वर्तमान परिदृश्य में Tiles Marble Shop की महत्वता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि हर गली मोहल्ले में प्रत्येक महीने कोई न कोई नये कंस्ट्रक्शन एवं निर्माण का कार्य चलता रहता है। कहने का आशय यह है की हम सब अच्छी तरह से जानते हैं की हमारा देश भारत जनसँख्या में दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा देश है। इसलिए यहाँ प्रतिदिन हजारों बच्चों का पदार्पण इस धरती पर होता है, यही कारण है की इन सबकी खानपान, शिक्षा, स्वास्थ्य, रहन सहन इत्यादि की उचित व्यवस्था करने के लिए सड़क, हॉस्पिटल, घर इत्यादि की आवश्यकता पड़ती है। इन्हीं सब कारणों से ही कंस्ट्रक्शन इत्यादि का काम वर्ष भर लगातार चहुँदिशाओं में चलता रहता है।

और जहाँ पहले फर्श, दीवारों इत्यादि पर सीमेंट का प्लास्टर करके छोड़ दिया जाता था, वर्तमान में लोग फर्श, घर के अन्दुरुनी दीवारों, बाथरूम इत्यादि में तो Tiles Marble का इस्तेमाल करते ही हैं, बल्कि घर एवं बिल्डिंग के बाहरी दीवारों पर भी इसका इस्तेमाल करने लगे हैं। ताकि उनका घर एवं बिल्डिंग पानी के दुष्प्रभावों से बचा रहे। कहने का स्पष्ट सा अभिप्राय यह है की वर्तमान घर एवं बिल्डिंग बनाने में एवं उन्हें आकर्षक बनाने के लिए टाइल्स एवं मार्बल का इस्तेमाल बहुतायत मात्रा में किया जाने लगा है। और यदि किसी घर या बिल्डिंग के अन्य हिस्से में इनका इस्तेमाल भले ही होता हो या फिर नहीं, लेकिन ऐसे हिस्से जिनका पानी के सम्पर्क में आने की संभावना अधिक होती हैं। घर या बिल्डिंग के उन हिस्सों में Tiles Marble को लगाया ही लगाया जाता है।

जैसे घर या बिल्डिंग में बाथरूम एवं किचन जहाँ पर जूठे बर्तन एवं गंदे कपड़े इत्यादि धोये जाते हैं, इनका पानी के संपर्क में आने की संभावना अधिक होती है। ऐसे में घर या बिल्डिंग के इन हिस्सों को सुरक्षित रखने के लिए लोगों द्वारा इन हिस्सों में तो टाइल्स और मार्बल का इस्तेमाल किया ही किया जाता है। यही कारण है की वर्तमान में इस तरह की दुकान शुरू करके भी लाभ कमाया जा सकता है।

How to start tiles marble shop

Tiles Marble बिजनेस से क्या आशय है

यद्यपि इसमें कोई दो राय नहीं है, की टाइल्स मार्बल बिजनेस का अर्थ कई लोग इनके विनिर्माण के व्यापार से भी लगा सकते हैं। इसलिए यहाँ पर यह स्पष्ट कर देना जरुरी है की इस लेख में हमारा Tiles Marble Business से आशय केवल और केवल इनके शोरूम, दुकान इत्यादि से है। यानिकी इस व्यापार के तहत उद्यमी को मार्बल एवं टाइल्स खरीदकर उन्हें लाभप्रद दामों में बेचना होता है, और जिस स्थल से वह यह काम कर रहा होता है, वह टाइल्स और मार्बल की दुकान या शोरूम कहलाता है।

भारत में टाइल और मार्बल के बिकने की संभावना

Tiles Marble की यदि हम बात करें, तो इन्हें इस्तेमाल में लाने के पीछे मुख्य कारण लोगों का अपने घरों एवं बिल्डिंग को पानी से होने वाले नुकसान से बचाने का है। लेकिन इसमें भी कोई दो राय नहीं की मार्बल एवं टाइल के इस्तेमाल से घर या बिल्डिंग आकर्षक लगने लगती हैं। इसलिए इनका इस्तेमाल सजावटी वस्तु के तौर पर भी किया जाता है, लेकिन इन सब के अलावा टाइल्स एवं मार्बल स्वच्छता बनाये रखने में भी मददगार साबित होते हैं। यही कारण है की भारत में भी इनका इस्तेमाल व्यापक तौर पर होना शुरू हो गया है। जहाँ भारतीय घरों में टाइल्स का इस्तेमाल रसोई एवं बाथरूम में तो होता ही होता है, वहीँ फर्श पर अक्सर लोग मार्बल लगाना पसंद करते हैं।

यही कारण है की लगभग सभी व्यवसायिक एवं आवासीय बिल्डिंग घर से लेकर हॉस्पिटल, कार्यालय, मेडिकल सेण्टर, लैब, मिल्क बूथ, स्कूल, सार्वजनिक स्थल, शॉपिंग मॉल इत्यादि सभी में Tiles Marble का इस्तेमाल किया जाता है। इन्हीं सब तथ्यों के आधार पर कहा जा सकता है की भारत में इस तरह का व्यापार शुरू करना एक लाभकारी व्यापार हो सकता है।

टाइल्स और मार्बल का बिजनेस कैसे शुरू करें (How to Start Tiles Marble Business in India)

जैसा की हम पहले भी बता चुके हैं की यहाँ पर Tiles Marble बिजनेस से हमारा आशय इनकी मैन्युफैक्चरिंग या विनिर्माण के व्यापार से नहीं है। बल्कि एक ऐसे व्यापार से है, जिसमें उद्यमी अपनी दुकान या शोरूम के माध्यम से मार्बल एवं टाइल्स बेचकर कमाई कर रहा होता है। इसलिए इस तरह का व्यापार शुरू करने में उतना खर्चा तो नहीं आता है, जितना इनके विनिर्माण का व्यापार शुरू करने में आता है।

और इसमें यह भी फायदा होता है की व्यापार के शुरूआती दौर में उद्यमी अपने बजट के मुताबिक ही अपनी दुकान में माल भर सकता है। और उसके बाद धीरे धीरे दुकान में माल की बढ़ोत्तरी कर सकता है। तो आइये जानते हैं की कैसे कोई इच्छुक व्यक्ति भारत में खुद का Tiles Marble Business शुरू कर सकता है।

1. बाजार का सर्वेक्षण करें (Analyze Market of Tiles Marble)

यद्यपि इसमें कोई दो राय नहीं की कंस्ट्रक्शन चाहे किसी भी प्रकार का हो, चाहे आवासीय हो, या फिर व्यवसायिक, लगभग हर एरिया में वर्ष भर चलता रहता है। और जहाँ तक Tiles Marble की बात है, इनकी आवश्यकता सिर्फ नए कंस्ट्रक्शन को ही नहीं होती है, बल्कि घरों एवं बिल्डिंगों के पुनरुत्थान के काम के लिए भी इनकी आवश्यकता होती है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह जिस एरिया में इस तरह का यह बिजनेस शुरू करना चाहता है, वहां पर व्यवसायिक या आवासीय निर्माण के कार्यों का विश्लेषण एवं सर्वेक्षण करने की कोशिश करे।

ताकि वह उस एरिया में अगले एक वर्ष में होने वाले निर्माण कार्यों एवं पुनरुत्थान योजनाओं का आकलन करने में सक्षम हो पाए। चूँकि इस तरह का बिजनेस शुरू करने से पहले उद्यमी को इस औद्योगिक क्षेत्र का पूर्ण ज्ञान होना नितांत आवश्यक है। इसलिए उद्यमी चाहे तो उस एरिया में स्थित किसी टाइल्स और मार्बल की दुकान में कुछ महीने काम करके भी, न सिर्फ इस उद्योग की जानकारी हासिल कर सकता है। बल्कि उस एरिया में Tiles Marble की दुकानों में ग्राहक किन स्रोतों से आते हैं? ग्राहक उद्यमी से क्या अपेक्षा रखते हैं? उस एरिया में अच्छा सप्लायर कौन सा है? इत्यादि बातों का भी पता कर सकता है। और बाद में इस जानकारी के अनुसार ही अपनी व्यापारिक रणनीति को विकसित कर सकता है।         

2. जगह किराये पर लें

Tiles Marble Business शुरू करने के लिए उद्यमी का अगला कदम उस एरिया में एक ऐसी जगह जहाँ पर लोगों की भीड़ भाड़ अधिक रहती हो, या फिर एक ऐसी जगह जो बिल्डिंग मटेरियल इत्यादि प्रदान करने के लिए स्थानीय लोगों में चर्चित हो, वहां पर दुकान किराये पर लेनी चाहिए। वैसे उद्यमी चाहे तो उस एरिया की स्थानीय मार्किट में भी दुकान किराये पर ले सकता है। यदि उद्यमी टाइल्स एवं मार्बल का शोरूम खोलना चाहता है। तो उसे बड़ी जगह की आवश्यकता हो सकती है, वह इसलिए भी क्योंकि डिस्प्ले के लिए उद्यमी को मार्बल बाहर भी रखने पड़ सकते हैं।

और टाइल्स को भी ऐसी जगह पर सजावट के साथ रखना पड़ सकता है, जहाँ पर ग्राहकों की नज़र पड़े। दुकान किराये पर लेते वक्त उद्यमी को रेंट एग्रीमेंट अवश्य बना लेना चाहिए। क्योंकि इस दस्तावेज का इस्तेमाल पता प्रमाण के तौर पर किया जा सकता है। और ध्यान रहे जहाँ पर दुकान हो वहां पर इतनी चौड़ी सड़क अवश्य होनी चाहिए, की किसी भी प्रकार का वाहन यहाँ तक की ट्रक भी उस सड़क पर आसानी से आ जा सके। क्योंकि उद्यमी को माल भरने एवं ग्राहकों के बेचने के दौरान, कई बार इस तरह के भारी वाहनों का इस्तेमाल होने की संभावना है। 

3. वित्त का प्रबंध करें

बिजनेस चाहे कोई सा भी हो लेकिन उसे बिना निवेश के शायद ही शुरू किया जा सकता है, लेकिन यह अलग बात है की हर व्यापार को शुरू करने पर आने वाला खर्चा या लागत अलग अलग होती है। यह बिजनेस की प्रकृति, आकार, प्रकार इत्यादि पर निर्भर करती है। जहाँ तक Tiles Marble Business की बात है, इसे उद्यमी अपनी सुविधानुसार किसी भी बजट यहाँ तक 2-3 लाख रूपये निवेश करके भी आसानी से शुरू कर सकता है। यह इसलिए संभव है क्योंकि इस व्यापार को शुरू करने में आने वाली मुख्य लागत टाइल्स एवं मार्बल को खरीदने में आने वाली लागत है। और इसमें कोई दो राय नहीं की यदि उद्यमी किसी सप्लायर से एक साथ बड़ी मात्रा में माल खरीदता है, तो उसे ऑफर किये जाने वाले रेट सामान्य रेटों की तुलना में कम हो सकते हैं।

लेकिन यदि उद्यमी का बजट कम है, तो कम मात्रा में ही माल खरीदकर इस व्यापार को शुरू कर सकता है, और धीरे धीरे अपनी दुकान या शोरूम में माल की उपलब्धता भी बढ़ा सकता है। इसलिए Tiles Marble का व्यापार शुरू करने वाले उद्यमी को अपनी योजनानुसार वित्त का प्रबंध करने की आवश्यकता होती है। इसका प्रबंध उद्यमी स्वयं की बचत, रिश्तेदार एवं पारिवारिक सदस्यों से अनौपचारिक ऋण लेकर एवं बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों से औपचारिक ऋण लेकर कर सकता है।       

4. स्थानीय नियम कानूनों का पता करें  

वैसे देखा जाय तो छोटे स्तर पर इस तरह की दुकान खोलने के लिए किसी भी प्रकार के लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन की आवश्यकता नहीं होती है। लेकिन चूँकि यह कंस्ट्रक्शन निर्माण कार्यों से जुड़ा हुआ बिजनेस है, जहाँ पर किसी एक ग्राहक को भी बड़ी मात्रा में Tiles Marble की आवश्यकता हो सकती है। ऐसे में उद्यमी का सालाना टर्नओवर आसानी से जीएसटी की छूट की सीमा को पार कर सकता है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपनी दुकान का जीएसटी रजिस्ट्रेशन तो अवश्य करा ले। इसके अलावा यह भी पता करे की स्थानीय स्तर पर उसे इस तरह का व्यापार शुरू करने के लिए कहीं किसी  अन्य लाइसेंस एवं पंजीकरण की आवश्यकता तो नहीं है।      

5. सप्लायर का चुनाव करें (Choose Supplier for Tiles Marble Business)

सप्लायर का चुनाव करने से पहले उद्यमी को उस एरिया में उपलब्ध टाइल एवं मार्बल की मांग का विश्लेषण करना होगा। अर्थात उद्यमी को इस बात का पता लगाना होगा की उस एरिया विशेष में लोग अपने घरों एवं बिल्डिंग पर किस प्रकार के टाइल्स एवं मार्बल का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। और क्या उस एरिया विशेष में कोई कंपनी विशेष का नाम इस क्षेत्र में प्रसिद्ध है?

इस बात का भी पता करना होगा। उसके बाद उद्यमी चाहे तो Tiles Marble की खरीदारी सीधे विनिर्माणकर्ताओं या फिर उनके डीलर या डिस्ट्रीब्यूटर से कर सकता है। लेकिन ध्यान रहे इनकी खरीदारी करने से पहले उद्यमी को कम से कम पांच या छह सप्लायर से कोटेशन मंगा लेनी चाहिए। वर्तमान में जस्ट डायल, इंडियामार्ट, ट्रेडइंडिया जैसी वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन भी किसी भी वस्तु के सप्लायर के बारे में आसानी से पता लगाया जा सकता है, और उनसे कोटेशन भी मंगाई जा सकती है। फिर इनका तुलनात्मक विश्लेषण करके सप्लायर का भी चुनाव किया जा सकता है।       

6. अपने व्यापार को प्रमोट करें (Promote Your Tiles Marble Shop):

अपने व्यापार को प्रमोट करने एवं टाइल्स एवं मार्बल के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए उद्यमी को इनके विनिर्माणकर्ताओं से मिलना पड़ेगा, एक्जीबिसन में हिस्सा लेना पड़ेगा। आम तौर पर देखा गया है की चूँकि ग्राहकों द्वारा इनका इस्तेमाल अपने घरों की साज सजावट एवं सुरक्षा के मद्देनज़र की जाती है। और किसी भी ग्राहक के लिए यह प्रक्रिया दो साल, पांच साल या तीन साल में करना आसान नहीं है । इसलिए उनके मन में Tiles Marble इत्यादि खरीदते वक्त एक नहीं बल्कि अनेकों शंकाओं का प्रादुर्भाव होता है।

और ये शंकाएं उनके मन में अनेकों प्रश्नों को जन्म देती हैं, इसलिए यदि उद्यमी सही मायने में अपने व्यापार को प्रमोट करना चाहता है, तो उसे टाइल्स एवं मार्बल की सम्पूर्ण जानकारी होना अति आवश्यक है। ताकि वह अपने हर एक ग्राहक द्वारा पूछे गए प्रश्नों का शांति एवं शालीनता से उत्तर दे पाने में सक्षम हो। इसके अलावा उद्यमी को चाहिए की वह उस एरिया में स्थित बिल्डर, कॉन्ट्रैक्टर, प्रॉपर्टी डीलर, प्लम्बर, कारपेंटर, मिस्त्री इत्यादि के साथ संपर्क बनाये रखे, ताकि वह ऐसे लोगों का एक नेटवर्क बना पाने में सक्षम हो पाए, जो बिल्डिंग एवं घर निर्माण के कार्यों से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष तौर पर जुड़े रहते हैं।

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