डिटेक्टिव एजेंसी कैसे खोलें? How to Start Detective Agency Business in India.

Detective agency का नाम भले ही बेहद कम लोगों ने सुना होगा लेकिन जासूस नामक शब्द से लगभग सभी लोग परिचित होंगे | क्योंकि फिल्मों एवं नाटकों में जासूसों के किरदार को बखूबी दर्शाया जाता है अक्सर इनका काम अपने लक्ष्य प्राप्ति हेतु लोगों इत्यादि पर गुप्त रूप से नज़र रखना एवं अपने काम को अंजाम देने का होता है | इसलिए इन्हें गुप्त एजेंट के नाम से भी जाना जाता है दूसरे देशों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए हर राष्ट्र के पास अपनी Detective Agency होती है | भारत की रॉ, अमेरिका की सीआइए, इजरायल की Mossad, पाकिस्तान की आइएसआई इन सम्बंधित राष्ट्रों की Detective agencies हैं | लेकिन यहाँ पर हमारा मकसद इस तरह की एजेंसी खोलने के बारे में बताना  नहीं, बल्कि Private Detective agency खोलकर कमाई करने के बारे में बताना है | वर्तमान में व्यक्तिगत लोग एवं कंपनियां एक दूसरे की जासूसी कराते हैं इस जासूसी कराने के पीछे सबके मकसद अलग अलग हो सकते हैं | किसी दूसरे की जासूसी कराने वाले व्यक्ति या संस्थान का मकसद जो भी हो लेकिन सच्चाई यह है की जासूसी कराने वाला व्यक्ति या संस्थान उस Detective agency को इस काम के बदले भुगतान करती है | शहरी एवं नगरीय इलाकों में इस तरह का बिज़नेस वर्तमान में काफी फल फूल रहा है | लेकिन इसका मतलब यह बिलकुल नहीं है की कोई भी व्यक्ति बिना सोचे समझे या जानकारी के अभाव में इस बिज़नेस को करने में कूद पड़े | बल्कि बिना इस व्यापार की मजबूती और कमजोरी जाने बिना और जानकारी के बिना यह व्यापार नहीं करना चाहिए | इसलिए ऐसे लोग जिन्हें इस क्षेत्र का पहले से कोई अनुभव हो उनके लिए एक Detective agency open करना सरल हो सकता है |

detective agency business

Detective Agency की आवश्यकता:  

इस क्षेत्र में पहले से कार्यरत उद्यमियों के अनुसार इंडिया में Detective Agency की मांग 2016 से तिगुनी रफ़्तार से बढ़ी है | कहा यह जा रहा है की अचानक से FMCG Companies, Matrimonial companies, Cyber Department इत्यादि द्वारा Private Detective की मांग की जाने लगी जिसके चलते देश में Detective agency  की कमी को महसूस किया गया | इन सबके अलावा प्राइवेट जासूसों को लोग विवाह के पश्चात सत्यापन का कार्य, ख़ुफ़िया सभा का कार्य, एवं अन्य रहस्यमयी चीजों का पता लगाने के लिए नियुक्त करते हैं | 2016 के एक आंकड़े के मुताबिक इस वर्ष जासूसों की मांग में लगभग 70% तक वृद्धि देखी गई और जिससे उम्मीद लगाई जा सकती है की आगे भी यह क्षेत्र इसी तरह बढ़ता रहेगा | वर्ष 2009 से इस क्षेत्र में लगातार वृद्धि देखी गई और 2009 से 2015 तक इस क्षेत्र में 500% की वृद्धि आंकी गई | इसलिए कहा जा सकता है की आने वाले समय में भी यह इसी गति से बढ़ता रहा तो यहाँ हर साल नई नई Detective agency खोलने की आवश्यकता होगी |

Detective Agency खोलने के लिए क्या क्या चाहिए?

हालांकि निजी जासूस बनने के लिए योग्यता समबन्धी कोई सख्त नियम लागू नहीं है लेकिन इस  विशेष क्षेत्र में परीक्षण प्राप्त करके उद्यमी बाजार में अपनी व्यवसायिकता को बढ़ा पाने में सक्षम होगा |  जहाँ तक Detective agency शुरू करने के लिए लाइसेंस की बात है | इस प्रकार का व्यापार शुरू करने के लिए इंडिया में अभी तक क़ानूनी रूप से न तो किसी प्रकार के पंजीकरण की आवश्यकता है और न ही किसी प्रकार के लाइसेंस की | यही कारण है की इंडिया में बहुत सारी Detective Agency बिना लाइसेंस की चल रही है | चूँकि प्राइवेट जासूस एजेंसीयों के विनियमन एवं लाइसेंस प्रदान करने के लिए Private Detective Agencies (Regulation) Bill, 2007 बनाया गया है लेकिन यह बिल अभी तक संसद में लंबित है |  इसलिए इस प्रकार की एजेंसी के लिए अलग अलग राज्य में लाइसेंस लेने की प्रक्रिया अलग अलग हो सकती है, लेकिन कुछ राज्यों में लोग Security Agency का लाइसेंस लेकर भी Detective agency चला रहे हैं | अत: उद्यमी को स्थानीय एवं राज्य के नियमों को ध्यान में रखकर अपनी एजेंसी के लिए लाइसेंस ले लेना चाहिए | ध्यान रहे चूँकि इस प्रकार के बिज़नेस में उद्यमी के पास ऐसे ऐसे काम आ सकते हैं की उद्यमी द्वारा संग्रहित किये गए साक्ष्यों को कोर्ट के आगे पेश करना पड़ सकता है | इसलिए लोग ऐसी Detective agency का रुख करते हैं जो लाइसेंस प्राप्त हों | इसलिए भले ही लाइसेंस इत्यादि लेने के लिए कोई कानून विद्यमान नहीं हो लेकिन फिर भी उद्यमी को लाइसेंस ले ही लेना चाहिये | चूँकि इस तरह का यह बिज़नेस अकेले व्यक्ति से सफलतापूर्वक नहीं चलाया जा सकता इसलिए उद्यमी को अपनी Detective Agency के लिए किसी पार्टनर या कर्मचारी की आवश्यकता होती है | और ऑफिस इत्यादि के कार्य करने एवं फ़ोन कॉल अटेंड करने के लिए एक रिसेप्शनिस्ट की भी आवश्यकता हो सकती है | ऑफिस के लिए एक इन्टरनेट कनेक्शन, कंप्यूटर, प्रिंटर, फर्नीचर इत्यादि की भी आवश्यकता होती है | इन सबके अलावा कामकाजी उपकरणों के तौर पर स्पाई कैमरा, ट्रांसमीटर, इन्वेस्टीगेशन सॉफ्टवेर, मोबाइल सर्विलांस सॉफ्टवेर, स्पाई माइक्रोफोन, जीपीएस डिवाइस, मोबाइल फ़ोन जैमर, माइक्रोस्कोप एवं इस बिज़नेस में इस्तेमाल होने वाली अन्य नवीनतम डिवाइस की आवश्यकता हो सकती है | Detective agency business में प्रमुख निवेश इन उपकरणों पर ही होता है |

Detective agency खोलने में अनुमानित खर्चा:

जैसा की हम बता चुके हैं की private Detective agency को सफलतापूर्वक  चलाना किसी एक व्यक्ति के लिए बेहद कठिन हो सकता है | और शुरूआती दौर में उद्यमी की इतनी कमाई होना भी मुश्किल है की वह किसी Detective को नियुक्त कर सके | ऐसे में उद्यमी को सर्वप्रथम अपने बिज़नेस के लिए कोई पार्टनर ढूँढना चाहिए | ताकि इस बिज़नेस को शुरू करने में आने वाली लागत का बँटवारा हो जाय और दोनों दिमाग की शांति खोये बिना अपने व्यापार को आगे बढाने के लिए प्रयासरत रहें | शुरूआती दौर में उद्यमी कर्मचारी के तौर पर केवल एक रिसेप्शनिस्ट से काम चला सकता है जो फ़ोन कॉल अटेंड करने के अलावा, ऑफिस में आने वाले एवं कॉल करने वाले क्लाइंट की कांटेक्ट डिटेल इत्यादि को मेन्टेन रख सके | उद्यमी प्रति महीने 10000-12000 रूपये सैलरी देकर रिसेप्शनिस्ट नियुक्त कर सकता है | इसके अलावा ऑफिस का किराया लोकेशन एवं शहर के आधार पर अंतरित हो सकता है लेकिन शुरुआत में उद्यमी को किराये पर भी महीने में 12000 रूपये से अधिक खर्च नहीं करने चाहिए | इसके अलावा उद्यमी 800-1500 रूपये प्रति महीने में कोई भी इन्टरनेट का प्लान आसानी से खरीद सकता है | इसलिए कहा जा सकता है की Detective Agency खोलने में प्रति महीने कार्यशील लागत 26-30 हज़ार रूपये हो सकती है | इसके अलावा उपकरणों पर आने वाला खर्च भी 1.5 – 2 लाख तक हो सकता है | कुल मिलाकर इस बिज़नेस को शुरूआती दौर में छह महीने की कार्यशील पूँजी को लगाकर 5-6 लाख में शुरू किया जा सकता है |

Detective agency Business शुरू करने में कठिनाइयाँ:

Detective agency business शुरू करने में प्रमुख कठिनाई इस क्षेत्र में काम करने वाले योग्य व्यक्तियों को ढूँढना है क्योंकि इस बाजार में पर्याप्त मानव संसाधन की कमी देखी गई है | या जो इस क्षेत्र में काम करने के लायक है भी तो वे भी रिस्क लेने से डरते हैं चूँकि इस बिज़नेस में जासूसों को लोगों का पीछा करना पड़ सकता है अर्थात स्टॉकिंग करनी पड़ सकती है जो की कानूनन जुर्म है | इसलिए पकड़े जाने पर न्यायिक प्रक्रिया का डर रहता है | इसलिए चाहे Detective agency शुरू करने वाला व्यक्ति हो या उसमे जासूस के तौर पर काम करने वाला कोई व्यक्ति इनका और के मुकाबले बेहद होशियार, चालाक एवं तेज होना बेहद जरुरी है | इसलिए इस तरह का पार्टनर मिल पाना इस बिज़नेस को स्टार्ट करने में एक चुनौती है | और यदि आप किसी नौसिखिये या नए व्यक्ति को नियुक्त करके उसे जासूसी का प्रशिक्षण देते भी हैं तो हो सकता है की वह सारे गुर सीखने के बाद आपके साथ काम करने से मना कर दे और खुद की Detective Agency खोलकर आपके सारे Clients भी अपनी ओर कर दे | इस स्थिति से बचने का बेहतरीन तरीका यह है की उद्यमी बेहतर एवं मजबूत प्राइवेसी पालिसी बनाये | इसलिए उद्यमी चाहे तो काम के मुताबिक फ्रीलांसर भी नियुक्त कर सकता है |

किस प्रकार और कितनी कमाई हो सकती है?

Detective agency के पास लोगों की सच्चाई या साक्ष्य एकत्रित करने के काम आते हैं | इसमें व्यक्तिगत तौर पर अधिकतर विवाह सम्बन्धी जैसे विवाह से पहले एक पक्ष द्वारा दूसरे पक्ष की सच्चाई जानने के लिए Detective Agency का सहारा लिया जाता है | वहीँ विवाह के बाद तलाक इत्यादि लेने के लिए या अपने जीवन साथी के अफेयर इत्यादि का पता लगाने के लिए भी इनका सहारा लिया जाता है | वहीँ इंश्योरेंस कंपनियों द्वारा क्लेम पास करने से पहले इन्हें सच्चाई पता करने का काम दिया जा सकता है की कहीं बीमित व्यक्ति की हत्या के पीछे परिवार के ही व्यक्तियों का तो हाथ नहीं है या बीमित व्यक्ति ने कहीं आत्महत्या तो नहीं की है इत्यादि | अधिकतर Detective agency घंटों के आधार पर चार्ज करते हैं ये एक कार्यकारी दिवस यानिकी लगभग आठ घंटे के लिए 3500-5000 रूपये चार्ज कर सकते हैं | इसके अलावा एक निश्चित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए एक निश्चित रकम भी यह अपने ग्राहक से मांगकर कमाई कर सकते हैं | इस बिज़नेस में कितनी कमाई होगी वह पूर्ण रूप से इस बात पर निर्भर करता है की उद्यमी की बिज़नेस को चलाने की शैली क्या है? और उसे कितने ग्राहक मिलते हैं |

Detective agency को सफल बनाने के लिए कुछ मत्वपूर्ण टिप्स:

उद्यमी Detective agency business को सफल बनाने के लिए कुछ बातों का अनुसरण कर सकता है जो निम्न हैं |

  • उद्यमी के लिए जरुरी है की उसे जहाँ भी मौका मिले वह पैसे बचाए और अपने इस बिज़नेस में आने वाली लागत को कम करे | उद्यमी चाहे तो किसी सस्ती सी लोकेशन पर एक छोटा सा कमरा किराये पर लेकर भी इस बिज़नेस को शुरू कर सकता है | क्योंकि ग्राहक आपके काम के किस्से सुनकर प्रभावित होगा न की आपका ऑफिस देखकर |
  • एकाउंटिंग एवं इंटेलिजेंस के लिए फ्रीलांसर का उपयोग करें |
  • शुरुआत में कॉर्पोरेट क्लाइंट का इंतजार करने की बजाय छोटे ग्राहकों पर ध्यान देना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है |
  • चूँकि Detective agency Business में उद्यमी को तरह तरह के कागज़ के साक्ष्यों की आवश्यकता पड़ती है | इसलिए इन सबको व्यवस्थित ढंग से रखना उद्यमी के लिए सिरदर्द हो सकता है | इसके लिए उद्यमी को एक सहायक या रिसेप्शनिस्ट रखना बेहद जरुरी है |
  • उद्यमी को अपने बिज़नेस की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन उपलब्धता बनानी चाहिये | ऑनलाइन उपलब्धता के लिए उद्यमी अपने बिज़नेस के नाम से वेबसाइट बना सकता है |
  • चूँकि वैवाहिक साइटें अपने सदस्यों की पृष्ठभूमि का सत्यापन कराती हैं और कुछ कंपनियां भी अपने नए कर्मचारियों का सत्यापन कराती हैं शुरूआती दौर में उद्यमी चाहे तो इनके साथ जुड़ सकता है |
  • Detective agency खोलकर आपको जासूस के तौर पर कार्य करना होता है इसलिए हो सकता है की आपको अपनी सुरक्षा के लिए कुछ व्यक्तिगत हथियार की आवश्यकता हो | इन्हें खरीदते समय सभी कानूनी प्रक्रियाओं का ढंग से अनुपालन करें |
  • गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए कर्मचारी की बजाय ग्राहक खुद हैंडल करें |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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