पत्रकार या रिपोर्टर कैसे बनें? How to become a journalist in India.

एक Journalist के बारे में हर वो व्यक्ति जानता है जिसे देश दुनिया की खबरें पढने, सुनने या देखने का शौक है । जी हाँ दोस्तो हम बात कर रहे हैं पत्रकारों की जो देश दुनिया की खबरें लोगों तक पहुँचाने के लिए हमेशा तत्पर रहते हैं। और जहाँ तक लोगों की बात है वर्तमान में हर कोई व्यक्ति अपने आपको नवीनतम जानकारी से अपडेट रखना चाहता है। इसलिए वह जानकारी एवं खबरें प्राप्त करने के विभिन्न साधनों जैसे अखबार, रेडियो, टेलिविजन इत्यादि का इस्तेमाल करता रहता है। वर्तमान में अखबार पढना, रेडियो सुनना या टेलीविजन में समाचार सुनना मनुष्य की दैनिक आदतों में शामिल है। यही कारण है की वर्तमान में Journalist बनकर भी लोग न सिर्फ कमाई कर पाने में सक्षम हो रहे हैं बल्कि पत्रकारिता की दुनिया में स्वयं का नाम एवं ख्याति भी प्राप्त कर रहे हैं । यही सब कारण है की आज Journalism कैरियर की दृष्टी से एक सुनहरे क्षेत्र के तौर पर युवाओं में प्रसिद्ध है। Journalist बनकर कोई भी व्यक्ति न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन के लिए कमाई कर पाने में सक्षम होगा बल्कि उसके द्वारा ईमानदारी से किये गए प्रयासों से समाज में गुणात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है । चूँकि समाज के उत्थान में पत्रकारिता का बड़ा अहम् योगदान होता है इसलिए कुछ लोग समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करने के लिए भी Journalist बनने की दौड़ में शामिल होते हैं। आज हमारे इस लेख का लक्ष्य ऐसे नौजवान जो पत्रकारिता के क्षेत्र में कैरियर बनाकर पत्रकार बनना चाहते हैं को पत्रकार बनने सम्बन्धी पूरी जानकारी मुहैया कराने का है।

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पत्रकारिता क्या है (What is Journalism) :

Journalist यानिकी पत्रकार अर्थात रिपोर्टर की बात हो तो पत्रकारिता की बात करनी भी बेहद जरुरी हो जाती है क्योंकि यही पत्रकारिता ही एक ऐसा व्यवसाय है जिसमें पत्रकारों की आवश्यकता होती है । जहाँ तक Journalism की भूमिका की बात है इनकी भूमिका देश दुनिया में घटित हर प्रासंगिक घटना की जानकारी लोगों तक पहुँचाने की होती है। हालांकि रेडियो, समाचार पत्रों, टेलिविजन के माध्यम से तो पहले ही समाचार प्रकाशित होते रहे हैं लेकिन वर्तमान में इन्टरनेट नामक एक नए मीडिया की उत्पति हुई है। जिसने पत्रकारिता की दुनिया में क्रांति ला दी है। समाचार, सूचना, जानकारी लोगों तक पहुँचाने में एक पत्रकार अर्थात Journalist की अहम भूमिका होती है। आम तौर पर Journalism अर्थात पत्रकारिता का अर्थ समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, समाचार वेबसाइटो इत्यादि के लिए लिखने की गतिविधि या टेलीविजन चैनलों इत्यादि के माध्यम से प्रसारण करने के लिए समाचार बनाने की प्रक्रिया से लगाया जाता है। इसलिए यदि वर्तमान में कोई ऐसी जॉब के लिए सर्च कर रहा है जिसमें उत्साह, प्रतिष्ठा, ठाट बाट, कमाई सभी कुछ है, तो उसके लिए Journalism एक बेहतरीन कैरियर विकल्प हो सकता है। पूरी दुनिया में मीडिया को बहुत ज्यादा फ्रीडम मिलने के कारण यह ऐसे व्यवसायों की लिस्ट में शामिल: है। जिसमें व्यक्ति पूरे अधिकार के साथ निर्भीकता से काम कर सकता है । और दुनिया में हो रहे किसी भी गलत काम को जनता के सामने रख सकता है। इसके अलावा  एक Journalist समाज में व्यापत समस्याओं को सरकारी एजेंसीयों एवं विभागों के सामने लाता है जिससे सरकार का ध्यान उन समस्याओं की ओर जाता है।

पत्रकार बनने के लिए योग्यता (Eligibility Criteria)

जहाँ तक Journalist बनने के लिए योग्यता का सवाल है इसे हम दो वर्गों शैक्षणिक गुण एवं व्यक्तिगत गुण में विभाजित कर सकते हैं। जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है ।

शैक्षणिक योग्यता (Education Qualification):

पत्रकारिता में एक बैचलर डिग्री प्राप्त करने के लिए सामान्यतया उम्मीदवार का बारहवीं परीक्षा पास होना नितांत आवश्यक है। इसके अलावा पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने के लिए पत्रकारिता में बैचलर डिग्री पास करने की आवश्यकता होती है। कुछ संस्थान एवं प्राइवेट शैक्षणिक खिलाड़ी जर्नलिज्म में एक साल का सर्टिफिकेट कोर्स भी ऑफर करते हैं जिसे बारहवीं पास उम्मीदवार ज्वाइन कर सकते हैं। कहने का अभिप्राय यह है की एक Journalist बनने के इच्छुक उम्मीदवार को कम से कम बारहवीं पास होना बेहद जरुरी है ।

व्यक्तिगत गुण:

  • एक Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति के पास जिज्ञासु दिमाग होना अति आवश्यक है । इसके अलावा व्यक्ति को मजबूत इच्छा शक्ति का होना भी जरुरी है ।
  • व्यक्ति के पास संक्षिप्त एवं प्रभावी तरीके से लोगों के सामने जानकारी प्रस्तुत करने का हुनर होना चाहिए।
  • व्यक्ति के पास विचारों को व्यवस्थित करने की कला होनी चाहिए और विचारों को संचार के दोनों स्वरूपों जैसे मौखिक एवं लिखित दोनों रूपों में साफ एवं स्पष्ट रूप से व्यक्त करना आना चाहिए।
  • एक Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति को डिप्लोमेटिक एवं आत्मविश्वास से लबालब होना बेहद जरुरी है।
  • पत्रकार बनने के इच्छुक व्यक्ति के पास अप्रसांगिक लोगों से सम्बन्धित तथ्यों को अलग करने का या छानने का कौशल होना चाहिए।
  • चूँकि पत्रकारों को आलोचना का भी सामना करना पड़ता है इसलिए Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति के पास आलोचना को स्वीकार करके और अधिक उत्सुकता के साथ लिखने या बोलने की शक्ति होनी चाहिए।

पत्रकार बनने के लिए कोर्स (Courses for Becoming Journalist):

एक Journalist बनने के लिए विद्यार्थी डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स में से किसी भी एक कोर्स का चयन कर सकता है। पत्रकारिता की बात करें तो यह एक बहुत बड़ा क्षेत्र है इसलिए छात्र चाहें तो प्रिंट एवं टेलीविजन पत्रकारिता में किसी विशेष पाठ्यक्रम का भी चुनाव कर सकते हैं। यहाँ पर हमने जर्नलिज्म के कोर्सो को दो भागों में विभाजित किया है जिनका संक्षिप्त वर्णन निम्नवत है।

अंडर ग्रेजुएट कोर्स (Under Graduate Course for Becoming Journalist):

  • जर्नलिज्म में बी. ए. हॉनर
  • स्क्रिप्ट राइटिंग में बी. ए.
  • डेवलपमेंट जर्नलिज्म में डिप्लोमा
  • कनवर्जेंट जर्नलिज्म में बी. ए.
  • जर्नलिज्म में बी. ए.
  • बी.ए. इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • जर्नलिज्म और कम्युनिकेशन स्टडीज में बी. ए.
  • जर्नलिज्म में डिप्लोमा
  • जर्नलिज्म में बी. एस. सी.
  • बैचलर ऑफ़ जर्नलिज्म

पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स (PG Course for becoming Journalist):

  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन इंग्लिश जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा प्रिंट जर्नलिज्म
  • एम. ए. जर्नलिज्म
  • एम. ए. इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन
  • पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन बिजनेस जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मराठी जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड टीवी जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एप्लाइड जर्नलिज्म
  • मास्टर ऑफ़ फिलोसोफी इन जर्नलिज्म
  • एम. ए. इन ब्रॉडकास्ट जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट इन डिजिटल मीडिया एंड ऑनलाइन जर्नलिज्म
  • पोस्ट ग्रेजुएट इन टेलीविजन एंड रेडियो जर्नलिज्म

पत्रकार कैसे बनें (How to Become a Journalist in India):

भारत में मीडिया कॉलेजों द्वारा एडमिशन लेने के लिए बारहवीं कक्षा में कम से कम निर्धारित अंकों की संख्या अलग अलग हो सकती है। लेकिन अधिकतर कॉलेजों द्वारा बारहवीं में कम से कम 50% अंक मांगे जाते हैं। कुछ कॉलेज द्वारा एंट्रेंस एग्जाम आयोजित करा के मेरिट के आधार पर एडमिशन दिया जाता है तो कुछ बिना एंट्रेंस एग्जाम के भी एडमिशन देते हैं। भारत में Journalist बनने की स्टेप बाई स्टेप प्रक्रिया निम्नलिखित है।

1. बारहवीं परीक्षा पास करें:

Journalist बनने के लिए जितने भी डिग्री, डिप्लोमा एवं सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध हैं उन्हें बारहवीं परीक्षा पास करने के बाद ही किया जा सकता है। इसलिए ऐसे व्यक्ति जो पत्रकार बनना चाहते हों उन्हें सर्वप्रथम बारहवीं की परीक्षा पास करनी होगी। जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की अधिकतर मीडिया कॉलेज द्वारा बारहवीं में कम से कम 50% अंकों की माँग की जाती है। इसलिए विद्यार्थी को बारहवीं में अधिक से अधिक अंक लाने का प्रयास करना चाहिए।    

2. जर्नलिज्म में बैचलर डिग्री प्राप्त करें:

बारहवीं परीक्षा पास करने के पश्चात Journalist बनने के इच्छुक विद्यार्थी को किसी प्रसिद्ध संस्थान जो जर्नलिज्म में बैचलर डिग्री ऑफर कर रहा हो में एडमिशन ले लेना चाहिए। यदि चयनित संस्थान द्वारा किसी प्रकार का एंट्रेंस एग्जाम आयोजित कराया जाता है तो विद्यार्थी को एडमिशन से पहले एंट्रेंस एग्जाम क्लियर करने की आवश्यकता हो सकती है। अन्यथा विद्यार्थी सीधे भी एडमिशन ले सकता है। आम तौर पर यह बैचलर डिग्री कोर्स तीन साल का होता है। लेकिन विद्यार्थी कौन सी पत्रकारिता जैसे इन्वेस्टीगेटिव या ब्राडकास्टिंग में अपना कैरियर बनाना चाहता है। उसी आधार पर कोर्स का चयन करना बेहद आवश्यक है।

3. लिखने का कौशल विकसित करें: 

Journalist बनने के लिए सिर्फ जर्नलिज्म में डिग्री प्राप्त कर लेना ही काफी नहीं होता है। बल्कि पत्रकार बनने के लिए डिग्री प्राप्त करने के बावजूद भी लेखन शैली में सुधार की बेहद आवश्यकता होती है। अपने लेखन कौशल को सुधारने के लिए व्यक्ति चाहे तो खुद का ब्लॉग शुरू कर सकता है जहाँ वह लेखक के रूप में अपनी लेखन कला को सुधार सकता है। इसके अलावा वह दूसरों के ब्लॉग या समाचार पत्रों, मैगजीन इत्यादि के लिए लिखकर भी अपने लेखन कौशल को सुधारा जा सकता है। इस तरह का यह कार्य Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति को नेटवर्क स्थापित करने एवं खुद का पोर्टफोलियो बनाने में भी मदद करता है ।

4. एडिटर एवं रिपोर्टर के साथ कनेक्शन बनायें:

यद्यपि नेटवर्किंग हर किसी क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण है लेकिन यह कम्युनिकेशन पर निर्भर क्षेत्र जैसे पत्रकारिता इत्यादि के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है। पत्रकारिता एक ऐसा क्षेत्र है जो मजबूत पेशेवर नेटवर्क पर निर्भर करता है। इसलिए जिन पत्रकारों का आप अनुसरण करते हैं उनसे चैट या फोन के माध्यम से संपर्क करके मिलने का समय माँग सकते हैं। एक बार जब आप ऐसे पत्रकारों से जुड़ जाते हैं तो उन्हें अपने अनुभव एवं व्यवसायिक लक्ष्यों के बारे में बताएं और उनसे कोई सलाह देने को कहें जो आपकी मदद कर सकती है।

5. जॉब सर्च करें या इंटर्नशिप करें:  

उपर्युक्त सभी प्रक्रियाएं कर लेने के बाद Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति को किसी मीडिया कंपनी में जॉब सर्च करनी चाहिए। यदि व्यक्ति को काफी प्रयासों के बाद भी जॉब नहीं मिलती है तो वह इंटर्नशिप शुरू कर सकता है। इंटर्नशिप पत्रकारिता नामक इस क्षेत्र में कैरियर बनाने में आपकी काफी मदद कर सकता है। क्योंकि इंटर्नशिप के दौरान आपको इस क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों से मिलने का अवसर मिलेगा और इस क्षेत्र की बारीकियों के बारे में पता चलेगा। और इसी दौरान आपको पता चला पायेगा की जिस क्षेत्र को आप कैरियर बनाने जा रहे हैं उसमें जाकर आपका जीवन कैसा होने वाला है। Journalist बनने के इच्छुक व्यक्ति को इंटर्नशिप के दौरान संपादन में भी मदद करनी पड़ सकती है जिससे उसके कौशल में सुधार होता जायेगा। और इसके बाद जॉब मिलने में आसानी होगी। Journalist का कार्य प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में अलग अलग हो सकते हैं।

Journalist बनकर कमाई:

एक Journalist बनकर भारत में व्यक्ति के पास सबसे पहला विकल्प किसी समाचार पत्र, न्यूज़ एजेंसी इत्यादि में नौकरी करके पैसे कमाई करने का होता है। पत्रकारिता में व्यक्ति के पास एडिटर, कार्टूनिस्ट, फोटो जर्नलिस्ट, प्रूफ रीडर, फीचर राइटर, लीडर राइटर, स्पेशल रिपोर्टर, क्रिटिक, प्रजेंटर, रिसर्चर, रिपोर्टर, ब्रॉड कास्ट रिपोर्टर, कोलमनिस्ट इत्यादि के तौर पर कैरियर बनाने के विकल्प रहते हैं। इस क्षेत्र में कम से कम सालाना वेतन 3-5 लाख तक है। शुरूआती दौर में व्यक्ति 25-30 हजार रूपये प्रति महीने कमा सकता है और अनुभव बढ़ने के साथ साथ सैलरी भी बढती जाती है । 10-12 सालों का अनुभव प्राप्त कर लेने के बाद एक Journalist 1-2 लाख प्रति महीने वेतन भी पा सकता है  ।  इसके अलावा चीफ एडिटर बन जाने पर व्यक्ति 6 लाख रूपये प्रति महीने के वेतन से भी अधिक वेतन पा सकता है । लेकिन पत्रकारिता में अनुभव का अहम् योगदान है इसलिए कुछ ऐसे पत्रकार जिन्होंने जर्नलिज्म की पढाई तो बड़े कॉलेज से की है लेकिन उन्हें काम का कोई अनुभव नहीं है तो उन्हें शुरुआत में बेहद कम वेतन में काम करना पड़ सकता है । कहने का अभिप्राय यह है की पत्रकारिता में  बिना अनुभव के, जर्नलिज्म कोर्स में प्राप्त अंक एवं कॉलेज भी कोई मायने नहीं रखता है । इसलिए यदि इस क्षेत्र में किसी को आगे जाना है या बेहद प्रसिद्ध Journalist बनना है तो शुरुआत में कमाई पर ध्यान न देकर अनुभव प्राप्त करने की कोशिश करनी चाहिए ।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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