Tattoo Shop Business Plan. टैटू शॉप बिजनेस कैसे शुरू करें?

Tattoo Shop से भले ही आप अनभिज्ञ हों क्योंकि शायद अपने जीवन में कभी आपने अपने शरीर या इसके हिस्सों में टैटू बनवाया ही नहीं हो। लेकिन आपने कोई न कोई व्यक्ति, नौजवान, नवयुवतीयां ऐसे जरुर देखे होंगें जिनके हाथ, गर्दन, बाँह इत्यादि में टैटू बना हो। हालांकि जो व्यक्ति शरीर के दिखने वाले स्थान जैसे हाथ, बाँह, गर्दन इत्यादि में टैटू बनवाते हैं उनके द्वारा बनवाए गए टैटू तो लोगों को नजर आ जाते हैं । लेकिन बहुत सारे नौजवान, नवयुवतियाँ Tattoo Shop से शरीर के ऐसी जगह में भी टैटू बनवाते हैं जो हिस्सा कपड़ों से ढक जाता है। यही कारण है की अक्सर लोगों को लगता है की अपने शरीर में टैटू तो कुछ गिने चुने लोग ही बनवाते हैं। पाश्चात्य देशों में तो लोग विभिन्न कारणों से अपने शरीर पर टैटू गुदवाना या छपवाना पसंद करते हैं इसलिए वहाँ इस तरह का यह बिजनेस पहले से कमाई करने का अच्छा स्रोत बना हुआ है। लेकिन वर्तमान में भारत में भी मनोरंजन से जुड़े कलाकारों, नौजवानों, नवयुवतियों के बीच टैटू बनवाना काफी प्रचलित है। इसलिए यदि कोई व्यक्ति अपनी कमाई करने के लिए बिजनेस करने की सोच रहा है तो वह Tattoo Making business शुरू कर सकता है।

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टैटू शॉप क्यों शुरू करें (Why you Should Strat a Tattoo Shop):

कलाकृतियाँ बनाना मनुष्य को प्राचीनकाल से ही पसंद रहा है यही कारण है की लोग तरह तरह की कलाकृतियों से तरह तरह की वस्तुएं सजाया करते थे। लेकिन वर्तमान में लोग अपने शरीर के हिस्सों पर भी टैटू के रूप में कलाकृतियाँ देखना पसंद करते हैं। इसलिए यदि आपकी भी कलात्मक प्रवृत्तियाँ हैं और आपने कला को अपने जीवन में उतारने का स्वपन देखा है तो आप अपने इस सपने को साकार करने के लिए Tattoo Shop Business शुरू कर सकते हैं। धीरे धीरे भारत में भी टैटू लोकप्रिय होते जा रहे हैं और लोगों द्वारा विभिन्न कारणों जैसे व्यक्तिगत, धार्मिक, पेशेवर, सांस्कृतिक इत्यादि कारणों से इनका इस्तेमाल किया जाता है। चूंकि वर्तमान में भारत में भी टैटू गुदवाने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि हो रही है इसलिए किसी भी उद्यमी के लिए इस बिजनेस में जाने का यह एक अच्छा मौका हो सकता है।

टैटू शॉप कैसे शुरू करें (How to start a tattoo shop business in India):   

इसमें कोई दो राय नहीं की धीरे धीरे लोगों के बीच अपने शरीर पर टैटू गुदवाना भी एक फैशन बनता जा रहा है लेकिन अभी भी भारत में Tattoo Shop के लिए ग्राहक मिल पाना कोई आसान बात बिलकुल नहीं है। इसलिए उद्यमी इस तरह के बिजनेस को केवल शहरों में ही शुरू कर सकता है क्योंकि ग्रामीण इलाकों में तो इस तरह के बिजनेस के लिए ग्राहक होते ही नहीं है। यद्यपि उद्यमी को खुद की Tattoo Shop शुरू करने के लिए अनेकों प्रक्रियाएं करनी पड़ सकती हैं लेकिन कुछ प्रमुख प्रक्रियाओं की लिस्ट निम्नवत है।

1. प्रशिक्षण प्राप्त करें (Get Training of Tattoo Making):

Tattoo Shop business शुरू करने के इच्छुक उद्यमी को सर्वप्रथम इस व्यवसाय की व्यवसायिक प्रशिक्षण लेने की आवश्यकता होती है। क्योंकि इस तरह का यह बिजनेस शुरू करने से पहले उद्यमी को टैटू उद्योग से अच्छी तरह से परिचित होना होगा। इसके लिए उद्यमी को Tattoo Artist बनने के लिए कुछ कोर्स करने की आवश्यकता हो सकती है। इन सबमें व्यक्ति को दो से तीन सालों तक का समय लग सकता है। इस प्रशिक्षण या पाठ्यक्रम के पूरा होने के तुरंत बाद भी व्यक्ति को टैटू गोदना शुरू नहीं कर देना चाहिये। उसके बाद व्यक्ति चाहे तो किसी टैटू बनाने वाली दुकान में जॉब भी कर सकता है। इस क्षेत्र का व्यवहारिक ज्ञान प्राप्त कर लेने के बाद ही व्यक्ति इस क्षेत्र में खुद का बिजनेस करने की सोच सकता है। इसलिए खुद की Tattoo Shop शुरू करने के इच्छुक व्यक्ति को सबसे पहले इसी बात का पता लगाना होगा की ऐसा कौन सा स्थान है जहाँ से वह प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है और इसके लिए उसे कितने पैसे खर्च करने की आवश्यकता होगी। क्या वह डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से भी इस तरह का कोर्स या प्रशिक्षण प्राप्त कर सकता है। इसके अलावा यदि उद्यमी स्वयं टैटू बनवाने का काम न करके किसी Tattoo Artist को नियुक्त करके इस तरह की दुकान खोलना चाहता है तो उसे प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं भी हो सकती है।          

2. फ्रैंचाइज़ी या खुद की दुकान:

वर्तमान में इस क्षेत्र के बहुत सारे प्रचलित ब्रांड इच्छुक उद्यमियों को फ्रैंचाइजी की पेशकश कर रहे हैं। इसलिए खुद की Tattoo Shop स्थापित करने वाले व्यक्ति को इस बात का निर्णय भी पहले ही लेना होगा की वह व्यक्तिगत तौर पर खुद की दुकान खोलकर यह बिजनेस करना चाहता है। या फिर पहले से स्थापित किसी ब्रांड की फ्रैंचाइजी लेकर यह बिजनेस शुरू करना चाहता है। फ्रैंचाइजी के तहत जहाँ ब्रांड कंपनी द्वारा उद्यमी को अनेकों तरह से सपोर्ट प्रदान किया जाता है वहीँ उद्यमी द्वारा कमाया जाने वाला लाभ भी इसमें वितरित हो जाता है। और उद्यमी को बिजनेस से सम्बंधित हर निर्णय कंपनी के अधीन ही लेना होता है क्योंकि उद्यमी या उसके द्वारा नियुक्त किये गए कर्मचारियों के किसी भी प्रकार के बर्ताव से कंपनी की इमेज का नुकसान होता है। जबकि खुद की दुकान खोलकर उद्यमी बिजनेस के प्रति सारे निर्णय स्वतंत्र रूप से ले पाता है और लाभ एवं हानि दोनों का खुद ही जिम्मेदार भी होता है। निवेश की दृष्टी से भी बिजनेस के इन दोनों स्वरूपों में काफी अंतर हो सकता है। फ्रैंचाइजी की तुलना में स्वयं की व्यक्तिगत दुकान खोलने में कम लागत का अनुमान लगाया जा सकता है।      

3. लोकेशन का चयन करें (Select Location for Tattoo Shop):

यद्यपि वर्तमान में शायद ही ऐसा कोई बिजनेस हो जिसमें प्रतिस्पर्धा न हो Tattoo Shop Business भी भले ही हर लोकेशन पर चलने वाला बिजनेस न हो। लेकिन जिस तरह की लोकेशन पर यह बिजनेस चलता है वहाँ इस बिजनेस में भयंकर प्रतिस्पर्धा देखने को मिल सकती है। इसलिए उद्यमी को एक ऐसी लोकेशन का चयन करना होगा जहाँ इस तरह के बिजनेस की माँग तो व्यापत हो लेकिन प्रतिस्पर्धा बहुत ज्यादा न हो। इसके अलावा उद्यमी को इस बात का भी ध्यान रखना होगा की Tattoo Business हर लोकेशन पर वैधानिक तौर पर भी नहीं किये जा सकते। इसलिए स्थानीय प्राधिकरण से अवश्य पता करना चाहिए की उद्यमी द्वारा चयनित जगह इस तरह के बिजनेस के लिए कानूनी तौर पर उपयुक्त है की नहीं। ध्यान रहे इस तरह का बिजनेस शुरू करने के लिए कभी भी जगह इत्यादि खरीदें नहीं, बल्कि उसे लीज पर लें, क्योंकि खरीदने पर इस बिजनेस में आने वाली लागत बढ़ जाती है और बिजनेस में जोखिम भी बढ़ जाता है।      

4. लाइसेंस एवं पंजीकरणों का पता करें:

छोटे स्तर पर Tattoo Shop Business शुरू करने के लिए उद्यमी बिजनेस को रजिस्टर करे या न करे, जीएसटी पंजीकरण कराये या नहीं कराये। लेकिन स्थानीय प्राधिकरण से इस बारे में अवश्य पता कर ले की क्या वह चयनित जगह पर इस तरह का बिजनेस कर सकता है या नहीं। चूंकि उद्यमी द्वारा लोगों के शरीर के अलग अलग हिस्सों में टैटू गुदवाया जाता है। इसलिए इसे स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ बिजनेस के तौर पर भी देखा जाता है इसलिए उद्यमी को राज्य के स्वास्थ्य विभाग से भी इस तरह का बिजनेस करने के लिए परमिशन की आवश्यकता हो सकती है। और जहाँ तक बिजनेस रजिस्ट्रेशन का सवाल है उद्यमी चाहे तो शॉप एंड एस्टाब्लिश्मेंट एक्ट के तहत अपने बिजनेस को रजिस्टर करा सकता है और जब उद्यमी का टर्नओवर जीएसटी छूट से अधिक होने लगे तो जीएसटी पंजीकरण भी अनिवार्य हो जाता है।     

5. वित्त का प्रबंध करें:

यद्यपि Tattoo Shop Business में बहुत अधिक निवेश करने की आवश्यकता नहीं होती है क्योंकि टैटू गुदवाने वाली मशीन एवं अन्य उपकरण सस्ते दामों में आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। इसलिए इस तरह का यह बिजनेस करने वाला उद्यमी यदि स्वयं ही एक Tattoo Artist है तो वह कुछ हजार रुपयों का निवेश करके भी इस तरह का बिजनेस आसानी से शुरू कर सकता है। और यदि उद्यमी टैटू बनाने वाले कलाकारों को काम पर रखकर इस तरह का यह बिजनेस करना चाहता है तो उसे कुछ अधिक निवेश की आवश्यकता होगी। कहने का अभिप्राय यह है की जिस प्रकार हर बिजनेस को शुरू करने में पैसों की आवश्यकता होती है ठीक उसी प्रकार Tattoo Shop Business करने के लिए भी होती है। लेकिन फर्क सिर्फ इतना है की इसे छोटे स्तर पर छोटे निवेश के साथ भी शुरू किया जा सकता है जिससे उद्यमी को किसी वित्तीय संस्थान या पारिवारिक सदस्य से पैसे कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं होती है।     

6. मार्केटिंग रणनीति (Marketing Strategy for Tattoo Shop):

भारत में जहाँ बेहद कम लोग जानते हैं की टैटू गुदवाने के लिए भी कोई दुकान हो सकती हैं अर्थात शहरों में तो लोग Tattoo Shop से परिचित होंगे लेकिन अब भी अनेकों लोग ऐसे होते हैं जो संकोचवश टैटू गुदवाने टैटू की दुकान में नहीं जाते हैं। इसलिए इस तरह के बिजनेस में मार्केटिंग केवल राजस्व प्राप्त करने के लिए जरुरी नहीं है बल्कि लोगों में इस बिजनेस के प्रति जागरूकता बढाने के लिए भी बेहद जरुरी है। इसलिए अपने बिजनेस के लिए मार्केटिंग रणनीति तैयार करने में उद्यमी को पूरा समय लेना चाहिए ताकि उद्यमी द्वारा बनाया गया मार्केटिंग प्लान न सिर्फ रणनीतिक हो, बल्कि व्यवसाय के लक्ष्यों एवं उद्देश्यों को प्राप्त करने में भी प्रभावी हो। इसलिए Tattoo Shop Business के लिए मार्केटिंग प्लान बनाने से पहले उद्यमी को उस एरिया में मार्किट सर्वेक्षण करा लेना चाहिए। जिसमें लोगों से टैटू सम्बन्धी अनेक प्रश्न पूछे जाने चाहिए। जिससे उद्यमी को पता चल सके की उसके लक्ष्यित ग्राहक कौन से हैं, उन ग्राहकों को एक टैटू की दुकान से क्या उम्मीदें हैं? और वे टैटू किन किन अवसरों पर बनवाते या गुदवाते हैं?। मार्किट सर्वे में प्राप्त डेटा के आधार पर ही उद्यमी को अपने बिजनेस के लिए मार्केटिंग रणनीति बनानी चाहिए। ताकि वह अपने बिजनेस से न सिर्फ राजस्व प्राप्त कर सके बल्कि लोगों को इस तरह की सर्विस के प्रति जागरूक भी कर सके।          

काम करें कमाई करें:

इसमें कोई दो राय नहीं की यदि उद्यमी अपनी Tattoo Shop से अच्छी खासी कमाई करना चाहता है तो उसे अपनी दुकान को उस एरिया में प्रसिद्ध करना होगा। ताकि जब भी लोग टैटू बनवाने या गुदवाने की सोचें तो उन्हें सिर्फ वही दुकान याद आये। कहने का आशय यह है की यदि उद्यमी चाहता है की उसकी दुकान पर ग्राहक आयें तो उसे अपनी दुकान को प्रसिद्ध बनाने के तरीके ढूँढने होंगे। वर्तमान में उद्यमी अपने बिजनेस को वर्चुअल एवं रियल वर्ल्ड दोनों में आसानी से प्रमोट कर सकता है। यदि उद्यमी चाहता है की उसके बिजनेस की मार्केटिंग उसके ग्राहक स्वयं करें तो उसे अपना काम पूरी निष्ठा के साथ सम्पन्न करना होगा। क्योंकि अच्छे काम की तारीफ लोग एक दुसरे से स्वयं कर देते हैं उद्यमी की Tattoo Shop में जितने अधिक ग्राहक आयेंगे उद्यमी की कमाई भी उतनी ही अधिक होगी।

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About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

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