ISO 9001 सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें? How to get an ISO Certificate.

ISO 9001 के बारे में शायद सुना तो सभी उद्यमियों ने होगा क्योंकि इस प्रकार का यह प्रमाण पत्र उद्यमी के बिजनेस को विकसित करने में सहायक होता है । इसलिए हर कोई उद्यमी इसके बारे में जानने को उत्सुक रहता है की क्या उसे भी अपने बिजनेस के लिए इस प्रकार के सर्टिफिकेट की आवश्यकता होगी। हाँ अगर होगी तो वह ISO 9001 Certificate को कैसे प्राप्त कर सकता है। कहने का अभिप्राय यह है की बहुत कम उद्यमियों को यह पता रहता है की वे किस तरह से इस प्रकार का यह सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से इस तरह का यह सर्टिफिकेट प्राप्त करने की वर्तमान प्रक्रिया यानिकी 2019 में जारी प्रक्रिया की बात करेंगे। यहाँ पर 2019 लिखना इसलिए जरुरी हो जाता है क्योंकि इस सर्टिफिकेट को प्राप्त करने के नियमों में बदलाव होते रहते हैं इसलिए जो प्रक्रिया आज लागू है ओ सकता है उसमें कल को कुछ बदलाव हो जाय। ये बदलाव समय समय पर आधुनिक तकनीक, नियमों, विनियमों एवं औद्योगिक प्रथाओं से उत्पादित होने वाले नए मानकों को लागू करने के लिए किये जाते हैं। तो आइये इससे पहले की हम ISO 9001 सर्टिफिकेट लेने की प्रक्रिया के बारे में बात करें हम इसके वैश्विक व्यापार एवं उद्योगों में इसके महत्व के बारे में बात कर लेते हैं।

ISO-9001 certificate

ISO 9001 क्या है? और इसका महत्व

ISO की यदि हम बात करें तो यह इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड आर्गेनाइजेशन का संक्षिप्त नाम है। यह संगठन स्वीटजरलैंड के जिनेवा से संचालित होता है। इस संगठन के पास विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञों का एक पैनल होता है जो दुनिया भर के उद्योगों में इस्तेमाल में लायी जाने वाली आधुनिक तकनीक एवं चलनों में रिसर्च करते हैं। और अपनी निष्कर्षों के आधार पर वे मानकों का एक समूह या सेट तैयार करते हैं जो दुनियाभर में मान्य होते हैं । चूँकि अलग अलग देशों में विकास की गति अलग अलग है इसलिए तकनीक एवं औद्योगिक प्रथाओं में भी अलग अलग देशों में अंतर हो सकता है। इसलिए जब इस संगठन में कार्यरत लोगों द्वारा मानक तैयार किये जाते हैं तो इन सब कारकों को भी ध्यान में रखा जाता है। ताकि उन्हें भी ISO 9001 का प्रमाणन प्राप्त हो सके। इसलिए इस बात पर कभी विश्वास न करें की ISO 9001 Certificate के लिए विदेशी मानकों एवं नीतियों का अनुसरण करना होता है। बल्कि सच्चाई यह है की इंटरनेशनल स्टैण्डर्ड आर्गेनाइजेशन द्वारा किसी राष्ट्र विशेष की विकास की गति को देखते ही उस राष्ट्र के लिए मानक एवं नीतियाँ तैयार की जाती हैं । चूँकि विभिन्न इंडस्ट्री के लिए आइएसओ में विभिन्न प्रकार के मानक मौजूद हैं इसलिए एक कंपनी को उसके बिजनेस की प्रकृति के आधार पर एक या फिर एक से अधिक ISO Certificate की आवश्यकता हो सकती है।

ISO 9001 एवं इसके अन्य सभी संस्करण गुणवत्ता प्रबंधन प्रणालियों के बारे में हैं। इसलिए सरल शब्दों में हम कह सकते हैं की यह किसी बिजनेस या संगठन के प्रत्येक विभाग में उच्चतम गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली को कार्यान्वित करने से सम्बन्ध रखता है।

ISO 9001 सर्टिफिकेशन के लाभ

ISO 9001 Certificate के कुछ प्रमुख लाभों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • वैश्विक तौर पर व्यवसाय के प्रति विश्वसनीयता बनाने में आइएसओ प्रमाणन प्रमुख भूमिका निभाता है। अर्थात अंतराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का उस व्यवसाय विशेष के प्रति विश्वास बढ़ता है।
  • चूँकि ISO 9001 Certificate का मुख्य उद्देश्य उत्पादों की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी करना होता है इसलिए जब ग्राहकों को उच्च गुणवत्तायुक्त उत्पाद मिलता है तो इससे उनमें संतुष्टि बढती है । इसलिए ग्राहक संतुष्टि में भी यह अहम् किरदार निभाता है।
  • सरकारी निविदाओं में बोली लगाने के लिए भी आइएसओ प्रमाणन आवश्यक माना गया है। क्योंकि अधिकतर सरकारी विभाग उन्हीं संगठनों को टेंडर देना पसंद करते हैं जिनके पास इस प्रकार के गुणवत्ता को बनाये रखने वाले सर्टिफिकेट मौजूद हों।
  • चूँकि आइएसओ सर्टिफिकेशन एजेंसी की मदद से बिजनेस इकाई स्टैण्डर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर एवं कार्य करने के निर्देश विकसित कर सकती है। जिससे व्यवसायिक दक्षता एवं कार्यक्षमता में सुधार होता है।
  • जैसा की हम सबको ज्ञात है की ISO 9001 Certificate सिर्फ उसी बिजनेस इकाई को जारी किया जाता है जिनके उत्पादों की गुणवत्ता तय मानकों के अनुरूप होती है। इस कारण उद्यमी के आर्डर रिजेक्ट होने के खतरे काफी कम हो जाते हैं।
  • ISO Certified कम्पनी के प्रति ग्राहकों का विश्वास बढ़ता है जो उद्यमी को अपने उद्यम की मार्केटिंग में सीधे तौर पर मदद करता है।        

ISO 9001 सर्टिफिकेट कैसे प्राप्त करें?

जहाँ तक ISO 9001 Certficate का सवाल है यह सभी प्रकार के उद्यमों के लिए मौजूद हो चाहे कोई एक व्यक्ति की व्यक्तिगत कंपनी हो या फिर दुनिया भर में फैली शाखाओं वाली एक विशाल कंपनी। कहने का अभिप्राय यह है की बिजनेस का आकार छोटा बड़ा कुछ भी हो यह प्रमाणन हर किसी के लिए मौजूद है। प्रमाणन की इस प्रक्रिया में किसी कंपनी या बिजनेस इकाई के सभी विभागों के अंतर्गत गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली (QMS) को लागू करना होता है। और उसके बाद एक अधिकृत आइएसओ प्रमाणित एजेंसी से उस बिजनेस इकाई में लागू क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम का ऑडिट एवं प्रमाणन करना भी शामिल है।

उद्यमी चाहे तो  ISO की वेबसाइट पर भारत में उपलब्ध प्रमाणित एजेंसियों की लिस्ट पा सकता है और उनसे संपर्क करके उनसे ISO 9001 Certificate प्राप्त करने के लिए प्रमाणन एवं ऑडिट की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ले सकता है। इस प्रक्रिया में आइएसओ 9001 प्रमाणित एजेंसी की मदद लेना काफी मददगार साबित हो सकता है क्योंकि ये एजेंसीयाँ विभिन्न प्रक्रियाओं को आसान बनाती हैं। और इस प्रकार की ये एजेंसीयाँ अपने क्लाइंट को एक रोडमैप भी प्रदान करती हैं जो उद्यमी को ISO 9001 Certificate लेने में काफी मददगार साबित होता है।

उद्देश्यों को परिभाषित करें

उद्यमी को ISO 9001 Certificate की आवश्यकता क्यों है कहने का आशय यह है की इस तरह का प्रमाणन प्राप्त करने के लिए उद्यमी का जो सबसे पहला कदम होना चाहिए वह यही होना चाहिए की उसको उसके संगठन के लिए इसकी आवश्यकता क्यों है? और यह प्रमाणन संगठन की कैसे मदद करेगा? और उद्यमी इसे कैसे हासिल करेगा। लक्ष्यों को परिभाषित करने से उद्यमी अपने संगठन के विभिन्न विभागों के अंतर्गत बेहतर ढंग से क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर पाने में सफल होगा। जो व्यवसाय एवं मुनाफे को बढाने में मदद करेगा। एक उद्यमी के तौर पर ISO प्रमाणन का अंतिम उद्देश्य बाहरी पार्टियों से व्यवसाय प्राप्त करके लाभ में वृद्धि करने का होना चाहिए।

ISO मैनेजर नियुक्त करें

उद्यमी को एक ऐसे जिम्मेदार कर्मचारी की नियुक्ति करनी होगी जो संगठन में क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की सभी विशेषताओं का बारीकी से अध्यन कर सके। आम तौर पर एक ISO 9001 मैनेजर का मुख्य कार्य विभिन्न QMS Model का अध्यन करना और कंपनी के लिए सबसे बेहतर QMS model बनाने का होता है। कंपनी के लिए सर्वश्रेष्ठ ISO प्रमाणित एजेंसी को खोजने का कार्य भी आइएसओ मैनेजर का ही होता है। इसलिए उद्यमी को एक ISO 9001 मैनेजर की नियुक्ति करनी होगी।

क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम का ब्लूप्रिंट बनायें

ISO 9001 में तय मानकों के अनुरूप अपने संगठन को चलाने के लिए QMS का ब्लूप्रिंट अति आवश्यक है। यह औद्योगिक चलन का एक रोडमैप प्रदान करेगा जिसे कंपनी के विभिन्न विभागों में लागू किया जा सकता है। QMS का खाका तैयार करते वक्त प्रत्येक कर्मचारी के बारे में नहीं बल्कि उन्हें एक टीम के तौर पर रखकर सोचना चाहिए क्योंकि यह प्रत्येक कर्मचारी के साथ व्यक्तिगत डील नहीं करता है। इस बात की कोई गारंटी नहीं होती है की QMS Model आपके संगठन में प्रभावी ढंग से कार्य करेगा ही, कर भी सकता है नहीं भी कर सकता है इसलिए उद्यमी को QMS का ब्लूप्रिंट तैयार करना चाहिए। और उद्यमी चाहे तो QMS को टेस्ट के तौर पर भी रख सकता है।

क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम का टेस्ट करें

जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में पहले भी बता चुके हैं की QMS उद्यमी के संगठन में प्रभावी ढंग से कार्य करेगा इसकी कोई गारंटी नहीं है इसलिए उद्यमी को इसका टेस्ट कराना होगा। इस टेस्ट में वास्तविक मनुष्य शामिल होंगे। इसलिए संगठन में कार्यरत कर्मचारियों को ISO Certification के लिए इन मानकों का अनुसरण करना शुरू करना होगा। इस प्रक्रिया में हफ्ते या इससे भी अधिक समय लग सकता है इस प्रक्रिया में लगने वाला समय संगठन के आकार एवं रिसोर्स पर निर्भर करता है। जब उद्यमी काम के वास्तविक माहौल में QMS का निरीक्षण करेगा तो जाहिर है की इस नए तरीके से काम करने में आने वाली बाधाओं से भी वह अवगत होगा। और इन बाधाओं का मतलब यह होगा की इन क्षेत्रों में उद्यमी को ISO 9001 certificate प्राप्त करने के लिए और सुधारों की आवश्यकता है।

अंतर का ऑडिट या विश्लेषण कराएँ

आम तौर पर किसी संगठन में QMS लागू करने में परेशानियाँ दो कारणों से पैदा होती हैं पहला कारण संगठन का दोषपूर्ण सिस्टम एवं दूसरा कारण कर्मचारियों में कौशल का अन्तर होता है। इसलिए ISO 9001 Certificate के लिए आवेदन करने से पहले कर्मचारियों के कौशल का अंतर का ऑडिट करा लेना बेहतर होता है। इस ऑडिट की जिम्मेदारी आइएसओ मैनेजर को देनी चाहिए जिससे उसे पता चल सके की बाधा आने का क्या कारण है और इनका समाधान क्या है।

कर्मचारी प्रशिक्षण                         

संगठन या कंपनी के सभी विभागों में क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के लिए कंपनी में कार्यरत कर्मचारियों को प्रशिक्षण देना आवश्यक है। प्रशिक्षण के दौरान कर्मचारियों में मौजूद कौशल के अंतर को कम एवं दूर किया जाना भी बेहद जरुरी है। कर्मचारियों को पता होना चाहिए की उनकी कंपनी या संगठन ISO Certification के लिए आवेदन कर रही है और इस पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों का सहयोग वांछनीय है। ISO 9001 मानकों का पालन करने के लिए कर्मचारियों को दिया जाने वाला प्रशिक्षण कोई एक बार की जाने वाली क्रिया नहीं है । बल्कि यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो दिन प्रतिदिन काम की आवश्यकता के अनुरूप चलती रहती है। इस तरह के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बाधामुक्त काम सुनिश्चित करना एवं विभाग के टीमों में और विभिन्न विभागों के साथ ISO 9001 के मानकों का पालन करने हेतु एक उत्कृष्ट टीम का गठन करना भी है।

दस्तावेज तैयार करना

ISO 9001 certification के लिए आवेदन करने से पहले उद्यमी को दस्तावेज तैयार करने होते हैं जिनकी आवश्यकता आईएसओ 9001 प्रमाणित एजेंसी को होती है । इस तरह के प्रमाणन के लिए विभिन्न दस्तावेजों जैसे कंपनी रजिस्ट्रेशन, यदि कंपनी पार्टनरशिप एक्ट के तहत रजिस्टर हो तो चार्टर ऑफ़ एसोसिएशन, एचआर रूल्स एवं रेगुलेशन, बाहरी हितधारकों के प्रति कंपनी पॉलिसीज इत्यादि दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। उद्यमी को एक बात का ध्यान रखना होगा की ISO 9001 Certification के लिए केवल दस्तावेज ही पर्याप्त नहीं होंगे बल्कि उद्यमी को साबित करना होगा की उसकी कंपनी ISO मानकों का पूरी प्रतिबद्धता के साथ पालन करती है।

ISO 9001 Certificate के लिए आवेदन करें

उपर्युक्त बताये गयी सभी प्रक्रियाओं को पूर्ण करने में उद्यमी को तीन चार महीनों का समय लग सकता है। इसलिए ISO 9001 Certificate के लिए तभी अप्लाई करना चाहिए जब कंपनी में नियुक्त ISO मैनेजर पूर्ण रूप से संतुष्ट हो जाय। उसके बाद उद्यमी को किसी एक ISO प्रमाणित एजेंसी में आइएसओ प्रमाणन के लिए आवेदन करना चाहिए। प्रमाणित करने वाली एजेंसी संगठन को एक क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम की एक चेकलिस्ट प्रदान करेगी। और आइएसओ मैनेजर को प्रमाणित करने वाली एजेंसी को इस बात के लिए संतुष्ट करना होगा की उनकी कंपनी में QMS मानकों का पालन हो रहा है। यह इसलिए आवश्यक होता है की कोई भी प्रमाणित करने वाली एजेंसी किसी ऐसी कंपनी को ऑडिट करने में समय, संसाधन एवं अपने प्रयास बर्बाद करना नहीं चाहेंगी जो इन मानकों का पालन ही नहीं करते हों। इसलिए इस प्रकार के प्रमाणन के लिए तभी आवेदन करना चाहिए जब QMS मानकों का अनुपालन हो रहा हो।

ISO 9001 ऑडिट कराएँ

संगठन या कंपनी द्वारा जब ISO Certificate के लिए आवेदन कर लिया जाता है उसके बाद आइएसओ प्रमाणित एजेंसी द्वारा संगठन या कंपनी के कार्यालय में आकर ऑडिट किया जाता है की वहाँ पर QMS मानकों का पालन हो रहा है या फिर नहीं। उनके द्वारा खोजी गई चीजें ही इस बात का निर्णय लेने में मदद करती हैं की कंपनी या संगठन को ISO 9001 Certificate प्रदान करना है या फिर नहीं। ध्यान रहे यदि कंपनी या संगठन पहले ऑडिट में आइएसओ सर्टिफिकेट के अयोग्य माना जाता है तो इसका मतलब यह नहीं है की वह आगे भविष्य में भी इस प्रमाणन के लिय्व आवेदन नहीं कर सकता। बल्कि वह एजेंसी द्वारा दी गई चेकलिस्ट के आधार पर सुधार करके दुबारा भी इस प्रमाणन के लिए आवेदन कर सकता है।

ISO 9001 certificate सिर्फ उन्हीं संगठन या कंपनीयों को प्रदान किया जाता है जिन्हें ऑडिट करने वाली एजेंसी द्वारा QMS मानकों का पालन करते हुए देखा जाता है। इसलिए यदि उद्यमी की कंपनी इन मानकों का अनुसरण कर रही हो तो वह आइएसओ प्रमाणन में सफलता हासिल कर सकती है। ध्यान रहे ISO 9001 certificate शुरूआती दौर में तीन वर्षों के लिए वैध होता है। इसलिए उद्यमी को अपने उद्यम को QMS मानकों में समय समय पर होने वाले बदलावों के अनुरूप अपडेट करते रहना होगा। ताकि तीन वर्षों के बाद उद्यमी फिर से ISO Certification के लिए अप्लाई कर सके।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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