जब हम बाज़ार में सामान लेने निकलते हैं, तो एक ही सामान को हम कई दुकानों में ट्राई करते हैं। इस उम्मीद में की शायद हमें उससे बेहतर या वही सामान कुछ कम कीमत में मिल जाय। लेकिन आपने अक्सर ध्यान दिया होगा की जो कंपनियाँ अपने ग्राहकों के बीच ट्रस्ट बढ़ाना चाहती हैं। वे अपने उत्पादों की एक समय सीमा तक गारंटी या वारंटी प्रदान करती हैं। इसलिए ये आम उत्पादों की तुलना में थोड़ी महंगी भी हो सकती हैं।

लेकिन कभी कभी ऐसा भी होता है की जिस गारंटी या वारंटी वाले सामान को हम खरीद लेते हैं। वह उस निश्चित समय के अन्दर अन्दर खराब हो जाती है। और जब आप उस उत्पाद को उस दुकानदार की दुकान में ले जाते हैं, जहाँ से आपने वह ख़रीदा था। तो हो सकता है वह दुकानदार उस उत्पाद के बदले नया उत्पाद देने या उसे ठीक करने के बजाय उसे खराब करने का जिम्मेदार आपको ही ठहराने लगे।

warranty guarantee card

गारंटी का सामान नहीं बदल रहा है तो क्या करें?

जो दुकानदार आपके सामान खरीदते वक्त इस बात को कह रहा था की, उत्पाद में कोई भी दिक्कत आती है तो आपका सामान बदला जाएगा। अब जब दिक्कत आ गई है तो आपको ही उस उत्पाद के खराब होने के लिए जिम्मेदार मान रहा है, ऐसे में सवाल यह उठता है की ऐसी स्थिति में क्या करें।

उस दुकानदार की शिकायत कहाँ करें? और उस शिकायत का कोई परिणाम होगा भी की नहीं। तो आपको बता देना चाहेंगे की यदि कोई दुकानदार गारंटी या वारंटी वाला सामान नहीं बदल रहा है। तो एक ग्राहक होने के नाते आपको यह पूरा अधिकार है की आप इसकी शिकायत उपभोक्ता कमीशन में करें।

ग्राहक सुरक्षा अधिनियम में नए संसोधन के मुताबिक आपकी शिकायत का निवारण उपभोक्ता कमीशन को 45 दिनों के भीतर करना होता है। ग्राहकों की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही 1986 में देश की संसद में उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 लागू हुआ था। अब समय और जरूरतों के आधार पर इसमें समय समय पर संसोधन होते रहते हैं।

उपभोक्ता कमीशन में शिकायत दर्ज कैसे कराएँ    

यदि कोई दुकानदार वारंटी या गारंटी कहकर सामान तो बेच देता है, और खराब या क्वालिटी अच्छी नहीं होने पर उसे बदलता नहीं है। तो आप उसकी शिकायत उपभोक्ता कमीशन में करा सकते हैं। शिकायत दर्ज कराने के लिए आपको एक वकील की आवश्यकता होगी, जिसे आपको कोई पैसे देने की आवश्यकता नहीं होगी ।

हाँ इतना जरुर है की शिकायत करने के लिए आपको अपने दस्तावेज जैसे आधार कार्ड की कॉपी, उत्पाद का बिल, गारंटी/वारंटी कार्ड इत्यादि की आवश्यकता हो सकती है। यह शिकायत आपका वकील आपकी तरफ से लिखित में कमीशन में पेश करेगा, जिसमें आपको हस्ताक्षर करने की भी आवश्यकता होती है।

शिकायत की सुनवाई कहाँ होगी

यदि आपके साथ जो धोखाबाजी हुई है वह 5 लाख कीमत तक की खरीदारी पर हुई है, तो आपकी शिकायत को जिला स्तर पर सुना जाता है। कहने का आशय यह है की इस तरह के मामलों की सुनवाई जिला स्तर के फोरम पर होती है। यदि यह राशि बढ़कर 20 लाख रूपये तक है, तो आपकी शिकायत की सुनवाई राज्य स्तर के आयोग में होगी।

यदि यह राशि 20 लाख रूपये से भी अधिक है, तो इस प्रकार के शिकायतों की सुनवाई राष्ट्रीय आयोग में होती है। यदि ग्राहक जिला फोरम के फैसले से खुश नहीं है तो वह इसके खिलाफ राज्य आयोग में और यदि राज्य आयोग के फैसले से भी खुश नहीं है तो राष्ट्रीय आयोग में अपील कर सकता है।

खरीदारी करते वक्त किन बातों का ध्यान रखें

जब आप किसी दुकान या प्रतिष्ठान से कोई सामान या सर्विस खरीदते हैं, तो आपको बहुत सारी बातों का ध्यान रखने की आवश्यकता होती है। ताकि बाद में आप अपने आपको ठगा सा महसूस न कर सकें।

  • ध्यान रहे आप जो भी सामान खरीदें उसका पक्का बिल जरुर लें। इसके लिए कोई भी दुकानदार आपसे मना नहीं कर सकता।
  • गारंटी/वारंटी वाले सामान खरीदने पर उसका वारंटी या गारंटी कार्ड अवश्य लें।
  • खरीदारी करते वक्त ISI और एगमार्क वाले उत्पादों को प्राथमिकता दें ।
  • कोई भी सामान खरीदते वक्त उसकी निर्माण तिथि, पैकिंग तिथि और समाप्ति तिथि अवश्य देखें।                       

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