Debt Collection Agency से साफ़ एवं स्पष्ट तौर पर आशय ऋण उगाही करने वाली एजेंसी से है आम तौर पर लोग बैंकों एवं अन्य वीतीय संस्थानों से जरुरत पड़ने पर ऋण लेना पसंद करते हैं। वैसे देखा जाय तो मनुष्य जीवन में नाते, रिश्तेदार, परिवार, समाज, राज्य, राष्ट्र सभी कुछ अहम् है लेकिन इसमें कोई दो राय नहीं की मनुष्य को अपनी पारिवारिक, सामाजिक इत्यादि दायित्वों की पूर्ति के लिए पैसों अर्थात धन की आवश्यकता होती है।

भले ही पैसे से मनुष्य चैन, नींद, भूख, शांति इत्यादि नहीं खरीद सकता लेकिन इससे हर तरह के सांसारिक सुखों को ख़रीदा जा सकता है इसमें भी कोई दो राय नहीं है। यही कारण है की मनुष्यों में एक दुसरे से अधिक सांसारिक सुखों का लाभ लेने की प्रतिस्पर्धा के चलते ही पैसे कमाने की भी प्रतिस्पर्धा सी लग गई है।

और वर्तमान में चाहे कोई कितना भी ज्ञानी मनुष्य क्यों न हो उसका प्रमुख उद्देश्य अपने एवं अपने परिवार वालों को आर्थिक तौर पर सुदृढ़ करना ही रहा गया है। लेकिन इस कोशिश में सभी लोग सफल नहीं होते अर्थात कुछ लोग अपनी जरुरत से काफी अधिक धन अर्जित करने में सफल हो पाते हैं। तो वहीँ एक बहुत बड़ा तबका ऐसा भी है जो अपनी जरूरतों की पूर्ति के लिए भी आवश्यक पैसे नहीं बचा पाता है।

ऐसे में जब उन्हें अपना कोई काम करना होता है तो उन्हें किसी कंपनी, वित्तीय संस्थान या फिर बैंक से ऋण लेने की आवश्यकता हो सकती है। लेकिन कभी कभी ऐसे भी मौके आते हैं जब ऋण लेने वाला चाहे कोई व्यक्ति हो या फिर कोई कंपनी ऋण चुकाने में असमर्थ हो जाती है। इस स्थिति से निबटने के लिए बहुत सारे बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों ने Debt Collection का एक अलग सा ही विभाग बनाया हुआ होता है।

लेकिन जिनके पास स्वयं का यह विभाग नहीं होता है वे बैंक या कंपनीयां इस काम के लिए किस थर्ड पार्टी Debt Collection Agency को नियुक्त करती है। और यह एजेंसी ऋणकर्ता से विचार विमर्श करके उसे ऋण चुकाने के लिए राजी करती है।

इसके लिए एजेंसी को अनेकों नियमों का अनुसरण करना होता है। जब ऋण उगाही करने वाली एजेंसी ग्राहक को इस बात के लिए राजी कर देती है तो उगाही की गई रकम में से कुछ प्रतिशत हिस्सा एजेंसी को कमीशन के तौर पर दिया जाता है।

Debt Collection Agency kaise start kare

ऋण उगाही एजेंसी क्या है (What is Debt Collection Agency)

हालांकि एक ऋण उगाही एजेंसी यानिकी Debt Collection Agency को आम तौर पर केवल उगाही एजेंसी के नाम से भी जाना जाता है जिसका इस्तेमाल उधार देने वाली कंपनियों व्यक्तियों या लेनदारों द्वारा दिए गए ऋण की वसूली के लिए किया जाता है। कहने का आशय यह है की जब किसी ऋण देने वाले संस्थान या व्यक्ति द्वारा अपने ऋण को वसूलने के लिए सभी क़दमों का उचित इस्तेमाल कर लिया जाता है।

लेकिन उसके बावजूद भी यदि ऋण लेने वाले व्यक्ति या कंपनी द्वारा उसका ऋण चुकता नहीं किया जाता है। तो फिर वे Debt Collection Agency को यह दायित्व देते हैं और उगाही की गई रकम का कुछ प्रतिशत कमीशन के तौर पर उगाही एजेंसी को देते हैं। 

ऋण उगाही एजेंसी की आवश्यकता

हालांकि इस लेख में अब तक की वार्तालाप से स्पष्ट हो गया है की एक उगाही करने वाली एजेंसी क्या होती है? लेकिन आगे हम यह जानने का प्रयत्न करेंगे की एक उगाही कंपनी को कौन काम देता है और क्यों? अर्थात एक Debt Collection Agency को कमाई करने का अवसर किनके द्वारा और क्यों प्रदान किया जाता है।

जैसा की हम अब तक जान चुके हैं की एक Debt Collection Agency अपने ग्राहकों की लंबित बकाया राशि की वसूली करने के लिए विभिन्न तरीकों का इस्तेमाल करती है। लेकिन इस तरह की एजेंसी की नियुक्ति लेनदारों द्वारा तभी की जाती है जब उन्होंने अपनी तरफ से ऋण का पुनर्भुगतान कराने की सारी कोशिशें पूर्ण कर ली हों।

जब लेनदार इस बात को सुनिश्चित कर लेता है की उसके पास अब अपना ऋण प्राप्त करने के लिए और कोई चाल नहीं बची है तो फिर उसे किसी Debt Collection Agency को नियुक्त करना ही होता है। लेकिन इस तरह की एजेंसी की नियुक्ति करने से पहले लेनदारों द्वारा अपने नेटवर्क में इस बारे में पड़ताल की जाती है की वे किस एजेंसी को इस प्रकार का यह दायित्व प्रदान करें।

इसलिए उगाही एजेंसी को न सिर्फ वैधानिक रूप से संचालित होने की आवश्यकता होती है बल्कि अपनी अच्छी शाख स्थापित करने की भी आवश्यकता होती है। इसलिए अब हम कह सकते हैं की ऋण उगाही एजेंसी या Debt Collection Agency को लेनदारों चाहे वह कोई कंपनी हो या फिर कोई व्यक्तिगत व्यक्ति द्वारा अपने फंसे हुए ऋण की उगाही करने के लिए नियुक्त किया जाता है।

आम तौर पर क्रेडिट कार्ड प्रदान करने वाले, ऋण प्रदान करने वाले संस्थानों द्वारा ऋण उगाही एजेंसी की सर्विसेज ग्रहण की जाती हैं।

ऋण उगाही एजेंसी कैसे शुरू करें? (How to Start Debt Collection Agency In India)

हमारा देश भारत एक लोकतान्त्रिक देश है इसलिए यहाँ पर सारी व्यवस्थाएं संख्या मात्र से प्रभावित होती हैं। क्योंकि यहाँ पर हर प्रवृत्ति के व्यक्ति को लगभग एक समान अधिकार प्राप्त हैं। शायद यही कारण है की यहाँ की व्यवस्थाओं में लचीलापन अधिक देखा जा सकता है।

Debt Collection agency के बारे में बात करते वक्त इन व्यवस्थाओं के लचीलापन का जिक्र इसलिए आ गया क्योंकि यहाँ आज भी इस तरह का यह काम करने का दायित्व किसी गुंडे, मवाली या किसी बाहुबली व्यक्ति जिससे लोग डरते हों को दिया जाता है। वह इसलिए ताकि वह डरा धमकाकर लिए गए ऋण का पुनर्भुगतान करा पाने में सक्षम हो जाय।

लेकिन यह तरीका असंवैधानिक है, और अक्सर देखा गया है की जो वास्तव में किसी मज़बूरी में ऋण का पुनर्भुगतान नहीं कर पा रहे हैं उन पर अनावश्यक दबाव या फिर डराना धमकाना उनकी जिन्दगी से खिलवाड़ करना हो सकता है। क्योंकि ऐसे बहुत सारे उदाहरण सामने आये हैं जब देनदारों द्वारा ऋण का पुनर्भुगतान न किये जाने पर उन पर अनावश्यक दबाव डाला गया है तो उन्होंने अपनी जीवन लीला समाप्त कर दी।

इन्हीं सब बातों के मद्देनजर देश में Debt Collection agency के काम करने के तरीकों को लेकर अनेकों नियम एवं कानून निर्धारित हैं जिनका अनुसरण उगाही करने वाली कंपनी को करना ही होता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई व्यक्ति खुद की ऋण उगाही एजेंसी शुरू कर सकता है।

1. नियम कानूनों के बारे में अच्छी तरह से समझना

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की इस तरह के इन मामलों को बड़ी संवेदनशीलता के साथ सँभालने की आवश्यकता होती है। क्योंकि ऐसे लोग जो कर्जा लेकर कर्जा देते नहीं है वे तो कड़ी कार्यवाही या गहन दबाव भी सहन कर सकते हैं। लेकिन ऐसे लोग जो कर्जा लेकर कर्जा दे नहीं पाते उनकी स्थिति दयनीय होती है और वे किसी अनावश्यक दबाव में आकर कोई बड़ा कदम भी उठा सकते हैं।

इसलिए एक Debt Collection Agency को सबसे पहले तो यही पता करने की आवश्यकता होती है की उस देनदार की कर्जा देने की क्षमता है या नहीं। उसके बाद ही उससे कर्जा कैसे वसूला जा सकता है के बारे में विचार किया जा सकता है। हालाँकि यह तो तब की स्थिति है।

जब लेनदार कोई व्यक्तिगत व्यक्ति हो कोई कंपनी या संस्थान यदि लेनदार हो तो उगाही करने वाली एजेंसी तय नियम एवं कानूनों के आधार पर उगाही करने की कोई भी रणनीति विकसित कर सकती है। Debt Collection Agency शुरू करने के लिए सर्वप्रथम उद्यमी को इस सम्बन्ध में निर्धारित नियमों एवं कानूनों को समझने की आवश्यकता होती है।

और फिर यह निर्णय लेने की आवश्यकता होती है की क्या वह उन नियमों एवं कानूनों का अनुसरण करते हुए भी लेनदार व्यक्ति या कंपनी से उगाही करने में सफल हो पायेगा या फिर नहीं। यदि उसे लगता है की हाँ तो वह खुद की Debt Collection Agency शुरू करने के लिए आगे कदम बढ़ा सकता है।

लेकिन यदि उसे लगता है की वह ऐसा नहीं कर पायेगा तो वह इस बिजनेस में उद्यमी बनने के सपने को विराम दे सकता है। कुछ प्रमुख नियम एवं कानून जिनके बारे में इस तरह का बिजनेस करने वाले उद्यमी को जानना बेहद आवश्यक है वे निम्न हैं।

  • देनदार रिकवरी एजेंट से उसकी पहचान जानने के लिए उससे बैंक द्वारा जारी किया गया पहचान पत्र दिखाने के लिए कह सकता है। यदि बैंक ने थर्ड पार्टी एजेंट को नियुक्त किया है तो उससे नियुक्ति पत्र दिखाने के लिए कह सकता है।
  • उद्यमी को ध्यान रखना होगा की उसका कोई भी एजेंट देनदार की प्राइवेसी का पूरा ध्यान रखे और उसकी देनदारी के बारे में किसी अन्य व्यक्ति के सामने बात न करे। ताकि वह अपने आपको शर्मिंदा महसूस न कर सके।
  • Debt Collection Agency का रिकवरी एजेंट देनदार को सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक ही कॉल कर सकता है और यदि देनदार अपने काम पर व्यस्त रहता है तो उसे बात करने का समय सुनिश्चित करने के लिए कहा जा सकता है।
  • रिकवरी कॉल देनदार को कब की जाएगी इसका समय चुनने का देनदार को पूरा अधिकार है।
  • उगाही करने वाली एजेंसी के एजेंट द्वारा देनदार को सरल एवं समझी जाने वाली भाषा में ईमेल या पत्र लिखने की आवश्यकता होती है । और ध्यान रहे एजेंसी या एजेंट देनदार से गाली गलौज या अपमानजनक भाषा में बात नहीं कर सकते। बल्कि सभ्य तरीके से ही वार्तालाप करना अनिवार्य है।
  • नियमों एवं कानूनों का उल्लंघन होने पर देनदार एजेंसी या एजेंट के खिलाफ बैंक में अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकता है।
  • यदि देनदार के घर में कोई घटना या दुर्घटना हो जाती है, तो इस स्थिति में वह एजेंट या Debt Collection Agency को कुछ दिन कॉल करने के लिए मना कर सकता है।
  • एजेंसी को एजेंट एवं ग्राहक के बीच हुई बातचीत का ब्यौरा समय समय पर बैंक को देना होता है।

इन सब उपर्युक्त नियमों को पढने के बाद भी यदि उद्यमी को लगता है की वह देनदारों से उगाही या पैसे वसूल कर पाने में सफल हो पायेगा, तो वह खुद की Debt Collection Agency Business शुरू करने के लिए आगे बढ़ सकता है। अन्यथा इस बिजनेस के बारे में अपनी सोच को यहीं विराम देकर किसी अन्य व्यापार के बारे में सोच सकता है। 

2. अनुभव प्राप्त करें (Get Experience to Start Debt Collection Agency):

खुद की Debt Collection Agency शुरू करने के लिए केवल उससे सम्बंधित नियमों एवं कानूनों का ज्ञान होना ही पर्याप्त नहीं होता है। बल्कि इसके लिए उद्यमी को यह भी पता होना चाहिए की इस प्रकार की ये एजेंसीयां कैसे कार्य करती हैं और इनके पास काम कैसे और किन स्रोतों से आता है। ताकि वह अपने व्यवसाय को एक लम्बी अवधि के लिए सफल बना सके।

और यह सब जानकारी एवं ज्ञान उद्यमी को तभी प्राप्त होगा जब वह खुद किसी पहले से मौजूद किसी Debt Collection Agency में एजेंट के तौर पर कार्य करेगा। इस तरह का कार्य करके उसे इस बात का भी ज्ञात हो जायेगा की उसे व्यक्तिगत देनदार के साथ कैसा और संस्थागत देनदार के साथ किस तरह का व्यवहार पैसों की उगाही के लिए करना चाहिए।      

3. ऑफिस स्थापित करें  

खुद की Debt Collection Agency शुरू करने के लिए उद्यमी को किसी स्थानीय बाजार या ऐसे एरिया में जहाँ बैंक, वित्तीय संस्थान एवं अन्य औद्योगिक इकाइयों की संख्या अधिक हो में एक छोटा सा ऑफिस किराये पर लेने का विचार कर सकता है। चूँकि उद्यमी को अनेकों प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की भी आवश्यकता हो सकती है।

इसलिए उद्यमी को रेंट एग्रीमेंट या लीज एग्रीमेंट बनवाने की आवश्यकता होती है। ताकि उस दस्तावेज का इस्तेमाल पता प्रमाण के तौर पर अनेकों तरह के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन लेने के दौरान किया जा सके। ऑफिस में कंप्यूटर, प्रिंटर, टेलीफोन, एयर कंडीशनर, फर्नीचर इत्यादि की आवश्यकता होगी।

चूँकि भविष्य में Debt Collection Agency शुरू करने वाले उद्यमी को वित्तीय संस्थानों, बैंकों एवं अन्य उद्यमों के साथ काम करने की आवश्यकता होती है इसलिए उसे इन सभी बातों का ध्यान रखकर ही अपने ऑफिस की स्थापना करना चाहिए।     

4. Debt Collection Agency  के लिए लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन प्राप्त करें  

जहाँ तक लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की बात है स्वयं की Debt Collection Agency को उद्यमी को वैधानिक स्वरूप प्रदान करने के लिए किसी एक बिजनेस एंटिटी का चुनाव करके उसके तहत अपने व्यापार को रजिस्टर कराना होगा। और ध्यान रहे यदि उद्यमी खुद रिकवरी एजेंट बनकर उगाही करने की सोच रहा है।

तो उसे इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस द्वारा आयोजित प्रशिक्षण का हिस्सा बनाकर वहां से सर्टिफिकेट भी प्राप्त करना होगा। और इसके अलावा यदि उद्यमी रिकवरी एजेंट की नियुक्ति करने की सोच रहा हो तब भी उसे ऐसे एजेंटो की ही नियुक्ति करनी होगी। जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा निर्देशित नियमों का अनुपालन करते हुए इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ बैंकिंग एंड फाइनेंस से प्रशिक्षण प्राप्त कर सर्टिफिकेट ग्रहण कर चुके हैं।

जानकारी के मुताबिक दसवीं पास कंडीडेट को 100 घंटे की एवं ग्रेजुएट कंडीडेट को 50 घंटों की ट्रेनिंग पूर्ण करना अनिवार्य है। इन सबके अलावा उद्यमी को टैक्स रजिस्ट्रेशन, चालू बैंक खाता इत्यादि भी खुलवाने की आवश्यकता होती है।       

5. Debt Collection Agency के लिए ग्राहक ढूंढें  

Debt Collection Agency Business में उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर बैंक एवं वित्तीय संस्थान ही रहने वाले हैं । वह इसलिए क्योंकि अक्सर देखा गया है की लोग एवं कम्पनियां जरुरत पड़ने पर बैंक एवं फाइनेंस कम्पनियों से ही पैसे उधार लेती हैं। इसलिए कर्जा भी इनका ही ज्यादा फंसता है और इसी कारण इस प्रकार की एजेंसी की जरुरत इन्हें ही सबसे अधिक पड़ती है।

यही कारण है की Debt Collection Agency चला रहे उद्यमी के लिए एक बात तो स्पष्ट है की उसके टारगेट ग्राहक के तौर पर बैंक या वित्तीय संस्थान ही रहने वाले हैं। लेकिन वह इनसे काम लेने में कैसे सक्षम हो पायेगा, इसकी प्रभावी रणनीति एवं योजना उद्यमी को विकसित करनी होती है। 

यह भी पढ़ें

Leave a Reply

Your email address will not be published

error: