दुकान के लिए लोन विषय पर जानकारी देना इसलिए जरुरी हो जाता है। क्योंकि दुकानों को चलाने के लिए लगातार फण्ड की आवश्यकता होती है। हमारा देश भारत जनाधिक्य वाला देश है, यहाँ की आबादी एक अरब से भी अधिक है। इसलिए इतनी बड़ी आबादी को हर एक चीज मुहैया कराने के लिए दुकानदारों का अहम् योगदान है। संक्षेप में दुकानों की यदि हम बात करें तो इनमें किराना स्टोर, मेडिकल स्टोर, रिटेल स्टोर, इलेक्ट्रिकल शॉप, हार्डवेयर दुकानें और कई अन्य गुमनाम व्यवसाय शामिल हैं। जो हमारे व्यस्त जीवन को जारी रखने में सहायक हैं।

यदि आप भी उनमें से एक हैं, जो स्वयं की दुकान खोलने के बारे में सोच रहे हैं। तो हो सकता है की आपको दुकान के लिए लोन की आवश्यकता पड़ जाय। सिर्फ उन्हें ही नहीं जो स्वयं की नई दुकान खोलना चाहते हैं। बल्कि ऐसे दुकानदार जो स्वयं की दुकान को बढ़ाना चाहते हैं, उन्हें भी दुकान के लिए लोन की आवश्यकता हो सकती है।

वर्तमान में हर तरह की दुकान खोलने, खरीदने, दुकान का विस्तार करने इत्यादि के लिए बिजनेस लोन  मौजूद हैं। बस आपको जरुरत है, तो एक ऐसे ऋणदाता या बैंक को ढूँढने की जो उचित ब्याज दरों और अन्य छूट के साथ आपको कम से कम औपचारिकताओं और कम से कम समय में लोन प्रदान कर सके।

कहने का तात्पर्य यह है की, चाहे आप नई दुकान खोलना चाह रहे हों, कोई स्थापित दुकान खरीदना चाह रहे हों, या अपनी मौजूदा दुकान का विस्तार करना चाह रहे हों। तो आप दुकान के लिए लोन हेतु अप्लाई कर सकते हैं। और आप किफायती ब्याज दरों के साथ रीपेमेंट का समय भी खुद ही चुन सकते हैं।

दुकानदार दुकान के लिए लोन विषय पर बात करते हुए
दुकानदार दुकान के लिए लोन विषय पर बात करते हुए

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दुकान के लिए लोन क्यों चाहिए होता है

हर दुकान की वित्तीय जरूरतें अलग अलग होती हैं। इसलिए इन्हें अकेला दुकानदार या छोटा व्यापारी पूरा करने में असमर्थ होते हैं। और कुछ लोग स्वयं की नई दुकान खोलने के लिए भी लोन का सहारा लेते हैं। दुकान के लिए लोन लेने के पीछे किसी व्यक्ति या दुकानदार के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं।

1. नई दुकान खोलना या खरीदना

जब कोई व्यक्ति स्वयं की दुकान खोलना चाहता है। या फिर वह पहले से स्थापित किसी दुकान को खरीदना चाहता है। लेकिन पैसे के अभाव में वह यह नहीं कर पाता है। तो ऐसे में उसे दुकान के लिए लोन लेने की आवश्यकता हो सकती है।

2. दुकान को विस्तृत करने और जमीन खरीदने के लिए

इसके अलावा ऐसे दुकानदार जिनकी पहले से दुकान हो, और दुकान अच्छी चल रही हो। इसी बात के मद्देनजर वे अपनी दुकान का विस्तार करना चाह रहे हों, जिसके लिए उन्हें जमीन खरीदने की आवश्यकता होगी। या फिर हो सकता है की उनके पास जमीन हो, उन्हें दुकान में सामान भरने इत्यादि के लिए पैसों की आवश्यकता हो तो वे भी लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। कुछ बैंक खुदरा व्यापारियों को बिजनेस लोन के तहत 1 करोड़ रूपये तक के लोन की पेशकश करते हैं।

3. दुकान में स्टॉक बढ़ाने के लिए

कुछ दुकानदार जिनकी पहले से दुकान अच्छी चल रही होती है। और वे दुकान संचालन की प्रक्रिया को और अधिक आसान और तनावमुक्त बनाना चाहते हैं। जिसके लिए वे चाहते हैं की उन्हें महीने में सिर्फ एक बार ही स्टॉक मंगाना पड़े। ऐसे में स्वभाविक है की उन्हें पूरे महीने की बिक्री का समान एक साथ मंगाना और स्टॉक करना पड़ेगा। जिसके लिए उन्हें अधिक पैसों की आवश्यकता होगी, और वे इसी उद्देश्य से दुकान के लिए लोन हेतु अप्लाई कर सकते हैं।

4. दुकान के परिचालन को बनाये रखने के लिए

वर्तमान में चाहे आप किसी तरह की भी दुकान क्यों न कर रहे हों। उसमें प्रतिस्पर्धा बहुत है, और कभी ऐसा भी समय आ सकता है की आपके पास अपनी दुकान का परिचालन करने के लिए आवश्यक फण्ड न हो। इस स्थिति में भी दुकानदार को दुकान के लिए लोन की आवश्यकता हो सकती है।

5. दुकान की रिडिजाइनिंग और मेंटेनेंस

समय के साथ सब कुछ बदलना पड़ता है, अन्यथा उसका नुकसान हो सकता है। इसलिए बहुत सारे दुकानदार ऐसे भी होते हैं, जो समय के साथ अपनी दुकान को रिडिजाइन करना चाहते हैं। लेकिन इसके लिए उनके पास वित्त की कमी हो सकती है, तो ऐसे में वे दुकान के लिए लोन ले सकते हैं।

दुकान के लिए लोन लेने के फायदे

आप अपनी दुकान सम्बन्धी वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति आसानी से कर पाते हैं। और सबसे बड़ी बात यह है की, दुकानदार जिस भी उद्देश्य के लिए दुकान के लिए लोन लेता है। उस उद्देश्य की पूर्ति तुरंत हो जाती है, जबकि लोन की किश्तें लम्बे समय तक चलती रहती हैं। जिससे दुकानदार की दुकान और कमाई दोनों चलती रहती है। इनके अलावा

1. लोन की जल्द स्वीकृति

इस तरह के व्यवसाय सम्बन्धी लघु ऋण कुछ ही समय में स्वीकृत हो जाते हैं। यदि उधार राशि 2 लाख से कम हो तो ऋणों को प्रदान करने की प्रक्रिया में कागजी कार्यवाही कम होती है और ईकेवाईसी के माध्यम से लोन फटाफट स्वीकृत हो जाते हैं।

2. लोन का तत्काल वितरण

चूँकि इस तरह के ऋणों का मकसद छोटे व्यापारियों को वित्तीय सुविधा प्रदान करना होता है। यही कारण है की दुकान के लिए लोन तुरंत वितरित कर दिए जाते हैं। यहाँ सब कुछ वेलिडेट और वेरीफाई हो जाने के बाद उधारकर्ता के खाते में पैसे तुरंत आ जाते हैं।

3. कम ब्याज दरों का होना

भारत सरकार और राज्य सरकारों का मकसद छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित कर रोजगार को बढ़ावा देना होता है। जिसके लिए वे बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ अनेकों योजनाएँ चलाते हैं। जिनमें ब्याज दरें बहुत कम होती हैं, क्योंकि वे जानते हैं की छोटे उद्यमियों द्वारा बेहद अधिक ब्याज नहीं दिया जा सकेगा।

4. पुनर्भुगतान में लचीलापन

यदि आप दुकान के लिए लोन लेना चाहते हैं और इस वजह से नहीं ले रहे हैं की मैं एक निर्धारित समय में लोन का पुनर्भुगतान कैसे कर पाउँगा/पाऊँगी। तो आपको बता देना चाहेंगे की पुर्नभुगतान सम्बन्धी शर्तें कठोर और तेज कानूनी प्रक्रियाओं से बाध्य नहीं होती हैं। इनमें आम तौर पर लचीले भुगतान विकल्प होते हैं, जिसका अभिप्राय यह है की आप अपनी कमाई के मुताबिक अपने लोन को आसान किश्तों में बदल सकते हैं।

इसके अलावा दुकानदार लोन के समय को 2 वर्ष, 5 वर्ष, 7 वर्ष, 10 वर्ष अपनी सुविधानुसार चुन सकता है।

दुकान के लिए लोन कहाँ अप्लाई कर सकते हैं

1. बैंकों में जाकर

सभी बैंक चाहे वे सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक हों, या फिर निजी क्षेत्र के बैंक खुदरा विक्रेताओं को व्यवसायिक ऋण प्रदान करते हैं। इसी तरह अन्य वित्तीय संस्थान भी खुदरा विक्रेताओं को अग्रिम धनराशि की पेशकश करते हैं। व्यवसायिक ऋणों को आप अपनी आवश्यकतानुसार कस्टमाइज कर सकते हैं । यद्यपि किस दुकानदार को कितनी अग्रिम राशि और लागत राशि प्रदान की जाएगी इसका निर्धारण बैंक बहुत सारे बिन्दुओं के आधार पर करता है।

कुछ विशेष ऋण केवल ऐसे उद्यमियों के लिए होते हैं, जिनका मासिक टर्नओवर 5 लाख से अधिक हो। तो कुछ में इस तरह की किसी भी शर्त का उल्लेख नहीं होता है। इच्छुक व्यक्ति चयनित बैंक की वेबसाइट या शाखा में जाकर दुकान के लिए लोन हेतु अप्लाई कर सकता है।

2. गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी)

बैंकों के अलावा छोटे उद्यमी दुकान के लिए लोन लेने हेतु गैर-बैंकिंग वित्तीय कम्पनियों (एनबीएफसी) के माध्यम से भी अप्लाई कर सकते हैं। इन कम्पनियों के पास भी विभिन्न तरह की दुकानों जैसे किराना, मेडिकल स्टोर, कपड़े की दुकान इत्यादि के लिए अच्छे अच्छे लोन ऑफर होते हैं।

खुदरा व्यापार लोन के लिए पात्रता मानदंड

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की इस तरह के लघु ऋण आसानी से संसाधित करके तत्काल वितरित किये जाते हैं। इसलिए अन्य ऋणों की तरह पात्रता मानदंड भी बेहद कठोर नहीं है। दुकान के लिए लोन लेने हेतु पात्रता मानदंड निम्नलिखित हैं।

  1. उम्मीदवार की उम्र 21 वर्ष से कम और 50 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। कुछ स्थितियों में अधिकतम उम्र 55 वर्ष हो सकती है।
  2. उम्मीदवार के पास एक वैलिड दस्तावेज होना चाहिए, जो ये स्पष्ट करता हो की उधारकर्ता भारत का नागरिक है।
  3. यदि मौजूदा दुकान के लिए ऋण लिया जा रहा हो तो उस दुकान का टर्नओवर कम से कम 150000 रूपये और प्रस्तावित दुकान के लिए भी प्रोजेक्ट रिपोर्ट में कम से कम उपर्युक्त टर्नओवर अपेक्षित है।
  4. जो व्यवसाय उद्यमी कर रहा हो, या करना चाह रहा हो वह किसी भी कानून का बहिष्कार न करता हो, और सरकारी आदेश के अनुसार अस्वीकृत सूची में न हो।
  5. मौजूदा दुकान की स्थिति में दुकानदार को अपनी दुकान का पिछले डेढ़ सालों का वित्तीय रिकॉर्ड दिखाने होंगे, जिसमें उसकी दुकान लाभ अर्जित कर रही हो।
  6. किसी भी निषिद्ध और अवैध व्यवसायिक गतिविधि के लिए दुकान के लिए लोन नहीं मिलेगा।

 दुकान लोन लेने के लिए आवश्यक दस्तावेज

हालांकि इस तरह का लोन लेने के लिए दस्तावेजीकरण प्रक्रिया बहुत बोझिल और थकाने वाली नहीं है। लेकिन इसके बावजूद कुछ बुनियादी केवाईसी दस्तावेज जिन्हें दुकान के लिए लोन लेते समय पेश करना पड़ सकता है, उनकी लिस्ट कुछ इस प्रकार से है।

  1. लगभग छह महीनों की सबसे हाल की बैंक स्टेटमेंट।
  2. निवास प्रमाण के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, राशन कार्ड, रेंट एग्रीमेंट इत्यादि दस्तावेजों को आवश्यकता हो सकती है।
  3. यदि दुकान पहले से चल रही हो तो दुकान का स्वामित्व प्रमाण पत्र।
  4. उम्मीदवार का पहचान पत्र के तौर पर पैन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड।
  5. दुकान का जीएसटी नंबर, चालू खाता और पैन कार्ड की आवश्यकता हो सकती है।

खर्चे एवं शुल्क

अलग अलग बैंक और गैर वित्तीय बैंकिंग कम्पनियाँ अलग अलग तारक के खर्चे एवं शुल्क वसूलते हैं। लेकिन कुछ शुल्क ऐसे हैं जो पूरे भारत में लगभग हर बैंक या NBFC द्वारा बाजार दरों के मुताबिक वसूले जाते हैं। इनमें

  1. प्री कॉनक्लूजन चार्जेज।
  2. एकमुश्त क्रेडिट हैंडलिंग चार्जेज।
  3. लोन लागत।
  4. पेंडिंग ईएमआई शुल्क।
  5. प्री इंस्टालमेंट चार्जेज।

दुकान के लिए लोन कैसे लें ? 

