स्टार्ट अप इंडिया योजना की जानकारी। Start up India Scheme in Hindi.

Start up India Scheme information in Hindi:  यह भारत सरकार की एक योजना है जी हाँ दोस्तों जैसा की आप सबको विदित है की हमारी इस वेबसाइट का उदेश्य कमाई के विषय पर विचार करना और आप लोगो को कमाई के साधनों से अवगत कराना और आपको Kamai करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसलिए यहाँ पर हम रोजगार एवं उद्यमिता से जुड़ी हर प्रकार की जानकारी देने का प्रयत्न करते रहते हैं।

इसलिए आज हम भारत सरकार द्वारा हाल ही में शुरू की गई एक नई शुरुआत अर्थात एक नई योजना के बारे में जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं । भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस नई पहल का नाम स्टार्ट अप इंडिया है। जैसा की नाम से ही स्पष्ट है इस पहल की शुरुआत भारतवर्ष में रोज़गार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार द्वारा किया गया है।

Start-up-india-Scheme-in-Hindi

स्टार्ट अप इंडिया क्या है (What is Start up India Scheme in Hindi) :

जैसा की हम  उपर्युक्त वाक्य में स्पष्ट कर चुके हैं की यह भारत सरकार द्वारा संचालित की गई एक शुरुआत है। जिसका लक्ष्य भारतवर्ष में उद्यमिता और रोज़गार को बढ़ावा देना है। कहने का अभिप्राय यह है की यह भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य देश में एक ऐसा मजबूत वातावरण तैयार करना है जो स्टार्टअप व्यापारों की वृद्धि के अनुकूल हो। यह पारिस्थितिकी तंत्र देश के आर्थिक विकास को स्थायी तौर पर बढ़ावा दे और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर प्रदान करे।

इस स्कीम के तहत सरकार का लक्ष्य स्टार्टअप को इनोवेशन एवं डिजाईन के माध्यम से सशक्त बनाना है। चूँकि इस पहल से पहले भारत में स्टार्टअप शुरू करना एवं उसे बंद करने सम्बन्धी कठिन नियम थे यही कारण था की लोग खुद का स्टार्टअप शुरू करने से डरते थे। लेकिन इस योजना के तहत मान्यता प्राप्त स्टार्टअप को अनेकों फायदे जैसे स्व प्रमाणिकता, कर छूट, फास्ट ट्रैक पेटेंट एप्लीकेशन, सरकारी टेंडर लेने के लिए बयाना जमा, टर्नओवर व अनुभव आवश्यकताओं में छूट इत्यादि दिए जाने का प्रावधान है।

इसकी घोषणा एवं शुरुआत कब हुई? :

इसकी घोषणा भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 15 अगस्त 2015 को लाल किले से की थी। और इस योजना की शुरुआत देश के वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश के तत्कालीक वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा बहुत सारे प्रभावशाली व्यक्तियों की उपस्थिति में 16 जनवरी 2016 को दिल्ली के विज्ञान भवन में की गई थी।

स्टार्टअप इंडिया स्कीम के प्रमुख बिंदु :

इस योजना के प्रमुख बिंदु निम्नवत हैं।

  1. एकल खिड़की सिस्टम : इस योजना के अंतर्गत उद्यमियों को उनके व्यापार सम्बन्धी सारी मंजूरी एक स्थान पर अर्थात एकल खिड़की द्वारा उपलब्ध कराई जायेगी। हों सकता है की उद्यमियों को सारी मंजूरी एक मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से उपलब्ध कराइ जाय।
  2. स्व प्रमाणिक Compliance : अगर सही और सरल शब्दों में कहें तो उद्यमियों को सबसे अधिक चिंता इसी बात की रहती है। की अगर कही epf, contract Labor, Payment of Gratuity, water and air pollution की प्रमाणिकता में अटक गए, तो पता नहीं फिर क्या क्या करना पड़ेगा। लेकिन इसके अंतर्गत आने वाली कंपनियों को इस चिंता से अगले तीन सालो तक निजात मिल जाएगी। क्योकि सरकार ने इस योजना के अंतर्गत आने वाली कंपनियों को स्व प्रमाणिकता की इजाजत दे दी है। और अगले तीन सालो तक आपकी कंपनी के Compliance को निरक्षण करने के लिए Labor Department से कोई निरीक्षक भी नहीं आएगा।
  3. आपके अविष्कार विचार का संरक्षण (Patent Protection) स्टार्ट अप इंडिया योजना  अंतर्गत आप अपने अविष्कार या विचार को संरक्षित अर्थात सुरक्षित रखने के लिए 80% तक कम फीस देकर अपने अविष्कार या विचार का पंजीकरण करवा सकते हैं।
  4. उद्यमियों को वित्त सम्बन्धी सहायता : इस योजना के अंतर्गत एक कोष बनाया जायेगा। जिसका उद्देश्य उद्यमियों को पूँजी सम्बन्धी सहायता प्रदान करना होगा। जिसमे प्रत्येक वर्ष लगभग 2500 करोड़ और चार वर्षो में 10000 करोड़ रूपये आवंटित किये जायेंगे।
  5. व्यापार बंद करना अर्थात कंपनी को बंद करना होगा आसान : उद्यमियों की चिंता का एक मुख्य कारण यह भी होता है की  उन्होंने अगर कोई कंपनी शुरू कर दी। और यदि काम  चला नहीं, तो उनको उनकी इस हार का जिंदगी भर सामना करना पड़ता है। इस योजना के अंतर्गत भारत सरकार ने bankruptcy code के नियमो में कुछ तबदीली कर इस प्रक्रिया को तीव्र गति देने की कोशिश की है। अब जिन उद्यमियों का व्यापार नहीं चल रहा है। वह 90 दिनों के अन्दर अन्दर अपने इस व्यवपार से आसानी से बहार निकल सकते है, और आगे और किसी क्षेत्र में कोशिश कर सकते है।
  6. क्रेडिट गारंटी फण्ड : इस फण्ड की रचना नए विचारो वाले उद्यमियों को अपने सपने साकार करने के तौर पर की गई है। अर्थात वो उद्यमी, लोग जिनके पास अपना व्यापार सम्बन्धी विचार, लगन, आत्मविश्वास सब कुछ है। लेकिन पूँजी न होने के कारण वो लोग अपने व्यापार सम्बन्धी विचार को मूर्त रूप नहीं दे पा रहे हैं। क्रेडिट गारंटी फण्ड के अंतर्गत ऐसे लोगो की सहायता की जाएगी। जिसमे सरकार हर साल 500 करोड़ रूपये अगले चार सालो के लिए आवंटित करेगी।
  7. टैक्स में छूट : स्टार्ट अप इंडिया के अंतर्गत 1 अप्रैल 2016 के बाद स्थापित कंपनियों को अगले तीन वर्षो तक आयकर में छूट देने का प्रावधान है। इसके अलावा कैपिटल गेन्स टैक्स में छूट, फेयर मार्किट वैल्यू (FMV) टैक्स में भी छूट का प्रावधान है।
  8. स्टार्ट अप उत्सव : स्टार्ट अप उत्सव का मुख्य लक्ष्य नवीनीकरण को बढ़ावा देना। और उद्यमियों को एक सहयोग मंच प्रदान करना होगा।
  9. Atal Innovation Mission (AIM): अटल इनोवेसन मिशन का मुख्य उद्देश्य नवीनीकरण को बढ़ावा और नवीनीकरण करने वाले उद्यमी को लोगो के बीच प्रमोट कराना होगा। ताकि अधिक से अधिक लोग उस व्यक्ति से प्रेरणा ले सके।
  10. नवीनीकरण की तरफ विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करना : लगभग पांच लाख स्कूलों में नवीनीकरण सम्बन्धी कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। जिससे अधिक से अधिक विद्यार्थी नवीनीकरण की तरफ अपना ध्यान लगाने में सक्षम हों।

स्टार्ट अप इंडिया के तहत स्टार्टअप किसे माना जायेगा

इस योजना के अंतर्गत पात्रता के लिए निम्न शर्ते लागू होती हैं। अर्थात निम्नलिखित शर्तों एवं नियमों के मुताबिक ही किसी कंपनी या उद्यम को स्टार्टअप इंडिया योजना के तहत स्टार्टअप की मान्यता प्राप्त की जाएगी।

  1. कंपनी Private Limited होनी चाहिए और कम्पनीज एक्ट के तहत उसका पंजीकरण होना चाहिए। या पंजीकृत पार्टनरशिप फर्म हों अथवा पंजीकृत LLP (Limited Liability partnership) हो।
  2. कंपनी का निगमन हुए या पंजीकरण हुए सात सालों से अधिक का समय न हुआ हो अर्थात कंपनी की स्थापना सात सालों से पहले की न हो। हालांकि यदि कंपनी जैव प्रौदयोगिकी क्षेत्र में हो तो उसके लिए यह अवधि दस वर्षों की होगी।
  3. यदि कंपनी की स्थापना के बाद किसी भी वित्तीय वर्ष में कंपनी का टर्नओवर 25 करोड़ रूपये से अधिक न हुआ हो।
  4. Start Up कंपनी नवीनीकरण, की दिशा में काम कर रही हो, और Start up में अधिक से अधिक तकनिकी का उपयोग किया जा रहा हो। और कंपनी अपने भविष्य के लक्ष्यों के प्रति आश्वस्त हो।
  5.  कंपनी के पास अपने उत्पाद या सेवा का व्यवसायीकरण करने के लिए एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित हो।
  6. Start Up कंपनी किसी ऐसे उत्पाद और सेवा देने से सम्बंधित न हों, जिसका व्यवसायीकरण न किया जा सके।
  7. स्टार्ट अप कंपनी किसी दुसरे के बिज़नेस मॉडल से प्रेरित न हो। अर्थात कोई ऐसा उत्पाद या सेवा जो पहले से ही किसी और कंपनी द्वारा प्रदान की जा रही है।
  8. Start up कंपनी को अपने उत्पाद या सेवा की नवीनीकरण की प्रकृति के लिए DIPP द्वारा स्थापित Inter Ministerial Board से एक प्रमाण पत्र प्राप्त करना होगा।

अधिकारिक पोर्टल पर प्रोफाइल कैसे रजिस्टर करें:

Start up India Website में प्रोफाइल रजिस्टर करने के लिए सर्वप्रथम स्टार्टअप या व्यक्ति को स्टार्टअप इंडिया की अधिकारिक वेबसाइट पर जाना होता है।

  1. उसके बाद उसे Register पर क्लिक करना होता है और रजिस्ट्रेशन फॉर्म में मांगी गई डिटेल्स जैसे नाम, ईमेल, मोबाइल नंबर इत्यादि भरकर पासवर्ड भी सेट करना होता है। और आगे Create a Start up India Account पर क्लिक करके आगे बढ़ना होता है। उसके बाद उद्यमी के पास रजिस्टर्ड ईमेल आईडी पर एक ओटीपी भेजा जाता है। उस ओटीपी को सबमिट करने के बाद प्रोफाइल क्रिएट हो जाती है।
  2. उसके बाद आपके पास अपने प्रोफाइल का प्रकार चुनने का विकल्प होता है, Individuals चुनाव करने पर प्रोफाइल तुरंत लाइव हो जाती है। जबकि Startups के लिए प्रोफाइल 24-48 घंटे मॉडरेशन पर रह सकती है।

ऐसी कोई भी विदेशी कंपनी जिसका भारत में कम से कम एक रजिस्टर्ड ऑफिस हो वह भी Start up India Scheme का लाभ लेने के लिए पात्र होगी। यद्यपि इस योजना के तहत सभी प्रकार के लाभ प्राप्त करने के लिए स्टार्टअप औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (DIPP) से मान्यता प्राप्त होना चाहिए।

यह भी पढ़ें: