Useful Information on Amla Processing Business in Hindi.

Amla Processing नामक यह व्यवसाय वर्तमान में बेहद लाभकारी हो सकता है इसका मुख्य कारण यह है की इसका इस्तेमाल न सिर्फ घरेलू तौर पर होता है । बल्कि आँवला एवं इसके रस का इस्तेमाल विभिन्न प्रकार की औषधियाँ एवं स्वास्थ्यवर्धक चीजों को बनाने के लिए भी किया जाता है इसलिए इसके घरेलू एवं व्यवसायिक उपयोग दोनों होते हैं। और ध्यान रहे संसार में ऐसी कोई भी वस्तु जिसकी माँग देशी विदेशी बाजारों में विद्यमान रहती है उसे बेचने में बहुत अधिक कठिनाई नहीं आती है। यही कारण है की आज हम इस लेख के जरिये Amla Processing Business के बारे में उपयुक्त जानकारी देने का प्रयत्न कर रहे हैं ताकि इच्छुक लोग अपनी कमाई करने की दृष्टि से इस बिजनेस को भी अपनी लिस्ट में शामिल कर सकें। जहाँ तक आँवले की बात है इसे Phyllanthus Emblica या myrobalan के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय आँवले की बात करें तो यह स्वाद से भरपूर एवं औषधीय गुणों से परिपूर्ण होने के कारण पूरी दुनियाभर में जाना जाता है। आँवला नामक यह फल विटामिन सी से ओत प्रोत होता है अर्थात यह विटामिन सी का समृद्ध स्रोतों में से एक है। जिसमें एस्कॉर्बिक एसिड की मात्रा 0.9% से 1.3% तक होती है, जो सभी कृषि से उत्पादित फलों की तुलना में अधिक है। यही कारण है की कमाई की दृष्टि से Amla Processing Business करना लाभकारी हो सकता है।

Amla-Processing business

आँवला प्रसंस्करण व्यवसाय क्या है (What is Amla Processing Business):

जैसा की हम सबको विदित है की आँवला और वह भी विशेष तौर पर भारतीय आँवला स्वाद में अच्छा होने के साथ साथ अनेकों औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। यही कारण है की विभिन्न औषधि बनाने वाली कम्पनियों, स्वास्थ्यवर्धक वस्तुओं का उत्पादन करने वाली कम्पनियों द्वारा इसके लुगदी  एवं जूस दोनों का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा लोग आँवले के जूस का सेवन इसके वास्तविक स्वरूप में भी करते हैं, इसलिए जब किसी उद्यमी द्वारा आँवले से इसका रस एवं लुगदी निकालने का कार्य किया जाता है तो आम तौर पर इसे ही Amla Processing Business कहा जाता है। इस तरह का यह व्यवसाय बिजनेस टू बिजनेस एवं बिजनेस टू कस्टमर दोनों है।

उत्पाद एवं इसके अनुप्रयोग:

चूँकि आँवले का इस्तेमाल सम्पूर्ण विश्व में बहुत बड़ी मात्रा में किया जाता है, लेकिन इसमें से आँवले की एक बड़ी मात्रा का इस्तेमाल च्यवनप्राश बनाने, आयुर्वेदिक दवाइयाँ बनाने, कॉस्मेटिक उत्पादों का निर्माण करने एवं अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों जैसे आँवला जूस, रेडी टू सर्व ड्रिंक, शर्बत, जैम, फ्रूट बार, आँवला पाउडर, माउथ फ्रेशनर इत्यादि बनाने में किया जाता है। जैसा की हम सबको विदित है की च्यवनप्राश को आम तौर पर एक स्वास्थ्य वर्धक खुराक के रूप में पहचान मिल चुकी है, और त्रिफला जैसे चूर्ण जिनमें आँवले का इस्तेमाल होता है को कब्ज इत्यादि से निजात पाने में, इसके अलावा विभिन्न प्रकार के कॉस्मेटिक उत्पादों जिनमें आँवले का इस्तेमाल होता है को भी पहचान मिल चुकी है। इनमें बालों के तेल जैसे डाबर आँवला, एवं कुछ क्रीम भी शामिल हैं। आँवले में बालों एवं त्वचा को स्वस्थ्य रखने का भी गुण निहित होता है। तो वही इससे जुड़े खाद्य पदार्थों को विटामिन सी का उत्तम स्रोत माना जाता है। इसलिए Amla Processing Business करना कमाई की दृष्टि से उपयुक्त हो सकता है।

Amla Processing हेतु प्रमोटर या उद्यमी कैसा होना चाहिए:

