Systematic Investment Plan (SIP) के फायदे, कार्यप्रणाली एवं नुकसान.

Systematic Investment Plan (SIP) का नाम आपने अक्सर उन लोगों के मुहं से अवश्य सुना होगा जो पैसे से पैसा कमाई करने की चाहत रखते हैं या म्यूचुअल फण्ड में निवेश करके कमाई करना चाहते हैं | या फिर ऐसे लोग जो पहले से ही इन योजनाओं में निवेश करके पैसे की कमाई कर रहे हैं | लेकिन अक्सर जो लोग Systematic Investment Plan (SIP) और म्यूचुअल फण्ड इत्यादि से अंजान रहते हैं वो इनका नाम सुनकर सोचते हैं की शायद इनमे निवेश करके रातों रात पैसे दुगुने, तिगुने हो जाते होंगे | इस बात में कितनी सच्चाई है इसका पता हम इस लेख के माध्यम से लगाने की कोशिश करेंगे | वर्तमान में हर व्यक्ति जो छोटी छोटी बचत करके भविष्य में उस बचत से अच्छी कमाई करना चाहता है SIP के बारे में अवश्य जानना चाहता है | इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से SIP क्या है? यह कैसे काम करता है? इसके जोखिम? इसके फायदे क्या हैं? इसमें निवेश कैसे करें अर्थात SIP kaise kare? इत्यादि के बारे में जानने की कोशिश करेंगे |

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Systematic Investment Plan (SIP) क्या है?

Systematic Investment Plan (SIP) को आप व्यवस्थित निवेश योजना के नाम से भी जान सकते हैं, क्योंकि Systematic का हिंदी में अर्थ व्यवस्थित से लगाया जा सकता है | SIP म्यूचुअल फण्ड में निवेश करने की एक ऐसी योजना है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति अपनी बचत को मासिक, त्रैमासिक, छमाही आधार पर निवेश कर सकता है | कहने का आशय यह है की यदि कोई व्यक्ति रूपये 24000 साल में म्यूचुअल फण्ड में निवेश करना चाहता है तो वह 24000 एकमुश्त राशि न जमा करके इसे बारह भागों में विभाजित करके रूपये 2000 प्रति महीना Systematic Investment Plan (SIP) के द्वारा शेयर बाजार में निवेश कर सकता है | हालांकि इक्विटी शेयरों में यह विकल्प नहीं होता है | चूँकि SIP के माध्यम से बहुत छोटी राशि यहाँ तक की 500 रूपये भी निवेश किये जा सकते हैं इसलिए इस योजना से आम लोग भी आसानी से जुड़ सकते हैं | साधारण शब्दों में हम यदि SIP kya hai? नामक प्रश्न का जवाब देने की कोशिश करेंगे तो हम यही कहेंगे की यह बैंक में खोला गया किसी Recurring Deposit Account की तरह होता है जिसमे हर महीने, त्रैमासिक, छमाही में एक निश्चित राशि जमा करनी पड़ती है | या यूँ कहें की Systematic Investment Plan (SIP) मनुष्य की अतिरिक्त कमाई पर अच्छे रिटर्न पाने का एक बेहतरीन तरीका है तो गलत नहीं होगा |

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान में रिस्क एवं रिटर्न:

हालांकि लोगों द्वारा एवं कंपनियों द्वारा Systematic Investment Plan (SIP) का इतना प्रचार प्रसार किया जाता है की इसमें निवेश करने वाला व्यक्ति यही सोच बैठता है इसमें रिस्क अर्थात हानि होने की कोई गुंजाईश ही नहीं है जबकि यह सत्य नहीं है | सत्य तो यह है की ‘’Mutual fund investments are subject to market risks’’ यानिकी म्यूचुअल फण्ड में निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन है चूँकि SIP भी म्यूचुअल फण्ड में पैसा लगाने का ही एक व्यवस्थित तरीका है इसलिए इसमें भी कमाई या हानि मार्केट की परिस्थितियों, फण्ड मैनेजर द्वारा लिए गए निर्णयों, निवेश के लिए फण्ड का चुनाव इत्यादि बातों पर निर्भर करता है | कहने का आशय यह है की SIP के अंतर्गत किया जाने वाला निवेश मार्केट जोखिमों के अधीन होता है इसलिए पहले से ही कितने निवेश पर कितनी कमाई होगी या हानि होगी का सटीक आकलन नहीं किया जा सकता है | जहाँ तक रिटर्न का सवाल है लोगों का मानना है की लम्बी अवधि के लिए SIP के माध्यम से किया गया निवेश हमेशा अच्छे रिटर्न देते हैं और अतीत में देखने पर भी पता चलता है की अधिकांश इक्विटी फण्ड ने पिछले 10-15 सालों में SIP में अच्छे रिटर्न दिए हैं |

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के फायदे (Benefits of SIP in Hindi):

Systematic Investment Plan (SIP) का कोई एक फायदा नहीं बल्कि फायदों की एक पूरी लिस्ट है जो इस प्रकार से है |

  1. निवेश का अनुशाषित दृष्टिकोण:

    शेयर बाजार से कमाई के लिए या धन इकट्ठा करने हेतु निवेशक निवेश के विकल्पों का चुनाव समय के अनुरूप मार्केट की स्थिति को देखकर कर सकते हैं | समय के अनुरूप मार्केट में निवेश करने के लिए मार्केट का ज्ञान, अनुसन्धान, तकनिकी विश्लेषण एवं बहुत अधिक समय की आवश्यकता हो सकती है और इसके अलावा यह ज्यादा जोखिमभरा भी हो सकता है | लेकिन अनुशाषित नियमित निवेश यानिकी Systematic Investment Plan (SIP) के माध्यम से निवेशक को निवेश कब करना है कितना करना है जैसी झंझटों से छुटकारा मिल जाता है इस तरह से निवेशक को सक्रीय रूप से मार्केट को ट्रैक करने की आवश्यकता नहीं होती है और SIP निवेशक को उसके लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करता है |

  2. औसत लागत पर यूनिट खरीदने का फायदा (Rupee Averaging Cost):

    औसत लागत पर यूनिट की खरीदारी निवेश की एक बेहद प्रभावी रणनीति है जो निवेशक के बाज़ार में लगने वाले समय को लगभग समाप्त ही कर देती है | चूँकि इस पद्यति में निवेशक को एक लम्बी अवधि के लिए नियमित रूप से एक निश्चित अर्थात पूर्व निर्धारित राशि का निवेश करना होता है और निवेश की जाने वाली राशि लगातार निवेश की जाती है | इसलिए जब यूनिट की कीमत कम होती है तब निवेशक को अधिक यूनिट मिल जाती हैं और जब यूनिट की कीमत अधिक होती है तब उसी निवेश में निवेशक को कम यूनिट मिलती हैं | यही कारण है की बाजार चाहे किसी स्थिति में हो Systematic Investment Plan (SIP) के माध्यम से निवेश करने में निवेशक के निवेश की औसत लागत कम होती है |

  3. SIP सरल, सुविधाजनक और निगरानी करने में आसान है

    SIP की क़िस्त का भुगतान करने के लिए निवेशक को कोई अलग से समय निकालने की आवश्यकता नहीं होती है निवेशक चाहे तो एक सरल से फॉर्म के साथ पोस्ट-डेटेड चेक जमा कर सकता है या फिर ऑटो डेबिट सुविधा का लाभ उठा सकता है जिसमें उसके खाते से हर महीने पैसे स्वत: ही कट जाते हैं | निवेशक अपनी प्रगति को ऑनलाइन या आवधिक रिपोर्ट में चेक कर सकता है |

  4. चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ (Benefits of Compound Interest):

    चक्रवृद्धि ब्याज से अभिप्राय ब्याज के पैसे पर भी ब्याज मिलना होता है Systematic Investment Plan (SIP) में निवेश किये जाने पर रिटर्न मिलता रहता है और उसे फण्ड मैनेजर द्वारा दुबारा इन्वेस्ट कर दिया जाता है इस तरह से निवेशक को रिटर्न पर भी रिटर्न मिलते हैं |

  5. लक्ष्य को पाने में आसानी:

    Systematic Investment Plan (SIP) निवेशक के वित्तीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मदद करता है | उदाहरणार्थ: माना पांच सालों में कोई व्यक्ति एक कार खरीदना चाहता है जिसकी वर्तमान में कीमत लगभग 5 लाख रूपये है | और यदि महंगाई दर 6% मान के चलें तो ये कार पांच वर्षों बाद 10.5 लाख की हो जाएगी | इसलिए यदि वह व्यक्ति डायरेक्ट ऐसे म्यूचुअल फण्ड में निवेश करेगा जो उसे 12% वार्षिक रिटर्न देगा तो उसे एक साथ 5.7 लाख निवेश करने की आवश्यकता हो सकती है | जबकि यही कार्य निवेशक SIP के माध्यम से 12593 रूपये प्रति महीने के हिसाब से भी कर सकता है |  

  6. पैसे कभी भी निकाले जा सकते हैं:

    अधिकतर Systematic Investment Plan (SIP) में किसी प्रकार का कोई लॉक इन पीरियड नहीं होता है जिसका अभिप्राय यह है की जरुरत पड़ने पर निवेशक अपनी यूनिट को बेचकर पैसे निकाल सकता है | लेकिन SIP केवल एक साल से ऊपर के समय के लिए ही की जा सकती है |

  7. पश्चाताप से मुक्त निवेश:

    कभी कभी होता क्या है की हम बचत करना चाहते हैं लेकिन कुछ कारणवश हम ऐसा नहीं कर पाते जिससे हमें महीने के अंत में पश्चाताप होता है की हम अपनी कमाई में से कुछ भी बचा पाने में असमर्थ हुए | लेकिन Systematic Investment Plan (SIP) में आपको एक निश्चित राशि, निश्चित अवधि में जमा करनी ही पड़ती है इसलिए जब किसी महीने में कमाई में से कुछ भी नहीं बचता तो आपको सुकून मिलता है की SIP की किस्त तो आपने जमा की ही हुई है |

  8. एंट्री लोड का भुगतान:

    उपर्युक्त फायदों के अलावा Systematic Investment Plan (SIP) में निवेश करने का एक और फायदा है वह यह है की यदि निवेशक सीधे म्यूचुअल फण्ड हाउस से फण्ड में निवेश करता है तो उससे म्यूचुअल फण्ड एंट्री लोड नहीं लेते हैं |

Systematic Investment Plan (SIP) की कार्यप्रणाली:

SIP की कार्यप्रणाली की बात करें तो निवेशक द्वारा हर महीने एक निश्चित अमाउंट इसमें जमा किया जाता है जिससे उसे उस फण्ड एवं उसकी यूनिट की कीमत के मुताबिक यूनिट मिल जाती हैं | चूँकि यूनिट की कीमत हर महीने घटती बढती रहती है और निवेशक द्वारा किया जाने वाला निवेश स्थिर रहता है इसलिए प्रत्येक महीने यूनिट की संख्या में अंतर हो सकता है | Systematic Investment Plan (SIP) नियमित निवेश के सिद्धांत पर कार्यरत है अर्थात इसके माध्यम से निवेशक को हर महीने की एक निश्चित तारीख को एक निश्चित राशि म्यूचुअल फण्ड में जमा करनी पड़ती है | यह निवेशकों को एक बार में भारी निवेश करने के बदले छोटी मात्रा में निवेश करने का विकल्प मुहैया कराता है | जिससे एक आम आदमी भी इसका फायदा लेने में सक्षम हो सके |

Online SIP कैसे करें (How to Invest SIP in Hindi):

Systematic Investment Plan (SIP) के माध्यम से निवेश करना बेहद ही आसान प्रक्रिया है जिसका संक्षिप्त वर्णन हम निम्नवत दे रहे हैं |

  • सबसे पहले इच्छुक व्यक्ति को KYC Process पूर्ण करना होता है बिना इस प्रक्रिया के कोई भी व्यक्ति प्रतिभूति बाजार में निवेश नहीं कर सकता है | और अधिक जानकारी के लिए म्यूचुअल फण्ड में निवेश कैसे करें?  नामक यह लेख पढ़ें | यह प्रक्रिया ऑनलाइन करने के लिए निवेशक eKYC की प्रक्रिया पूर्ण कर सकता है | इस प्रक्रिया में निवेशक को दिए गए फॉर्म में अपना नाम, जन्मतिथि, पैन नंबर इत्यादि डिटेल्स भरनी होती हैं और आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की स्कैन कॉपी अपलोड भी करनी पड़ सकती है | इस वेबसाइट के माध्यम से eKYC की प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है |
  • eKYC की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद निवेशक को फण्ड हाउस की वेबसाइट पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन कराके नया खाता खोलना होता है |
  • यह लिंक निवेशक को एक अलग से पेज पर ले जाता है जिसमे निवेशक को अपना पैन नंबर कहीं पर आधार नंबर डाल कर इन्वेस्ट या नेक्स्ट पर क्लिक करना होता है |
  • Online SIP करने के लिए उसके बाद निवेशक को एक ऑनलाइन फॉर्म भरना होता है जिसमे वो सारी डिटेल्स निवेशक को भरनी होती है जो उस फॉर्म में चाहिए होती है |
  • जब उपर्युक्त फॉर्म को भरकर निवेशक द्वारा फण्ड हाउस की वेबसाइट पर अकाउंट बना लिया जाता है तो उसके बाद वह उसे कभी भी लॉग इन कर सकता है |
  • लॉग इन करने के बाद निवेशक म्यूचुअल फण्ड की योजना, SIP भरने की तारीख इत्यादि विकल्पों का चुनाव करके अपनी रिक्वेस्ट को सबमिट कर सकता है |

सिस्टेमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान के नुकसान (Disadvantage of SIP in Hindi):

Systematic Investment Plan (SIP) के फायदों के बारे में हम बात कर चुके हैं अब बात करनी की बारी हैं इसके नुकसान अर्थात Disadvantage की | जैसा की हर सर्विस, वस्तु के कुछ फायदे होते हैं तो नुकसान भी होते हैं वैसे ही SIP के भी कुछ नुकसान है जिनकी लिस्ट निम्नवत है |

  • छोटी अवधि के लिए अर्थात एक या दो सालों के लिए SIP में इन्वेस्ट करना फायदे का सौदा नहीं हो सकता है | क्योंकि अक्सर देखा जाता है की छोटी अवधि में इससे अच्छे रिटर्न नहीं मिल पाते हैं |
  • माना जाता है की SIP से अच्छे रिटर्न पाने के लिए पैसे को कम से कम पांच सालों के लिए तो निवेश करना ही पड़ता है | कहने का अभिप्राय यह है की निवेशक को रिटर्न पाने के लिए लम्बी अवधि तक इंतजार करना पड़ता है और उसमे भी लाभ की कोई निश्चितता नहीं होती है |
  • यदि निवेशक द्वारा Systematic Investment Plan (SIP) में निवेश ब्रोकर द्वारा किया जाता है तो निवेशक को 2.5% एंट्री लोड के तौर पर ब्रोकर को देना होता है |
  • लोगों में एक गलत धारणा SIP के प्रति यह है की SIP हमेशा एकमुश्त निवेश करने से अच्छी होती है | जबकि सच्चाई यह है की अलग अलग पीरियड में कभी Systematic Investment Plan (SIP) काम कर पाती है तो कभी नहीं | बाज़ार की बढ़ती अवधि में एस. आई. पी. की तुलना में एकमुश्त निवेश बेहतर काम करते हैं |
  • SIP में इन्वेस्टमेंट पूरी तरह से जोखिम को समाप्त नहीं करता है |

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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