Project Report क्या है? विशेषताएँ आवश्यकता एवं फायदे।

नए उद्यमी अक्सर Project Report को लेकर काफी संशय में रहते हैं और वह इसका अर्थ जानने के अलावा यह भी जानना चाहते हैं की इसकी आवश्यकता एवं विशेषताएँ क्या हैं। इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से आज इस विषय पर भरपूर जानकारी देने की कोशिश करेंगे। किसी भी बिजनेस की योजना बनाने में Project report नामक इस दस्तावेज का अहम् योगदान होता है। क्योंकि यह एक ऐसा दस्तावेज होता है जो प्रस्तावित व्यापार की समग्र तस्वीर के बारे में विवरण प्रदान करता है। यह प्रस्तावित योजना या गतिविधि में संभावनाओं का पता लगाने में भी सहायक होती है। और लगभग हर छोटा बड़ा बिजनेस करने वाले उद्यमी को इसकी आवश्यकता होती है यही कारण है की लोग अक्सर इस बारे में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं। इससे पहले की हम इसकी विशेषताओं एवं आवश्यकता पर बात करें आइये जानते हैं की प्रोजेक्ट रिपोर्ट होती क्या है।

Project-report-kya-hai

प्रोजेक्ट रिपोर्ट क्या है (What is Project Report in Hindi)

Project Report को हम किसी निवेश से सम्बंधित एक महत्वपूर्ण दस्तावेज भी कह सकते हैं। इसमें किसी योजना का वह डाटा होता है जिससे उस परियोजना का व्यवहारिक आधार पर मूल्यांकन किया जा सके।

इस परियोजना रिपोर्ट में आर्थिक, तकनीकी, वित्तीय, प्रबंधकीय और उत्पादन सभी पहलुओं पर जानकारी शामिल होती है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट उद्यमी को बिजनेस से जुड़े इनपुट जानने में सक्षम बनाता है और उसे बैंकों या वित्तीय संस्थानों से ऋण प्राप्त करवाने में भी मदद प्रदान करता है। एक Project report में बिजनेस से जुड़ी लगभग सभी बातें जैसे भूमि एवं ईमारत की विस्तृत जानकारी, प्लांट की प्रतिवर्ष विनिर्माण क्षमता, विनिर्माण प्रक्रिया, मशीन एवं उपकरणों की लिस्ट के साथ उनकी कीमतें, कच्चे माल की आवश्यकता, स्टाफ अर्थात मैनपावर की आवश्यकता, मार्केटिंग लागत, बिजली, पानी इत्यादि सभी प्रकार के खर्चे शामिल रहते हैं।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट की विशेषताएँ (Features of Project Report): 

Project Report की कुछ प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।

  • यह किसी भी बिजनेस के शुरू होने में आवश्यक जरुरी जानकारियों, सूचनाओं एवं विश्लेषणों के सार का एक दर्पण है।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट के माध्यम से विशेषज्ञों की राय पर परियोजनाओं के विभिन्न पहलुओं का तरीके से परीक्षण किया जाता है। वह इसलिए क्योंकि बड़ी परियोजनाओं में लाभ के साथ साथ जोखिम भी अधिक रहता है।
  • इस रिपोर्ट के माध्यम से प्रस्तावित परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता का सही से मूल्यांकन किया जा सकता है ।
  • यह बिजनेस या परियोजना से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और उसकी व्यवहार्यता का एक लिखित दस्तावेज होता है।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट की प्रकृति विचारोयोग्य होती है क्योंकि यह विशेषज्ञों द्वारा तैयार की गई व्यवहार्यता रिपोर्ट के सभी आवश्यक तथ्यों को शामिल करके प्रोजेक्ट के चयन के लिए स्पष्ट सुझाव प्रदान करती है।
  • इस रिपोर्ट को पूर्ण जानकारी एकत्रित कर लेने के बाद ही तैयार किया जाता है।
  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट को मुनाफे एवं खर्चों की गणना का आधार माना जा सकता है क्योंकि इसमें आने वाले वर्षों में प्रोडक्ट की उत्पादित मात्रा और उद्योग के संचालन पर होने वाला खर्च सब कुछ शामिल रहता है।
  • इस रिपोर्ट में उत्पाद के उत्पादन के बारे में पूर्ण जानकारी, उद्योग का संचालन सम्बन्धी जानकारी, मार्केटिंग योजना, उद्योग की स्थापना की जानकारी सब कुछ शामिल है।
  • यह रिपोर्ट उद्यमी के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर कार्य करती है।
  • Project Report निवेश निर्णयों के लिए एक व्यवस्थित दृष्टिकोण हो सकता है क्योंकि उद्यमी रिपोर्ट के अनुसार भविष्य में अपने प्रोजेक्ट में सुधार कर सकता है।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट की आवश्यकता

