करें । इसके अलावा व्यक्ति को अपनी आवाज को अवसर एवं स्थिति के आधार पर व्यवस्थित करना आना चाहिए।
  • व्यक्ति परफॉरमेंस देते समय जिस भी भाषा में बात कर रहा हो उसका स्पष्ट एवं सटीक उच्चारण और प्रवाह होना भी बेहद जरुरी है।
  • इन्हें अपनी आवाज के स्वरमानों को नियंत्रित करना आना चाहिए या फिर प्रशिक्षण में बताये गए नियमों के मुताबिक इन्हें इस्तेमाल में लेना आना चाहिए।
  • इन्हें लोगों को हँसाना भी पड़ सकता है इसलिए इनके पास अच्छे सेंस ऑफ़ ह्यूमर का होना अति आवश्यक है।
  • इनमें मिमिक्री, कॉमेडी इत्यादि लोगों को मनोरंजित कर सकने वाले गुणों का होना अति आवश्यक है।

रेडियो जॉकी कैसे बनें? (How to become Radio Jockey)

यद्यपि जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की Radio Jockey बनने के लिए किसी प्रकार के शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता तो नहीं होती है। लेकिन यदि व्यक्ति इंटरमीडिएट या ग्रेजुएशन पास हो तो वह इस पाठ्यक्रम को आसानी से समझकर इसमें सफलता पा सकता है। हालांकि विद्यार्थी हाईस्कूल के बाद भी इस क्षेत्र में प्रवेश कर सकता है लेकिन इंटरमीडिएट पास करने के पश्चात प्रवेश करना ही उचित रहता है। कहने का आशय यह है की हाईस्कूल पास करके व्यक्ति मास कम्युनिकेशन, मीडिया स्टडीज या जर्नलिज्म में अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम ज्वाइन कर सकता है। तो आइये जानते हैं की भारत में कैसे कोई विद्यार्थी Radio Jockey बन सकता है।

सबसे पहले इच्छुक विद्यार्थी को 10+2 पास करना होगा और उसके बाद एक एंट्रेंस एग्जाम जिसे EMDI (Encompass Institute of Radio Management) द्वारा आयोजित किया जाता है। में हिस्सा लेना होगा इसमें उम्मीदवारों का चयन मेरिट के आधार पर किया जाता है। सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश करने के लिए स्क्रीनिंग टेस्ट भी किया जा सकता है। रेडियो प्रोग्रामिंग के सम्बंधित कुछ प्रमुख पाठ्यक्रमों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • डिप्लोमा इन रेडियो प्रोग्रामिंग एंड ब्राडकास्टिंग मैनेजमेंट
  • डिप्लोमा इन रेडियो jockeying
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड ब्रॉडकास्ट मैनेजमेंट
  • सर्टिफिकेट कोर्स इन रेडियो jockeying

उपर्युक्त में से कोई भी कोर्स करने के बाद विद्यार्थी व्यवहारिक ज्ञान पाने के लिए किसी रेडियो चैनल को ज्वाइन कर सकता है।

रेडियो जॉकी की भूमिका

Radio Jockey की भूमिका या काम की बात करें तो इनका काम सूचना देना, अपडेट करना एवं मनोरंजन करने का होता है। इसके अलावा रेडियो जॉकी के कार्यों में संगीत, फिल्म एवं विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े पेशेवर व्यक्तियों का इंटरव्यू लेना, अपने सुनने वालों के लिए संगीत पेश करना और विभिन्न माध्यमों से उनका मनोरंजन करना भी शामिल है। रेडियो जॉकी अपने सुनने वाले लोगों की पसंद के मुताबिक संगीत एवं अन्य वार्तालाप पेश करते हैं ताकि उसके सुनने वाले उसके कार्यक्रम को काफी पसंद करें।

रेडियो जॉकी बनने के फायदे एवं नुकसान

शायद ही ऐसा कोई करियर विकल्प या प्रोफेशन हो जिसके केवल फायदे ही फायदे हों या फिर नुकसान ही नुकसान हों। कहने का आशय यह है की Radio Jockey बनने के फायदे हैं तो कुछ नुकसान भी हैं जिनका जिक्र हम नीचे कर रहे हैं।

  • व्यक्ति एकदम से सेलेब्रिटी बन सकता है।
  • आप अपनी पसंद के मुताबिक संगीत चला सकते हैं ।
  • यदि आपका कार्यक्रम अच्छा हुआ तो आपका अनुसरण करने वाले लोगों की संख्या लाखों में हो सकती हैं।

उपर्युक्त फायदों के अलावा रेडियो जॉकी अपने काम में काफी फ्लेक्सिबिलिटी एवं आज़ादी भी प्राप्त करते हैं और अपने दर्शकों को मनोरंजित करने के नए नए तरीके ढूंढते रहते हैं। जो उन्हें उत्साहित करते रहते हैं। इनका काम एक बड़ी जनसँख्या पर बेहद गहरा प्रभाव छोड़ने में सक्षम होता है।

Radio Jockey बनने के कुछ नुकसान इस प्रकार से हैं।

  • रेडियो जॉकी जब अपना कार्यक्रम पेश कर रहे होते हैं तो उन्हें उन तीन चार घंटों में अपना ध्यान सिर्फ अपने कार्यक्रम पर केन्द्रित रखना पड़ता है। उस समय आरजे कुछ और नहीं कर सकते ।
  • कार्यक्रम पेश करते समय भावनाओं पर नियंत्रण रखना पड़ता है यदि आरजे का दिन खराब है तब भी उसे अपने सुनने वालों के सामने मुस्कराना पड़ेगा।
  • आपको वह संगीत भी बजाना पड़ेगा जिसे आप पसंद नहीं करते।

उपर्युक्त कमियों के अलावा Radio Jockey को अपना करियर शुरू करने में थोड़ा समय लग सकता है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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