वर्तमान में Spoken English Institute शुरू करना, इसलिए फायदेमंद हो सकता है। क्योंकि, अंग्रेजी भाषा सिर्फ अंग्रेजों की भाषा नहीं रह गई है। बल्कि यह एक ऑफिसियल भाषा बन गई है। जिसका इस्तेमाल न सिर्फ भारत में, अपितु दुनिया के अधिकतर देशों में किया जाता है। चूँकि आज का दौर, वैश्वीकरण का दौर है। इसलिए इस भूमंडल पर स्थापित, सम्पूर्ण दुनिया में कहीं अधिक तो कहीं कम, व्यापारिक गतिविधियाँ चलती रहती हैं। यही कारण है की, इस भाषा की महत्वता, और अधिक बढ़ जाती है। कहने का आशय यह है की, जिस व्यक्ति को अंग्रेजी भाषा बोलनी, एवं समझनी आती हो। वह व्यक्ति दुनिया के अधिकतर देशों में, अपनी बात रखने में, सक्षम हो सकता है। जबकि एक ऐसा व्यक्ति, जिसे केवल स्थानीय भाषाओँ का ज्ञान है। वह अपने देश से बाहर निकलते ही, अपनी बात रखने के लिए, अन्य व्यक्तियों की सहायता लेता है।

अंग्रेजी विश्व के सर्वाधिक देशों में, बोली जाने वाली, एवं समझी जाने वाली भाषा है। इसलिए हर किसी का सपना, इसे सीखने का होता है। ऐसे में, वे कुछ ऐसे स्कूल, या संस्थान की तलाश में रहते हैं। जो उन्हें Spoken English यानिकी, अंग्रेजी बोलना सीखा सके। हमारे देश भारत में भी, अंग्रेजी बोलने वालों की कमी नहीं है। लेकिन चूँकि भारत जनसँख्या की दृष्टी से, दूसरा सबसे बड़ा देश है। इसलिए यहाँ एक, बहुत बड़ी आबादी ऐसी भी है। जो अंग्रेजी बोलना सीखना चाहती है। इसी के मद्देनज़र, आज हम इस लेख के माध्यम से, इस व्यापार को, कोई व्यक्ति कैसे शुरू कर सकता है, के बारे में, विस्तृत जानकारी देने का, प्रयत्न कर रहे हैं।

how to start spoken english institute

स्पोकन इंग्लिश स्कूल क्यों खोलें? (Why one should start spoken English institute):

Spoken English Institute की कितनी आवश्यकता है, इस बात का अनुमान, सिर्फ इसी बात से लगाया जा सकता है, की, सम्पूर्ण विश्व में, पचास से अधिक देशों की, ऑफिसियल भाषा अंग्रेजी ही है। और एक आंकड़े के मुताबिक, पूरे विश्व में, लगभग 840 मिलियन लोग, इस भाषा को बोलते हैं। और वर्तमान में इसकी महत्वता, इसलिए भी बढ़ जाती है। क्योंकि हर देश को कुछ सामान, बाहरी देशों से मँगाना होता है। तो कुछ सामान बाहरी देशों की ओर, निर्यात भी करना पड़ता है। कहने का आशय यह है की, वर्तमान युग वैश्वीकरण का युग है। इसलिए व्यापारिक उद्देश्यों के लिए, एक देश के व्यापारी को दुसरे देश के व्यापारी से, बात करने की आवश्यकता होती रहती है। अंग्रेजी एक ऐसी भाषा है, जिसका इस्तेमाल, सर्वाधिक लोगों द्वारा किया जाता है। यही कारण है की, अंग्रेजी सीखने की ललक, अन्य भाषाओँ की तुलना में, लोगों में कहीं अधिक है।

भारत में यदि हम एक सर्वे कराएँगे, तो हम पाएंगे की, अधिकतर लोग यही मानेंगे की, विशेष तौर पर, प्राइवेट सेक्टर में सफल होने के लिए, अंग्रेजी भाषा नितांत आवश्यक है। इन्हीं सब कारणों के चलते, भारत में नौजवानों का, Spoken English के प्रति काफी झुकाव है। और उनका यही झुकाव, भारत में, स्पोकन इंग्लिश इंस्टिट्यूट, की माँग को प्रोत्साहित करता है।    

  स्पोकन इंग्लिश इंस्टिट्यूट कैसे शुरू करें ?(How to Start Spoken English Institute):

Spoken English Institute शुरू करने के लिए, उद्यमी को, वह सभी आधारभूत जानकारी, एकत्रित करनी होती है, जो इसे शुरू करने के लिए जरुरी है। इस तरह का संस्थान खोलने से पहले, उद्यमी को सभी आवश्यक चीजों, जैसे लोकेशन, स्टाफ, बजट या लागत, इत्यादि के बारे में जानना चाहिए। उद्यमी को प्रत्येक पहलू का, सटीकता एवं सही से, अध्यन करना चाहिए। इसलिए उद्यमी को, स्पोकन इंग्लिश इंस्टिट्यूट खोलने के लिए, आवश्यक चीजों के बारे में पता करना चाहिए। विशेष तौर पर, मार्केटिंग तकनीकों के बारे में। आइये नीचे हम कुछ पहलुओं, पर प्रकाश डालने का प्रयास कर रहे हैं। जो उद्यमी को इस तरह का यह संस्थान, खोलने के लिए आवश्यक हैं।

1. क्वालिफिकेशन चेक करें। (Check your Qualification):

ऐसे व्यक्ति, जो खुद का, Spoken English Institute खोलने का विचार कर रहे हैं। उनके लिए, सर्वप्रथम यही जानना, अति आवश्यक है की, वे इस तरह का स्कूल खोलने के योग्य हैं, की नहीं।यदि उद्यमी को, खुद का बिजनेस चलाने की, उपयुक्त जानकारी नहीं है तो, आज हर क्षेत्र में, लघु कोर्स उपलब्ध हैं। जिन्हें ज्वाइन करके, उद्यमी जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उद्यमी चाहे तो, Teaching English as a Foreign Language (TEFL) में डिप्लोमा, प्राप्त कर सकता है। इसलिए उद्यमी को सुनिश्चित करना होगा की, वह इस तरह का यह व्यापार चलाने के लिए, क्वालिफाइड है या नहीं। इसके अलावा उद्यमी को, बिजनेस को बढाने के, कुछ ऑनलाइन कोर्स भी, ज्वाइन करने पड़ सकते हैं। और उद्यमी को, अपने शैक्षणिक दस्तावेज, पूरे तैयार रखने की आवश्यकता हो सकती है।   

2. इंस्टिट्यूट के प्रकार का चुनाव करें (Choose Types of Spoken English Institute):

हालांकि प्राचीनकाल में, जहाँ स्कूल एवं किसी सिखाने वाले संस्थान की छवि, चार दीवारों, कुर्सी, डेस्क, व्हाइटबोर्ड, ब्लैकबोर्ड से बनती थी। लेकिन पिछले कुछ दशकों में, टेक्नोलॉजी की भरमार ने, इस क्षेत्र को भी प्रभावित किया है। और वर्तमान में सीखना सिखाने की यह प्रथा, तरल के तौर पर कार्यरत है। और इसे दुनिया के किसी भी कोने से, शुरू किया जा सकता है। लेकिन आज भी अधिकतर टीचर, जब Spoken English School के बारे में सोचते हैं, तो उनके सामने पारम्परिक मॉडल ही आते हैं। जहाँ एक बड़ी सी जगह में, कक्षाएं बनायीं गई होती हैं। और उनमें अध्यापक, विद्यार्थियों को समझा रहे होते हैं। लेकिन इस तरह का व्यवसाय शुरू करने के, पारम्परिक मॉडल के अलावा भी, अन्य कई तरीके हैं। ऑनलाइन टीचिंग के माध्यम से, दुनियाभर के छात्र दुनियाभर के अध्यापकों से, शिक्षा ग्रहण कर रहे होते हैं।

वर्तमान में एक नहीं, बल्कि अनेकों ऐसी एप्प हैं। जिनके माध्यम से, एक समय में दो से अधिक व्यक्तियों के साथ, विडियो पर बातचीत करना संभव है। इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह, इस तरह का व्यापार शुरू करने के लिए, अपने इंस्टिट्यूट के प्रकार का चुनाव करे।

3. लोकेशन का चुनाव करें

जहाँ भी उद्यमी, Spoken English Institute खोलने का विचार कर रहा हो। सर्वप्रथम उसे, इस बात का पता करना होगा की, क्या वहां पर वैधानिक रूप से, यह व्यापार शुरू किया जा सकता है, या नहीं। इसके अलावा, ऐसे लोग जो बाहरी देशों के हों, और वे भारत में, इस तरह का यह व्यापार, शुरू करना चाहते हैं। तो उनके लिए, तमाम परमिशन, लाइसेंस के लिए, और परेशानी हो सकती है। चूँकि इस व्यापार में, उद्यमी के मुख्य ग्राहक के तौर पर, वे लोग रहने वाले हैं, जो अंग्रेजी सीखना चाहते हैं। इसलिए जरुरी नहीं है की, उद्यमी का इंस्टिट्यूट, किसी भीड़ भाड़ वाली जगह में ही हो। बल्कि शांत जगह पर, पढाई एवं पढ़ाने पर अधिक ध्यान लगता है।

इसलिए उद्यमी चाहे तो, कहीं भी इस तरह का व्यापार, करने के लिए लोकेशन का, चयन कर सकता है। लेकिन वहां तक, पब्लिक ट्रांसपोर्ट इत्यादि की पहुँच, बहुत अधिक एवं आसान हो।    

4. स्थानीय नियम कानूनों का अनुसरण करें

वैसे देखा जाय तो, भारत में किसी व्यक्तिगत व्यक्ति को, स्कूल खोलने की इजाजत नहीं मिलती है। इसलिए जो व्यक्ति इस तरह का, यह व्यापार शुरू करना चाहता हो, उसे सर्वप्रथम, ट्रस्ट या सोसाइटी का, निर्माण करने की आवश्यकता होती है। और उसके बाद ही, जरुरी लाइसेंस, परमिशन, रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना चाहिए। हालांकि हो सकता है की, Spoken English Institute खोलने के लिए, अलग से नियम विद्यमान हों। इसलिए उद्यमी को चाहिए की, वह सबसे पहले स्थानीय नियम, कानूनों के बारे में, जानकारी प्राप्त करे। और उनके अनुसार ही, आगे की कार्यवाहियां करे।  

5. स्टाफ नियुक्त करें (Appoint Staff in Spoken English Institute):

चूँकि इस व्यापार में, उद्यमी को, अपने ग्राहकों को सिखाने का काम करना है। इसलिए उसे, क्वालिफाइड स्टाफ की आवश्यकता होगी। जो अंग्रेजी बोलना सीखने के इच्छुक, लोगों को नए नए तरीकों से, अंग्रेजी बोलना सीखा पाने में समर्थ हों। कहने का अभिप्राय यह है की, स्टाफ की नियुक्ति करते समय उद्यमी को, उनकी क्वालिफिकेशन का ध्यान विशेष रूप से, रखना होगा। क्योंकि Spoken English Institute की, सफलता की कुंजी, क्वालिफिकेशन ही है। स्टाफ के पास क्वालिफिकेशन के अलावा, अनुभव भी हो तो, यह उस बिजनेस के लिए, और भी अच्छा है। इसके अलावा, एडमिनिस्ट्रेशन स्टाफ का दायित्व, स्कूल या संस्थान को, बिना किसी बाधा के निरंतर चलते रहने, का होता है। इसलिए इनकी नियुक्ति पर भी, अनुभव नितांत आवश्यक है। ध्यान रहे जितना गुणी एवं क्वालिफाइड स्टाफ होगा, इंस्टिट्यूट की रेपुटेशन उतनी ही अच्छी होगी।   

6. मार्केटिंग करें (Promote Your Spoken English Institute):

स्थानीय एरिया में, अपने इंस्टिट्यूट को, जान पहचान दिलाने के लिए, उद्यमी को प्रभावी मार्केटिंग तकनीकों को, अपनाने की आवश्यकता होती है। Spoken English Institute बिजनेस  कर रहा व्यक्ति, चाहे तो उस स्थान एरिया में, अपने बिजनेस के नाम पम्पलेट, इत्यादि बंटवा सकता है। और इसके अलावा, उस स्थान विशेष में उपलब्ध स्कूल, कॉलेजों में जाकर भी, उद्यमी विद्यार्थियों को, अपने इंस्टिट्यूट से, परिचित करा सकता है। इसके अलावा, उद्यमी अपने व्यापार को, सोशल प्लेटफोर्म पर मुफ्त में, प्रमोट कर सकता है। और स्थानीय अख़बारों, केवल टेलिविज़न, इत्यादि के माध्यम से, विज्ञापन करके भी, अपने व्यापार की मार्केटिंग की जा सकती है।

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