एफिलिएट मार्केटिंग क्या है कैसे शुरू करें। Affiliate Marketing Information in Hindi.

जब भी ऑनलाइन पैसे कमाई की बात आती है तो Affiliate Marketing का जिक्र भी उस वार्तालाप में अवश्य होता है । जी हाँ दोस्तो वर्तमान में इन्टरनेट न सिर्फ जानकारी प्राप्त करने का स्रोत रहा है बल्कि यह एक बहुत बड़ा बाजार भी बन गया है जहाँ से मनुष्य अपनी जरुरत की वस्तुओं एवं सेवाओं को खरीद भी सकता है । इसलिए जैसा की वास्तविक बाजार में होता है की किसी वस्तु या सेवा को बेचने में बिचौलियों का बड़ा हाथ होता है, जो उस वस्तु या सेवा के बिचौलिए बनकर किसी कंपनी के उत्पाद या सेवा को बेचकर अपनी भी कमाई कर रहे होते हैं। ठीक इसी प्रकार इन्टरनेट के इस बाजार में भी किसी उत्पाद या वस्तु को बेचने के लिए कंपनियाँ बिचौलियों की भी मदद लेती हैं। इस प्रक्रिया के दौरान कंपनी का मकसद अपनी सेवा या उत्पाद को बेचने का होता है और सेवा या उत्पाद बिक जाने के बाद पहले से निर्धारित प्रतिशत के मुताबिक जिसके माध्यम से वह बिका हो उसे कमीशन प्रदान किया जाता है। वर्तमान में इन्टरनेट घर बैठे कमाई करने का एक सर्वश्रेष्ठ माध्यम बन गया है। अर्थात वर्तमान में घर बैठे कमाई करने के जितने भी साधन उपलब्ध हैं, उनमें से अधिकतर साधनों से कमाई करने के लिए इन्टरनेट की आवश्यकता होती ही होती है। Affiliate Marketing भी इन्टरनेट के माध्यम से किया जाने वाला एक ऐसा कार्य है, जिसको करके व्यक्ति घर बैठे अपनी कमाई कर सकता है। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के जरिये Affiliate Marketing के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करेंगे।

Affiliate-Marketing information in hindi

एफिलिएट मार्केटिंग क्या है (What is Affiliate Marketing):

आम तौर पर यदि हम किसी से पूछें की Affiliate Marketing क्या होती है तो शायद उनका जवाब यही होगा की यह ऑनलाइन पैसे कमाई करने का बेहद प्रचलित एवं लाभकारी तरीका है। जो की एकदम सही भी है। लेकिन इस परिभाषा को हम थोड़ी सी विस्तारित करेंगे तो हम पाएंगे की Affiliate Marketing वह प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति किसी अन्य कंपनी या व्यक्तिगत व्यक्ति के उत्पादों या सेवा को प्रमोट करता है और जब भी वह उत्पाद या सेवा की कोई भी यूनिट बेचने में कामयाब हो जाता है तो उसे प्रत्येक बिक्री की हुई यूनिट पर निर्धारित प्रतिशत के हिसाब से कमीशन मिलता है। कहने का अभिप्राय यह है की किसी अन्य का उत्पाद या सेवा अपनी वेबसाइट या अन्य ऑनलाइन साधनों के माध्यम से प्रमोट करने की प्रक्रिया ही Affiliate Marketing कहलाती है।

एफिलिएट मार्केटिंग के फायदे (Benefits of Affiliate marketing in Hindi):

जहाँ तक  Affiliate marketing के फायदों की बात है इसके फायदे दोनों को अर्थात कंपनी एवं व्यक्ति जिसके द्वारा यह कार्य किया जा रहा है। को फायदा हो सकता है। इसलिए कुछ प्रमुख फायदों की लिस्ट निम्नवत है ।

  • Affiliate marketing के माध्यम से कंपनी या व्यापारियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक बहुत बड़ा स्थान प्राप्त हो जाता है । जिसके परिणामस्वरूप उनके उत्पाद एवं सेवा के लिए अधिक ग्राहक मिल जाते हैं और बिक्री भी अधिक होती है।
  • व्यापारी को ग्राहक ढूँढने पर बिना अधिक समय व्यतीत किये, अपने उत्पाद के लिए अधिक ग्राहक मिल सकते हैं ।
  • ऐसे प्रोग्राम जो एफिलिएट साईट पर आंकड़ों को ट्रैक करने के लिए संकलित किये जाते हैं वे बिना किसी अतिरिक्त लागत के रुझानों एवं माँग के मुताबिक विश्वसनीय आंकड़े प्रदान करते हैं।
  • Affiliate Marketing वेबसाइट पब्लिशर और वेबसाइट के मालिकों को अतिरिक्त कमाई करने का एक बेहद आसान तरीका प्रदान करता है। क्योंकि ऑनलाइन मार्केटिंग बैनर इत्यादि मर्चेंट द्वारा ही बनाये जाते हैं जो उत्पादों की बिक्री करने में सहायक होते हैं। इस प्रकार से हर बिक्री पर पब्लिशर और वेबसाइट मालिकों को कमीशन मिलता है ।
  • इस प्रकार की इस मार्केटिंग तकनीक को क्रियान्वित करने के लिए एफिलिएट करने वाले व्यक्ति को कोई बहुत ज्यादा निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है। यदि आपके पास कोई वेबसाइट है तो आप आसानी से यह कर सकते हैं।
  • एफिलिएट करने वाले व्यक्ति को कस्टमर सपोर्ट, बुक कीपिंग या ई कॉमर्स से सम्बंधित अन्य काम के लिए सिरदर्द या चिंता करने की आवश्यकता नहीं होती है। क्योंकि ये सारे काम व्यापारी या कंपनी स्वयं हैंडल करती है।
  • एक एफिलिएट मार्केटर खुद का बॉस होने एवं अपनी मर्जी से काम करने का लुत्फ़ उठाता है। वह चाहे तो एक दिन में केवल कुछ घंटों के लिए काम कर सकता है या चाहे तो पूरा दिन भी काम कर सकता है। और वह यह काम अपने कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि के माध्यम से कहीं से भी कर सकता है।
  • एक एफिलिएट मार्केटर Affiliate marketing के साथ साथ अपने अन्य कार्य भी कर सकता है और इसे केवल पार्ट टाइम के तौर पर करके अपने अन्य व्यवसाय भी बनाये रख सकता है।

Affiliate marketing System के प्रमुख दल:

Affiliate marketing से कमाई करने के इच्छुक व्यक्ति को यह समझना बेहद जरुरी हो जाता है कि इस प्रणाली में मुख्य दल कौन कौन से होते हैं । यद्यपि आम तौर पर एफिलिएट मार्केटिंग को एडवरटाइजर, पब्लिशर एवं कंज्यूमर के बीच की कड़ी ही समझा जता है जो इन तीनों दलों में एक सम्बन्ध स्थापित करती है। लेकिन इस प्रणाली में नेटवर्क का भी अहम् किरदार होता है। इसलिए नीचे हम तीन नहीं बल्कि चार पार्टियों के बारे में संक्षेप में जानने की कोशिश करेंगे।

1. मर्चेंट या एडवरटाइजर:  

यह वह व्यक्ति या कंपनी होती है जो अपने उत्पादों को बेचने के लिए Affiliate marketing System शुरू करती है। कहने का आशय यह है की यह अपने उत्पादों की बिक्री के लिए लोगों को उनकी कमाई का लालच देकर उन्हें अपने उत्पाद बिकवाने को प्रोत्साहित करते हैं।  

2. पब्लिशर या एफिलिएट मार्केटर:

ये वे व्यक्ति या कंपनियां होती हैं जो किसी दूसरे के उत्पाद को प्रमोट करके उनकी बिक्री कराने का भरसक प्रयत्न करती हैं। वह इसलिए क्योंकि इन्हें हर बिक्री पर पहले से निर्धारित कमीशन मिलता है । आम तौर पर मर्चेंट या एडवरटाइजर द्वारा जारी किये जाने वाली इस प्रणाली के तहत जब कोई व्यक्ति खुद को इनके इस कार्यक्रम के तहत रजिस्टर करता है तो उसके लिए इस प्रणाली द्वारा एक अलग सा एफिलिएट लिंक जारी कर दिया जाता है । बस यही वो लिंक होता है जिसके माध्यम से एफिलिएट मार्केटर मर्चेंट के उत्पाद को प्रमोट करता है।  

3. कंज्यूमर या ग्राहक:

Affiliate marketing System भी पूरी तरह से ग्राहक के इर्द गिर्द ही घूमता है क्योंकि इस प्रणाली में यदि ग्राहक उस उत्पाद को खरीद लेता है तभी एफिलिएट मार्केटर को उसका कमीशन मिलता है। बिना बिक्री के उसे कुछ भी नहीं मिलता इसलिए एफिलिएट मार्केटर भी लगातार ऐसी तरकीबें खोज कर Affiliate marketing करते हैं ताकि अधिक से अधिक ग्राहक उस उत्पाद या सेवा को खरीद सकें। इसके लिए एफिलिएटर सोशल मीडिया से लेकर ब्लॉग इत्यादि का भी सहारा लेता रहता है ।

4. एफिलिएट नेटवर्क: 

हालांकि Affiliate Marketing करने के लिए यह जरुरी नहीं है की हर कोई एफिलिएट नेटवर्क वेबसाइट से होकर ही गुजरे। क्योंकि ऐसा भी संभव है की कोई एफिलिएट मार्केटर सीधे मर्चेंट या एडवरटाइजर के ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से ही जुड़कर उसके साथ यह काम करे और ऐसा भी हो सकता है की कोई मर्चेंट बिना किसी एफिलिएट नेटवर्क के एफिलिएट मार्केटर तक पहुँच जाए। लेकिन फिर भी अधिकतर मर्चेंट एवं एफिलिएट मार्केटर किसी न किसी एफिलिएट नेटवर्क का सहारा लेते हैं । क्योंकि यह एफिलिएट मार्केटर एवं मर्चेंट के बीच मध्यस्थता का काम करता है। वर्तमान में मुख्य एफिलिएट नेटवर्क जैसे क्लिक बैंक, कमीशन जंक्शन इत्यादि इन्हीं के एक उदाहरण हैं।  

एफिलिएट मार्केटिंग सिस्टम कैसे काम करता है (How Does Affiliate Marketing System work):

Affiliate marketing Business शुरू करने के इच्छुक व्यक्तियों को जो एक बात जानने की सबसे तीव्र इच्छा होती है वह यह होती है की इस प्रकार का यह सिस्टम कैसे कार्य करता होगा। और उन्हें इससे पैसे कब और किस तरह से प्राप्त होते होंगे। तो हम आपको यहाँ पर बता देना चाहेंगे की यहाँ एक नहीं बल्कि हजारों ऐसे ऑनलाइन मर्चेंट हैं जिनके पास बिक्री के लिए लाखों उत्पाद उपलब्ध हैं। इसलिए उन्होंने अपने उत्पादों को बिकवाने के लिए Affiliate marketing System शुरू किये हुए हैं। इस सिस्टम के अंतर्गत विभिन्न सॉफ्टवेर कार्य कर रहे होते हैं जो अलग अलग एफिलिएट उत्पाद के लिए अलग अलग लिंक जारी करते हैं और उनका ट्रैक भी रखते हैं। इसलिए जिस किसी भी एफिलिएट लिंक से उत्पाद की बिक्री हो रही होती है उसका कमीशन खाते में आ जाता है उसके बाद एफिलिएट मार्केटर उस पैसे को अपने बैंक खाते में ट्रान्सफर कर सकता है। इस प्रणाली के अंतर्गत जरुरी नहीं है की एफिलिएट मार्केटर किसी एक उत्पाद का चयन करके सिर्फ उसी को प्रमोट करे, बल्कि वह अपनी क्षमता एवं साधनों के अनुरूप कितने भी उत्पाद एवं सर्विस का चयन करके उन्हें प्रमोट कर सकता है । भारत के लोगों के लिए भी Affiliate Marketing  करने के लिए अनेकों ऑनलाइन स्टोर जैसे अमेजन, फ्लिप्कार्ट. इ बे, स्नेपडील एवं एफिलिएट नेटवर्क जैसे क्लिक बैंक, कमीशन जंक्शन इत्यादि उपलब्ध हैं।

एफिलिएट मार्केटिंग कैसे शुरू करें (How to Start Affiliate marketing):

Affiliate Marketing शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति के पास अपनी वेबसाइट अर्थात ब्लॉग होना आवश्यक है । और यदि सम्पूर्ण ब्लॉग किसी एक टॉपिक पर आधारित हो तो व्यक्ति एफिलिएट मार्केटिंग के माध्यम से अच्छी खासी कमाई कर पाने में सक्षम हो पायेगा। कहने का अभिप्राय यह है की किसी प्रसिद्ध टॉपिक पर ब्लॉग होना ही काफी नहीं है बल्कि उस ब्लॉग पर प्रतिदिन कम से कम 500-700 विजिटर आने भी आवश्यक हैं। वह इसलिए की किसी भी उत्पाद को प्रमोट करने के लिए आपको विजिटर की आवश्यकता होती है। यदि आपके ब्लॉग पर नियमित रूप से 500 लोग भी विजिट कर रहे हैं और प्रमोट किया जाने वाला उत्पाद भी ब्लॉग के अनुकूल ही है तो संभावना यह लगाई जा सकती है की आप सौ लोगों को ग्राहक के तौर पर अपने उत्पाद को बेच पाने में सफल हो पाएंगे। इस प्रकार से एक दिन में लगभग सौ बिक्री पर आपको कमीशन मिलेगा और यह भी हो सकता है की बिक्री इससे अधिक हों और हो सकता है की कम भी हों। यह सब निर्भर करेगा की वेबसाइट पर आने वाले विजिटर की क्या माँग है और क्या आपने ब्लॉग के कंटेंट के अनुरूप ही उत्पाद का चुनाव किया है या नहीं। यदि आप Affiliate Marketing शुरू करना चाहते हैं और आपके पास किसी विषय पर अपना कोई ब्लॉग है तो आप विभिन्न ऑनलाइन स्टोर एवं एफिलिएट नेटवर्क की वेबसाइट पर जाकर खुद का अकाउंट बनाकर Affiliate Marketing आज से ही शुरू कर सकते हैं। और यदि आपके पास अपना कोई ब्लॉग नहीं है तो आप वर्डप्रेस इत्यादि के माध्यम से इसे बड़ी आसानी से बना सकते हैं । जानिए खुद की ई कॉमर्स एफिलिएट वेबसाइट कैसे बनायें? यदि इस बिजनेस में आपको सफलता मिल जाती है तो आप कुछ ही दिनों में अपनी ठीक ठाक कमाई कर पाने में सक्षम हो पाएंगे लेकिन ब्लॉग या वेबसाइट में ट्रैफिक लाना बिलकुल भी आसान काम नहीं है। इसलिए यह कार्य करने से पहले इसके बारे में गहराई से जानकारी प्राप्त कर लेना बेहद जरुरी है । जहाँ तक Affiliate Marketing से कमाई का सवाल है एफिलिएट मार्केटर की कमाई तभी होती है जब वह मर्चेंट का उत्पाद बेच पाने में सफल होता है। और उसे हर बिक्री पर निर्धारित कमीशन मिलता है। 

यह भी पढ़ें

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *