Difference between Angel Investors and Venture Capitalist in Hindi

Difference between Angel Investors and Venture Capitalist in Hindi

Angel Investors और Venture Capitalist पर बात करना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि स्टार्टअप एवं नई नई इकाइयों को फण्ड प्रदान करने में इनकी अहम् भूमिका होती है | और इनके बारे में हम अपने पिछले लेखों के माध्यम से वार्तालाप कर भी चुके हैं लेकिन अक्सर होता क्या है की लोगों के बीच यह भ्रम फैला हुआ है की Angel Investors, Venture Capitalist एवं Private Equity तीनों एक ही हैं | लेकिन यह सत्य नहीं है क्योंकि Angel Investors और Venture Capitalist में बहुत सारे अन्तर होते हैं जिनका वर्णन हम निम्नवत करेंगे | इससे पहले की हम इन दोनों में अंतर समझने की कोशिश करें उससे पहले यह जान लेते हैं की Private Equity वास्तव में होती क्या है? प्राइवेट इक्विटी का अभिप्राय साधारणतया एक ऐसी कंपनी अर्थात प्राइवेट कंपनी के शेयर से लगाया जा सकता है जो स्टॉक मार्किट में रजिस्टर नहीं है |  इस टर्म का इस्तेमाल कंपनियों के व्यापक समूह का वर्णन करने के लिए किया गया है जो कंपनियों के निजी इक्विटी मालिकों के रूप में कार्यरत हैं | कहने का आशय यह है की दोनों Angel Investors एवं Venture Capitalist किसी प्राइवेट कंपनी में सीधे निवेश करके उसकी प्राइवेट इक्विटी को होल्ड करते हैं |

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Difference between Angel Investors and Venture Capitalist in Hindi:

  1. Angel Investors एवं Venture Capitalist में पहला अंतर यह है की हम अपने पिछले लेख एंजल इन्वेस्टर सम्बन्धी जरुरी जानकारी में भी बता चुके हैं की Angel Investors व्यक्तिगत व्यक्ति होते हैं जो किसी नए उद्यम या स्टार्टअप में निवेश करते हैं | ये कोई भी धनवान प्रभावशाली व्यक्ति या सफल बिजनेसमैन हो सकते हैं जो अपने खुद का पैसा नए नए उद्यम में निवेश करते हैं | जबकि Venture Capital किसी फर्म या कंपनी द्वारा किसी और का पैसा किसी अन्य नए उद्यम या स्टार्टअप में लगाया जाता है | इस तरह की ये फर्म या कंपनियां निवेशकों से किसी फण्ड में हिस्सेदारी के माध्यम से पैसा अर्जित करते हैं और उसे प्राइवेट कंपनी में शेयर खरीदने अर्थात प्राइवेट इक्विटी होल्ड करने पर व्यय कर देते हैं |
  2. Angel Investors एवं Venture Capitalist में दूसरा अंतर यह है की चूँकि एंजेल इन्वेस्टर व्यक्तिगत व्यक्ति होते हैं इसलिए वे खुद का पैसा उद्यम में लगाते हैं, Venture Capitalist फर्म या कंपनियां होती हैं इसलिए वे दूसरे निवेशकों का पैसा किसी नए उद्यम में लगते हैं |
  3. अगला अंतर इन दोनों में यह है की Venture Capitalist की किसी भी उद्यम में निवेश करने की क्षमता Angel Investors से अधिक होती है |
  4. Angel Investors एक व्यक्तिगत व्यक्ति होता है जबकि Venture Capitalist कोई फर्म या कंपनी |
  5. एंजेल इन्वेस्टर किसी उद्यम में उसके प्रारम्भिक अवस्था में, शुरूआती कारोबार में पैसे लगाने के लिए उत्सुक रहते हैं जबकि Venture Capitalistप्रारम्भिक अवस्था में कम ही रूचि रखते हैं और किसी स्थापित उद्यम में पैसे लगाने को तत्पर रहते हैं |
  6. एंजेल इन्वेस्टर को निवेश से अच्छे रिटर्न एवं कंपनी के मालिकाना अधिकार में हिस्सेदारी की अभिलाषा हो सकती है जबकि Venture Capitalist कंपनी के बोर्ड में सीट की डिमांड करते हैं |

साधारणतया देखा जाय तो जब कोई भी उद्यम अर्थात बिज़नेस उसके प्रारम्भिक अवस्था में होता है तो Angel Investors ही फंडिंग के मुख्य स्रोत होते हैं | उसके बाद यदि कंपनी के व्यापार को विस्तृत करने के लिए फण्ड की आवश्यकता होती है तो तब Venture Capitalist का प्रवेश उस उद्यम में होता है |

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  1. By Rudra Kumar

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