प्राइवेट कंपनी को पब्लिक कंपनी में बदलने की प्रक्रिया – Private Company conversion into Public Company in Hindi.

प्राइवेट कंपनी को पब्लिक कंपनी में बदलने की प्रक्रिया – Private Company conversion into Public Company in Hindi.

हालांकि विभिन्न परिस्थतियों में प्राइवेट कंपनी का Conversion पब्लिक कंपनी में आटोमेटिक अर्थात बिना कुछ किये भी हो सकता है अर्थात कुछ विशेष परिस्थतियों में Private Company का Conversion Public Company में by Default भी हो सकता है, लेकिन इस लेख में हम उस स्थिति को नहीं दर्शा रहे | अपितु हम उस स्थिति को दर्शाने की कोशिश कर रहे हैं जब कोई प्राइवेट कंपनी अपनी इच्छा से Public Company में Convert होना चाहती हो | कहने का आशय यह है की हम इस लेख के माध्यम से यह जानने की कोशिश करेंगे की जब कोई प्राइवेट कंपनी अपनी इच्छानुसार अपने आपको Public Company में परिवर्तित करना चाहती हो तो उसे कौन कौन से कदम यह प्रक्रिया करने के लिए उठाने की आवश्यकता हो सकती है | तो आइये जानते हैं उन क़दमों अर्थात Steps के बारे में जो एक प्राइवेट कंपनी को अपनी इच्छानुसार Public Company में Conversion के लिए उठाने पड़ेंगे |

Procedure to conversion of Private Company into Public Company in Hindi:

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  1. कंपनी मीटिंग की योजना:

यदि कोई प्राइवेट कंपनी पब्लिक कंपनी में परिवर्तित होने का ठान चुकी है तो सबसे पहले उसे एक मीटिंग की योजना बनानी होगी | जिसमे कंपनी के सभी सदस्यों का उपस्थित होना बेहद जरुरी होता है | इसलिए प्राइवेट कंपनी के संचालको को कंपनी के सभी सदस्यों को मीटिंग में सामिलित होने का आमंत्रण देना चाहिए |

  1. कंपनी मीटिंग में विशेष प्रस्ताव पास करना :

जिस निश्चित तिथि को कंपनी की मीटिंग सुनिश्चित की जाती है उस मीटिंग में कंपनी के सभी सदस्यों की मौजूदगी बेहद जरुरी है क्योंकि सभी सदस्यों की मौजूदगी एवं सहमती से इस सभा में एक प्रस्ताव पास किया जाना होता है | सभी सदस्यों को प्रस्ताव की विषय सामग्री के बारे में पहले से बताया जाना बेहद जरुरी होता है ताकि किसी को कुछ आपत्ति हो तो वह प्रस्ताव पास होने से पहले सभा में बोल सकें |

  1. समाचार पत्रों में विज्ञापन :

कंपनी के संचालकों को चाहिए की वह जनता को इस समबन्ध में सूचित करने के लिए समबन्धित अख़बारों में विज्ञापन दे सकते हैं क्योंकि एक पब्लिक कंपनी अपने शेयरों को आम जनता के बीच बेच सकती है |

  1. कंपनी के अंतर्नियमों में परिवर्तन करना:

वह प्राइवेट कंपनी जो अपनी इच्छानुसार पब्लिक कंपनी में परिवर्तित होना चाहती है को सर्वप्रथम अपने अंतर्नियमों में परिवर्तित करना होगा | इन परिवर्तनों को ऐसे परिवर्तित किया जाता है की उन नियमों में वह व्यवस्थाएं नहीं रहती जो की कंपनी अधिनियम की धारा 3 के अंतर्गत किसी प्राइवेट कंपनी की आधारभूत विशेषताओं में सम्मिलित हैं |

  1. कम्पनीज रजिस्ट्रार के पास प्रविवरण भेजना:

प्राइवेट कंपनी को पब्लिक कंपनी में परिवर्तित अर्थात Conversion के लिए दूसरा स्टेप अंतर्नियमों में परिवर्तन करने के एक महीने अर्थात तीस दिनों के अन्दर अन्दर रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज के पास एक Prospectus File करना होगा |

  1. Prospectus में परिवर्तन करना:

कंपनी को प्रविवरण जारी करते वक्त उन सभी बातों का विवरण देना अति आवश्यक होता है जो एक पब्लिक कंपनी को देने अति आवश्यक होते हैं इनमे संचालकों का सहमती पत्र, संचालकों की सूची, संचालकों के साथ किये गए अनुबंध इत्यादि भेजने अति आवश्यक होते हैं | कहने का आशय यह है की कंपनी द्वारा स्थानापन्न प्रविवरण जारी करने में उन सभी नियमों का पालन होना चाहिए जो एक पब्लिक कंपनी के लिए कम्पनीज अधिनियम के अंतर्गत उल्लेखित हैं |

  1. सम्पति तथा देनदारियों में परिवर्तन:

कंपनी के जिन व्यक्तियों द्वारा प्रविवरण स्थानापन्न भेजा जाता है उन्हें प्राइवेट कंपनी को पब्लिक कंपनी बनाने के लिए लाभ, हानि तथा सम्पतियों की देनदारियों में भी यदि परिवर्तन की आवश्यकता होती है तो इस विवरण को भी स्थानापन्न के साथ ऐसे व्यक्तियों द्वारा हस्ताक्षरित लिखित विवरण पत्र भी भेजना होगा जिसमे सम्पति तथा देनदारियों में हुए परिवर्तनों का उल्लेख हुआ हो |

प्राइवेट कंपनी को पब्लिक कंपनी में परिवर्तित करने के लिए उपर्युक्त कंपनी मीटिंग में पास किये गए सभी प्रस्तावों की कॉपी रजिस्ट्रार ऑफ़ कम्पनीज के पास भेजी जानी चाहिए |

जब प्राइवेट कंपनी का परिवर्तन सफलतापूर्वक पब्लिक कंपनी में हो जाय तो संचालकों की सहमती प्राप्त करना भी आवश्यक है और उनके शेयर का वर्णन किया जाना भी आवश्यक है और इन सबकी सूचना रजिस्ट्रार को देनी भी आवश्यक होती है |

इसके अलावा इस प्रक्रिया या परिवर्तन के कारण यदि शेयर सर्टिफिकेट में कोई परिवर्तन करने होते हैं तो उन्हें वापस ले लिया जाता है और परिवर्तन करके पुन: वापिस दे दिया जाता है |

कंपनी के किसी पदाधिकारी या संचालक द्वारा एक वैधानिक घोषणा लिखित रूप में रजिस्ट्रार के पास भेजनी चाहिए जिसमे यह उल्लेखन हो की परिवर्तन सम्बन्धी सभी कार्यवाहियां पूरी कर ली गई हैं |

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Comments

  1. By Rakesh kumar

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