किसी भी बिजनेस में उद्यमी द्वारा Project report तैयार करना एक बहुत ही आवश्यक एवं उपयोगी कार्य है क्योंकि इसके माध्यम से उद्यमी बिजनेस का औद्योगिक पंजीकरण जैसे कई अन्य फायदों का लाभ ले सकता है। इससे उद्यमी को अपने बिजनेस के लिए भूमि का आंवटन, ऋण स्वीकृति, सब्सिडी की मंजूरी, कच्चे माल के कोटे का आंवटन, ढांचागत सुविधाएँ प्राप्त करने में मदद मिलती है। इन सबके अलावा एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में बिजनेस को स्थापित करने में आने वाले खर्चे एवं कुछ आने वाले वर्षों में इससे होने वाली कमाई का ब्यौरा भी सम्मिलित होता है। यही कारण है की यह उद्यमी को बिजनेस के दौरान भी कई बार मदद करने में सहायक होती है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट के माध्यम से ही उद्यमी यह जान पाने में सक्षम हो पाता है की उस बिजनेस विशेष में निवेश करना कमाई की दृष्टी से उपयुक्त है की नहीं। इसके अलावा उद्यमी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के माध्यम से किसी निवेशक या वित्तीय संस्थान से सहायता ले पाने में भी सक्षम हो पाता है।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट लिखने के फायदे (Benefits to write a Project Report)

Project Report तैयार करने या लिखने के कुछ प्रमुख फायदों की लिस्ट इस प्रकार से है।

  • एक प्रभावी प्रोजेक्ट रिपोर्ट के माध्यम से व्यक्ति बिजनेस में आने वाली चुनौतियों या जोखिमों के बारे में पहले जान सकता है और समय रहते उनसे निबटने की भरपूर कोशिश कर सकता है।
  • इसके माध्यम से उद्यमी को भूमि आंवटन करने में मदद मिलती है।
  • इसके माध्यम से उद्यमी को ऋण की स्वीकृति कराने में भी मदद मिलती है।
  • सब्सिडी की मंजूरी एवं कच्चे माल के कोटे का आंवटन कराने में भी सहायता प्राप्त होती है।
  • औद्योगिक एवं अन्य सुविधाएँ लेने में भी यह मददगार साबित होती है।
  • Project Report के माध्यम से उद्यमी को बिजनेस में आने वाली लागत, खर्चे एवं लाभ का पूर्वानुमान हो जाता है।

यह भी पढ़ें  

About Author:

मित्रवर, मेरा नाम महेंद्र रावत है | मेरा मानना है की ग्रामीण क्षेत्रो में निवासित जनता में अभी भी जानकारी का अभाव है | इसलिए मेरे इस ब्लॉग का उद्देश्य बिज़नेस, लघु उद्योग, छोटे मोटे कांम धंधे, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, कैरियर और अन्य कमाई के स्रोतों के बारे में, लोगो को अवगत कराने से है | ताकि कोई भी युवा अपने घर से रोजगार के लिए बाहर कदम रखने से पहले, एक बार अपने गृह क्षेत्र में संभावनाए अवश्य तलाशे |

Leave A Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *