फार्मेसी बिज़नेस या मेडिकल स्टोर कैसे खोलें |

फार्मेसी बिज़नेस या मेडिकल स्टोर कैसे खोलें |

इंडिया में Pharmacy Business अर्थात Medical Shop किफायती और सदाबहार business है | क्योकि देश की अर्थव्यवस्था में ऊंच नीच का इस business पर कुछ ज्यादा प्रभाव पड़ता नहीं है | वह इसलिए की दवाई या Medicine का सीधा लेना देना मनुष्य के स्वास्थ से होता है | आदमी भले ही अपनी अन्य आवश्यकताओं में समय के अनुरूप कटौती कर सकता है | किन्तु मेडिकल के मामले में नहीं | यही कारण है की Medical Shop business में मंदी के दिनों में भी Kamai करने के सारे अवसर उपलब्ध रहते हैं | चूँकि Pharmacy business में अधिक खर्चा ना आने के कारण और India के हर क्षेत्र में दवाइयों की मांग अधिक होने के कारण युवाओं में यह business अधिक प्रचलित है | इसलिए आज हम बात करेंगे की यदि इंडिया में किसी व्यक्ति को Pharmacy business करना हो तो, उसे क्या क्या और किस प्रकार की गतिविधियाँ (Steps) करने पड़ेंगे |
Pharmacy-business-medical-shop

Pharmacy Business Ka Registration:

इंडिया में Pharmacy business या अपनी Medical Shop खोलने के लिए business registration दूसरा सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है | इस बिज़नेस के Registration Process को निम्न चार भागों में विभाजित किया जा सकता है |

  1. Hospital Pharmacy:

Hospital Pharmacy से हमारा आशय उस Medical shop से है | जो किसी हॉस्पिटल के अंदर होती है | और हॉस्पिटल के मरीजों के आवश्यकतानुसार, उन्हें दवाइयों की बिक्री करता है |

  1. Township Pharmacy:

Township Pharmacy के अंतर्गत वह व्यक्ति अपने Business को Register कराता है |  जो किसी बस्ती में अपनी Medical Shop खोलना चाहता है | और बस्ती में निवासित लोगों की दवाई सम्बन्धी आवश्यकताओं को पूर्ण करना चाहता है |

3.Chain Pharmacy :

Chain Pharmacy का मतलब उस Medical shop से होता है | जिसका स्टोर किसी एक जगह न होकर विभिन्न शहरों, इलाकों में फैला होता है | जैसे अप्पोलो फार्मेसी इत्यादि |

  1. Stand Alone Pharmacy:

Stand alone pharmacy के अंतरगत उन व्यक्तियों के business को register किया जाता है |  जो रिहायशी इलाकों में Medical shop  खोलना चाहते हैं | गली मोहल्लों में स्थापित अधिकतर Medical store इसी श्रेणी के अंतर्गत register होते हैं |

Tax Ka Registration:

Pharmacy Business के लिए India के किसी भी राज्य में Value added tax (VAT) के अंतर्गत Tax Registration करा सकते हैं | चूँकि VAT नामक tax राज्य सरकार के अधीन आता है | इसलिए अपने बिज़नेस का VAT Registration करने के लिए राज्य के VAT या Sales Tax department से संपर्क किया जा सकता है |

Pharmacy business ke liye drug License:

Pharmacy business के लिए drug license लेना सबसे महत्वपूर्ण स्टेप है | अगर हम यह कहें तो गलत न होगा की इस business को start करने की चाबी ही drug license है | और यह license केंद्रीय और राज्य स्तरीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन द्वारा जारी किया जाता है | जारी किये जाने वाले लाइसेंस दो प्रकार के होते हैं |  Retail drug license (RDL) और Wholesale drug license (WDL) | दवाइयों के फुटकर विक्रेताओं को RDL License और थोक विक्रेताओं को WDL License जारी किया जाता है |  और यह लाइसेंस उन व्यक्तियों के नाम से जारी किया जाता है | जिन्होंने Pharmacy में कोई डिग्री या डिप्लोमा किसी मान्यता प्राप्त संस्थान ली हों | अगर हम नैतिकता की बात करें, तो इंडिया में केवल वही व्यक्ति मेडिकल स्टोर अर्थात Pharmacy business कर सकता है | जिसने फार्मेसी में डिग्री या डिप्लोमा ली हों | लेकिन वास्तविक भारत में ऐसा होता नहीं है | यदि किसी के रिस्तेदार ने, या फिर जानकार ने यह कोर्स किया होता है, तो वह अपने नाम से लाइसेंस लेकर पैसों के बदले या फिर भलाई हेतु किसी और को दे देता है |

Guidelines :

  • यदि कोई व्यक्ति मेडिकल शॉप खोलना चाहता हो तो उसके पास कम से कम 10 स्क्वायर मीटर जगह होनी चाहिए | जबकि यदि वह फूटकर और थोक दोनों के माध्यम से दवाइयां बेचना चाहता हो तो जगह कम से कम 15 स्क्वायर मीटर होनी चाहिए |
  • Medical Shop में एक Store होना चाहिए, और स्टोर में रेफ्रीजिरेटर, एयर कंडीशनर इत्यादि सामान अवश्य होने चाहिए | क्योकि बहुत सारी दवाइयां, इंजेक्शन, इन्सुलिन इत्यादि ऐसे होते हैं | जिन्हे फ्रिज में रखना जरुरी होता है |
  • किसी Certified Pharmacist के सम्मुख ही थोक में दवाइयां बेचीं जा सकती हैं | या इसके अलावा वह व्यक्ति जो Graduate हो, और उसे कम से कम दवाइयों के क्षेत्र में एक साल का अनुभव हो |
  • फूटकर में दवाइयां बेचते समय भी Certified Pharmacist का होना जरुरी है | कार्यशील घंटो में फार्मासिस्ट का Medical Shop पर उपलब्ध होना जरुरी है |

 

Drug Licence ke liye documents:

  • आवेदन पत्र
  • आवेदक का नाम, पद और हस्ताक्षर किया हुआ कवर लेटर |
  • ड्रग लाइसेंस हेतु फीस जमा किया हुआ चालान |
  • बिज़नेस प्लान की कॉपी
  • जगह पर मालिकाना अधिकार का आधार |
  • यदि जगह किराए में है तो स्वमितव का प्रमाण पत्र |
  • रजिस्टरड फार्मासिस्ट का शपथ पत्र |
  • यदि कोई फार्मासिस्ट नौकरी पर रखा हुआ है | तो नियुक्ति पत्र |

चूँकि Pharmacy business करने हेतु drug license लेने के लिए एक विशेष प्रकार की योग्यता चाहिए होती है | इसलिए इंडिया में अक्सर लोग करते क्या हैं की अपने सगे संबंधियों, या जान पहचान में से कोई ऐसा व्यक्ति ढूंढते हैं | जिसने Pharmacy क्षेत्र में डिग्री या डिप्लोमा ली हों | फिर उसके नाम से license लेकर Medical shop चलाते हैं | जो की व्यावहारिक दृष्टिकोण के हिसाब से तब सही है, जब व्यक्ति को Pharmacy sector का कोई अनुभव हो | लेकिन degree या डिप्लोमा न होने से वह अपना बिज़नेस स्टार्ट नहीं कर पा रहा हो | यदि नैतिकता की बात करें तो नैतिकता के दृष्टिकोण से तो यह गलत ही है | और इस स्तिथि पर हमारा दृष्टिकोण यह है की व्यक्ति चाहे किसी के नाम से लाइसेंस ले | लेकिन उसको दवाइयों की जानकारी तो होनी ही होनी चाहिए | वरना कभी कभी हो सकता है की उसको अपने ग्राहकों के सामने शर्मिंदा होना पड़े | जो उसके Pharmacy business के लिए बिलकुल ठीक नहीं होगा |

 

Comments

  1. By Suraj kumar mahto

    Reply

  2. By Santosh Kumar

    Reply

  3. By Shubham gupta

    Reply

  4. By md shahjad

    Reply

  5. By vivek

    Reply

  6. By Bharat Singh Rawat

    Reply

  7. By Prakash Deep

    Reply

  8. By Pankaj Sharma

    Reply

  9. By shahab azmi

    Reply

  10. By Chaudhary Prashant thakran

    Reply

  11. By Mayank jaiswal

    Reply

  12. By uttam kumar dey

    Reply

  13. Reply

  14. By Md Faizuddin

    Reply

  15. By simran

    Reply

  16. By Mohd Arif

    Reply

  17. By Vipin Tripathi

    Reply

  18. By Dharmendra Kumar

    Reply

  19. By rk Saini

    Reply

  20. By NIRAJ sharma

    Reply

  21. By Mohammad Wasim

    Reply

  22. By Durga Ram

    Reply

  23. By Durga Ram

    Reply

  24. By vikram singh

    Reply

  25. By abhishek pandey

    Reply

  26. By chandan kumar soni

    Reply

  27. By Faraz khan

    Reply

  28. By AKHILESH MISHRA

    Reply

  29. By rajesh saini

    Reply

  30. Reply

    • By DR. RAJINDER

  31. By Kartar

    Reply

    • By shailesh jain

  32. Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

%d bloggers like this: