महिला कोयर योजना । Mahila Coir Yojana MCY Information In Hindi.

Mahila coir Yojana भारत सरकार द्वारा संचालित एक योजना है । भारत के विभिन्न क्षेत्रो में नारियल की जटा और भूसे से, डोरी से लेकर चटाई इत्यादि सामग्री बनाई जाती हैं । और इसमें 80% से अधिक महिला कारीगरों का योगदान है । इसलिए MCY का उद्देश उन ग्रामीण कारीगर महिलाओं को रोजगार एवं उनका आत्मविश्वास बढ़ाना है । दो दशक बीत जाने के बावजूद भी, Coir रेशा का उत्पादन भारत में दिनोदिन बढ़ता जा रहा है ।  इस योजना के अंतर्गत महिला कारीगरों को subsidized कीमत पर मशीनें एवं उपकरण coir board द्वारा उपलब्ध करायी जाएँगी ।

Mahila coir Yojana

Mahila Coir Yojana (MCY) kya hai:

यह भारत सरकार द्वारा संचालित कोयर कुटीर उद्योग से जुड़े महिला कारीगरों के विकास हेतु चलाई गई एक Scheme है । जिसका लक्ष्य महिला कारीगरों को प्रशिक्षण के बाद Subsidized कीमत पर मशीनें एवं उपकरण मुहैया कराना है । ताकि coir fiber को धागे में या अन्य सामग्री में परिवर्तन किसी मोटरयुक्त ratt द्वारा किया जाय । और महिला कारीगरों को कम श्रम करके अधिक प्रतिफल प्राप्त हो सके । मोटर युक्त ratt से उत्पादकता के कारण निश्चित है की, गृहणियों अर्थात महिला कारीगरों के लिए बहुत बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे ।

इसके अलावा उत्पादकता में वृद्धि, कोयर फाइबर की गुणवत्ता में सुधार, कम समय में ज्यादा काम, कार्य की स्थिति में सुधार, Kamai में वृद्धि, इत्यादि होंगे । ये उपर्युक्त सारी चींजे ग्रामीण इलाकों में निवासित महिला कारीगरों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेंगी । Mahila coir Yojana के अंतर्गत Coir धागे की कताई, बुनाई हेतु मोटरयुक्त राफ्ट /पारम्परिक मोटरयुक्त राफ्ट/ और इलेक्ट्रॉनिक राफ्ट की परिकल्पना की गई है । एक घर से केवल एक कारीगर ही इस योजना के अंतर्गत सहायता लेने के पात्र होंगे।

महिला कोयर योजना दिशानिर्देश (MCY Guidelines in Hindi):

  • इस योजना के अंतर्गत कताई के उपकरण खरीदने पर केवल उन महिलाओं को सब्सिडी दी जाएगी। जिन्होंने coir कताई का प्रशिक्षण Coir Board द्वारा मान्यता प्राप्त किसी संस्थान से लिया हो।
  • कताई, बुनाई के उपकरण Coir Board द्वारा subsides कीमत पर उपलब्ध कराये जायेंगे।
  • मोटरयुक्त या इलेक्ट्रॉनिक मशीनों उपकरणों का IS के मानकों पर खरा उतरना बेहद जरुरी है।
  • इस योजना के तहत 75% सब्सिडी दी जाएगी, जो अधिक से अधिक रूपये 7500 होगी ।
  • इस योजना से जुड़ने के लिए महिला कारीगर का किसी राष्ट्रीयकृत बैंक या पोस्ट ऑफिस में खाता होना, और उसमे मशीनरी खरीदने में आने वाला कुचल खर्चे का 25% पैसे होना नितांत आवश्यक है।
  • लाभार्थी के खाते की पासबुक या चेकबुक coir board ऑफिस में जमा की जाएगी।
    यदि मशीनरी का उपयोग coir के अलावा अन्य क्रियाकलाप में किया जाता है। तो कोयर बोर्ड लाभार्थी से subsidy में दिया गया अमाउंट रिकवर कर सकता है ।
  • यदि लाभार्थी ने अपना उत्पादन 3 साल से पहले बंद कर दिया हो, तो भी सब्सिडी में दिया गया अमाउंट रिकवर किया जायेगा।
  • Training पूरा होने के अधिक से अधिक 2 महीने बाद coir board महिला कारीगर को मशीनरी एवं उपकरण उपलब्ध कराएगा ।
  • लाभार्थी चाहे तो मशीनरी सप्लायर खुद चयन कर सकता है।
  • प्रत्येक लाभार्थी को केवल एक मोटर युक्त ratt/ पारम्परिक मोटर युक्त Ratt/ इलेक्ट्रॉनिक Ratt देय होगा।
  • मशीनरी एवं उपकरण केवल उस कारीगर को दिए जायेंगे। जिसने training लेके उसको पास किया हो ।

Machinery and subsidy under MCY:

Mahila Coir Yojana के तहत सब्सिडी निम्न तालिका के अनुसार दी जाएगी ।

Sl. No.Machinery लाभार्थी द्वारा लगाया जाने वाली कम से कम पूंजी ।अधिक से अधिक सब्सिडी ।
1.मोटर युक्त Rattमशीन की कीमत का 25%खरीदी गई मशीन की कीमत का 75% जो अधिक से अधिक 7500 रूपये होगी ।
2.पारम्परिक मोटर युक्त Rattमशीन की कीमत का 25%खरीदी गई मशीन की कीमत का 75% जो अधिक से अधिक 3200 रूपये होगी।
3.इलेक्ट्रॉनिक Rattमशीन की कीमत का 25%खरीदी गई मशीन की कीमत का 75% जो अधिक से अधिक 3200 रूपये होगी ।

योजना के अंतर्गत उपर्युक्त मशीनों के अलावा उन महिलाओं को जिन्होंने board द्वारा आयोजित Trainings में हिस्सा लेकर अपना प्रशिक्षण पूरा कर लिया हो । निम्नलिखित मशीनें भी subsidized कीमत पर उपलब्ध करायी जाएँगी ।

Sl No.Mahila Coir Yojana के तहत Machineryसांकेतिक कीमत ।अधिक से अधिक सब्सिडी ।
1.अनुग्रह करघा – भू टेक्सटाइल की बुनाई और चटाई बुनाई हेतु ।45000 रूपये।7500 रूपये।
2.कपास हथकरघा सिलाई मशीन एवं उपकरण गद्दों इत्यादि के निर्माण हेतु ।45000 रूपये।7500 रूपये।
3.Willowing मशीन ।35000 रूपये।7500 रूपये।
4.फ्रेम मैट के सभी प्रकार के निर्माण,

 

एसएस डाई वैट 10 किलो -1 नहीं, सलेम चरका। –

2 सेट)

45000 रूपये ।7500 रूपये ।
5.एकल सूत कताई आटोमेटिक मशीन

 

(वज्र)

50000 रूपये ।7500 रूपये ।
6.मुड़ने वाली तारों के साथ ब्रश बनाने की इकाई ।45000 रूपये ।7500 रूपये ।
7.हस्तचालित उद्यान सम्बन्धी सामग्री बनाने की इकाई।50000 रूपये ।7500 रूपये ।
8.कोयर मोल्डेड लकड़ी की सामग्री की विनिर्माण इकाई ।50000 रूपये ।7500 रूपये ।
9.सामग्री के साथ कोयर पीथ से खाद बनाने की इकाई ।50000 रूपये।7500 रूपये।
10.डाई वैट सहित जूट हस्तकला और आभूषण

 

सामान के साथ विनिर्माण इकाई ।

50000 रूपये।7500 रूपये।
11.बैग / छाता / जैकेट / चप्पल / परदे इत्यादि के लिए कॉयर की सिलाई यूनिट।50000 रूपये।7500 रूपये।
12.जूट शिल्प सामग्री  बनाने की इकाई ।50000 रूपये।7500 रूपये।
13.मैनुअल डाइंग / ब्लीचिंग यूनिट।50000 रूपये।7500 रूपये ।
14.चटाई इकाई।50000 रूपये।7500 रूपये।
15.सामग्री के साथ किचन गार्डन यूनिट किट (कॉयर pith का उपयोग)10000 रूपये।7500 रूपये।
16.कोको पोल और पॉट बनाने की इकाई।50000 रूपये।7500 रूपये।
17.अन्य इकाई जो कोयर बोर्ड द्वारा महिलाओं में रोजगार को प्रोत्साहित करने हेतु approved की गई हो ।अमाउंट बोर्ड द्वारा अच्छे ढंग से मूल्यांकन के बाद निर्धारित किया जायेगा।75% जो अधिक से अधिक 7500 रूपये होगी।

Mahila Coir Yojana समाज के नीचे तबके जिनमे अधिकतर आदिवासी भी शामिल हैं | के हितों को ध्यान में रख के शुरू की गई है । अभी जो काम महिला कारीगरों द्वारा सिर्फ हाथ से किया जाता है, यदि उनका उत्पादन MCY के तहत मिले मशीनों द्वारा किया जायेगा तो जहाँ एक तरफ उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद का उत्पदान होगा । वहीँ दूसरी तरफ कम समय में अधिक उत्पादन किया जा सकेगा । और इसलिए महिला कारीगर अधिक उत्पादन बेचकर अधिक Kamai कर पाएंगी ।

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