गहनों का व्यापार कैसे शुरू करें? How to Start Jwellery Business.

Jwellery business यानिकी गहनों के व्यापार से शायद आप सभी लोग अच्छे से परिचित होंगे क्योंकि हम आम तौर पर लोगों को सुनार की दुकान में जाते और वहाँ से सोना, चाँदी, हीरे इत्यादि से निर्मित गहने खरीदते हुए देखते हैं। यद्यपि गहनों का बड़ी मात्रा में इस्तेमाल महिलाओं द्वारा किया जाता है लेकिन वर्तमान में पुरुष भी अंगूठी, गले की चेन, ब्रेसलेट इत्यादि तरह के गहने पहनने लगे हैं। वर्तमान में सोने एवं हीरे के गहने सम्पन्नता का प्रतीक माने जाते हैं इसलिए लोग अपनी क्षमता के अनुरूप समय समय पर गहने विशेष तौर पर सोने, चाँदी, हीरे इत्यादि से निर्मित गहने खरीदते रहते हैं। यही कारण है की हर छोटे बड़े स्थानीय बाजार में कोई न कोई Jwellery Business करने वा उद्यमी अर्थात सुनार आपको आसानी से मी जायेगा। भारतीय ग्रामीण इलाकों की बात करें तो यहाँ पर मुख्य तौर पर सोने एवं चाँदी से निर्मित गहने ही ज्वेलर के पास उपलब्ध रहते हैं। इसका कारण वहाँ पर निवासित लोगों का इनका इस्तेमाल अधिक करना है। कहने का अभिप्राय यह है की जहाँ शहरों में हीरे, मोती जैसी बेशकीमती धातुओं से निर्मित गहने खरीदने के लिए भी ग्राहक आसानी से मिल सकते हैं। वहीँ ग्रामीण इलाकों में इस तरह के ग्राहक मिल पाना बेहद कठिन है। लेकिन Jwellery Business की विशेषता यह है की यह शहरों एवं ग्रामीण इलाकों दोनों इलाकों में धड़ल्ले से चल सकता है। इसलिए इस बिजनेस को भी कमाई की दृष्टि से उपयुक्त माना गया है।

Jwellery business - A lady in Jwellery Shop

Jwellery business में संभावनाएं

भारत में आभूषणों या गहनों का प्राचीनकाल से महत्व रहा है प्राचीन काल में भी लोग अपनी क्षमता के मुताबिक गहने पहना करते थे। यही कारण है की आज भी भारत के लोग उनकी इस पारम्परिक विरासत को संभाले हुए हैं और विभिन्न शुभ अवसरों जैसे शादी, सालगिरह, नामकरण इत्यादि में सम्बंधित व्यक्ति या महिला के लिए नए नए आभूषण बनाते रहते हैं। इसके अलावा लोग सोने इत्यादि से निर्मित आभूषण इसलिए भी बनाते हैं ताकि अगर उनके पास ये गहने रहेंगे तो यह उनकी विपत्ति के समय काम आ सकें। कहने का आशय यह है की नए गहने बनाने या फिर पुराने गहने बेचने के लोगों के जीवन में अनेकों अवसर आते हैं। इसलिए आज हम हर छोटी बड़ी स्थानीय मार्किट में कोई न कोई सुनार की दुकान या Jwellery Business करने वाला उद्यमी अवश्य देखते हैं। एक आंकड़े के मुताबिक भारत में सोने एवं हीरे से निर्मित आभूषणों की जबरदस्त माँग रहती है यही कारण है की भारत आभूषणों के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। सोने के आभूषणों की माँग को देखते हुए भारत में बड़ी मात्रा में सोना आयात किया जाता है। रत्न एवं आभूषणों का यह क्षेत्र सकल घरेलु उत्पाद में लगभग 6-7% का योगदान देता है। भारत की बढती अर्थव्यवस्था एवं मध्यमवर्गीय श्रेणी का विस्तार इस ओर स्पष्ट इशारा करता है की आने वाले वर्षों में भारत में सोने की माँग और बढ़ सकती है । इसलिए अपने खुद का बिजनेस करने की चाह रखने वाले उद्यमी Jwellery Business शुरू करके कमाई कर सकते हैं।

ज्वेलरी बिजनेस के प्रकार

यद्यपि जहाँ तक Jwellery Business के प्रकार की बात है इसके अनेकों प्रकार हो सकते हैं लेकिन यहाँ पर हमारा मुख्य मकसद Jwellery Retail Shop यानिकी सुनार की दुकान शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में बताना है। इसलिए हम अन्य प्रकारों जैसे गोल्ड ट्रेडिंग, गोल्ड इम्पोर्टर, ज्वेलरी निर्माणकर्ता इत्यादि पर बातचीत न करके सीधे रिटेल ज्वेलरी शॉप शुरू करने की प्रक्रिया के बारे में जानने की कोशिश करेंगे।

Retail Jwellery Business यानिकी सुनार की दुकान कैसे खोलें?

हालांकि वर्तमान में ऑनलाइन रिटेल शॉप का भी चलन बढ़ रहा है और अनेकों ब्रांडेड कम्पनियाँ ग्राहकों को अपने आभूषण बेचने के लिए कृतसंकल्प हैं। लेकिन भारतीय ग्राहकों की आदतें एवं मानसिकता इससे मेल नहीं खाती है यही कारण है की लोग सोने, चाँदी, हीरे के आभूषणों की खरीदारी ऑनलाइन करने से कतराते हैं। इसके अलावा लोग ब्रांडेड ज्वेलरी भी कम ही खरीदते हैं। भारत में ग्राहकों की सोना, चाँदी, हीरे इत्यादि से निर्मित गहने खरीदने का विश्लेषण करें तो हम पायेंगे की वे अपने स्थानीय बाजार में बैठे विश्वसनीय सुनारों से ही इन्हें खरीदना पसंद करते हैं। इसलिए किसी स्थानीय बाजार में Jwellery business करना लाभकारी हो सकता है।

1. जानकारी एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करें

यदि उद्यमी Jwellery Business शुरू करने के प्रति गंभीर है तो उसे सर्वप्रथम इस व्यापार में इस्तेमाल में लायी जाने वाली जानकारी एवं व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त करने की आवश्यकता होती है। हालांकि यह और भी उपयुक्त रहेगा की यदि उद्यमी सोने, चाँदी, हीरे जैसी धातु को आभूषणों में परिवर्तित करने वाला तकनीकी काम भी सीख ले। क्योंकि इस व्यापार में उद्यमी को लोगों के गहने खरीदकर उन्हें नए बनाकर उचित दामों में बेचने भी पड़ सकते हैं इसलिए एक ऐसा सुनार या उद्यमी जिसे धातुओं को आभूषणों में ढालना आता है वह अन्य की तुलना में अधिक कमाई एवं सफल होने में सक्षम हो पाता है। यद्यपि अनेकों व्यवसायिक संस्थानों में इस तरह के पाठ्यक्रम भी ऑफर किये जाते हैं लेकिन सबसे बढ़िया तरीका यह है की उद्यमी जिस लोकेशन या एरिया में Jwellery Business शुरू करना चाहता है उसी एरिया में पहले से मौजूद किसी सुनार की दुकान में काम करे। और न केवल इस काम की बारीकियों के बारे में सीखे बल्कि सोने के निर्यातक, सप्लायर इत्यादि के बारे में भी जानकारी जुटाए। और जब उसे लगे की उसे सम्पूर्ण ज्ञान प्राप्त हो गया है जो इस बिजनेस को करने के लिए चाहिए तो उसके बाद वह आगे कदम बढ़ा सकता है। लेकिन ध्यान रहे इस तरह का बिजनेस करने के लिए उद्यमी के पास निवेश करने को पर्याप्त मात्रा में पैसा होना अति आवश्यक है।        

2.दुकान किराये पर लें इंटीरियर का काम कराएँ

अब यदि उद्यमी Jwellery Business से सम्बंधित सारी बारीकियाँ जान चूका है तो उसका अगला कदम चयनित लोकेशन या फिर किसी स्थानीय बाजार में दुकान किराये पर लेने का होना चाहिए। दुकान किसी सुनसान जगह पर न होकर भीड़भाड़ वे इलाके में होनी बेहद जरुरी है। उद्यमी को विभिन्न गहनों एवं आभूषणों को दुकान के अन्दर सुरक्षित तौर पर प्रदर्शित करने के लिए इंटीरियर का काम भी कराना होगा। आम तौर पर इसमें शीशे एवं लकड़ी से निर्मित दराजें एवं काउंटर तैयार किये जाते हैं। लेकिन उद्यमी चाहे तो किसी इंटीरियर डिज़ाइनर की मदद ले सकता है। या फिर किसी ऐसे कारपेंटर को यह जिम्मेदारी सौंप सकता है जिसने पहले भी किसी ज्वेलरी शॉप का इंटीरियर तैयार किया हो।        

3.बिजनेस एवं टैक्स रजिस्ट्रेशन

जैसा की हम सबक विदित है की Jwellery Business में एक बड़े मात्रा में निवेश की आवश्यकता होती है क्योंकि सोने, चाँदी एवं हीरे से निर्मित आभूषण काफी कीमती होते हैं। इसलिए इस तरह के बिजनेस का टर्नओवर करोड़ों में पहुँचना साधारण सी बात है। चूँकि किसी भी बिजनेस के आकार को उसके टर्नओवर से जाना जाता है इसलिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिजनेस का नाम रजिस्टर कराये और अपने बिजनेस को विभिन्न बिजनेस एंटिटी में से किसी एक में रजिस्टर कराकर वैधानिक स्वरूप प्रदान करे। इसके अलावा उद्यमी को जीएसटी रजिस्ट्रेशन इत्यादि कराना भी नितांत आवश्यक है।    

4.Jwellery business के लिए सप्लायर का चयन करें

आम तौर पर Jwellery Business में ज्वेलरी इम्पोर्टर ही ज्वेलरी सप्लायर की भूमिका तय करते हैं इनका काम विदेशों से विभिन्न धातुएं एवं आभूषणों को आयात करना एवं भारत में इन्हें विभिन्न सुनारों, ज्वेलरों को बेचने का होता है।यद्यपि कुछ बड़े ज्वेलर खुद के बलबूते पर भी बाहरी देशों से गहने एवं आभूषण मँगाकर अपने ग्राहकों को बेचते हैं लेकिन अधिकतर लोग विभिन्न सप्लायर पर ही निर्भर हैं। यदि उद्यमी ने उसी इलाके में पहले किसी सुनार के वहाँ काम किया हुआ है तो उसे ज्वेलरी सप्लायर के बारे में पूरी जानकारी होगी इसलिए वह आसानी से उनसे संपर्क करके अपनी दुकान की आवश्यकता के अनुरूप आभूषण एवं गहने आर्डर कर सकता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उसे किसी मौजूदा सुनार से संपर्क करके इसकी जानकारी लेनी होगी।     

5.इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड के लिए अप्लाई करें

यद्यपि IEC यानिकी इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड हर Jwellery Business करने वाले के लिए अनिवार्य नहीं है लेकिन यदि कोई उद्यमी विदेशों से सोना, चाँदी, हीरा इत्यादि मँगाना चाहता है। या फिर भारत से विदेशों की ओर गहने भेजना चाहता है तो उसे इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड की भी आवश्यकता होगी। कहने का अभिप्राय यह है की विदेशों से माल मँगाने एवं भेजने के लिए IEC बेहद जरुरी है।

इम्पोर्ट एक्सपोर्ट कोड अप्लाई करने की प्रक्रिया यहाँ दी हुई है।     

6.BIS License के लिए अप्लाई करें

BIS License भी हर तरह के सुनार या ज्वेलर के लिए अनिवार्य नहीं है बल्कि एक ऐसा ज्वेलर जो हॉलमार्क ज्वेलरी बेचता है उसके लिए BIS License लेना अनिवार्य है। आभूषणों की दुनिया में हॉलमार्किंग किसी आभूषण में कीमती धातु की आनुपातिक मात्रा का सटीक निर्धारण होता है। यही कारण है की हालमार्क कई देशों में गहनों की शुद्धता एवं सुन्दरता की गारंटी के तौर पर इस्तेमाल में लाया जाता है। इसलिए एक ऐसा ज्वेलर जो हालमार्क ज्वेलरी बेचना चाहता है उसे BIS License लेना अनिवार्य है।      

7.कर्मचारी नियुक्त करें

यद्यपि शुरूआती तौर पर Jwellery Business करने वाला उद्यमी यदि उसे धातुओं को गहनों का स्वरूप देना आता हो तो वह अकेले भी इस तरह के बिजनेस को कर सकता है। लेकिन यदि ऐसा नहीं है तो उसे कारीगर इत्यादि की आवश्यकता होगी। इसके अलावा बिजनेस बढ़ने की स्थिति में भी उसे विभिन्न कर्मचारियों की आवश्यकता हो सकती है। चूँकि यह गहनों से सम्बंधित बिजनेस है इसलिए इसमें प्रत्येक कर्मचारी की नियुक्ति करने से पहले उसके बारे में पूर्ण जानकारी अवश्य जुटानी चाहिए।    

8.Jwellery business की मार्केटिंग करें

स्थानीय बाजार में Jwellery Business शुरू करने का मुख्य फायदा यह होता है की उद्यमी की दुकान में स्थानीय लोग धीरे धीरे स्वत: ही आने लगते हैं। ध्यान रहे चूँकि यह गहनों से सम्बंधित बिजनेस है इसलिए ग्राहक बहुत जल्द किसी भी सुनार की दुकान में जाने से कतराते हैं। यही कारण है की इस बिजनेस में उद्यमी को अपनी साख बना कर धीरे धीरे आगे बढ़ना होता है। इसके अलावा उद्यमी विभिन्न अवसरों पर गहनों की खरीदारी पर कुछ ऑफर भी जारी कर सकता है।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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