भारत में राजनेता कैसे बनें? How to become politician in India.

यद्यपि आज भी भारत में Politician यानिकी एक राजनेता बनना उन लोगों के लिए आसान होता है जिनके अभिभावक पहले से राजनीती में रहे हों । लेकिन इन सबके बावजूद इस क्षेत्र में भारत का कोई भी नागरिक जिसकी परिवार की कोई राजनैतिक पृष्ठभूमि न भी रही हो। वह भी अपना सुनहरा कैरियर बना सकता है। हालांकि इस सच्चाई से भी मुहँ नहीं मोड़ा जा सकता है की राजनैतिक पृष्ठभूमि से सम्बन्ध रखने वाले परिवार के सदस्यों को राजनीती में प्रवेश एवं किसी बड़ी पार्टी का साथ आसानी से मिल जाता है। जबकि एक आम नागरिक को इसके लिए कड़ी मेहनत एवं प्रबल इच्छाशक्ति की आवश्यकता होती है। भारत में जहाँ पहले युवा राजनीती से दूर रहना पसंद करते थे वर्तमान में वे भी Politician बनकर अपना भविष्य सँवारने की ओर प्रयासरत दिखाई देते हैं। यही कारण है की आज हम कैरियर टिप्स नामक इस श्रेणी में राजनेता कैसे बनें? विषय पर बात कर रहे हैं। वैसे देखा जाय तो हमारे इस विशालकाय देश भारत में अगर किसी विषय पर सबसे अधिक चर्चा होती होगी तो वह राजनीती है। हर प्रकार के व्यक्ति की देश को चलाने के पीछे राय अलग अलग है। हम अक्सर अपने नाते रिश्तेदारों से कहते रहते हैं की देश में ऐसा होना चाहिए वैसा होना चाहिए। यानिकी हम अपने राजनैतिक विचारों को अपने दोस्तों, रिश्तेदारों के साथ साझा करते हैं। लेकिन यदि व्यक्ति चाहता है की वह अपने विचारों को अमली जामा पहनाये तो उसे Politician के तौर पर अपने कैरियर की शुरुआत करनी होगी।

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राजनेता कैसे बनें ? (how to become politician in India)   

यद्यपि बहुत सारे लोगों को लगता है की सिर्फ वही लोग जिनकी कोई पारिवारिक राजनैतिक पृष्ठभूमि हो वही भारत में Politician बन सकते हैं। लेकिन सच्चाई यह है की भारत का संविधान प्रत्येक भारतीय नागरिक को उसके राजनितिक अधिकारों की गारंटी देता है। और सभी वैध नागरिकों को समान राजनैतिक अधिकार देते हुए किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करता है। इसलिए राजनीती नामक इस क्षेत्र में भारत का कोई भी वैध नागरिक स्वयं का कैरिएर बनाने के लिए योग्य है। इसके अलावा भारत में Politician बनने के लिए एक व्यक्ति में कुछ और भी गुण होने चाहिए जिनका जिक्र हम इस लेख में आगे करेंगे। लेकिन उससे पहले यह जान लेते हैं की कैसे कोई आम नागरिक भी भारत में राजनेता बन सकता है।

1. किशोरावस्था में ही राजनीती को समझें

ऐसे बच्चे जो भारत में Politician बनना चाहते हैं उन्हें किशोरावस्था से ही इसे समझने की कोशिश करनी चाहिए। यानिकी जब बच्चा आठवीं या दसवीं कक्षा में हो उसे तब से लेकर समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, रेडियो, टीवी के माध्यम से राजनीती को समझने की कोशिश करनी चाहिए। समाचार पत्रों, पत्रिकाओं, रेडियो, टीवी के माध्यम से राजनेता बनने का इच्छुक बच्चा भारत सरकार के कामकाज, विपक्ष की भूमिका, भारत के विदेशों के साथ सम्बन्ध इत्यादि के बारे में जानकारी प्राप्त कर पायेगा। इन सबके अलावा आगामी कानूनों, नियमों और विनियमों के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर पायेगा। राजनीतिज्ञ बनने के इच्छुक व्यक्ति को स्वतंत्रता पूर्व भारत के बारे में भी पढना होगा। चूँकि भारत आज भी ब्रिटीश संसदीय शैली का अनुसरण करता है इसलिए राजनेता बनने के इच्छुक व्यक्ति को स्वंत्रता पूर्व भारत के बारे में जानकारी प्राप्त करना बेहद जरुरी है।

2. राजनितिक पार्टियों के बारे में जानें

यद्यपि वैसे देखा जाय तो भारत में अनेकों राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनितिक पार्टियाँ हैं लेकिन इनमें से प्रमुख दो पार्टियाँ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस एवं भारतीय जनता पार्टी ही हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी जिसने आज़ादी के बाद दशकों तक भारत पर शासन किया है। वही भारतीय जनता पार्टी 2014 से अब तक लगातार सत्ता में बनी रही है। इनके अलावा भारत में बहुत सारे क्षेत्रीय दल हैं जो विशिष्ट राज्यों या भौगौलिक क्षेत्रों में सक्रीय हैं। क्षेत्रीय दलों की आम तौर पर धर्म, जाति, क्षेत्र विशेष पर राजनीती चलती है। इसलिए विचारधारा के आधार पर अलग अलग राजनैतिक पार्टीयाँ भिन्न भिन्न ही होती हैं। यही कारण है की भिन्न भिन्न पार्टीयों का भिन्न भिन्न ही एजेंडा होता है। इसलिए ऐसा कोई भी व्यक्ति जो Politician बनने की चाहत रखता हो उसे देश की प्रमुख राजनैतिक पार्टियों एवं उनके सिद्धांतों, मूल्यों की जानकारी होना अति आवश्यक है। वैसे देखा जाय तो प्रत्येक राजनैतिक पार्टी का उद्गम या गठन ऐसे समय में हुआ है जब उस पार्टी विशेष की विचारधारा की लोगों को जरुरत थी। जब बड़ी संख्या में लोग विश्वास कर रहे थे की यह पार्टी हमारी विचारधाराओं का प्रतिनिधित्व करती है। इसलिए एक समान विचार रखने वाले लोगों ने एक राजनितिक पार्टी की शुरुआत की।

3. राजनीतिक रैलियों में भाग लें

Politician बनने की चाह रखने वाले व्यक्ति को अपनी युवावस्था से ही राजनितिक रैलियों में भाग लेना चाहिए। और रैली में भाग लेते समय यह बिलकुल न सोचें की जिस राजनितिक पार्टी को आप्करे अभिभावक इत्यादि सपोर्ट करते हों उसी राजनितिक पार्टी की रैली में भाग लें। बल्कि प्रत्येक राजनितिक पार्टी की रैली में भाग लेना चाहिए। आम तौर पर प्रत्येक पार्टी के स्थानीय नेता समय समय पर अपने सपोर्टर एवं कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन के लिए इस तरह की रैलियां करते रहते हैं। इसलिए इन रैलियों में भाग लेकर व्यक्ति उन पार्टीयों की विचारधारा, योजना इत्यादि के बारे में उत्कृष्ट जानकारी प्राप्त कर सकता है और बाद में इस बात का निर्णय भी ले सकता है की उसके लिए किस पार्टी को ज्वाइन करना अच्छा रहेगा। इसके अलावा राजनैतिक पार्टीयों की रैलियों में हिस्सा लेकर व्यक्ति उनके नेता एवं अनुयायियों के बारे में भी जान पायेगा और यह भी जान पायेगा की लोग उस पार्टी विशेष के साथ क्यों जुड़े हुए हैं।

4. राजनितिक पार्टी की स्टूडेंट विंग ज्वाइन करें

भारत में Politician बनने के इच्छुक व्यक्ति का अगला कदम किसी बड़ी राजनितिक पार्टी के स्टूडेंट विंग का सदस्य बनने का होना चाहिए। जैसा की हम सबको विदित है की अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) भारतीय जनता पार्टी की तो नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ़ इंडिया (NSUI) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्टूडेंट विंग हैं। लेकिन ध्यान रहे किसी भी पार्टी की स्टूडेंट विंग तभी ज्वाइन करनी चाहिए जब व्यक्ति को उस राजनितिक पार्टी की विचारधारा एवं योजना के बारे में पूर्ण जानकारी हो गई हो। क्योंकि किसी भी पार्टी की स्टूडेंट विंग भी पार्टी की विचारधारा एवं योजनाओं का ही अनुसरण करती है। आम तौर पर ABVP एवं NSUI भारत के लगभग हर कॉलेज में सक्रीय हैं। लेकिन भारतीय कानून के हिसाब से वे किसी भी माध्यमिक स्कूल में सक्रीय नहीं हो सकते और 18 साल से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को अपना सदस्य नहीं बना सकते। इसलिए Politician बनने के इच्छुक व्यक्ति को यह समझना होगा की किसी भी पार्टी की स्टूडेंट विंग ज्वाइन करने के लिए उसकी कम से कम उम्र 18 वर्ष होनी आवश्यक है।

5. जोखिम के लिए तैयार रहें

कभी कभी किसी भी पार्टी की स्टूडेंट विंग ज्वाइन करने में बड़ा जोखिम हो सकता है क्योंकि स्टूडेंट विंग में शामिल सदस्य अक्सर सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ, कानून या किसी घटित घटना के विरोध में प्रदर्शन करते रहते हैं। और इस तरह के इन प्रदर्शनों में अनेकों कारणों जैसे अन्य सदस्यों में जरुरत से अधिक आवेश या अन्य बाहरी कारणों के कारण हिंसक झड़पें इत्यादि भी हो सकती हैं। जिनमें चोट लगने, घायल होने या जान का जोखिम भी हो सकता है। इसके अलावा कभी कभी प्रदर्शन के लिए कानूनी अनुमति न होने के कारण पुलिस या स्थानीय प्रशासन प्रदर्शन को रोक देते हैं। और इस कारण भी यह प्रदर्शन उग्र रूप धारण कर सकता है। और इस स्थिति में पुलिस द्वारा व्यक्ति को हिरासत में लेकर उस पर आपराधिक मामले दर्ज किये जा सकते हैं और युवावस्था में ही आपराधिक मामले दर्ज होना किसी भी व्यक्ति के कैरियर को तबाह करने के लिए काफी है। इसलिए Politician बनने की चाह रखने वाले व्यक्ति को जोखिम के लिए तैयार रहना पड़ता है।      

6. अपने क्षेत्र में लोकप्रिय होना शुरू करो

Politician या राजनेता बनने के लिए उस क्षेत्र में लोकप्रिय होना बेहद जरुरी है जिस क्षेत्र का आप नेतृत्व करना चाहते हो। और यह भी सत्य है की लोकप्रिय होने के लिए व्यक्ति को जनता के हर आयोजन में शामिल होना पड़ेगा। और अपनी पार्टी के आयोजनों में जोर शोर से उस क्षेत्र से जुड़े हुए मुद्दों को उठाना पड़ेगा। ताकि अधिक से अधिक लोग उससे जुड़ सकें। इसके अलावा खेल एवं संस्कृति पर सामूहिक आयोजन शुरू किये जा सकते हैं जिसका नेतृत्व Politician बनने की चाह रखने वाले व्यक्ति को करना होगा। इसके अलावा सच्चाई यह भी है की व्यक्ति के ही स्टूडेंट विंग में अन्य स्टूडेंट भी ऐसे होंगे जो खुद भी लोकप्रिय होना चाहते हों इसलिए लोकप्रिय होना भी व्यक्ति के लिए किसी चुनौती से कम बिलकुल नहीं है। क्योंकि यहाँ पर व्यक्ति के अपने लोग ही उसे नीचा दिखाने के लिए अनेकों कोशिशें करेंगे और जनता के बीच उसकी छवि खराब करने की भी कोशिश करेंगे। इसलिए Politician बनने के इच्छुक व्यक्ति को इन सभी चुनौतियों को पार करना होगा।

7. विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रतिनिधि चुनाव लड़ें

आम तौर पर भारत में हर कॉलेज या विश्वविद्यालय में विद्यार्थी अपना कॉलेज प्रतिनिधि खुद चुनते हैं यानिकी एक ऐसा व्यक्ति जो कॉलेज या विश्वविद्यालय के छात्रों का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए Politician बनने के इच्छुक व्यक्ति को चाहिए की वह कॉलेज या विश्वविद्यालय में छात्रों का प्रतिनिधि बनने के लिए चुनाव लड़े।क्योंकि कॉलेज प्रतिनिधि ही विद्यार्थी एवं स्टूडेंट विंग के हितों के लिए राजनितिक दलों, सरकार एवं उसकी विभिन्न शाखाओं से मिलकर छात्रों एवं छात्रों के विंग के हितों के लिए बात करता है। कॉलेज प्रतिनिधि के तौर पर व्यक्ति अनेकों महत्वपूर्ण व्यक्तियों से मिलता है और स्थानीय पुलिस एवं फायर ब्रिगेड इत्यादि के अधिकारीयों से भी परिचित होना पड़ता है। इसके अलावा स्थानीय सामजिक कार्यकर्ताओं और सामुदायिक नेताओं से भी अवगत होना पड़ता है। व्यक्ति की Politician बनने की यात्रा वैसे देखा जाय तो यहीं से ही शुरू होती है।

अपने कॉलेज जीवन में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि का चुनाव जीतने के बाद व्यक्ति किसी स्थानीय चुनाव में पार्टी की ओर से टिकट लाकर चुनाव लड़ सकता है। और इसके बाद धीरे धीरे स्थानीय मुद्दों को और विस्तारित करके विधायक का तो फिर सांसद का भी चुनाव लड़ सकता है। प्रत्येक पार्टी को एक ऐसे उम्मीदवार की तलाश रहती है जिसकी लोगों के बीच अच्छी छवि हो और जो उनकी पार्टी को सत्ता में लाने में सहायक हो सके। इन सबके अलावा Politician बनने के लिए व्यक्ति पहले स्वयं को किसी भी क्षेत्र में चाहे वह अभिनय हो या खेल के माध्यम से लोकप्रिय कर सकता है और फिर चुनाव लड़ सकता है।    

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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