Taxpayer Identification Number की जानकारी |

TIN यानिकी Taxpayer Identification Number को हम वर्तमान कर प्रणाली में कर चुकता करने वाले व्यक्ति/इकाई की पहचान करने वाला नंबर भी कह सकते हैं | जहाँ TAN Number भारतीय आयकर विभाग द्वारा जारी किया जाता है वही TIN अर्थात TAX Identification Number वाणिज्यिक कर विभाग द्वारा जारी किया जाता है | सामान्य तौर पर यदि हम कहें तो TIN Value Added tax (VAT) के लिए उपयोग में लाया जाता है अर्थात ऐसे उद्यमी जिन्होंने किसी बिज़नेस में नया नया प्रवेश किया है तो वे अपने सगे सम्बन्धियों या ऐसे उद्यमियों से जो पहले से बिज़नेस कर रहे होते हैं से  TIN अर्थात TAX Identification Number के बारे में सुनते आये होंगे | यही कारण है की नए नए उद्यमियों या फिर अपने अंतर्मन में उद्यमी बनने की चाह पाले हुए व्यक्तियों को Taxpayer Identification Number (TIN) के बारे में जानने की  उत्सुकता रहती है की आखिर TIN है क्या? और किस प्रकार का बिज़नेस करने वाले उद्यमियों को  इसकी आवश्यकता होती है और हाँ यदि कोई व्यक्ति इसके लिए आवेदन (Apply) करना चाहे तो कैसे कर सकता है ? इत्यादि इत्यादि | आज इस पोस्ट के माध्यम से इन्हीं सब सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे | हालांकि यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की Taxpayer Identification Number पर यह जानकारी हम इसलिए दे रहे हैं क्योंकि कुछ पाठक गणों ने कमेंट के माध्यम से इसके बारे में जानने की इच्छा व्यक्त की हुई  है, अन्यथा बहुत जल्द अर्थात जुलाई 2017 से VAT, CST इत्यादि टैक्स  GST में समाहित हो जायेंगे |

Taxpayer Identification Number

Taxpayer Identification Number (TIN) Kya Hai:

TIN का Full Form Taxpayer Identification Number होता है सामान्य बोलचाल की भाषा में इसे VAT, CST या Service Tax Number भी कहा जाता है | जब इसका उपयोग Inter State किया जाता है तो तब इसे VAT Number ही कहा जाता है | TIN राज्य के वाणज्यिक कर विभाग द्वारा जारी किया जाने वाला 11 अंको का नंबर होता है | जिसे Vat समबन्धी हर Transaction के लिए Bill में उल्लेखित करना अनिवार्य होता है | इसके पहले दो Digit जारी किये गए राज्य के कोड को दर्शाते हैं, और बाकी के 9 digits अलग अलग अर्थात Unique होते हैं | TIN Number वस्तु के निर्माण कर्ताओं, व्यापारियों, निर्यात कर्ताओं, dealers इत्यादि को लेना अति आवश्यक है | अब चूँकि VAT/CST/TIN में कोई अंतर नहीं है इसलिए जो उद्यमी पहले से बिज़नेस कर रहे हैं वो भी New TIN के लिए आवेदन कर सकते हैं |

TIN Number के लिए आवश्यक दस्तावेज:

TIN Number Registration के लिए विभिन्न दस्तावेजों की आवश्यकता है जिनकी लिस्ट निम्नवत है |

  • पहचान प्रमाण पत्र |
  • पता प्रमाण पत्र |
  • बिज़नेस इकाई या Proprietor का Pan card |
  • बिज़नेस की जगह का पता प्रमाण पत्र |
  • पहली बिक्री का Invoice |
  • LR/GR की भुगतान की प्रति |
  • बैंक स्टेटमेंट के साथ Collection Proof |
  • Surety/Security/Reference |

वर्तमान में Taxpayer Identification के लिए हर राज्य द्वारा अलग अलग नियम निर्धारित हैं जैसे TIN apply करने के लिए दिया जाने वाला Security Deposit राज्य राज्य के आधार पर अंतरित हो सकता है | अधिकांश राज्यों में Security Deposit एक निश्चित राशि होती है जो Registration Cancel करते वक्त Refundable होती है | उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में यह निश्चित राशि 1 लाख रूपये निर्धारित है तो राजस्थान में 20 हज़ार, महाराष्ट्र में 25 हज़ार एवं दिल्ली में किसी प्रकार का कोई Security Concept निर्धारित नहीं है | इसके अलावा यदि उद्यमी चाहे तो उसे Security Amount वाली प्रक्रिया से छूट मिल सकती है इसके लिए कुछ राज्यों में दो जमानती तो कही एक जमानती की आवश्यकता होती है | इस प्रक्रिया में जमानती, ऐसे व्यक्तियों से आशय है जिनके पास पहले से ही Taxpayer Identification Number उपलब्ध हो सिर्फ वही व्यक्ति Surety Person बन सकते हैं |

TIN ke Liye kaise Apply Kare:

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की TIN यानिकी Taxpayer Identification number राज्य सरकार के वाणज्यिक कर विभाग द्वारा जारी किया जाता है | इसलिए लगभग सभी राज्यों में इसकी e registration अर्थात Online Apply करने की फैसिलिटी विद्यमान है | इसके लिए इच्छुक उद्यमी सम्बन्धित राज्य के वाणज्यिक कर विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकता है | इसके अलावा लगभग हर राज्य में विभिन्न शहरों में NSDL, Alankit इत्यादि के   TIN Facilitation Center भी विद्यमान हैं यदि उद्यमी चाहे तो अपने नजदीकी Centers में जाकर भी Taxpayer Identification number के लिए Apply कर सकता है | यद्यपि ख़बरों की दुनिया में यह खबर है की 1st जुलाई 2017 से Goods and Service tax (GST) लागू हो जायेगा जो VAT को Replace कर देगा अर्थात VAT GST में समाहित हो जायेगा | जल्द ही GST विषय पर भी हम जानकारी देने की कोशिश करेंगे |

Some Extra Knowledge on Taxpayer Identification Number:

कुछ उद्यमियों के अंतर्मन में यह सवाल अवश्य आता है की क्या वे अपने आवसीय पते पर भी Taxpayer Identification Number (TIN) के लिए आवेदन कर सकते हैं तो इस सवाल का कोई स्पष्ट जवाब देना उचित नहीं है क्योंकि कुछ राज्य आवसीय पते पर TIN के लिए Apply करना Allow करते हैं और कुछ नहीं | TIN Number के लिए Unregistered Firm भी Sole Proprietorship के तौर पर आवेदन कर सकती हैं | इसके अलावा Security Deposit पूरी तरह से Refundable होता है और यदि उद्यमी Security Deposit नहीं देना चाहता है तो उसके बिज़नेस का सालाना टर्नओवर 10 लाख से अधिक होना चाहिए  या फिर उद्यमी कोई ऐसे Surety Person का प्रबंध कर सकता है जिसका पहले से Tax identification Number विद्यमान हो | वर्तमान में इसकी जगह GSTIN ने ले ली है |

 

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

6 thoughts on “Taxpayer Identification Number की जानकारी |

  1. Sir I want to sell my new products through amazon site so i need a tin number bt I don’t know how to get a tin number plz tell me how much time n fees need to get it??

    1. Those who want to know more or apply, can go through the related state’s commercial tax department website.Suppose if you are in Gujarat then you can go through the Gujarat Commercial tax website, as we said earlier different states have different rule for the same.

  2. So.nice sir…thank u so much for sharing your experience with us..on your every share we are definitely learne new something which very use full for us..

    Thank u

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