GST यानिकी Goods and service tax की वाणज्यिक कर दुनिया में बहुत चर्चाएँ हो रही है | इन चर्चाओं में व्यवसायिक लोगों से लेकर सामान्य जन भी शामिल है । हालांकि जीएसटी का आम जनमानस की कमाई से प्रत्यक्ष रूप से कोई लेना देना नहीं है, लेकिन अप्रत्यक्ष तौर पर यह मामला आम जन मानस की कमाई एवं खर्चे से जुड़ा हुआ है यही कारण है की Goods and service tax का चर्चाओं में रहने का मुख्य कारण इसके साथ व्यवसायिक लोंगों एवं सामान्य जन मानस की अपेक्षाओं का जुड़ना भी है ।

इसलिए Kamai Tips की इस श्रेणी में आज हम बात करेंगे वस्तु एवं सेवा कर अर्थात जीएसटी की । चूँकि 8 सितम्बर 2016 को संविधान का 101वां संसोधन अधिनियम अस्तित्व में आ जाने के कारण और 15 सितम्बर को GST Council द्वारा Notification जारी किये जाने के बाद Goods and service tax के कार्यान्वयन का रास्ता पूरी तरह साफ़ हो चूका है ।

यही कारण है की देश में Goods and service tax को देश भर में लागू करने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध दिखाई दे रही है, और 1 जुलाई 2017 से इसे लागू करने की तैयारी में लगी हुई है । हालांकि भारत सरकार के लिए राज्य और केंद्र के अप्रत्यक्ष कर अधिकारीयों को Goods and service tax (GST) का प्रशिक्षण देना एक चुनौती है लेकिन खबरों की मानें तो सरकार ने सभी बातों को मद्देनज़र रखते हुए 1st जुलाई 2017 से देश में जीएसटी लागू करने का मन बना लिया है ।

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वस्तु एवं सेवा कर (GST) क्या है

GST का विस्तृत रूप Goods and Service tax वही हिंदी में इसका अर्थात वस्तु एवं सेवा कर होता है । यह वस्तुओं एवं सेवाओं पर लगने वाला गंतव्य आधारित (अर्थात वह प्रक्रिया जब वस्तु उसकी आवश्यकता के अनुरूप एक स्थान से दूसरे स्थान को स्थानांतरित होती है) टैक्स है । Goods and Service tax को Manufacture से लेकर Consumers तक के सभी चरणों के लिए प्रस्तावित किया गया है ।

संक्षेप में यदि हम GST की बात करें तो हम पाएंगे की यह कर केवल मूल्य संवर्धन अर्थात Value Addition पर ही लागू होगा और यही कारण है की टैक्स का बोझ अंतिम उपभोक्ता अर्थात end consumer द्वारा वहन किया जायेगा । Good and Service Tax को हम उपभोग आधारित टैक्स भी कह सकते हैं क्योंकि कर तभी लगेगा जब उत्पाद को बेचने हेतु बाज़ार में उतारा जायेगा अर्थात उत्पादों के विनिर्माण करते समय जीएसटी नहीं लगेगा ।

वस्तु एवं सेवा कर के प्रकार (Types of Goods and Service Tax in Hindi):

Goods and service tax अर्थात वस्तु एवं सेवा कर  को मुख्यतः तीन भागों में बांटा गया है । जिनका संक्षिप्त विवरण कुछ इस प्रकार से है ।

1. Central Goods and Service Tax :

सामान्य तौर पर यदि हम सीजीएसटी को समझाने की कोशिश करे तो हम पाएंगे की वर्तमान में एक राज्य से दूसरे राज्य में व्यापार करने अर्थात उत्पाद बिक्री करने पर  केंद्र द्वारा लगाये एवं संग्रह किये जाने वाले विभिन्न प्रकार के करों को जीएसटी में समाहित कर दिया जायेगा जिसे Central Goods and Service Tax के नाम से जाना जायेगा ।

वर्तमान में केंद्र द्वारा लगाये जाने वाले करों की लिस्ट कुछ इस प्रकार से है । लेकिन जीएसटी के लागू होने के बाद ये सभी टैक्स CGST में समाहित हो जायेंगे । CGST के तहत वसूले जाने वाला कर केंद्र सरकार के खजाने में जमा होगा ।

  • केंद्रीय उत्पाद शुल्क(Central excise duty)
  • उत्पाद शुल्क ( दवाईयां और प्रसाधन पदार्थ) (Excise duty (medicines and cosmetics)
  • अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (विशेष महत्व की वस्तुओं) Additional excise duty on special items
  • अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (कपडा और कपड़ों की वस्तुएं) Additional Excise Duty Clothes and clothing articles
  • अतिरिक्त सीमा शुल्क (Additional customs duty)
  • अतिरिक्त विशेष सीमा शुल्क (Additional Special Custom Duty)
  • सेवा कर (Service tax)
  • केंद्रीय राज्य अधिशुल्क और उपकर (Central state surcharge and cess)

2. State Goods and Service Tax (SGST):

SGST यानिकी State Goods and Service tax भी किसी राज्य विशेष के अंतर्गत किये जाने वाले वस्तुओं के उत्पादन एवं उनकी बिक्री भी उसी राज्य के अंतर्गत किये जाने की प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है । आसान शब्दों में SGST को इसी बात से समझा जा सकता है की वर्तमान में राज्य सरकारों द्वारा भी विभिन्न प्रकार के करों का संग्रह किया जाता है ।

चूँकि जीएसटी के लागू होने के बाद राज्य सरकार द्वारा लगाये जाने वाले सभी कर भी जीएसटी में समाहित हो जायेंगे जिन्हें State Goods and Service tax के नाम से जाना जायेगा । और SGST के अंतर्गत संग्रहित हुए टैक्स पर राज्य सरकार का अधिकार होगा । वर्तमान में राज्य द्वारा लगाये एवं संग्रहित किये जाने वाले करों की लिस्ट निम्नवत है ।

  • मूल्य वर्धित कर (Value Added Tax)
  • केन्द्रीय बिक्री कर (Central Sales Tax)
  • Luxury Tax
  • प्रवेश कर (Entry Tax)
  • मनोरंजन और मनोरंजक कर (Entertainment Tax)
  • विज्ञापनों पर कर (Advertisement Tax)
  • क्रय कर (Purchase tax)
  • लाटरी, शर्त और जुए पर कर (lottery betting and gambling Tax)
  • राज्य अधिभार और उपकर (State overload and cess)

3. Integrated Goods and Service Tax :

किसी वस्तु पर Integrated Goods and Service Tax तब लागू होगा जब वस्तु का उत्पादन किसी और राज्य में और बिक्री किसी और राज्य में हो रही होगी । और IGST के अंतर्गत वसूले जाने वाला टैक्स केंद्र को जायेगा ।

उदाहरणार्थ: माना हरियाणा का कोई डीलर ग्राहक को कोई एक ऐसी वस्तु बेचता है जिसका मूल्य 12000 रूपये है । और Good and service tax की दर 18% निर्धारित है इस स्थिति में डीलर जो कर संग्रह करेगा वह 9% SGST (1080) और 9% CGST(1080) कुल मिलाकर 2160 रूपये होगा । जहाँ SGST राज्य को एवं CGST केंद्र को जायेगा ।

दूसरी स्थिति में कर की दर उपर्युक्त होने पर यदि पश्चिम बंगाल का कोई डीलर गुजरात के किसी डीलर को 50000 रूपये मूल्य की कोई वस्तु बेचता है तो गुजरात के डीलर को 18% (9000 रूपये) IGST के रूप में टैक्स अदा करना होगा ।

जीएसटी किस तरह से लागू होगा :

माना उत्तर प्रदेश में P नामक एक विनिर्माण कर्ता अपने उत्पाद को उत्तर प्रदेश के ही एक डीलर Q को 8000 में बेचता है । और Q उस उत्पाद को हरियाणा के डीलर R को 10000 में बेचता है और अंत में R उसे हरियाणा में ही अंतिम उपभोक्ता S को 12000 रूपये में बेच देता है ।
माना SGST 8% और CGST 8% है इस स्तिथि में IGST 16% होगा ।

  • पहली स्तिथि में चूँकि उत्तर प्रदेश का P उत्पादित उत्पाद को उत्तर प्रदेश में ही स्थित डीलर Q को बेच रहा है इसलिए यह बिक्री राज्य के अंतर्गत (Intra State Sale) हुई । इस स्थिति में 8000 पर 8% SGST (640) एवं 8% CGST (640) यानिकी कुल Goods and service tax 1280 Applicable होगा ।
  • दूसरी स्थिति में उत्तर प्रदेश का Q हरियाणा के R को 10000 रूपये में वस्तु बेच रहा है इस स्थिति में राज्यों के बीच बिक्री (Interstate Sale) हो रही है इसलिए आईजीएसटी (16%) यानिकी 1600 Applicable होगा ।
  • तीसरी स्तिथि में हरियाणा का R उसी राज्य के अंतिम उपभोक्ता S को 12000 रूपये में वस्तु बेचता है तो इस स्तिथि में फिर से CGST 8% (960) एवं SGST 8% (960) यानिकी Goods and Service Tax 1920 applicable होगा ।

उपर्युक्त आंकड़े एवं जीएसटी की प्रतिशत दर बेहतर समझाने हेतु उदहारण स्वरूप प्रस्तुत किये गए हैं । इसलिए वास्तविक आंकड़े GST की वास्तविक दर के आधार पर अंतरित होंगे ।

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2 Comments

  1. Avatar for Vinod Kumar Yadav Vinod Kumar Yadav
  2. Avatar for satish satish

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