यादगार वस्तुओं की दुकान का व्यापार. How to Start a Souvenir Shop Business.

हालांकि बहुत सारे लोग Souvenir Shop एवं गिफ्ट की दुकान को एक ही समझने लगते हैं, लेकिन सच्चाई यह है की यह दोनों अलग अलग होती हैं । जहाँ गिफ्ट की दुकान कहीं भी किसी भी एरिया के स्थानीय मार्किट में वहाँ की स्थानीय जनता को लक्ष्यित करके खोली जा सकती हैं। वहीँ यादगार वस्तुओं की दुकान सिर्फ एक ऐसे एरिया में खोली जा सकती है जहाँ पर बाहरी शहरों, राज्यों एवं देशों से लोग घुमने आते हों। अर्थात एक टूरिस्ट डेस्टिनेशन में Souvenir Shop Business शुरू करना लाभकारी हो सकता है। इस तरह के व्यापार में उद्यमी के प्रमुख ग्राहकों के तौर पर ऐसे टूरिस्ट ही होते हैं जो कहीं बाहर शहरों, राज्यों एवं देशों से वहां घुमने आये हों। ऐसे में वे लोग उस स्थान विशेष या यात्रा की कुछ यादें अपने पास रखना चाहते हैं ऐसे में उनका ध्यान उस स्थान विशेष से कुछ ऐसा खरीदने का होता है। जो वहां के रहन सहन, संस्कृति, परम्पराओं या फिर वहां की किसी अन्य विशेषता से जुड़ा हुआ हो। जो उन्हें वापस जाने के बाद भी उस सुखद यात्रा का स्मरण करा सकने में सक्षम हो। जैसे लोग यदि किसी धार्मिक स्थल पर जाते हैं तो वे वहां से भगवान् की मूर्तियाँ एवं भगवान का नाम लिखे हुए कपड़े, ब्रेसलेट, अंगवस्त्र इत्यादि खरीदना पसंद करते हैं। ठीक इसी प्रकार यदि वे किसी नेशनल पार्क में जंगल सफारी इत्यादि करने पहुँचते हैं तो उन्हें वहां से Stuffed Animal, Customized T Shirt, जंगल की फ्रेम में लगी फोटो इत्यादि खरीदने का शौक रहता है। इसलिए एक Souvenir Shop में उस राज्य एवं स्थान विशेष के आधार पर मिलने वाले आइटम अलग अलग हो सकते हैं। इसलिए कहा जा सकता है की पर्यटन के प्रकार के आधार पर किसी स्थान विशेष में उपलब्ध यादगार वस्तुओं की दुकानों में अलग अलग वस्तुओं की बिक्री हो सकती है। उदाहरण के लिए हम उपर्युक्त वाक्य में भी बता चुके हैं की एक धार्मिक पर्यटन स्थल में उपलब्ध यादगार वस्तुओं की दुकान एवं किसी एडवेंचर पर्यटक स्थल में उपलब्ध यादगार वस्तुओं की दुकान में बिकने वाली वस्तुएं अलग अलग हो सकती हैं। 

Souvenir Shop business kaise start kare

Souvenir Shop क्या है?

Souvenir Shop की यदि हम बात करें तो इसका हिंदी में शाब्दिक अर्थ यादगार वस्तुओं की दुकान से लगाया जा सकता है। यही कारण है की कुछ लोग गिफ्ट की दुकान और यादगार वस्तुओं की दुकान में भिन्नता नहीं कर पाते हैं। इस तरह की दुकानों से बेचे जाने वाली वस्तुएं लोकेशन, पर्यटक स्थल के प्रकार, स्थानीय मान्यताएं एवं संस्कृति के आधार पर अलग अलग हो सकती हैं। और खास तौर पर इस तरह की इन दुकानों का संचालन केवल और केवल पर्यटक स्थलों पर ही लाभकारी तौर पर किया जा सकता है, वह इसलिए क्योंकि पर्यटक ही अपने उस पर्यटन की यादगार के लिए इस तरह की दुकानों से कुछ न कुछ खरीदना पसंद करते हैं। इसलिए संक्षेप में हम कहें तो एक ऐसी दुकान जो उन चीजों को अपने ग्राहकों को बेचती हो जो किसी स्थान विशेष की याद दिलाते हों Souvenir Shop कहलाती है।

यादगार वस्तुओं की दुकान कैसे शुरू करें (How to Start a Souvenir Shop In India) 

हालांकि देखा जाय तो Souvenir Shop Business छोटे स्तर पर शुरू करने के लिए भी उद्यमी को किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता तो नहीं होती है। लेकिन जब उद्यमी का टर्नओवर एक निश्चित सीमा को पार कर जाता है तो उसे टैक्स रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है। कहने का आशय यह है की चूँकि उद्यमी को शुरूआती दौर में किसी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता नहीं होती है इसलिए इस तरह के व्यापार को शुरू करना कोई बहुत ज्यादा कठिन तो नहीं है। लेकिन फिर भी उद्यमी को चाहिए की वह अपने व्यापार को अच्छी तरह से रिसर्च करके ही शुरू करे  ताकि इसकी असफलता की संभावना को कम किया जा सके। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का इस तरह का यह व्यापार शुरू कर सकता है।

1. लोकेशन का चुनाव

हालांकि इसमें कोई दो राय नहीं की चाहे बिजनेस कोई भी किसी भी प्रकार का क्यों न हो, उसकी सफलता में अच्छी लोकेशन का अहम् योगदान होता है। लेकिन इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है की अलग अलग बिजनेस के लिए अच्छी लोकेशन के अलग अलग पैमाने निर्धारित हैं। इसलिए एक Souvenir Shop की सफलता के लिए भी अच्छी लोकेशन का होना बेहद आवश्यक है। लेकिन इसमें अच्छी लोकेशन का अभिप्राय किसी प्रसिद्ध बाजार में दुकान विद्यमान होने से नहीं है बल्कि इसमें अच्छी लोकेशन से अभिप्राय एक ऐसे एरिया से है जहाँ पर पर्यटक घुमने के लिए बड़ी मात्रा में आते हों। जी हाँ इस व्यापार को शुरू करने का इच्छुक उद्यमी यदि चाहता है की उसका व्यापार सफल हो तो उसे एक ऐसी लोकेशन का चयन करना होगा जहाँ पर पर्यटकों की संख्या भारी मात्रा में रहती हो। इनमें गोवा, आगरा, शिमला, नैनीताल, अमृतसर, जोधपुर, कौसानी, वाराणसी, ऋषिकेश, जिम कॉर्बेट, श्रीनगर, अंडमान एवं अन्य सैकड़ों जगह शामिल हैं। जहाँ पर प्रति वर्ष हजारों लाखों की संख्या में पर्यटक आते हैं इसलिए उद्यमी चाहे तो ऐसे ही स्थानों का चयन अपनी Souvenir Shop शुरू करने के लिए कर सकता है। और जब उद्यमी इस उद्देश्य के लिए जगह या दुकान किराये पर ले रहा हो तो उसे रेंट या लीज एग्रीमेंट अवश्य बना लेना चाहिए जिसमें उल्लेखित नियम एवं शर्तें उसके बिजनेस के अनुकूल तो होंगी ही साथ में वह उस दस्तावेज को पता प्रमाण के तौर पर भी इस्तेमाल में ला सकता है।         

2. Souvenir Shop के लिए वस्तुओं का चुनाव

अब उद्यमी का अगला कदम अपनी Souvenir Shop के लिए वस्तुओं का चुनाव करने का होना चाहिए वह इसलिए क्योंकि इस श्रेणी में सैकड़ों वस्तुएं आती हैं। लेकिन हर वस्तु हर पर्यटक स्थल पर नहीं बिक सकती, और हर वस्तु को उद्यमी के लिए खरीदना भी मुमकिन नहीं है। इसलिए बेहतर यही होता है की उद्यमी को किसी भी वस्तु को अपनी दुकान का हिस्सा बनाने से पहले वस्तुओं का चुनाव करना चाहिए। वस्तुओं का चुनाव करने के लिए उद्यमी चाहे तो ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों तरीकों से रिसर्च कर सकता है ऑनलाइन रिसर्च में उद्यमी यह जानने की कोशिश कर सकता है की भारत में बाहर से आने वाले पर्यटक किस वस्तु की खरीदारी अधिक करते हैं। यहाँ तक की उद्यमी को उस शहर विशेष जहाँ पर वह अपना व्यापार कर रहा हो से पर्यटक किन वस्तुओं की खरीदारी अधिक करते हैं को भी जानने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा उद्यमी चाहे तो उस एरिया में पहले से उपलब्ध यादगार वस्तुओं की दुकानों के मालिक से भी यह जानने का प्रयास कर सकता है की ऐसी कौन कौन सी वस्तुएं हैं जो उस एरिया में अधिक बिकती हैं। आम तौर पर देखा गया है की यदि कोई वस्तु उस एरिया या राज्य विशेष की मान्यता एवं संस्कृति से जुड़ी हुई हो तो पर्यटक उसे अच्छे दामों में भी खरीदने को तैयार रहते हैं। इसलिए एक सफल Souvenir Shop में ऐसी वस्तुओं का होना नितांत आवश्यक है जो उस शहर या राज्य की विशेषता एवं संस्कृति को प्रकट करती हों। वैसे देखा जाय तो भारत से विदेशी पर्यटक यादगार वस्तुओं की दुकानों से कश्मीरी कार्पेट, ब्लू पॉटरी, ब्रास हेंडीक्राफ्ट, ब्रोंज़े हेंडीक्राफ्ट, मधुबनी पेंटिंग, लघु चित्र, सिल्वर ज्वेलरी, चंदन की लकड़ी से निर्मित कलाकृति इत्यादि खरीदना पसंद करते हैं। कहने का आशय यह है की उद्यमी की दुकान में कुछ ऐसी वस्तुएं जो उस जगह एरिया एवं राज्य विशेष से संबध रखती हों, वो होनी चाहिए तो कुछ ऐसी वस्तुएं जिन्हें पर्यटक कहीं से भी सबसे अधिक खरीदते हों वे भी होनी चाहिए।           

3. वित्त का प्रबंध

जहाँ तक इस व्यवसाय को शुरू करने में आने वाले प्रमुख खर्चे की बात है वह दुकान का किराया, उसकी फर्निशिंग इत्यादि करने में आने वाला खर्चा एवं दुकान में सामान भरने में आने वाला खर्चा इत्यादि शामिल है। इसलिए Souvenir Shop Open करने में आने वाला वास्तविक खर्चा लोकेशन, इंटीरियर एवं किन वस्तुओं को दुकान का हिस्सा बनाया जा रहा है इत्यादि बातों पर निर्भर करता है। लेकिन एक अनुमान के मुताबिक इस बिजनेस को 3-4 लाख रूपये का निवेश करके आसानी से शुरू किया जा सकता है। इसलिए यह कोई बहुत बड़ी रकम है तो नहीं, उद्यमी चाहे तो इसका प्रबंध स्वयं की व्यक्तिगत बचत या फिर पारिवारिक सदस्यों, मित्रों इत्यादि से उधार लेकर भी कर सकता है। लेकिन यदि यह सब संभव नहीं हो पा रहा हो तो उद्यमी बैंक ऋण जैसे औपचारिक स्रोतों के माध्यम से भी वित्त का प्रबंध कर सकता है।      

4. दुकान में फिक्सिंग एवं फर्निशिंग का काम

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की इस व्यवसाय में उद्यमी के प्रमुख ग्राहक के तौर पर पर्यटक रहने वाले हैं और इसमें कोई दो राय नहीं की पर्यटक अक्सर एक साफ़ सुथरी एवं आकर्षक दुकान से ही खरीदारी करना पसंद करते हैं भले ही सामग्री थोड़ी सी महंगी ही क्यों न हो। इसलिए खुद की Souvenir Shop शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को किसी ऐसे इंटीरियर डिज़ाइनर को फिक्सिंग एवं फर्निशिंग के कामों को तरीके से निष्पादित करने के लिए नियुक्त करना होगा जिसे इस तरह की यादगार वस्तुओं की दुकान की इंटीरियर डिजाइनिंग का अनुभव हो। इस तरह की दुकानों में दीवारों पर शीशे लगी अलमारियां, जमीन पर जगह जगह पर विभिन्न टेबल, ग्राहकों के टहलने बैठने की उचित व्यवस्था, बिलिंग इत्यादि की उचित व्यवस्था होनी चाहिए ताकि ग्राहकों को वस्तुओं का चयन करने से लेकर बिलिंग तक में किसी प्रकार की कोई परेशानी का अनुभव न हो।   

5. कोटेशन मंगाना एवं सप्लायर का चुनाव

अब जब उद्यमी ने दुकान में वस्तुओं को सही तरीके से रखने का उचित प्रबंध कर दिया हो, तो अब उसका अगला कदम उसके द्वारा तैयार की गई लिस्ट के अनुसार विभिन्न सप्लायर से कोटेशन मंगाने का होना चाहिए। अर्थात उद्यमी को केवल उन्हीं वस्तुओं की कोटेशन मंगानी चाहिए जिनकी लिस्ट उसने पूर्व में उस एरिया में उपलब्ध मांग के अनुसार तैयार की हो । सप्लायर खोजने के लिए उद्यमी ऑनलाइन पोर्टलों जैसे ट्रेडइंडिया, इंडियामार्ट इत्यादि का भी सहारा ले सकता है या फिर उस एरिया में स्थित स्थानीय सप्लायर का पता लगाने के लिए मौजूदा Souvenir Shop के मालिकों से भी संपर्क कर सकता है। वैसे कोशिश तो उद्यमी की यही रहनी चाहिए की वह किसी ऐसे सप्लायर का चुनाव करे जो नियमित तौर पर उस एरिया में डिलीवरी देने में सक्षम हो। लेकिन अच्छी डील मिलने पर उद्यमी चाहे तो कुछ प्रसिद्ध बाज़ारों या ऑनलाइन पोर्टल से भी वस्तुएं खरीदकर बेच सकता है।      

6. Souvenir Shop को प्रमोट करें

चूँकि इस तरह का यह व्यवसाय पूरी तरह से पर्यटकों पर निर्भर होता है जो अपनी यात्रा के पश्चात उस पर्यटन की याद के तौर पर वहां से कुछ न कुछ खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं। इसलिए उद्यमी को इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ेगा की वह ऐसे स्थानों पर मार्केटिंग या विज्ञापन न करे जहाँ पर पर्यटक कम जाते हों, या फिर जाते ही न हों। यद्यपि Souvenir Shop Business  कर रहा उद्यमी उसी एरिया के एक दो किलोमीटर के रेडियस में पोस्टर, बैनर इत्यादि के माध्यम से मार्केटिंग के प्रयास कर सकता है और उस एरिया में उपलब्ध होटलों में जाकर उनके गेट पर अपने विजिटिंग कार्ड, पम्फलेट इत्यादि भी वितरित कर सकता है क्योंकि अक्सर होटल में रहने वाले पर्यटक गेट पर उपलब्ध सिक्यूरिटी गार्ड इत्यादि से उस स्थान विशेष की जानकारी लेने की कोशिश करते हैं। इन सबके अलावा उद्यमी को अपने व्यापार को ऑनलाइन मजबूती से स्थापित करना होगा इसके लिए उद्यमी स्वयं की एक वेबसाइट, ब्लॉग इत्यादि भी बना सकता है और फेसबुक, इन्स्टाग्राम इत्यादि में पेज बनाकर भी अपने व्यापार को प्रमोट कर सकता है। चूँकि एक Souvenir Shop में विदेशी पर्यटक भी खरीदारी के लिए आ सकता है इसलिए इसकी ऑनलाइन उपस्थिति बेहद जरुरी हो जाती है।  

यह भी पढ़ें

    

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |