Old age home business की उत्पति बच्चों में अपने बुजुर्गों के प्रति घटते प्यार,सहानुभूति एवं घटते संस्कारों के चलते हुई है | कहने का अभिप्राय यह है की भारत में जहाँ माता –पिता एवं बुजुर्गों को देवों से भी ऊँचा स्थान दिया गया है वहीँ आज के बच्चे उन्हें तब बेसहारा छोड़ देते हैं जब उन्हें उनकी सबसे अधिक आवश्यकता होती है | इसके कई कारण हो सकते हैं लेकिन एक जो सबसे मुख्य कारण है वह है आज का मनुष्य इतना स्वार्थी हो गया है की वह सिर्फ अपने स्वार्थ के बारे में सोचता है | रिश्ते नातों की कीमत उसकी नजर में नगण्य है |

यह इसलिए भी है क्योंकि वर्तमान के माता पिता अपने बच्चों में बड़ों के प्रति आदर, सम्मान यहाँ तक की उन्हें देवतुल्य मानने वाले संस्कार भरने में नाकाम रहे हैं |

वह शायद इसलिए की अपने पूरे जीवनकाल में माता पिता अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा देने की होड़ में लगे रहते हैं, और उनकी इसी कोशिश के चलते उन्हें अपने बच्चों के साथ समय बिताने एवं उन्हें सांस्कारिक शिक्षा देने का समय ही नहीं मिल पाता | यही कारण है की अक्सर बच्चे आधुनिक शिक्षा में तो पारंगत हो जाते हैं, लेकिन सांस्कारिक शिक्षा के अभाव में वे अपने स्वार्थ के आगे रिश्ते नातों को छोटा ही पाते हैं |

हालाँकि यह भी सत्य नहीं है की यह एक अकेला कारण है जिससे Old age home business की उत्पति हुई है | बल्कि कुछ बुजुर्ग लोग जो अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों का पूर्ण रूप से निर्वहन कर चुके हैं और अब वे इन जिम्मेदारियों से मुक्त हो चुके हैं | वे अपनी मनमर्जी से अपने जीवन का कुछ हिस्सा समाज के लिए जीना चाहते हैं ऐसे में वे भी ऐसे Old age home जैसे सामुदायिक, सामाजिक प्रतिष्ठानों का रुख करते हैं |  

इससे पहले की हम यह जानें की अपनी कमाई करने या समाजसेवा करने के लिए कैसे कोई Old age home open कर सकता है | आइये जानते हैं यह है क्या?

old age home business

वृद्धाआश्रम क्या है (What is Old Age Home in Hindi):

साधारण शब्दों में Old age home का अर्थ वृद्धाआश्रम से लगाया जाता है | वृद्धाआश्रम की हम बात करें तो यह एक ऐसा स्थान होता है जहाँ कोई वृद्ध महिला या पुरुष पैसे देकर या मुफ्त में रह सकता है | Old age home की स्थापना ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को ध्यान में रखकर की जाती है जो अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहने में असमर्थ हैं या फिर निराधार हैं |

वर्तमान में बहुत सारे बच्चे ऐसे होते हैं जो किसी कारणवश अपने घर के बुजुर्गों को वृद्धाआश्रम में छोड़ना पसंद करते हैं, वहीँ बहुत सारे वरिष्ठ नागरिक भी ऐसे होते हैं जो किसी कारणवश परिवार के सदस्यों के साथ रहने में असमर्थ हो जाते हैं | साफ शब्दों में कहें तो वृद्धाआश्रम एक ऐसी जगह है जहाँ केवल वरिष्ठ नागरिक पैसे देकर या फिर मुफ्त में रह सकते हैं |

यहाँ वरिष्ठ नागरिकों के लिए लगभग सभी सुविधाएँ जैसे स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली, एम्बुलेंस, नर्स एवं संतुलित भोजन कराने की सुविधा होती है | हालांकि कुछ वृद्धाआश्रमों में इन सुविधाओं का अभाव हो सकता है तो कुछ में योगा से लेकर संगीत इत्यादि की भी सुविधाएँ उपलब्ध हो सकती हैं | यही कारण है की कुछ Old age home में रहना, खाना, पीना बिलकुल मुफ्त होता है तो कुछ वृद्धाआश्रम इन सब सुविधाओं का शुल्क लेते हैं | हम यहाँ पर कमाई करने के उद्देश्य से Old age home business पर वार्तालाप कर रहे हैं |

वृद्धाआश्रमों की आवश्यकता (Requirement of Old age home):

हालांकि वृद्धाआश्रमों की संख्या बढ़ना देश के लिए या हमारे लिए कोई गर्व की बात नहीं है वह इसलिए क्योंकि इनकी बढती संख्या यह दर्शाती है की जिन्होंने हमारी खुशी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया | आज जब उन्हें हमारी जरुरत है तो हमें वे बोझ लगने लगते हैं और हम उनसे छुटकारा पाने की कोशिश करने लगते हैं | कहने का आशय यह है की Old age home business करने वाले उद्यमी की कमाई के स्रोत एक तो ऐसे वरिष्ठ लोग होते हैं जिनके आगे पीछे उनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है |

दूसरे वे वरिष्ठ लोग होते हैं जो किसी कारणवश अपने परिवार के सदस्यों के साथ रहना नहीं चाहते | तीसरे वे वरिष्ठ लोग होते हैं जिनके बाकी परिवार वाले उनके साथ रहना नहीं चाहते इत्यादि | ऐसे में ये वरिष्ठ लोग ऐसे स्थान की तलाश में रहते हैं जहाँ इन्हें घर जैसा माहौल मिल सके, और ये अपना सुख दुःख एक दूसरे के साथ बाँट सके, बीमार होने पर इनकी दवाइयां इत्यादि का प्रबंध हो सके इत्यादि | एक Old age home में इन वरिष्ठ नागरिकों को वे सभी सुविधाएँ दी जाती हैं जो उम्र के इस पड़ाव पर किसी को चाहिए होती है |

बुजुर्गों की इसी पीड़ा को समझते हुए भारत में दिल्ली, केरल, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल एवं अन्य राज्यों में भी अच्छी सुविधाएँ प्रदान करने वाले Old Age Home की स्थापना हुई है | लेकिन इसके बावजूद वर्तमान पीढ़ी में घटते नैतिकता के स्तर, दिखावटी प्रकृति, केवल स्वयं के बारे में सोचने की प्रवृत्ति के कारण ऐसे बुजुर्गों की संख्या बढती जा रही है जो या तो घर से निकाल दिए गए हैं या फिर वे खुद अपने बच्चों के साथ रहना पसंद नहीं करते हैं | ऐसे में देश में वृद्धाआश्रमों की आवश्यकता भी बढती जा रही है |

वृद्धाआश्रम कैसे शुरू करें (How to Start Old age home Business in Hindi):

वृद्धाआश्रम अर्थात Old age home business शुरू करके उद्यमी न केवल अपनी कमाई कर रहा होता है बल्कि वह मानव जाति की भलाई भी कर रहा होता है | चूँकि इसमें उद्यमी के ग्राहक के तौर पर वे लोग होते हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी में लगभग सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर लिया होता है | और उम्र के इस पड़ाव में वे न केवल शारीरिक रूप से बल्कि भावनात्मक रूप से भी कमजोर हो चुके होते हैं |

और वे शोर शराबे से दूर शांति वातावरण में रहना पसंद करते हैं | इसलिए उद्यमी को लोकेशन चयन करते वक्त इस बात का विशेष ध्यान रखना पड़ता है | तो आइये जानते हैं Old age home business शुरू करने के लिए किसी व्यक्ति को क्या क्या प्रक्रियाएं करनी पड़ सकती हैं |

लोकेशन एवं डिजाईन कैसा होना चाहिए :

Old age home शुरू करने वाले उद्यमी को इस बात की जानकारी होनी चाहिए की वृद्धाआश्रम स्थापित करने के लिए कैसी लोकेशन एवं उसका डिजाईन होना चाहिए | हालांकि लोकेशन एवं डिजाईन इस बात पर निर्भर करते हैं की उद्यमी आर्थिक रूप से वर्गीकृत किस वर्ग के लोगों को टारगेट में रखकर इस तरह का बिज़नेस शुरू करने की सोच रहा है | लेकिन इसके बावजूद भी लोकेशन चुनाव एवं डिजाईन सम्बन्धी कुछ टिप्स इस प्रकार से है |

  • स्थापना की लोकेशन का विश्लेषण करना बेहद ही महत्वपूर्ण कारक है, क्योंकि इससे उद्यमी को वहाँ की जलवायु स्थिति का निर्धारण करने में मदद मिलेगी |
  • Old age home की स्थापना किसी ग्रामीण इलाके में होगी या शहरी यह सब उन पर निर्भर करता है जिन वरिष्ठ लोगों को टारगेट करके उद्यमी इसकी स्थापना कर रहा हो |
  • कुछ लोग शहर के शोर शराबे से दूर रहना पसंद करते हैं तो कुछ लोग शहर की सुविधाओं को देखते हुए उसके निकट रहना पसंद करते हैं |
  • एक Old age home को ऐसी सुविधाएँ जो किसी आरामदायक आवसीय परियोजना के लिए चाहिए होती हैं के साथ शांत एवं प्रदूषण मुक्त वातावरण में स्थापित किया जा सकता है |
  • वृद्धाआश्रम का डिजाईन उन लोगों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति पर निर्भर करता है जिन्हें उद्यमी ने अपने ग्राहक के तौर पर लक्ष्यित किया हो |
  • रहने की सुविधा के लिए डोर्मेटरी प्रकार, पूर्ण कमरे या कॉटेज बनाये जा सकते हैं | लेकिन ध्यान रहे कमरे हवादार होने चाहिए | अर्थात कमरों में वेंटिलेशन की उचित व्यवस्था हो |
  • कोशिश करनी चाहिए की वृद्धाआश्रम में सभी प्रकार की बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का प्रबन्ध ग्राउंड फ्लोर पर करें | उपरी मंजिलों की तरफ जाने वाले रास्तों को ऐसे बनायें की व्हील चेयर इत्यादि आसानी से जा सकें |
  • शौचालय एवं स्नानघर के फर्श का निर्माण इस तरह से करें की कोई वृद्ध फिसले नहीं |
  • मनोरंजन के लिए अलग एवं चिकित्सा देखभाल के लिए अलग कमरे बनाये जाने नितांत आवश्यक हैं |

लाइसेंस एवं पंजीकरण (License and Registration for Old Age home):

इंडिया में Old age home को तीनों यानिकी Trust Act, Society Act या फिर companies Act में से किसी एक के अंतर्गत रजिस्टर करके शुरू किया जा सकता है | चूँकि इस तरह का यह बिज़नेस कमाई के साथ साथ मानवता की भलाई से भी जुड़ा हुआ बिज़नेस है इसलिए अधिकतर लोग अपना एनजीओ रजिस्टर करके ही इस तरह का व्यापार शुरू करते हैं | आइये जानते हैं इंडिया में अपना एनजीओ कैसे शुरू करें?

नियम एवं शर्तें निर्धारित करना (Determine terms and Conditions):

Old age home का निर्माण एवं रजिस्ट्रेशन करने के बाद उद्यमी का अगला कदम अपने वृद्धाआश्रम के लिए नियम एवं शर्तों का निर्धारण करने का होना चाहिए | नियम एवं शर्तों का निर्धारण करते वक्त निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें |

  • अपने Old age home के लिए पात्रता मापदंड निर्धारित करें अर्थात यह तय करें की कौन कौन वरिष्ठ नागरिक आपके वृद्धाआश्रम में रहने के लिए आ सकते हैं |
  • आम तौर पर ऐसे वरिष्ठ नागरिक जो किसी संक्रामक बीमारीयों से पीड़ित हैं, या किसी आपराधिक मामलों या अपराध में शामिल हैं, या शराब, ड्रग इत्यादि मादक पदार्थों के आदी हैं | उनको वृद्धाआश्रम में रहने की ईजाजत नहीं दी जाती है |
  • प्रवेश के समय किन किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी यह भी निर्धारित करें |
  • किस प्रकार की सुविधा या कमरे के कितने चार्ज होंगे यह भी निर्धारित करें |
  • चिकित्सा देखभाल में वृद्धाआश्रम द्वारा किन किन खर्चों को वहन किया जायेगा इसका निर्धारण भी बेहद जरुरी है |
  • यदि किसी सदस्य को अतिरिक्त सुविधा की जरुरत होगी तो उसे उसके कितने चार्ज देने होंगे इसका भी निर्धारण कर लेना चाहिए |
  • आश्रम में रहने वाले लोगों से विजिटर किस समय और कितनी बार मिल सकते हैं ऐसे नियम बनाने भी जरुरी हैं |
  • Old age home में किसी सदस्य की मृत्यु होने पर वृद्धाआश्रम की क्या जिम्मेदारियां होंगी इनका निर्धारण भी कर लेना चाहिए |
Q. भारत में वृद्धाआश्रम की संख्या क्यों बढती जा रही है?

Ans. भारत में वृद्धाआश्रम बढ़ने के पीछे एकाकी परिवार और वर्तमान पीढ़ी और बुजुर्गों की सोच में आ रहा अंतर भी है। बुजुर्ग चाहते हैं की उनके बच्चे उनके कहने पर चलें, जबकि बच्चे आज़ादी यानिकी बिना रोक टोक का जीवन जीना पसंद कर रहे हैं।

Q. भारत में कुल कितने वृद्दाआश्रम हैं?

Ans. समर्थ एक नॉन प्रॉफिट संगठन के मुताबिक वर्ष 2018 में देश भर में वृद्धाआश्रमों में 97000 बेड की व्यवस्था थी। जो अगले आठ वर्षों में 9 लाख होने की संभावना थी।

Q. क्या कोई व्यक्तिगत व्यक्ति भी वृद्धाआश्रम खोल सकता है?

Ans.  नहीं, केवल ट्रस्ट, सोसाइटी या कंपनी ही वृद्धाआश्रम या Old Age Home खोल सकती हैं । कहने का आशय यह है की यदि कोई व्यक्तिगत व्यक्ति यह काम करना चाहता है तो उसे ट्रस्ट, सोसाइटी या कंपनी का रजिस्ट्रेशन करना होगा।

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