हाउस फ्लिपिंग व्यापार कैसे शुरू करें? How to Start House Flipping Business.

House Flipping Business के बारे में भले ही आप थोड़ा बहुत जानते होंगे लेकिन आज इस लेख में हम इसके बारे में विस्तार से समझने की कोशिश करेंगे। हालांकि हम पिछले कुछ दशकों से देखते आ रहे हैं की रियल एस्टेट बहुत सारे लोगों के लिए सम्पति कमाने का एक बेहतरीन साधन बनकर सामने आया है। इसलिए लोगों की रूचि इस प्रकार के बिजनेस के प्रति काफी बढ़ी है और दूसरी इस क्षेत्र में बिजनेस शुरू करने की सबसे बड़ी खास बात यह भी है की इस क्षेत्र में उद्यमी बिना किसी निवेश के भी खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है। इसलिए इस क्षेत्र की ओर युवा पहले से आकर्षित रहे हैं लेकिन वर्तमान में कोई भी व्यक्ति जो प्रॉपर्टी डीलिंग में शामिल हो उसे रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर खुद को रजिस्टर करके लाइसेंस की आवश्यकता होती है। यही कारण है की वर्तमान में व्यक्तिगत तौर पर इस तरह का व्यापार करने वालों की संख्या में भले ही कमी हुई हो। लेकिन आज भी यदि किसी व्यक्ति को प्रॉपर्टी डीलिंग में बिचौलिए की भूमिका निभाने को मिलती है तो वह इस अवसर का पूरा पूरा फायदा उठाते हुए देखा जा सकता है। हालांकि जब बात House Flipping की आती है तो यह बिचौलिए की भूमिका निभाने से बिलकुल अलग है और इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए उद्यमी को अच्छे खासे निवेश करने की आवश्यकता तो होती ही है । साथ में इस क्षेत्र में काम करने का अनुभव भी आवश्यक होता है । लेकिन अभी भी अच्छा लाभ प्राप्त करने के लिए बहुत सारे अनुभवी एवं समृद्ध प्रॉपर्टी डीलर, रियल एस्टेट एजेंट House Flipping Business कर रहे हैं। इसलिए इससे पहले की हम इस तरह का व्यापार शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में बात करें आइये जानते हैं की यह व्यापार होता क्या है ।

Steps to start House flipping business hindi

हाउस फ्लिपिंग व्यापार क्या है (What is House Flipping Business)

जैसा की हम सब लोग जानते हैं की जब कोई व्यक्ति शुरूआती दौर में प्रॉपर्टी डीलिंग या रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर व्यक्तिगत रूप से कार्य करता है । तो वह प्रॉपर्टी बेचने वाले एवं प्रॉपर्टी लेने वाले के बीच मध्यस्थता की भूमिका निभाता है जिससे उसे हर डील पर पैसे की कमाई होती है। लेकिन हाउस फ्लिपिंग नामक यह व्यापार है तो इसी से मिलता जुलता, लेकिन सैद्धांतिक रूप से यह इनसे भिन्न है। यानिकी एक ऐसा व्यापार जिसमें उद्यमी जर्जर, जीर्ण शीर्ण मकानों को बेहद कम कीमत पर खरीदता है और फिर उनकी मरम्मत कराके उन्हें अच्छे दामों में बेच देता है यही व्यापारिक प्रक्रिया House Flipping Business कहलाती है। लेकिन ध्यान रहे चूँकि इसमें उद्यमी को मकान खरीदने होते हैं और फिर उनमें मरम्मत का काम भी करवाना होता है इसलिए इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने के लिए अच्छे खासे निवेश की आवश्यकता होती है। चूँकि यह प्रक्रिया लाभ कमाने का एक साधन मात्र है इसलिए जरुरी नहीं है की उद्यमी केवल जर्जर या जीर्ण शीर्ण मकानों को ही ख़रीदे बल्कि वह अच्छे मकान जो अच्छी कीमत पर मिल रहे हों उन्हें खरीदकर भी ग्राहकों को प्रॉफिटेबल प्राइस में बेच सकता है। चूँकि यह रियल एस्टेट क्षेत्र में एक बेहद ही लाभकारी व्यवसायिक क्रिया के तौर पर प्रसिद्ध हुई  है यही कारण है की कुछ समृद्ध एवं अनुभवी रियल एस्टेट एजेंट द्वारा भी यह प्रक्रिया लाभ कमाने के उद्देश्य से की जाती है।

हाउस फ्लिपिंग व्यापार कैसे शुरू करें (How to Start House Flipping Business)

भारत में भी ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिनकी जिन्दगी रियल एस्टेट बिजनेस ने पूरी तरह से बदल कर रख दी है। यहाँ तक की आप अपने आस पड़ोस में भी ऐसे कई उदाहरण देख सकते हैं जो प्रॉपर्टी डीलिंग इत्यादि से काफी सम्पति जुटा पाने में सफल हो पाए हैं। यही कारण है की इस क्षेत्र में व्यापार करने की तरफ लोगों का रुझान पिछले कुछ दशकों में बढ़ता हुआ देखा गया है। लेकिन House Flipping का बिजनेस शुरू करना रियल एस्टेट एजेंट बनना जितना आसान नहीं है। वह इसलिए क्योंकि एजेंट बनने या इस तरह का काम करने के लिए उद्यमी को अधिक निवेश की आवश्यकता नहीं होती जबकि हाउस फ्लिपिंग व्यापार के लिए बड़े पैमाने पर निवेश करने की आवश्यकता होती है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद का यह व्यापार शुरू कर सकता है।

1. आर्थिक तौर पर स्वयं का आकलन करें

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की House Flipping Business शुरू करने के लिए उद्यमी को अच्छे खासे पैसे निवेश करने की आवश्यकता होती है। इसलिए इस तरह का यह व्यापार हर किसी के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। यह व्यापार केवल उन लोगों के लिए उपयुक्त है जो रियल एस्टेट में अच्छे खासे पैसे निवेश करने में समर्थ हैं। इसलिए इस तरह का यह व्यापार शुरू करने की ओर सबसे पहला कदम खुद का आर्थिक आकलन करने का होता है। ध्यान रहे उद्यमी को अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के बारे में भी इस तरह का निर्णय लेने से पहले सोचना बेहद आवश्यक है। इसके बाद भी यदि उद्यमी को लगता है की वह व्यापार शुरू करने के बावजूद एवं कुछ समय तक कमाई न होने के बावजूद भी अपने पारिवारिक दायित्वों की पूर्ति करने में सक्षम है। तो उसके बाद ही उद्यमी को इस तरह के  व्यापार में आगे बढ़ने की योजना बनानी चाहिए।       

2. रेरा के तहत खुद को रजिस्टर कराएँ (RERA Registration for House Flipping Business)

यद्यपि कुछ साल पहले तक देश में बिना पंजीकृत हुए प्रॉपर्टी डीलर एवं रियल एस्टेट एजेंट बड़ी संख्या में कार्यरत थे। लेकिन सरकार ने रियल एस्टेट सेक्टर को विनियमित करने के लिए 2016 में रेरा कानून लागू कर दिया। इस कानून के तहत प्रॉपर्टी डीलर एवं रियल एस्टेट एजेंट के तौर पर कार्य करने के लिए उन्हें स्वंय को एजेंट के तौर पर पंजीकृत कराना होगा इसका रजिस्ट्रेशन शुल्क अलग अलग राज्यों में अलग अलग है। इसलिए उद्यमी जिस राज्य में House Flipping Business शुरू करना चाहता है वह उस राज्य के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क चेक कर सकता है। अलग अलग राज्यों ने इस बाबत अलग अलग वेबसाइट की स्थापना की है। इसलिए उद्यमी को स्वयं को एक एजेंट के तौर पर रजिस्ट्रेशन कराने की आवश्यकता हो सकती है।         

3. प्रॉपर्टी ढूंढें और खरीदें

House Flipping Business शुरू कर रहे उद्यमी का अब अगला कदम प्रॉपर्टी ढूँढने का होना चाहिए जहाँ तक प्रॉपर्टी का सवाल है प्रॉपर्टी की कीमत शहर एवं लोकेशन, आकार इत्यादि के आधार पर अलग अलग हो सकती है। कहने का आशय यह है की एक मकान आपको अगर 30 लाख में मिलता है तो उतनी ही जगह में बना वैसा ही मकान किसी दूसरी लोकेशन पर आपको करोड़ों रूपये का भी पड़ सकता है। इसलिए प्रॉपर्टी ढूँढने से पहले इस बात का आकलन कर लेना आवश्यक है की वह इस बिजनेस में कितना पैसा निवेश करने की सोच रहा है। क्योंकि जब उद्यमी को इस बात की जानकारी हो पायेगी तभी वह अपने बजट मुताबिक मकान इत्यादि ढूँढने में सक्षम हो पायेगा। और उद्यमी को यह भी देखना होगा की उसके पास खुद का कितना कैश पड़ा हुआ है और कितना वह ऋण इत्यादि के माध्यम से लेने वाला है और क्या उसके पास ऐसा कोई बिजनेस पार्टनर भी है जो पैसे निवेश करने के लिए तैयार है। कहने का आशय यह है की उद्यमी किस प्रकार के घरों की House flipping करना चाहता है वह उसकी आर्थिक स्थिति पर निर्भर करेगा। घर खरीदने से पहले उद्यमी को लोकेशन एवं घर बनाने में इस्तेमाल में लायी गई सामग्री का भी निरीक्षण करना बेहद आवश्यक होता है। एक अच्छे रिहायशी इलाके जहाँ पर लोग अपने घर का सपना देखते हों अगर ऐसी लोकेशन पर कोई ऐसा घर मिलता है जिसे बेचने के लिए उसका मालिक किसी मजबूरी इत्यादि के कारण बेकरार हो तो उसे खरीद लेना चाहिए। लेकिन साथ में छत टपक तो नहीं रही, पानी की निकासी की व्यवस्था, नलसाजी इत्यादि का बारीकी से निरीक्षण करना भी आवश्यक है। और यदि उस घर में किसी प्रकार के सुधारों की आवश्यकता है तो उद्यमी मकान मालिक से इनके लिए मोलभाव कर सकता है । कुल मिलाकर घर खरीदते समय उद्यमी का पूरा ध्यान उस घर को मार्किट प्राइस से काफी सस्ती दरों पर प्राप्त करने का होना चाहिए ताकि वह अधिक से अधिक लाभ कमा पाने में सफल हो सके।           

4. प्रॉपर्टी की मरम्मत कराएँ

अगर House flipping Business कर रहा उद्यमी यह सोच रहा है की उसने घर तो खरीद लिया अब जिसे उसे खरीदना होगा वह उसे किसी भी हाल में स्वीकार कर लेगा तो यह उद्यमी की गलत धारणा है। जैसा की हम सब जानते हैं अपना घर हर किसी का सपना होता है लेकिन यह भी सच्चाई है की यह सपना भारत जैसे देश में किसी किसी का पूरा होता है। यही कारण है की घर खरीदते समय लोगों द्वारा जरुरत से भी ज्यादा सोच विचार किया जाता है। इसलिए उद्यमी को उस घर को नया स्वरूप प्रदान करने के लिए उसकी मरम्मत या पुनर्निर्माण का कार्य तक कराने की आवश्यकता हो सकती है। ताकि ग्राहकों को घर पसंद आये और वह जल्दी से जल्दी बिक सके। मरम्मत कराने के लिए भी उद्यमी को सस्ती से सस्ती लेबर का प्रबंध करना होता है और यदि उद्यमी के पास इतना समय नहीं है तो उसे किसी ठेकेदार को इस काम की जिम्मेदारी देनी होती है । हाउस फ्लिपिंग व्यापार में घर खरीदने के लगभग तीन महीनों के भीतर भीतर घर बिक जाना चाहिए अन्यथा उद्यमी का पैसा पूरी तरह से ब्लाक हो सकता है और वह अपनी आगे की योजनाओं को बढ़ा पाने में नाकाम हो सकता है। ध्यान रहे जब उद्यमी घर की मरम्मत का काम करा रहा हो तो उसका पूरा फोकस घर के उस पहलू पर होना चाहिए जिसकी मरम्मत पूरे घर की कीमत बढ़ाने में सहायक हो सके। खास तौर पर प्लंबिंग एवं इलेक्ट्रिकल कामों का औचक निरीक्षण आवश्यक है।        

5. मार्केटिंग करें (Marketing of House Flipping Business)

जब उद्यमी द्वारा उपयुक्त प्रॉपर्टी पाकर उसे खरीद लिया जाता है तो House flipping Business कर रहे उद्यमी का अगला कदम उसकी मार्केटिंग का होना चाहिए। उद्यमी को यह सोचकर हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठना चाहिए की जिसको जरुरत होगी वह खुद ही उसे संपर्क करेगा। बल्कि एक बार घर खरीद लेने एवं उसमें रेनोवेशन का काम करा लेने के बाद उद्यमी का लक्ष्य उसे कम से कम समय में अधिक से अधिक प्रॉफिट में बेचने का होना चाहिए। इसके लिए उद्यमी स्थानीय न्यूज़पेपर, केबल ऑपरेटर, पोस्टर, पम्पलेट इत्यादि के माध्यम से मार्केटिंग कर सकता है। वर्तमान में फेसबुक ऐड, गूगल एड इत्यादि के माध्यम से भी किसी लोकेशन विशेष में विशेष लोगों को टारगेट में रखकर मार्केटिंग एवं विज्ञापन संभव है।      

6. प्रॉपर्टी को लाभप्रद दामों में बेचें 

House Flipping Business में उद्यमी को घर खरीदने के नब्बे दिनों के अन्दर अन्दर उस घर को बेच देना चाहिए अन्यथा उद्यमी के हाथ में कैश न होने के कारण वह परेशानी में पड़ सकता है। ध्यान रहे उस घर को ग्राहकों को दिखाने के लिए हमेशा खुला रखें कहने का अभिप्राय यह है की ऐसा कोई दिन नहीं होना चाहिए जब उसे ग्राहक देखना चाहें और आप कहें की आप आज उसे नहीं दिखा सकते। उद्यमी अपनी प्रॉपर्टी की मार्केटिंग एवं ग्राहक पाने के लिए इन्हें क्लासिफाइड वेबसाइट एवं प्रॉपर्टी पोर्टल पर भी डाल सकता है। हो सके तो अपना स्वयं का एक यूट्यूब चैनल बनायें और उसमें नियमित तौर पर घरों की विडियो बनाकर ग्राहकों को बताएं और दिखाएँ की उन्हें किस लोकेशन पर किस कीमत में घर मिल सकता है। इसके अलावा उद्यमी शीर्ष रियल एस्टेट कम्पनियों से संपर्क करके और उन्हें अच्छे कमीशन ऑफर करके भी अपनी प्रॉपर्टी को बेच सकता है।

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मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |