वर्तमान में जब भारत में भी इन्टरनेट की पहुँच एक बहुत बड़ी आबादी तक हो गई है ऐसे में एफिलिएट मार्केटिंग एक बेहतरीन ऑनलाइन बिजनेस के तौर पर सामने आया है। आज भारत में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जो इस तरह के व्यापार को सफलतापूर्वक करके न सिर्फ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में सक्षम हैं, बल्कि अपने सपनों को भी पूरा कर रहे हैं। यदि आपके पास खुद का लैपटॉप, कंप्यूटर व इन्टनेट कनेक्शन है तो एफिलिएट मार्केटिंग नामक इस व्यवसाय को आप बिना निवेश के भी शुरू कर सकते हैं। बहुत सारी कम्पनियां ऐसी हैं जो अपने उत्पाद के लिए एफिलिएट करने की स्वतंत्रता हर किसी कप प्रदान करती हैं अर्थात वे सोशल मीडिया के माध्यम से भी एफिलिएट लिंक इत्यादि प्रमोट करने की इजाजत देती हैं।

इसके अलावा बहुत सारी कम्पनियां ऐसी भी हैं जो सिर्फ यूट्यूब चैनल धारकों और ब्लॉगर इत्यादि को ही एफिलिएट करने की इजाजत देती हैं। इस तरह का बिजनेस शुरू करने का यह भी एक फायदा है की आप अपने घर बैठे बैठे ही विदेशी मुद्रा जैसे डॉलर, पोंड, यूरों इत्यादि में कमाई कर सकते हैं। लेकिन सवाल यही उठता है की क्या हर वो व्यक्ति जो इस तरह का यह बिजनेस करता है वह इसमें सफल ही होता है? जी नहीं, सफलता की गारंटी अपने आपको सिर्फ आप ही दे सकते हैं क्योंकि सफलता आपनी रणनीति, कौशल और परिश्रम पर निर्भर करती है।

यद्यपि एफिलिएट मार्केटिंग क्या है इसके फायदे, सिस्टम शुरू करने की प्रक्रिया इत्यादि के बारे में हम पहले भी बात कर चुके हैं। इसलिए इस लेख में हम इसमें सफलता प्राप्त करने के तरीकों के बारे में बात करने वाले हैं। तो आइये जानते हैं की एफिलिएट मार्केटिंग में सफल होने के वे कौन कौन से तरीके हैं।

Affiliate marketing me safal hone ke tarike

1. किसी विशेष सेक्टर का चुनाव करें

अधिकतर लोग यह गलती करते हैं की वह प्रत्येक सेक्टर के एफिलिएट प्रोडक्ट को प्रमोट करने लगते हैं जिससे परिणाम नहीं आ पाते। इसलिए यदि आप एफिलिएट मार्केटिंग में सफल होना चाहते हैं तो आपको एक ही सेक्टर जैसे हेल्थ, टूरिज्म, टेक्नोलॉजी इत्यादि का चयन करना होगा। यदि आपके पास कोई हेल्थ और मिनरल, विटामिन इत्यादि से जुड़ी कोई वेबसाइट है तो आप हेल्थ और पोषण इ जुड़े विभिन्न उत्पादों की एफिलिएट मार्केटिंग शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा टेक ब्लॉगर कंप्यूटर, लैपटॉप, होस्टिंग, मोबाइल इत्यादि गैजेट की एफिलिएट मार्केटिंग शुरू कर सकते हैं। इसलिए इस तरह के व्यवसाय को सफल बनाने के लिए सबसे पहले किसी विशेष सेक्टर और उसके उत्पादों का चुनाव करना अत्यंत आवश्यक है।

2. ऑनलाइन उपलब्धता बनायें

अब जिस भी सेक्टर या Niche का चुनाव उद्यमी द्वारा एफिलिएट मार्केटिंग बिजनेस शुरू करने के लिए किया गया हो उद्यमी को उसी पर आधारित एक ब्लॉग तैयार करना चाहिए। यदि यह ब्लॉग Micro Niche पर होगा तो एफिलिएट मार्केटिंग के परिणाम जल्दी और अच्छे आने की संभावना है। मान लीजिये की हेल्थ एक Niche है सप्लीमेंट, मिनरल, विटामिन इत्यादि इसकी Micro Niche है। इस तैयारी में उद्यमी को समय लग सकता है इसलिए उसे धैर्य बनाये रखकर अपनी रणीनीति के हिसाब से लगातार प्रयास करने की आवश्यकता होती है।

इस तैयारी से उद्यमी अपने ब्लॉग या वेबसाइट की सर्च इंजन में जगह बना सकता है। लेकिन जब तक उद्यमी द्वारा लिखे लेख सर्च इंजन में अपनी जगह बनाते हैं तब तक उद्यमी चाहे तो सर्च इंजन मार्केटिंग जैसे गूगल एड में पे पर क्लिक कैंपेन चलाकर अपने एफिलिएट लिंक को प्रमोट कर सकता है। वर्तमान में विडियो मार्केटिंग चरम पर है इसलिए उद्यमी को वेबसाइट के साथ साथ स्वयं का यूट्यूब चैनल बनाकर उसमें नियमित विडियो अपलोड करने की आवश्यकता हो सकती है।  

3. अपने उत्पाद और उसके ग्राहकों को जानें  

एफिलिएट मार्केटिंग में सफलता पाने के लिए एफिलिएट मार्केटर को उसके उत्पाद और उस उत्पाद के ग्राहकों के बारे में पूरी जानकारी होनी चाहिए। कहने का आशय यह है की व्यक्ति जिस भी उत्पाद की एफिलिएट मार्केटिंग कर रहा हो उसे उसमें निपुण या एक्सपर्ट होना चाहिए तभी वह अपने दर्शकों या संभावित ग्राहकों को उस उत्पाद की सटीक और सही जानकारी अपनी वेबसाइट या यूट्यूब चैनल के माध्यम से दे पायेगा।

दूसरा यह की जब उद्यमी सर्च इंजन मार्केटिंग के माध्यम से गूगल एड में पे पर क्लिक कैंपेन चला रहा होगा। तब उसे अपने संभावित ग्राहकों के बारे में पूर्ण जानकारी होना आवश्यक है अर्थात उसके उत्पाद को कौन सा आय वर्ग, आयु वर्ग, लिंग, भौगौलिक एरिया में निवासित लोग खरीदेंगे उद्यमी को इस बात की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए। तभी वह एक प्रभावी एड कैंपेन बनाने, चलाने और उससे कमाने में सफल हो पायेगा।

4. जो आप कर रहे हैं उससे प्यार करें

अक्सर होता क्या है की एक समय के बाद एफिलिएट मार्केटर अपने काम से बोरियत महसूस करने लगते हैं । लेकिन जब आप अपने काम से प्यार करते हैं तो उसमें कभी भी बोरियत और मायूसी नहीं आती है। यदि आप इसे सिर्फ पैसे कमाने के लिए करते हैं तो आप में और किसी मार्केटिंग कंपनी में काम करने वाले कर्मचारी में कोई फर्क नहीं है जो अपने काम से हर रोज बोर और मायूस हो जाता है।

लेकिन फिर भी वह न चाहकर भी जॉब करते रहता है क्योंकि जॉब से मिलने वाला वेतन ही उसके सारे बिलों का भुगतान करता है। इसलिए एफिलिएट मार्केटिंग में सफल होने के लिए यह बेहद जरुरी है की आप जो भी कर रहे हैं उससे आप प्यार करें।

5. धैर्य रखें और छोटे छोटे स्टेप से आगे बढ़ें

ध्यान रहे यह कोई जुआ या गेम नहीं है जो व्यक्ति को एक ही रात में लखपति या करोडपति बना देगा। बल्कि एफिलिएट मार्केटिंग से कमाने के लिए उद्यमी को काफी धैर्य रखने की आवश्यकता होगी और अपने द्वारा उठाये गए क़दमों का भी मूल्यांकन करना होगा। ध्यान रहे इस बिजनेस में उद्यमी की कमाई की शुरुआत भी 1 रूपये से ही शुरू होगी, और एक रूपये ही आगे धीरे धीरे 10, 100 और 1000 रूपये बनेंगे।

उद्यमी को चाहिए की वह शुरूआती दौर में सीधे हजारों रूपये कमाने या निवेश करने की न सोचकर सर्च मार्केटिंग में भी छोटे छोटे स्टेप लेकर उनका मूल्यांकन करके धीरे धीरे कदम बढ़ाये। अपने ग्राहकों के मनोविज्ञान को समझना, उनके व्यवहार को समझना, खर्च करने की क्षमता और उनकी कमाई का मूल्यांकन करना सब एक विज्ञान की तरह कार्य करता है। और इसमें समय लगता है इसलिए यदि उद्यमी एफिलिएट मार्केटिंग में सफल होना चाहता है तो उसे धैर्य तो रखना ही होगा। साथ में छोटे छोटे स्टेप उठाकर उनका विश्लेषण और मूल्यांकन भी करना होगा।

6. एफिलिएट मार्केटिंग को ढंग से सीखें

एफिलिएट मार्केटिंग में सफल होने के लिए आपको इसे ढंग से सीखना होगा इसके लिए आप चाहें तो किसी प्रसिद्ध एफिलिएट मार्केटर की क्लास ज्वाइन कर सकते हैं। वर्तमान में बहुत सारे सफल एफिलिएट मार्केटर ट्रेनिंग और अपना पाठ्यक्रम बेच रहे होते हैं, इच्छुक व्यक्ति चाहे तो किसी प्रसिद्ध एफिलिएट मार्केटर का कोर्स खरीद भी सकता है। लेकिन यदि व्यक्ति कोई प्रोफेशनल कोर्स या ट्रेनिंग वहन करने में असमर्थ है तो वह एफिलिएट नेटवर्क के ग्रुप और कंपनी के टुटोरिअल इत्यादि के माध्यम से भी इस बारे में काफी जानकारी हासिल कर सकता है।

लेकिन ध्यान रहे जब व्यक्ति एफिलिएट मार्केटिंग से थोड़ी बहुत कमाई करने लग जाय तो फिर उसके बाद उसे और अधिक सीखने के लिए प्रशिक्षण या प्रोफेशनल पाठ्यक्रम खरीद ही लेना चाहिए।

7. अपने पथ पर अडिग रहें और निरन्तरता बनाये रखें

लोगों की बातों में आकर कहें या फिर जल्दबाजी में कहें एफिलिएट मार्केटिंग शुरू तो सब कर देते हैं। लेकिन एक निश्चित समय के बाद जब कोई परिणाम उनके सामने नहीं आते तो फिर वे प्रयास करना बंद कर देते हैं। कहने का आशय यह है की एफिलिएट मार्केटिंग में सफलता की राह देखने वाले व्यक्ति को उसके रस्ते में असफलताओं को कभी भी बाधा नहीं बनने देना चाहिए। असफलताओं से सीखकर ही तो कोई भी व्यक्ति सफलता की सीढ़ी चढ़ पाता है।

असफलताएं आने पर उनका सामना करें और उनसे कुछ न कुछ सीख अवश्य लें, लेकिन एफिलिएट मार्केटिंग को छोड़ें नहीं। बल्कि उसमें निरन्तरता बनाये रखें और अपने पाठ पर अडीग होकर चलते रहें। तो सफलता अवश्य मिलेगी।

8. चयनित उत्पाद के क्षेत्र में एक्सपर्ट बनें  

एफिलिएट मार्केटिंग में देखें तो आपकी कमाई तभी हो रही होती है जब आप किसी कंपनी का उत्पाद अपने एफिलिएट लिंक से बेच पाने में सफल होते हैं । और आपने ध्यान दिया होगा की लोग किसी वस्तु विशेष या क्षेत्र विशेष के एक्सपर्ट की वेबसाइट से खरीदना अधिक पसंद करते हैं। इसलिए किसी वस्तु या क्षेत्र के विशेषज्ञ की वेबसाइट पर कन्वर्जन की दर बहुत अधिक होती है। मान लीजिये यदि एक टेक ब्लॉगर यह बता रहा है की डायबिटीज के लिए कौन कौन सी चीज अच्छी रहेगी। तो क्या इस लेख में दिए गए एफिलिएट लिंक के माध्यम से कोई यूजर खरीदना पसंद करेगा। हमारे हिसाब से नहीं क्योंकि लोगों की नज़र में वह टेक ब्लॉगर है और वे उसे उसी फिल्ड का जानकार मानते हैं।

इसमें भी उद्यमी को माइक्रो नीच में एक्सपर्ट या विशेषज्ञ होने की आवश्यकता हो सकती है जैसे आप केवल होस्टिंग के बारे में जानकारी जुटा सकते हैं और लोगों को केवल होस्टिंग के बारे में ही अपनी वेबसाइट या विडियो के माध्यम से बता सकते हैं। तो ऐसे में संभावना यह है की आपके द्वारा सिफारिश की गई होस्टिंग को लोग तुरंत खरीदेंगे।

9. कमाई के साथ अपनी टीम भी तैयार करें

ऐसा देखा गया है की जब एफिलिएट मार्केटर कमाई करने लग जाते हैं तो उन्हें लगता है की वे बिना अधिक प्रयासों के अपने व्यवसाय को बनाये रखने में कामयाब हो पाएंगे। लेकिन ऐसा नहीं होता है क्योंकि यदि एफिलिएट मार्केटर अपने प्रयासों में कमी करेगा तो उसके व्यवसाय में प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिलेगा । और यदि अपने प्रयासों को जारी रखेगा तो व्यक्तिगत जीवन के लिए समय निकाल पाना मुश्किल हो जायेगा।

इस समस्या का समाधान यह है की उद्यमी को जैसे जैसे उसकी कमाई बढती जाती है वैसे वैसे अपनी टीम भी विकसित करनी होगी। अर्थात अपने लिए काम करने वाले कर्मचारी नियुक्त करने होंगे, ताकि वह बाद में अपनी व्यक्तिगत और व्यवसायिक जीवन को पूरा समय दे पाने में समर्थ हो पाए। और व्यवसाय के बोझ को विकेंद्रीकृत कर सके।

10. हमेशा टेस्ट करें और परिणाम के मुताबिक सुधार करें

एफिलिएट मार्केटिंग की सफलता के लिए टेस्टिंग और रिजल्ट के मुताबिक सुधार करना भी बेहद जरुरी होता है। वैसे एफिलिएट मार्केटर को लोगों को ऐसी जानकारी देने का प्रयत्न करना चाहिए जो उनकी किसी न किसी रूप में मदद कर सके। कहने का आशय यह है की पैसे कमाने से ज्यादा लोगों को जानकारी और उनकी हेल्प करने में अधिक ध्यान होना चाहिए। इसके अलावा उद्यमी समय समय पर और भी परीक्षण कर सकता है और उसके परिणामों के मुताबिक अपनी रणनीति में सुधार कर सकता है ।   

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