स्टार्टअप में निवेश करने से पहले जानने योग्य बातें।

पैसे कमाई करने के उद्देश्य से कुछ लोग नौकरी करते हैं तो कुछ बिजनेस करते हैं । ऐसे में कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने पैसे को बढाने के लिए विभिन्न निवेश के विकल्पों में निवेश करते हैं। कुछ लोग निवेश के सुरक्षित तरीकों को अपनाते हैं तो कुछ अधिक कमाई करने के लिए असुरक्षित एवं जोखिमपूर्ण विकल्पों को भी अपनाते हैं। ऐसे में कुछ लोग या कम्पनियाँ ऐसी भी होती हैं जो स्टार्टअप बिजनेस में निवेश करके अपनी कमाई को बढ़ाना चाहती हैं। आज का हमारा यह लेख उन्हीं लोगों या कम्पनियों को ध्यान में रखकर लिखा जा रहा है जो किसी स्टार्टअप में निवेश करने के उत्सुक हैं। आम तौर पर जो व्यक्ति या कम्पनियाँ नए स्टार्टअप में निवेश करती हैं उन्हें वेंचर कैपिटलिस्ट कहा जाता है। इसलिए यदि आप भी एक वेंचर कैपिटलिस्ट हैं और किसी नए स्टार्टअप में कुछ पैसा निवेश करना चाहते हैं तो आपको काफी सारी सावधानियाँ अपनाने की आवश्यकता हो सकती है। जैसा की हम सब जानते हैं की स्टार्टअप की सफलता की दर लगभग 10% है यानिकी प्रत्येक दस स्टार्टअप में केवल एक स्टार्टअप ही सफल हो पाता है। जी हाँ बिलकुल दस में से नौ स्टार्टअप किसी न किसी कारण असफलता के दरवाजे तक पहुँच जाते हैं। यही कारण है की किसी नए स्टार्टअप में पैसे निवेश करना बिलकुल भी सरल काम नहीं है। क्योंकि आपको पता नहीं रहता है की आप अपने निवेश किये हुए पैसे भी वापस पा पाएंगे या नहीं । यही कारण है की अनेकों बार वेंचर कैपिटलिस्ट को निवेश किये गए पैसों को गंवाना पड़ता है। इसलिए इस लेख में हम किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले जानने योग्य बातों का जिक्र करेंगे ताकि इन वेंचर में निवेश करने के इच्छुक लोग अपनी मेहनत से कमाई हुई कमाई को गँवाएँ नहीं।

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1. ऐसी इंडस्ट्री में निवेश करें जिसकी आपको अच्छी जानकारी हो:

स्टार्टअप में निवेश करने वाले लोगों को चाहिए की वे किसी ऐसे स्टार्टअप में निवेश करें जो ऐसी इंडस्ट्री से सम्बंधित हो जिसकी उन्हें पर्याप्त जानकारी हो । कहने का अभिप्राय यह है की जिस इंडस्ट्री में आप निवेश करने की सोच रहे हों उसकी आपको पूरी जानकारी होनी चाहिए। जिस स्टार्टअप में आप निवेश करने वाले हों उसको अपनी जानकारी के तराजू में तौलकर ही आप इस बात का निर्णय ले पाएंगे की आने वाले दिनों में स्टार्टअप किस स्तर तक पहुँचेगा। क्योंकि यदि निवेश करने वाले व्यक्ति को उस इंडस्ट्री की जानकारी नहीं होगी तो वह यह आकलन करने में असमर्थ हो पायेगा की आने वाले दिनों में स्टार्टअप तरक्की करेगा या नहीं।

2. स्टार्टअप के संस्थापकों एवं टीम के बारे में पता करना:

किसी भी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले व्यक्तिगत तौर पर उस स्टार्टअप के संस्थापकों एवं पूरी टीम से एक बार अवश्य मिल लें, और उनके लक्ष्यों एवं उनके बारे में अधिक से अधिक पता करने की कोशिश करें। यह काम आप चाहें तो उनके ऑफिस में जाकर भी कर सकते हैं। और वहाँ पर केवल संस्थापकों से नहीं बल्कि कुछ कर्मचारियों से मिलकर भी यह जानने की कोशिश करें की कहीं स्टार्टअप असफल तो नहीं हो जायेगा। इसलिए संस्थापकों एवं टीम में यह देखें की वे स्टार्टअप में आने वाली चुनौतियों से निबटने के लिए पर्याप्त रूप से सक्षम हों।

3.कम्पनी की फाइनेंसियल स्थिति के बारे में पता करें:

जिस स्टार्टअप में आप निवेश करने की सोच रहे हैं उसमें निवेश करने से पहले यह जानने की कोशिश भी करें की वह कंपनी आने वाले दिनों में राजस्व कैसे जुटाएगी। हालांकि स्टार्टअप कोई भी हो उसके लिए शुरू के पांच सालों तक राजस्व का सृजन कर पाना काफी कठिन होता है। लेकिन फिर भी इसके बावजूद एक स्टार्टअप के पास वह अपने बिजनेस का विस्तार किस तरह से करेगा के लिए पूरा रोडमैप होना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले उसकी फाइनेंसियल स्थिति एवं राजस्व प्राप्त करने के स्रोतों के बारे में अवश्य पता लगायें।

4. वे दिए गए फण्ड का इस्तेमाल कैसे करेंगे इस पर रिसर्च करें

आप जिस स्टार्टअप में निवेश करने की सोच रहे हैं उसमें निवेश करने से पहले इस बात पर रिसर्च अवश्य करें की वे आपके द्वारा दिए गए फण्ड का इस्तेमाल किस तरह से कहाँ पर करने वाले हैं। क्योंकि जिस स्टार्टअप में आप निवेश करने वाले हैं आपका यह पूरा अधिकार होता है की आप यह जानें की आपके द्वारा दिए जाने वाले फण्ड का इस्तेमाल वे किस तरह से करेंगे। इसलिए आपको यह सुनिश्चित करना होगा की आपके द्वारा दिए जाने वाले पैसों की बर्बादी न हो, आपको यह जानना होगा की संस्थापक एवं कर्मचारियों द्वारा कितनी सैलरी ली जा रही है। आपके द्वारा निवेश किये जाने वाले पैसे को वे किस तरह से स्टार्टअप के उत्थान में खर्च करेंगे। यह आपके लिए जानना बेहद जरुरी है।

5. स्टार्टअप द्वारा ऑफर उत्पाद/सेवा का आकलन:

आप जिस स्टार्टअप में निवेश करने वाले हैं उसके द्वारा ऑफर किये जाने वाले उत्पाद/सेवा के बारे में आपका जानना बेहद जरुरी हो जाता है। आपको यह भी देखना होता है की स्टार्टअप द्वारा अपने सर्विस या उत्पाद के बदले कितना चार्ज किया जा रहा है। स्टार्टअप द्वारा पेश की जाने वाली सेवा या उत्पाद प्रतिस्पर्धी होनी चाहिए ताकि वह अपनी सेवाओं के लिए अच्छा पैसा वसूल कर सके। इसलिए किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले उसके द्वारा पेश की जाने वाली सेवाओं/उत्पादों एवं उनके बदले वसूली जाने वाली कीमत का भी पता होना बेहद जरुरी है।

6. अलग अलग स्टार्टअप में निवेश करें:

एक ही स्टार्टअप में निवेश करना जोखिमपूर्ण भी हो सकता है इसलिए किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले यह तय कर लें की आपके पास उपलब्ध पैसों में से कितना पैसा आप किस स्टार्टअप में निवेश करना चाहते हैं । अलग अलग स्टार्टअप में निवेश करना आपको जोखिम से बचाता है क्योंकि हो सकता है कोई एक स्टार्टअप असफल हो जाय तो कोई अन्य सफलता की बुलंदियों तक पहुँच जाय। इसलिए अपने द्वारा किये जाने वाले निवेशों में विविधताएँ लायें।

7. इंडस्ट्री के और स्टार्टअप का पता लगायें:

जिस इंडस्ट्री के स्टार्टअप में आप निवेश करना चाहते हैं उसी इंडस्ट्री से सम्बंधित अन्य स्टार्टअप का भी पता लगायें, तो हो सकता है की आपको कोई पहले से भी बढ़िया स्टार्टअप निवेश करने के लिए मिल जाय। ऐसा करने से आपके पास उसी इंडस्ट्री में निवेश करने के लिए बहुत सारे विकल्प मौजूद हो जाते हैं आप प्रत्येक स्टार्टअप के उत्पादों/सेवाओं एवं उनके द्वारा वसूले जाने वाली कीमत का विश्लेषण करके इस बात का निर्णय ले सकते हैं की आपके लिए निवेश की दृष्टी से कौन सा स्टार्टअप ज्यादा बढ़िया रहेगा।

8. भविष्य फंडिग के लिए योजनाओं को जांचे:

स्टार्टअप में निवेश करने से पहले उसके भविष्य फंडिंग योजनाओं के बारे में जानें और उन्हें जांचने का प्रयास करें। कहने का आशय यह है की निवेश करने से पहले यह पता करें की स्टार्टअप अगले दौर के लिए फण्ड का इस्तेमाल कैसे करेगा या उसकी भविष्य में फण्ड को लेकर क्या योजना है। स्टार्टअप की ग्रोथ एवं मार्केटिंग स्ट्रेटेजी की भी जाँच करने की आवश्यकता होती है।

9. निकासी रणनीति बनायें:

अक्सर होता क्या है की लोग स्टार्टअप में निवेश तो कर लेते हैं लेकिन एक बार निवेश करने के बाद उनका उससे बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। भले ही वे उस स्टार्टअप से जो उम्मीदें लगाये थे वह उन पर खरा उतरे या नहीं। हालांकि एक स्टार्टअप में निवेश करने के बाद पांच सालों के बाद ही लाभांश मिलता है इसलिए किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले अपनी निकासी रणनीति बना लें की यदि स्टार्टअप ने उस तरह से काम नहीं किया जिस तरह से आप चाहते हैं तो आप कैसे उससे बाहर निकल सकते हैं।

10. स्टार्टअप के लीगल डॉक्यूमेंट की जाँच करें:

किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले उस इकाई के सभी कानूनी दस्तावेजों की पूरी तरह से जाँच करें अन्यथा आपके साथ धोखा भी हो सकता है। एक लीगल डाक्यूमेंट्स में इनकारपोरेशन सर्टिफिकेट, इन्वेस्टर एग्रीमेंट, टर्म शीट, सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट इत्यादि की जाँच की जा सकती है।

यद्यपि किसी भी स्टार्टअप में निवेश करने का जो सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है वह यह होता है की आप अपने निवेश पर कितने प्रतिशत तक का रिटर्न पा पाएंगे। कहने का आशय यह है की किसी स्टार्टअप में निवेश करने पर कंपनी द्वारा आपको कितना प्रतिशत दिया जायेगा यह सबसे महत्वपूर्ण अवयव है। लेकिन उपर्युक्त बताई गई बातें भी किसी स्टार्टअप में निवेश करने से पहले जाननी बेहद जरुरी होती हैं।  

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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