इसमें कोई दो राय नहीं की किसी भी बिजनेस आईडिया को धरातल के पटल पर उतारने के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। दुकानदारों और निजी उद्यमों के लिए ऋण प्राप्त करना हमेशा से एक बड़ी बाधा बैंकों द्वारा अपनाये जाने वाले कड़े नियम होते हैं। भारत में सबसे अच्छा व्यवसायिक ऋण वह होता है जिस पर ब्याज दरें कम, और जो आसानी से मिल जाए।

  1. यदि ऋण की मात्रा कम हो तो, ऋण आसानी से कम औपचारिकताओं को पूरा करके भी मिल जाता है। लेकिन जैसे जैसे ऋण की मात्रा बढती जाएगी, नियम भी और कड़े होते जाएँगे। इसलिए यदि आप दुकान के लिए लोन लेना चाहते हैं, और ऐसा आप पहली बार कर रहे हैं तो लोन अमाउंट को कम ही रखें। इससे बैंक या NBFC आपके लोन को जल्दी स्वीकृत कर सकते हैं।
  2. सबसे पहले अपनी वित्त सम्बन्धी आवश्यकताओं को समझना और उस राशि का विश्लेषण करें जो आपकी आवश्यकता की पूर्ति करने में सक्षम होगी। तभी आप आवेदन करते समय उस राशि को फॉर्म में भर पाएंगे, और एक अच्छे लैंडर का भी चुनाव कर पाएंगे।
  3. दुकान के लिए लोन चाहिए तो आपको किसी अकाउंटेंट से अपनी वित्तीय डिटेल जैसे क्रेडिट स्कोर और FICCO मूल्यांकन की जाँच करवा लेनी चाहिए। क्योंकि आपको लोन जारी करने से पहले बैंक या वित्तीय कम्पनियाँ आपकी इन डिटेल्स की जाँच करेगी ही करेगी।
  4. आप चाहें तो अपने आस पास उपलब्ध किसी वित्तीय मूल्यांकन और एसबीडीसी कार्यालयों में जा सकते हैं। यहाँ से आप अपने क्रेडिट स्कोर एवं वित्तीय दस्तावेजों को प्रमाणित कर सकते हैं जिससे बाद में आपको आसानी से ऋण प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
  5. अब यदि आपने सभी दस्तावेजों को तैयार कर लिया हो तो अब आप चयनित बैंक की वेबसाइट या उसकी शाखा पर जाकर दुकान के लिए लोन हेतु अप्लाई कर सकते हैं। वर्तमान में लगभग सभी बैंक और NBFC ऑनलाइन आवेदन स्वीकार करते हैं। और इसमें वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी काफी तीव्र होती है ।
  6. आवेदन फॉर्म के बाद दस्तावेज वेरिफिकेशन कराने के लिए उम्मीदवार को डॉक्यूमेंट अपलोड करने की आवश्यकता होती है।
  7. दस्तावेजों का वेरिफिकेशन के बाद बैंक द्वारा दुकान के लिए लोन स्वीकृत कर लिया जाता है, और उसके बाद लोन की पहली किश्त उम्मीदवार के अकाउंट में ट्रान्सफर कर दी जाती है।        

 FAQ (प्रश्न/उत्तर)

  1. प्रश्न – दुकान के लिए मुझे कितना लोन मिलेगा?

    उत्तर – किसी उम्मीदवार को कितना लोन मिलेगा, यह विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है। लेकिन क्रेडिट स्कोर सबसे अहम् पहलू है। इसके अलावा वार्षिक लाभ, निवेश की गई पूँजी, दुकान की भविष्य की टर्नओवर क्षमता ऋण की पात्रता तय करने में अहम् भूमिका निभाती हैं।

  2. प्रश्न – क्या यह ऋण कोलैटरल फ्री होता है?

    उत्तर – यह उधार ली जाने वाली राशि पर निर्भर करता है। लेकिन छोटे व्यवसायों के लिए माइक्रो क्रेडिट विकल्प हैं। इसलिए कम राशि पर कोलैटरल इत्यादि की आवश्यकता नहीं होती है। 

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