महिला उद्यमियों के लिए कुछ ऋण योजनायें।

जैसा की हम सब जानते हैं की आज की महिला घर की चारदीवारी में सिर्फ चूल्हा चौका तक ही सिमित नहीं रह गई हैं । बल्कि वर्तमान की नारी लगभग हर क्षेत्र में अपनी सफलता के झंडे गाड़ रही हैं। इसलिए भारत के इस आर्थिक प्रणाली में महिला उद्यमियों को हर क्षेत्र में लगभग हर जगह आसानी से देखा जा सकता है। वर्तमान में जहाँ महिलाओं को उद्यमिता की ओर अग्रसित होने के लिए घरों की चारदीवारी से बाहर निकलते हुए देखा जा सकता है। वहीँ कुछ महिलाओं को बिजनेस के लिए अपनी अच्छी खासी नौकरी को त्यागते हुए भी देखा गया है। इस बात से सभी अच्छी तरह से परिचित हैं की उद्यमशीलता की यात्रा करने के लिए पूँजी की आवश्यकता होती है और पूँजी के अभाव में कोई भी व्यक्ति अपनी इस यात्रा को शुरू नहीं कर सकता है। यही कारण है की विभिन्न बैंकों द्वारा महिला उद्यमियों को ऋण प्रदान करने के लिए अनेकों योजनायें चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं के अंतर्गत कोलैटरल सिक्यूरिटी, ब्याज दर इत्यादि नियम शर्तों को काफी फ्लेक्सिबल बनाया गया है। यहाँ नीचे हम विशेष रूप से महिलाओं के लिए जारी की गई ऋण योजनाओं का जिक्र कर रहे हैं जिनका उद्देश्य देश में महिला उद्यमिता को प्रोत्साहित करके आर्थिक प्रक्रियाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी को बढ़ाना है।

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1. अन्नपूर्णा योजना:

अन्नपूर्णा नामक यह योजना स्टेट बैंक ऑफ़ मैसूर द्वारा ऐसी महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए शुरू की गई है जो पैक किये गए भोजन, स्नैक्स इत्यादि बेचने के लिए खाद्य उद्योग अर्थात खानपान बिजनेस शुरू करना चाहती हैं। इस योजना के तहत ऋण के रूप में प्रदान किया जाने वाले पैसे का इस्तेमाल महिला उद्यमी कार्यशील पूँजी के तौर पर जैसे रसोई के लिए बर्तन एवं अन्य उपकरण खरीदने के लिए कर सकती हैं। इस योजना के तहत ऋण लेने के लिए कोलैटरल सिक्यूरिटी के तौर पर व्यापार की सम्पति गिरवी रखने के लिए एक गारंटर की भी आवश्यकता होती है। इस योजना के तहत ऋण के तौर पर स्वीकृत की जाने वाली अधिकतम राशि 50000 रूपये है जिसका पुनर्भुगतान ऋण लेने वाली महिला 36 मासिक किस्तों में कर सकती है। हालांकि ऋण स्वीकृत हो जाने के बाद ऋण लेने वाली महिला को पहले महीने के लिए ईएमआई का भुगतान नहीं करना पड़ता है। जहाँ तक ऋण पर लगने वाला ब्याज का सवाल है यह बाजार दर के आधार पर निर्धारित किया जाता है।      

2. स्त्री शक्ति पैकेज योजना:

इस योजना के तहत ऋण देने की पेशकश अधिकतर भारतीय स्टेट बैंक की शाखाएं करती हैं कहने का अभिप्राय यह है की महिला उद्यमियों को ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना भारतीय स्टेट बैंक ने चलाई है। एक ऐसा उद्यम जिसमें 50% से अधिक कैपिटल किसी महिला उद्यमी का लगा हो वह इस योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। जिस उद्यम में 50% से अधिक हिस्सेदारी या मालिकाना हक महिला उद्यमी का होगा । उस उद्यम को इस योजना के तहत ऋण देने का प्रावधान किया गया है। यदि ऋण ली गई राशि 2 लाख रूपये से अधिक होगी तो इस स्थिति में ब्याज दर पर 0.5% तक छूट देने का भी प्रावधान किया गया है।    

3. देना शक्ति स्कीम:

जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की यह योजना देना बैंक द्वारा शुरू की गई है यह योजना ऐसी महिलाओं को वित्तीय सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। जो अपना बिजनेस कृषि विनिर्माण क्षेत्र, खुदरा स्टोर या अन्य छोटे उद्यमों के माध्यम से शुरू करना चाहती हैं। कहने का अभिप्राय यह है की चाहे महिला कृषि क्षेत्र में बिजनेस कर रही हो, विनिर्माण क्षेत्र में कर रही हो, रिटेल स्टोर का बिजनेस कर रही हो या फिर अन्य किसी छोटे उद्यम से कमाई करने की सोच रही हो वह इस योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन कर सकती हैं। रिटेल स्टोर इत्यादि के लिए यदि अधिकतम ऋण रूपये 20 लाख होता है तो इस स्थिति में ब्याज 0.25% तक कम हो सकता है। जबकि माइक्रो क्रेडिट के लिए यह सीमा रूपये 50000 है।      

4. उद्योगिनी स्कीम:

 इस योजना की शुरुआत महिला उद्यमियों को ऋण देने के लिए पंजाब एंड सिंध बैंक ने शुरू की है इस योजना को खास तौर पर ऐसी महिला उद्यमियों के लिए पेश किया गया है जिन्हें कृषि, रिटेल या अन्य किसी छोटे उद्यम के लिए वित्तीय सहायता अर्थात ऋण की आवश्यकता है । और उन्हें लचीली दरों एवं रियायती ब्याज दरों के साथ ऋण उपलब्ध कराया जा सके । इस योजना के तहत 18 से 45 साल की महिलाओं को अधिकतम रूपये 1 लाख तक ऋण देने का प्रावधान किया गया है लेकिन किस महिला को कितना ऋण मिलेगा वह उसकी पारिवारिक आय पर निर्भर करेगा। अनुसूचित जाति/जनजाति की महिलाओं के लिए यह सीमा रूपये 45000 है।    

5. सेंट कल्याणी स्कीम:

महिला उद्यमियों के लिए यह ऋण योजना सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया द्वारा शुरू की गई है इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिला उद्यमियों को नया वेंचर स्थापित करने, या फिर मौजूदा उद्यम के विस्तारीकरण या पुनरुत्थान के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना है। इस प्रकार यह ऋण ऐसी महिलाओं द्वारा लिया जा सकता है जो ग्रामीण एवं कुटीर उद्योगों, सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों, स्वरोजगारित महिलाएं, कृषि एवं इससे संबद्ध गतिविधियों, खुदरा व्यापार और सरकार द्वारा प्रायोजित कार्यक्रमों में संलिप्त हैं। इस योजना की खास बात यह है की इसके तहत ऋण लेने के लिए कोई कोलैटरल सिक्यूरिटी या गारंटर की आवश्यकता नहीं होती है। और कोई प्रोसेसिंग शुल्क भी चार्ज नहीं किया जाता है। इस योजना के तहत दी जाने वाली अधिकतम राशि एक करोड़ रूपये है।    

6. महिला उद्यम निधि स्कीम:

इस योजना की शुरुआत पंजाब नेशनल बैंक द्वारा लघु उद्योगों से सम्बंधित महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता या ऋण प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। इस योजना के तहत महिला उद्यमियों को सॉफ्ट ऋण प्रदान करने का प्रावधान किया गया है जिसे दस वर्षों की अवधि में चुकाया जा सकता है। इस योजना के तहत ब्यूटी पार्लर खोलने, डे केयर सेण्टर स्टार्ट करने, ऑटो रिक्शा खरीदने, दुपहिया वाहन खरीदने, कार खरीदने इत्यादि के लिए ऋण जारी किया जा सकता है। इस योजना के अंतर्गत अधिकतम रूपये 10 लाख तक का ऋण स्वीकृत हो सकता है। और जहाँ तक ब्याज की बात है यह बाजार दरों पर निर्भर करता है।      

7. मुद्रा योजना:

यह योजना भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक योजना है इस योजना का उद्देश्य केवल महिलाओं को ही नहीं अपितु सभी व्यक्तिगत उद्यमियों को छोटे नए उद्यम शुरू करने के लिए ऋण मुहैया कराना है। इस योजना के तहत महिलाएं ब्यूटी पार्लर खोलने, टेलरिंग यूनिट स्थापित करने, ट्यूशन सेण्टर स्थापित करने इत्यादि के लिए ऋण ले सकती हैं। इस योजना के तहत तीन योजनाओं के अंतर्गत ऋण लिया जा सकता है पहला शिशु ऋण जिसे बिजनेस के शुरूआती दौर में लिया जा सकता है । और इसके तहत दी जाने वाली अधिकतम राशि रूपये 50000 है। दूसरा किशोर ऋण के लिए पहले से स्थापित उद्यम अप्लाई कर सकते हैं इसके तहत रूपये 50000 से रूपये 500000 तक का ऋण स्वीकृत किया जा सकता है। तीसरा तरुण लोन के लिए पहले से स्थापित उद्यम जो अपना विस्तारीकरण करना चाहते हैं अप्लाई कर सकते हैं इसके तहत रूपये 10 लाख तक का ऋण दिए जाने का प्रावधान है। यदि इस योजना के तहत ऋण स्वीकृत हो जाता है तो सम्बंधित व्यक्ति को एक मुद्रा कार्ड दिया जाता है जो क्रेडिट कार्ड की तरह कार्य करता है। हालांकि इसमें केवल कुल ऋण राशि का 10% फण्ड ही उपलब्ध रहता है।       

8. ओरिएंट महिला विकास योजना:

जैसा की नाम से ही स्पष्ट है की यह महिला उद्यमियों के लिए ऋण योजना ओरिएण्टल बैंक ऑफ़ कॉमर्स द्वारा शुरू की गई है। इस योजना के तहत ऐसे उद्यमों को वित्तीय सहायता या ऋण प्रदान किये जाते हैं जिनमें महिलाओं का मालिकाना हक 51% या फिर इससे अधिक हो। कहने का आशय यह है की एक ऐसा उद्यम जिसमें किसी महिला के 51% शेयर हैं वह उद्यम इस योजना के तहत ऋण के लिए आवेदन कर सकता है। यदि उद्यम लघु उद्योग की श्रेणी में आता है तो 10 लाख रूपये से 25 लाख रूपये तक का ऋण कोलैटरल फ्री है और इस ऋण को पुनर्भुगतान करने की अवधि 7 वर्ष है। इस योजना के तहत ब्याज दर पर 2% तक की छूट दी जा सकती है।     

9. सिंडिकेट बैंक की महिला शक्ति:

महिला उद्यमियों के लिए यह ऋण योजना सिंडिकेट बैंक द्वारा शुरू की गई है इस योजना के तहत बैंक नए एवं मौजूदा दोनों तरह के महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। यह योजना नए या मौजूदा महिला उद्यमियों से समबन्धित व्यवसायिक इकाइयों की कार्यशील पूँजी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 10 वर्षों तक के टर्म लोन के तहत या फिर नकद ऋण के रूप में लिया जा सकता है। इस योजना के तहत भी ऋण के लिए केवल ऐसे ही उद्यम अप्लाई कर सकते हैं जिसमें महिलाओं की मालिकाना हिस्सेदारी कम से कम 50% हो।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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