हालांकि औपचारिक तौर पर खुद का किसी प्रकार का भी बिजनेस करने के लिए कोई योग्यता की आवश्यकता नहीं होती है। अर्थात भारत में ही नहीं दुनिया में भी कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार का भी वैध बिजनेस शुरू कर सकता है। लेकिन बिजनेस को सफलतापूर्वक चलाने के लिए उस क्षेत्र से सम्बंधित जानकारी का होना नितांत आवश्यक है। इसलिए Food processing Business करने के इच्छुक उद्यमी के पास निवेश करने का सामर्थ्य तो होना ही चाहिए, लेकिन इसके अलावा प्रमोटर या उद्यमी को मूल्य वर्धित आँवला उत्पादों, आँवला उगाने वाले क्षेत्रों, आँवले के लिए उपयुक्त मौसम इत्यादि की अच्छी तरह से जानकारी होना अति आवश्यक है। इसके अलावा उद्यमी अपने उत्पाद को देशी एवं विदेशी मार्किट में मार्केटिंग करने में सक्षम होना चाहिए।

औद्यौगिक परिदृश्य (Industry Outlook):

वर्तमान में मानव जीवनशैली में हो रहे लगातार परिवर्तनों के कारण एवं मानव की तकनीक पर बढती निर्भरता के कारण मनुष्य का शारीरिक कार्य काफी कम हो गया है। इसके अलावा प्रतिस्पर्धात्मक जीवन होने के कारण तनाव भी बढ़ गया है । ऐसे में लोग हर दूसरे दिन अपने आपको अस्वस्थ महसूस करने लगे हैं और वे अपने आपको स्वस्थ रखने के वशीभूत होकर अनेकों हर्बल उत्पादों एवं आयुर्वेदिक उत्पादों का इस्तेमाल करने लगे हैं। चूँकि Amla Processing Business भी स्वास्थ्य लाभ से जुड़ा हुआ व्यवसाय है इसलिए हर्बल उत्पादों, विटामिन, खनिज इत्यादि के प्राकृतिक स्रोतों से होने वाले स्वास्थ्य लाभ के कारण प्राकृतिक स्रोतों की माँग में तीव्र गति से वृद्धि हो रही है। और यह चलन आगे भी देश एवं विदेशों में ऐसे ही बने रहने के आसार हैं। चूँकि आँवला विटामिन सी का एक समृद्ध प्राकृतिक स्रोत है इसलिए इससे उत्पादित उत्पाद जैसे आँवला पाउडर, आँवला रस, लुगदी, चीनी मिश्रित उत्पादों की माँग तेजी से बढ़ रही है।

बिक्री की संभावना (Market Potential):

Amla Processing Business से उत्पादित उत्पाद जैसे रस एवं लुगदी का इस्तेमाल विभिन्न खाद्य एवं पेय पदार्थों में किया जाता है। इनमें मुख्य रूप से न्यूट्रीशनल बार, अनाज, जैम, ऐसे ड्रिंक जिनमें आँवला पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है, यगर्ट, एवं आहार पूरक उत्पाद शामिल हैं। वैश्विक पोषक तत्वों, एवं कार्यात्मक खाद्य बाजार के बढ़ने के कारण एक खाद्य घटक के तौर पर आँवले से उत्पादित उत्पादों की संभावना लगातार बढती जा रही है। आँवले के अर्क में पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट गुण होने के कारण यह त्वचा को भी सुरक्षा प्रदान करने में सहायक है। इसलिए कहा जा सकता है की अगले दशक में Amala Extraction या Amla Processing Business में वैश्विक स्तर पर एक अच्छी वृद्धि देखने की उम्मीद लगाई जा सकती है। हमारा देश भारत आँवला एवं आँवले के अर्क की एक ठीक ठाक मात्रा विभिन्न देशों जैसे अमेरिका, जापान, नेपाल, बांग्लादेश, मलेशिया, जर्मनी, नीदरलैंड जैसे देशों को निर्यात करता है। वर्तमान में देश विदेश की विभिन्न हर्बल कम्पनियाँ आँवले के अर्क का इस्तेमाल एक संतुलित आहार खुराक प्रदान करने के लिए हर्बल चाय एवं पाउडर के तौर पर कर रही है। यही कारण है की अगले दशक में Amla Processing Business या आँवला प्रसंस्करण व्यवसाय का आकार बढ़ने की संभावना है। भारत में वर्तमान में इस तरह का व्यवसाय कुछ राज्यों में ही किया जाता है इनमें उत्तर प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र एवं दक्षिणी राज्य शामिल हैं। इनमें ज्यादातर इकाइयाँ असंगठित क्षेत्र से जुड़ी हुई हैं इसलिए बड़ी कम्पनियों एवं आयातकों की उच्च गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए Amla Processing Business मध्यम पैमाने पर शुरू किया जा सकता है। 

आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरण (License & registration for Amla Processing):

Amla Processing Business के लिए आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरणों की लिस्ट राज्य एवं क्षेत्र के आधार पर अलग अलग हो सकती है। वह इसलिए क्योंकि हर राज्य एवं क्षेत्र के स्थानीय नियम अलग अलग होते हैं । लेकिन कुछ आवश्यक लाइसेंस एवं पंजीकरणों की लिस्ट निम्नवत है।

  • उद्यमी को फैक्ट्री अधिनियम के तहत फैक्ट्री लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है ।
  • स्थानीय प्राधिकरण जैसे नगर निगम, नगर पालिका इत्यादि से लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • जीएसटी रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता हो सकती है।
  • उद्योग आधार पंजीकरण की आवश्यकता हो सकती है।
  • एफएसएसआई लाइसेंस की आवश्यकता हो सकती है।
  • फायर डिपार्टमेंट से एनओसी की आवश्यकता हो सकती है।
  • प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी एनओसी की आवश्यकता हो सकती है।    

आवश्यक मशीनरी एवं कच्चा माल (Required Machinery and Raw material for Amla Processing)   

एक विस्वसनीय आंकड़े के मुताबिक भारत एक लाख हेक्टेयर में लगभग पन्द्रह लाख टन आँवले का उत्पादन करता है। और हालांकि इसका उत्पादन कम या अधिक भारत के हर क्षेत्र एवं राज्य में होता है लेकिन आँवला उत्पादन में कुछ अग्रणी राज्य उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडू एवं गुजरात हैं। इसके अलावा आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखण्ड एवं हरियाणा भी आँवला उत्पादन में बढ़ते हुए राज्य हैं । यह जानकारी देना यहाँ पर इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि जिन राज्यों में आँवले का उत्पादन अधिक होता है उन राज्यों में कच्चे माल की उपलब्धता आसानी एवं कम दर में हो जाती है। जिससे उस राज्य में उद्यमी के लिए Amla Processing Business करना आसान एवं सहज हो जाता है। यदि आप भी इस तरह का बिजनेस करना चाहते हैं तो बिजनेस के लिए उसी राज्य, शहर एवं क्षेत्र को चुनें जहाँ आँवले का उत्पादन अधिक होता हो। क्योंकि Amla Processing Business के लिए मुख्य कच्चा माल आँवला ही है। मशीनरी एवं उपकरणों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  • फ्रूट एंड वेजिटेबल वॉशर
  • आँवला काटने वाली मशीन
  • आँवला जूसर
  • स्टैंडराइजेशन टैंक
  • पैस्च्युराइजर
  • होल्डिंग टैंक
  • स्टीम जैकेटेड केटल
  • कैनिंग मशीन                    

निर्माण प्रक्रिया (Process of Amla Processing):

Amla Processing business में सर्वप्रथम पूर्ण रूप से वयस्क आँवले के फलों को अच्छी तरह धो लिया जाता है। ताकि इन फलों से गंदगी, धूल, मिटटी एवं अन्य चिपकने वाली अवांछित सामग्री को हटाया जा सके। उसके बाद इस साफ़ एवं धुले हुए स्वच्छ आँवले को आँवला काटने वाली मशीन में काटने के लिए भेजा जाता है। उसके बाद इन साफ, स्वच्छ कटे हुए आंवलों को आँवला जूसर की तरफ पास कराया जाता है इस मशीन के माध्यम से जूस अलग एवं लुगदी अलग भी की जाती है। उसके बाद स्टोरेज के लिए मानकीकरण एवं पैस्च्युराइजिंग की जाती है। और यदि स्टोर न करना हो तो इनका इस्तेमाल अन्य मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्माण में भी किया जा सकता है। इसके लिए Amla Processing business कर रहे उद्यमी द्वारा आँवले से आँवले की कैंडी, आँवले का आचार, या माउथ फ्रेशनर बनाने के लिए या तो आँवले की लुगदी को उबाला जाता है या फिर सीधे आँवले के फल को पकाया जाता है। आँवले की लुगदी या अर्क का इस्तेमाल च्यवनप्राश, जूस, रेडी टू सर्व पेय पदार्थ, फ्रूट बार, आँवला सॉस, कॉस्मेटिक उत्पाद इत्यादि बनाने में किया जाता है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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