Toothpaste Manufacturing Business

Toothpaste Manufacturing Business

Toothpaste Manufacturing Business वर्तमान में इसलिए लाभकारी बिज़नेस हो सकता है क्योंकि टूथपेस्ट की मांग शहरों, नगरों, ग्रामीण इलाकों में बराबर बनी रहती है हालंकि यह सत्य है की जिस बिज़नेस में संभावनाएं अधिक होती हैं उस बिज़नेस में प्रतिस्पर्धा भी अन्य के मुकाबले अधिक देखने को मिलती है | इसलिए उद्यमी को यह बात मान के चलनी चाहिए की उसे भी Toothpaste Manufacturing Business में तगड़ी प्रतिस्पर्धा का मुकाबला करना होगा ऐसे में उद्यमी को इसके लिए पहले से कोई Strategy develop करनी पड़ेगी चाहे वह Strategy शुरूआती दौर में किसी सिमित क्षेत्र विशेष पर ही आधारित क्यों न हो |

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उदाहरणार्थ: AAA नामक एक शहर है उसमे हर तरह का अर्थात छोटी से बड़ी कंपनियों तक का टूथपेस्ट बिकता है और दूकानदार अंतिम उपभोक्ता को उसकी पसंद के मुताबिक अर्थात जिस ब्रांड का नाम वह लेता है उसी के मुताबिक टूथपेस्ट बेच रहा है | इसी शहर में B नामक उद्यमी ने अपनी टूथपेस्ट बनाने की कंपनी अर्थात Toothpaste Manufacturing Business स्टार्ट किया उत्पादन शुरू हुआ तो कंपनी के बनाये हुए टूथपेस्ट को कोई लेने को तैयार ही नहीं हुआ उसके बाद B ने अपने सेल्समेन के माध्यम से दुकानदारों अर्थात रिटेलरों को अनेकों प्रलोभन जैसे कमीशन इत्यादि ज्यादा देने का वादा किया इस सबके बावजूद कुछ Retailers ने कंपनी के टूथपेस्ट को बेचने को मंजूरी दी अब चूँकि Retailers को इस टूथपेस्ट को बेचने से अन्य के मुकाबले ज्यादा कमीशन मिल रहा था तो वे भी जो ग्राहक बिना किसी ब्रांड का नाम लिए टूथपेस्ट मांगने आते थे उन्हें वही थमा देते थे | B नामक बिजनेसमैन को अपने उत्पाद की गुणवत्ता पर इतना भरोसा था की उसे लगता था बस अंतिम ग्राहक एक बार इसको उपयोग में लाके देखे, फिर उसे हमारे इस उत्पाद से कोई शिकायत नहीं रहेगी और हुआ भी ऐसा ही, उसके बाद जैसे जैसे कंपनी प्रॉफिट अर्जित करने लगी प्रॉफिट में से एक हिस्सा विज्ञापन के लिए अलग सुरक्षित रखा गया और टेलीविज़न, रेडियो, इन्टरनेट इत्यादि के माध्यम से विज्ञापन दिए गए तो कुछ ही सालों में B नामक उद्यमी एक बड़ा बिजनेसमैन बन गया था और अब उसकी कंपनी विभिन्न Fast Moving Consumer Goods का निर्माण करने लगी थी | यह तो एक संक्षिप्त कहानी है सच्चाई यह है की बिज़नेस में सफलता पाना इतना आसान नहीं है हर कदम पर चुनौतियां, मुश्किलें आएँगी उनसे जूझ कर आगे बढ़ जाना ही सफलता की ओर अग्रसित होते हुए कदम होते हैं |

Toothpaste Manufacturing Business Kya hai:

Toothpaste का अर्थ साधारण बोलचाल की भाषा में दन्त मंजन से लगाया जाता है जो की एकदम सही भी है क्योंकि टूथपेस्ट का उपयोग लोगों द्वारा दांतों की सफाई करने के लिए ही किया जाता है इसलिए टूथपेस्ट को हिन्दी में दांत मांजने वाला या साफ़ करने वाला पेस्ट कहें तो कतई गलत नहीं है | भारत जनसंख्याँ के आधार पर दूसरा सबसे विशालकाय देश है इसलिए यहाँ हर प्रकार की वस्तु की एक अच्छी खासी डिमांड हमेशा बनी रहती है और जहाँ तक Toothpaste का सवाल है यह वर्तमान में चाहे ग्रामीण इलाका हो या शहरी हर घर परिवार के सदस्यों के दांतों की दैनिक साफ़ सफाई में काम आने वाला एक मुख्य पदार्थ है | इसलिए लोगों की इसी आवश्यकता को देखते हुए जब किसी उद्यमी द्वारा टूथपेस्ट यानिकी दांत साफ़ करने वाले पेस्ट का निर्माण व्यवसायिक तौर पर अणि कमाई करने हेतु किया जाता है तो उसके द्वारा किया जाने वाला यह बिज़नेस Toothpaste Manufacturing Business कहलाता है |

Market Potential in Toothpaste making:

एक आंकड़े के मुताबिक बीते कुछ वर्षों में टूथपेस्टों की मांग तक़रीबन डेढ़ गुना प्रतिवर्ष की रफ़्तार से बढ़ी है इसका शायद एक जो सबसे बड़ा कारण यह था की पहले यानिकी एक दशक पहले या कुछ ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लोग दांत साफ़ करने के लिए राख, कोयला (लकड़ी का एकदम जला हुआ भाग), नीम इत्यादि का उपयोग करते थे हालांकि ये जो पारम्परिक तरीके दांत साफ़ करने के थे इनके अधिक नुकसान तो नहीं थे लेकिन फिर भी ये इतने प्रभावी और उपयोग में लाने में आसान नहीं थे जितना की टूथपेस्ट है | बस यही कारण है की लोगों में जागरूकता बढ़ने के कारण ग्रामीण इलाकों में भी Toothpaste का उपयोग होने लगा | इंडिया में बहुत सारे इलाके अभी भी ऐसे होंगे जहाँ टूथपेस्ट को बहुत कम मात्रा में उपयोग में लाया जाता होगा इसलिए भविष्य में उन लोगों तक Toothpaste की पहुँच से Toothpaste Manufacturing Industry को फायदे के आसार लगाये जा सकते हैं, इसके अलावा जनसँख्या वृद्धि के साथ Toothpaste के उपयोगकर्ताओं में भी इजाफा होता है यह सर्वमान्य है |

Required Machinery and raw Materials:

Toothpaste Manufacturing Business में प्रयुक्त होने वाली कुछ प्रमुख मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है |

  • Binder Mixer
  • Planetary Mixer with other equipments
  • Liquid Mixer
  • Triple Roller Mill
  • Paste Filling Machine
  • Tube Sealing Machine
  • Storage tank

यद्यपि टूथपेस्ट की गुणवत्ता के आधार पर कच्चा माल अंतरित हो सकता है लेकिन एक संतुलित विधि से Toothpaste Manufacturing Business में प्रयुक्त होने वाले कच्चे माल की लिस्ट कुछ इस तरह से है |

  • Calcium Carbonate
  • Magnesium Carbonate
  • Soap Powder
  • Presipitated Chalk
  • Syrup
  • Glycerine
  • Distilled Water
  • Thymol
  • Menthol
  • Saccharine
  • Gum Tragacanth
  • Builder Perfume and colours
  • Preservative

License and Registration:

जहाँ तक Toothpaste Manufacturing Business की लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की बात है इस बिज़नेस को करने के लिए विभिन्न प्रकार के लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है लेकिन चूँकि Toothpaste को Cosmetic Item के रूप में जाना जाता है इसलिए इसका बिज़नेस  रजिस्ट्रेशन Drug and Cosmetic (amendment) Act 1982 के अंतर्गत होना अत्यंत आवश्यक है | इसके अलावा फैक्ट्री अधिनियम, GST कर पंजीकरण, State Pollution Control Board से NOC, कंपनी का पैन कार्ड, कंपनी का बैंक खाता इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है |

Manufacturing Process of Toothpaste:

यद्यपि टूथपेस्ट बनाने की विधि टूथ पाउडर बनाने की विधि से थोड़ी जटिल होती है इसमें होता क्या है की यदि Toothpaste Manufacturing Process में थोड़ी सी भी कमी हो गई तो टूथपेस्ट कुछ दिनों में खराब हो सकता है | प्रारम्भिक तौर पर टूथपेस्ट बनाने के लिए दो मशीनें उपयोग में लायी जाती हैं | इसमें एक मशीन में मिश्रण को मिलाने का काम चलता है तो दूसरी मशीन में पेस्ट को बारीक से पीसने का काम किया जाता है | इस Manufacturing process में सर्वप्रथम विभिन्न कच्चे माल को निर्धारित मात्रा में लेकर मशीन में डाल दिया जाता है जहाँ ये आपस में अच्छी तरह मिल जाते हैं तो पेस्ट को बाहर निकाल दिया जाता है उसके बाद ग्लिसरीन या शर्बत में थोड़ा सा पानी रखकर मिक्सर मशीन में लगे बर्तन में रख देते हैं, उसके बाद सभी रचकों एक साबुन के पाउडर को छोड़कर इस पेस्ट में मिला देते हैं और अंत में साबुन के पाउडर अर्थात चूरे को भी इसमें मिला देते हैं | उसके बाद मिक्सिंग मशीन से निकालने के बाद इस पेस्ट को रोलर मिल के माध्यम से पीसा जाता है | और इसे इस मशीन में तब तक पीसते रहते हैं जब तक पेस्ट एकदम मुलायम एवं चिकना न हो जाय | उसके बाद इस चिकने पेस्ट को एक दो दिन तक स्टोरेज टैंक में रखा जाता है ताकि इसमें से हवा के बुलबुले समाप्त हो जाएँ अंत में इन्हें प्लास्टिक या अन्य पदार्थ से निर्मित ट्यूबों में भर दिया जाता है इन ट्यूबों का निर्माण किसी और कंपनी द्वारा किया गया होता है इसलिए उद्यमी अपने मनमुताबिक इनमे प्रिंटिंग करवा सकता है | जब Toothpaste भरने वाले ये tube बनकर आते हैं तो इनका पीछे का हिस्सा खुला रहता है जिसमे tube filling मशीन की मदद से पेस्ट भरकर tube closing मशीन के माध्यम से बंद किया जाता है |

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